श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 2026: 4 या 5 सितंबर? छपरा के पं. हरेराम शास्त्री ने बताया सही दिन और पूजन का शुभ मुहूर्त । छपरा। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर इस वर्ष भक्तों के बीच 4 या 5 सितंबर की तारीख को लेकर असमंजस बना हुआ है। आखिर श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 4 सितंबर को मनाई जाएगी या 5 सितंबर को? गृहस्थों और साधु-संतों के लिए क्या अलग-अलग तिथि होगी? इन तमाम सवालों को लेकर छपरा में सनातन धर्म के जानकार पं. हरेराम शास्त्री से खास बातचीत की गई। पंचांग की गणना के अनुसार, वर्ष 2026 में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का मुख्य पर्व 4 सितंबर, शुक्रवार को मनाया जाएगा। भाद्रपद कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि 4 सितंबर की सुबह करीब 2:25 बजे शुरू होकर 5 सितंबर की रात करीब 12:13 बजे तक रहेगी। इसी कारण जन्माष्टमी की मध्यरात्रि पूजा 4 सितंबर की रात में होगी। निशीथ काल, यानी भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का विशेष मध्यरात्रि पूजा समय, अलग-अलग पंचांगों में मामूली अंतर के साथ करीब रात 11:56 बजे से 12:41/12:43 बजे तक बताया गया है। इसी अवधि में श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव, अभिषेक, श्रृंगार और आरती करेंगे। इस वर्ष अष्टमी तिथि के साथ रोहिणी नक्षत्र का संयोग भी बन रहा है, जिसे श्रीकृष्ण जन्म से जुड़ी धार्मिक मान्यताओं के कारण विशेष महत्व दिया जाता है। वहीं, 5 सितंबर को लेकर भ्रम इसलिए है क्योंकि अष्टमी तिथि मध्यरात्रि के बाद तक जारी रहेगी और कुछ वैष्णव परंपराओं या विशेष मंदिरों में अपनी परंपरा के अनुसार अलग दिन उत्सव मनाया जा सकता है। इसलिए गृहस्थ और साधु-संतों की परंपरा के अनुसार तिथि में अंतर हो सकता है। पं. हरेराम शास्त्री से हुई खास बातचीत में इसी विषय पर विस्तार से बताया गया कि गृहस्थों को किस दिन व्रत रखना चाहिए, साधु-संतों के लिए क्या नियम हैं और जन्माष्टमी की रात किस शुभ मुहूर्त में भगवान श्रीकृष्ण का पूजन करना श्रेष्ठ रहेगा। अभी से नोट कर लें — 4 सितंबर 2026, शुक्रवार: श्रीकृष्ण जन्माष्टमी। रात में निशीथ काल में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव और विशेष पूजा की जाएगी। #श्रीकृष्णजन्माष्टमी #Janmashtami2026 #KrishnaJanmashtami #कृष्णजन्मोत्सव #BBNMediaLive
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 2026: 4 या 5 सितंबर? छपरा के पं. हरेराम शास्त्री ने बताया सही दिन और पूजन का शुभ मुहूर्त । छपरा। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर इस वर्ष भक्तों के बीच 4 या 5 सितंबर की तारीख को लेकर असमंजस बना हुआ है। आखिर श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 4 सितंबर को मनाई जाएगी या 5 सितंबर को? गृहस्थों और साधु-संतों के लिए क्या अलग-अलग तिथि होगी? इन तमाम सवालों को लेकर छपरा में सनातन धर्म के जानकार पं. हरेराम शास्त्री से खास बातचीत की गई। पंचांग की गणना के अनुसार, वर्ष 2026 में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का मुख्य पर्व 4 सितंबर, शुक्रवार को मनाया जाएगा। भाद्रपद कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि 4 सितंबर की सुबह करीब 2:25 बजे शुरू होकर 5 सितंबर की रात करीब 12:13 बजे तक रहेगी। इसी कारण जन्माष्टमी की मध्यरात्रि पूजा 4 सितंबर की रात में होगी। निशीथ काल, यानी भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का विशेष मध्यरात्रि पूजा समय, अलग-अलग पंचांगों में मामूली अंतर के साथ करीब रात 11:56 बजे से 12:41/12:43 बजे तक बताया गया है। इसी अवधि में श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव, अभिषेक, श्रृंगार और आरती करेंगे। इस वर्ष अष्टमी तिथि के साथ रोहिणी नक्षत्र का संयोग भी बन रहा है, जिसे श्रीकृष्ण जन्म से जुड़ी धार्मिक मान्यताओं के कारण विशेष महत्व दिया जाता है। वहीं, 5 सितंबर को लेकर भ्रम इसलिए है क्योंकि अष्टमी तिथि मध्यरात्रि के बाद तक जारी रहेगी और कुछ वैष्णव परंपराओं या विशेष मंदिरों में अपनी परंपरा के अनुसार अलग दिन उत्सव मनाया जा सकता है। इसलिए गृहस्थ और साधु-संतों की परंपरा के अनुसार तिथि में अंतर हो सकता है। पं. हरेराम शास्त्री से हुई खास बातचीत में इसी विषय पर विस्तार से बताया गया कि गृहस्थों को किस दिन व्रत रखना चाहिए, साधु-संतों के लिए क्या नियम हैं और जन्माष्टमी की रात किस शुभ मुहूर्त में भगवान श्रीकृष्ण का पूजन करना श्रेष्ठ रहेगा। अभी से नोट कर लें — 4 सितंबर 2026, शुक्रवार: श्रीकृष्ण जन्माष्टमी। रात में निशीथ काल में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव और विशेष पूजा की जाएगी। #श्रीकृष्णजन्माष्टमी #Janmashtami2026 #KrishnaJanmashtami #कृष्णजन्मोत्सव #BBNMediaLive
- पीपरपांती कटाव को लेकर राजद नेता जीशान अली का बड़ा बयान, बोले- अभी समय है, गांव को बचा लीजिए नहीं तो जवनिया जैसी होगी स्थिति बड़हरा। बड़हरा प्रखंड के पीपरपांती गांव में गंगा नदी के तेज कटाव को लेकर राजद आपदा प्रबंधन से जुड़े नेता जीशान अली ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने विधायक, सांसद और जिलाधिकारी से तत्काल हस्तक्षेप कर पीपरपांती गांव को कटाव से बचाने की अपील की है। जीशान अली ने कहा कि “अभी समय है, विधायक, सांसद और जिलाधिकारी मिलकर पीपरपांती को बचा लीजिए। अगर समय रहते ठोस कदम नहीं उठाया गया तो स्थिति बेहद भयावह हो सकती है और पीपरपांती भी जवनिया जैसा प्रभावित क्षेत्र बन सकता है।” उन्होंने प्रशासन से कटाव प्रभावित इलाकों में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य तेज करने, प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने की मांग की। राजद नेता ने बड़हरा के आम लोगों की समस्याओं को लेकर एक समर्पित हेल्पलाइन नंबर जारी करने की भी मांग की, ताकि बाढ़ और कटाव से प्रभावित लोगों को किसी भी तरह की परेशानी होने पर तत्काल सहायता मिल सके। उन्होंने आमजनों से भी अपील करते हुए कहा कि सभी लोग प्रशासन के संपर्क में रहें और खतरे वाले इलाकों में रहने वाले लोग समय रहते सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं।1
- *नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए आमजन से सावधानी बरतने की अपील* गंगा एवं सोन नदी के जलस्तर में वृद्धि को देखते हुए जिलाधिकारी श्री मनेश कुमार मीणा ने आमजन से सतर्कता एवं सावधानी बरतने की अपील की है। *निचले एवं नदी किनारे के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से सुरक्षित एवं ऊँचे स्थानों पर स्थानांतरित होने की अपील* जिलाधिकारी महोदय ने शाहपुर, बड़हरा, कोईलवर, आरा सदर, उदवंतनगर एवं बिहियाँ प्रखंड के निचले एवं नदी किनारे के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से जलस्तर में वृद्धि को देखते हुए सुरक्षित एवं ऊँचे स्थानों पर स्थानांतरित होने की अपील की है। साथ ही, उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यकता के अनुसार इन क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित एवं ऊँचे स्थानों पर स्थानांतरित कराना सुनिश्चित करने तथा इस कार्य में आवश्यक सहयोग प्रदान करने का निर्देश दिया है। इसके अतिरिक्त, जिलाधिकारी महोदय ने निम्न सावधानियां बरतने का अनुरोध किया है— - नदियों में स्नान करने एवं तेज बहाव के करीब जाने से बचें। - नदी, घाट एवं जलमग्न क्षेत्रों में अनावश्यक आवागमन न करें। - बच्चों को नदी एवं जलमग्न क्षेत्रों के आसपास अकेले न जाने दें। - नदी किनारे फोटो/सेल्फी लेने से बचें। - नाव से आवागमन में केवल प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराई गई अथवा अधिकृत नाव का उपयोग करें तथा क्षमता से अधिक सवारी न करें। - जलमग्न सड़कों एवं रास्तों को तेज बहाव के बीच पैदल अथवा वाहन से पार करने का प्रयास न करें। - नदी किनारे एवं निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोग प्रशासन द्वारा जारी सूचनाओं एवं निर्देशों का पालन करें। - अफवाहों पर ध्यान न दें तथा किसी भी आवश्यकता की स्थिति में स्थानीय प्रशासन से तत्काल संपर्क करें। जिलाधिकारी महोदय ने संबंधित पदाधिकारियों को मीडिया, सोशल मीडिया एवं माइकिंग के माध्यम से आमजन को जागरूक करने का निर्देश दिया है। *आपात स्थिति में संपर्क* : जिला आपातकालीन संचालन केंद्र 24×7 संचालित है। किसी भी आपात स्थिति में 94723 98730 एवं 06182-221233 पर संपर्क कर आवश्यक सहायता प्राप्त की जा सकती है।1
- संभावना आवासीय विद्यालय और संभावना पब्लिक स्कूल में श्री कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव सह रूप-सज्जा प्रतियोगिता का आयोजन "अघरं मधुरं वदनं मधुरं नयनं मधुरं " गीत की प्रस्तुति कर बच्चों ने मोहा मन प्रतियोगिता में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले बच्चों को निदेशक एवं प्राचार्या ने किया पुरस्कृत आरा। शहर के शुभ नारायण नगर मझौंवा स्थित "शांति स्मृति" संभावना आवासीय उच्च विद्यालय और मौलाबाग स्थित "शारदा स्मृति" संभावना पब्लिक स्कूल में गुरुवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर जन्माष्टमी महोत्सव सह रूप सज्जा एवं फैन्सी ड्रेस प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। मंच संचालन वरीय शिक्षक श्री अरविंद ओझा ने किया। कार्यक्रम की शुरूआत समूह नृत्य "श्याम सवेरे देखू तुमको कितना सुंदर रूप है.. से शुरू हुई। इसके बाद "अधरं मधुरं वदनं नयनं मधुरं गीत की प्रस्तुति नन्हे-मुन्ने बच्चों ने की। तत्पश्चात् रूप सज्जा एवं फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें छोटे-छोटे बच्चों ने राधा-कृष्ण, सुदामा, यशोदा का रूप धारण कर अपनी कला का जौहर दिखाया। इस मौके पर प्राचार्या डॉ. अर्चना सिंह ने कहा कि श्री कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव एवं रूप सज्जा प्रतियोगिता में छोटे-छोटे बच्चों ने अपनी कला का जौहर दिखाया। इस तरह के कार्यक्रम के आयोजन से बच्चों में अपने संस्कृति के प्रति लगाव के साथ-साथ अपनी कला के प्रदर्शन का मंच प्राप्त होता है। निदेशक डॉ. कुमार द्विजेन्द्र ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि श्री कृष्ण योगीराज और ब्रहांड के गुरू है। कर्म की प्रधानता श्री कृष्ण का मूल मंत्र था। कार्यक्रम में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को संभावना आवासीय उच्च विद्यालय के निदेशक डॉ. कुमार द्विजेन्द्र एवं डॉ. अर्चना सिंह ने संयुक्त रूप से पुरस्कार और सर्टिफिकेट प्रदान कर किया। संभावना आवासीय विद्यालय में रूप सज्जा प्रतियोगिता में राधा एवं कृष्ण बनने वाले बच्चों को पुरस्कृत किया गया। इसमें कुणाल कश्यप (कृष्णा) को प्रथम पुरस्कार, खुशी कुमारी (राधा), सक्षम सिंह (कृष्णा) को द्वितीय पुरस्कार, श्री पाण्डेय (राधा), अगस्तया मिश्रा (कृष्णा), जागृति कुमारी (राधा) को तृतीय पुरस्कार दिया गया। विशेष पुरस्कार आन्या सिंह (राधा), अनिका (राधा), रितिक कुमार (कृष्णा) एवं कृष्णा कुमार (कृष्णा) को दिया गया। वही संभावना पब्लिक स्कूल में रूप सज्जा प्रतियोगिता में राधा एवं कृष्ण बनने वाले बच्चों को पुरस्कृत किया गया। इसमें शिवांश तिवारी (कृष्णा) को प्रथम पुरस्कार वंशिका पाण्डेय (राधा) को द्वितीय पुरस्कार, किशन श्रीवास्तव (कृष्णा) को तृतीय पुरस्कार दिया गया। विशेष पुरस्कार छात्र प्रत्युश राज एवं छात्रा अंशिका कुमारी को दिया गया। कार्यक्रम की शुरूआत समूह नृत्य श्याम सवेरे देखू तुमको कितना सुंदर रूप है से हुई। जिसे देखकर दर्शक मंत्रमुग्ध हो गये। समूह नृत्य प्रस्तुत करने वालों बच्चों में रितिका, साक्षी, कनिक्षा सिंह, रूही सिंह, रितिका कुमारी, दिब्यम सिंह, सोम्या कुमारी आदि थी। समूह गीत कौन कहते है भगवान आते नहीं को छात्र-छात्रा अर्पिता केशरी, सलोनी कुमारी, सिक्षम सिंह, अपूर्वा सिंह, अक्षरा कुमारी, आरसी दूबे, प्रीति कुमारी, वंदना कुमारी, आर्या कुमारी, यूईका कुमारी, साक्षी सिंह, नंदिनी कुमारी आदि ने प्रस्तुत कर मंत्रमुग्ध कर दिया। श्री कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव का विशेष आकर्षण एक साथ 200 छोटे-छोटे छात्र-छात्राओं ने नृत्य प्रस्तुत कर सबको आश्चर्यचकित कर दिया। महोत्सव में गीत-संगीत श्री धर्मेन्द्र कुमार, अमितेश रंजन और महेश शर्मा ने दिया। जबकि नृत्य परिकल्पना चिंटू कुमार ने किया। कार्यक्रम के दौरान मंच परिकल्पना कला शिक्षक संजीव सिन्हा एवं साज-सज्जा कला शिक्षक विष्णु शंकर ने किया। आयोजन को सफल बनाने में उप-प्राचार्य ऋषिकेश ओझा, राजेश कुमार रमन, शिक्षिका कामिनी सिंह, निशा सिंह, शशि मिश्रा, शशि भूषण सिंह, रेणू कुमारी, दीपेश कुमार, स्वाती सिंह, जय शंकर, रंजीत कुमार एवं अंकित कुमार मिश्र समेत अन्य का सराहनीय योगदान रहा।4
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- बड़हरा विधायक- राघवेंद्र प्रताप सिंह पीपरपांती गांव के बाढ़ पर बोले ऐसा है कि पीपरपांती में भी बाढ़ आया हुआ है और बड़हरा के कई पंचायतों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है और अभी भी गंगा जी और सोन नदी का पानी काफी तेजी से बढ़ रहा है। तो बाढ़ की संभावना अन्य प्रखंडों में भी और अन्य जगहों पर होने की संभावना है। सड़क खराब है तो वहाँ कुछ पहले से ठीक किया गया है। अभी भी लोग लगे हुए हैं काम पर। जहाँ रोड खराब हो गया है वहाँ काम चल रहा है, बनना चाहिए। देखिए ऐसा है हमारे यहाँ बरसात भी एक प्रकृति है। यह देश ही ऐसा है जहाँ सारे मौसम आते हैं और सब तरह का अनुभव होता है।1
- विरेन्द्र मिश्रा प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी भोजपुर जिला कांग्रेस कमिटी शहीद भवन आरा RSS के एक नेता अपने भाषण में कह रहे थे कि हिंदुस्तान में सब कुछ ठीक है और भारत में बहुत सी चीजें सुधर गई हैं। लेकिन उन्हें ये जानना चाहिए कि ये काम उन्होंने नहीं, बल्कि कांग्रेस पार्टी ने किया है। यहां तक कि RSS-BJP के जो लोग चोरी कर रहे हैं, उन्हें पकड़ने के लिए हमें उनके पीछे भागना पड़ रहा है। : कांग्रेस अध्यक्ष श्री @kharge 📍 दिल्ली1
- श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 2026: 4 या 5 सितंबर? छपरा के पं. हरेराम शास्त्री ने बताया सही दिन और पूजन का शुभ मुहूर्त । छपरा। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर इस वर्ष भक्तों के बीच 4 या 5 सितंबर की तारीख को लेकर असमंजस बना हुआ है। आखिर श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 4 सितंबर को मनाई जाएगी या 5 सितंबर को? गृहस्थों और साधु-संतों के लिए क्या अलग-अलग तिथि होगी? इन तमाम सवालों को लेकर छपरा में सनातन धर्म के जानकार पं. हरेराम शास्त्री से खास बातचीत की गई। पंचांग की गणना के अनुसार, वर्ष 2026 में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का मुख्य पर्व 4 सितंबर, शुक्रवार को मनाया जाएगा। भाद्रपद कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि 4 सितंबर की सुबह करीब 2:25 बजे शुरू होकर 5 सितंबर की रात करीब 12:13 बजे तक रहेगी। इसी कारण जन्माष्टमी की मध्यरात्रि पूजा 4 सितंबर की रात में होगी। निशीथ काल, यानी भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का विशेष मध्यरात्रि पूजा समय, अलग-अलग पंचांगों में मामूली अंतर के साथ करीब रात 11:56 बजे से 12:41/12:43 बजे तक बताया गया है। इसी अवधि में श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव, अभिषेक, श्रृंगार और आरती करेंगे। इस वर्ष अष्टमी तिथि के साथ रोहिणी नक्षत्र का संयोग भी बन रहा है, जिसे श्रीकृष्ण जन्म से जुड़ी धार्मिक मान्यताओं के कारण विशेष महत्व दिया जाता है। वहीं, 5 सितंबर को लेकर भ्रम इसलिए है क्योंकि अष्टमी तिथि मध्यरात्रि के बाद तक जारी रहेगी और कुछ वैष्णव परंपराओं या विशेष मंदिरों में अपनी परंपरा के अनुसार अलग दिन उत्सव मनाया जा सकता है। इसलिए गृहस्थ और साधु-संतों की परंपरा के अनुसार तिथि में अंतर हो सकता है। पं. हरेराम शास्त्री से हुई खास बातचीत में इसी विषय पर विस्तार से बताया गया कि गृहस्थों को किस दिन व्रत रखना चाहिए, साधु-संतों के लिए क्या नियम हैं और जन्माष्टमी की रात किस शुभ मुहूर्त में भगवान श्रीकृष्ण का पूजन करना श्रेष्ठ रहेगा। अभी से नोट कर लें — 4 सितंबर 2026, शुक्रवार: श्रीकृष्ण जन्माष्टमी। रात में निशीथ काल में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव और विशेष पूजा की जाएगी। #श्रीकृष्णजन्माष्टमी #Janmashtami2026 #KrishnaJanmashtami #कृष्णजन्मोत्सव #BBNMediaLive1
- बड़हरा पंचायत में बाढ़ का जायजा लेते मुखिया प्रतिनिधि मनोज सिंह, वीडियो वायरल भोजपुर जिले के बड़हरा प्रखंड में बाढ़ की स्थिति के बीच बड़हरा पंचायत के वार्ड नंबर 3, 4, 5 और 6 में मुखिया प्रतिनिधि मनोज सिंह ने पहुंचकर बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने स्थानीय लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं की जानकारी ली। बाढ़ प्रभावित इलाके में निरीक्षण का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। #Bhojpur #Barhara #Flood #BiharNews #ViralVideo #ManojSingh1
- राहुल गांधी पर हुए F I R के खिलाफ कांग्रेस कार्यालय से कांग्रेस कार्यकर्ता ने विरोध मार्च निकाला आरा। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राज्यसभा में नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के 8 अगस्त को उत्तराखंड के हल्द्वानी में आहुत कार्यक्रम स्थल एवं मंच का भाजपा और आरएसएस के दलित विरोधी मानसिकताओं के लोगों द्वारा शुद्धिकरण कराए जाने पर देश के नेता विपक्ष जननायक राहुल गांधी द्वारा उठाए गए दलित विरोधी मानसिकता के खिलाफ मुखर आवाज को दबाने के लिए उत्तराखंड सरकार द्वारा पुलिस पर दबाव बनाकर राहुल गांधी पर कराए गए FIR के खिलाफ आज भोजपुर जिला कांग्रेस कमेटी जिला ने अध्यक्ष डॉक्टर श्रीधर तिवारी के नेतृत्व में एक विशाल विरोध मार्च निकाला जिसमें सभी वरिष्ठ कांग्रेस जनों के साथ-साथ सैकड़ो कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शिरकत किया । जिला अध्यक्ष श्रीधर तिवारी ने कहा की देश में BJP-RSS के लोग भेदभाव और छुआछूत बढ़ाने का काम कर रहे हैं। वहीं, अगर कोई छुआछूत के खिलाफ आवाज उठाता है और न्याय की मांग करता है तो उसी के खिलाफ FIR दर्ज करवा दी जाती है। उत्तराखंड के हल्द्वानी में जहां कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सभा की थी, BJP के लोगों ने उसी जगह का शुद्धिकरण किया। राहुल गांधी ने ऐसी शर्मनाक हरकत करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। लेकिन हैरानी की बात है कि शुद्धिकरण करने वालों के बजाए उत्तराखंड की पुलिस ने BJP के इशारे पर राहुल गांधी जी के ऊपर ही FIR दर्ज कर दी। हल्द्वानी में शुद्धिकरण के मामले में SC/ST Act का उल्लंघन किया गया है, जिसमें दोषियों पर कार्रवाई न करने के लिए पुलिस अधिकारियों के खिलाफ भी केस बनता है। उत्तराखंड में राहुल गांधी के खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज करने की साजिश करने वाली RSS-BJP सरकार को पूरा दलित समाज जवाब देगा। हम डरने वाले नहीं, लड़ने वाले लोग हैं और हम लड़कर न्याय लेंगे। AICC प्रतिनिधि डॉ शशि कुमार सिंह ने कहा कि मल्लिकार्जुन खड़गे जी का अपमान पुरे दलित समाज का अपमान है इसे कांग्रेस पार्टी कभी बर्दाश्त नहीं करेगी यह जो झुठी मुकदमा दर्ज हुआ है वो राहुल गांधी का मेडल है।3