तिब्बत से आए जल सैलाब का कहर: नेपाल के रसुवा में बाढ़ , 28 पुलिसकर्मी लापता...तटीय क्षेत्रों में भारी क्षति काठमांडू। नेपाल के रसुवा में बुधवार सुबह तिब्बत से आए पानी के सैलाब से हाहाकार मच गया है। इस जल आपदा में रसुवा जिले में 19 पुलिसकर्मी लापता हो गए हैं। बागमती प्रदेश के पुलिस प्रमुख डीआईजी दीपक रेग्मी के अनुसार, रसुवागढ़ी पुलिस चौकी में तैनात 22 पुलिसकर्मियों में से केवल 9 से ही संपर्क हो पाया है। 13 पुलिसकर्मी से संपर्क नहीं हो पा रहा। स्याफ्रुबेसी में तैनात 9 पुलिसकर्मियों में से केवल 3 से संपर्क हो पाया है। पुलिसकर्मी लापता हैं। बाढ़ में पुलिस कार्यालय भी बह गया है। टिमुरे बीओपी में तैनात 9 सशस्त्र पुलिसकर्मी भी लापता बताए गए हैं। रसुवा में सुबह करीब 9 बजे आई बाढ़ से टिमुरे, स्याफ्रुबेसी समेत नदी तटीय क्षेत्रों में भारी क्षति हुई है। प्रभावित क्षेत्रों में नेपाल के तीनों सुरक्षा निकायों को खोज, बचाव और राहत अभियान में लगाया गया है। खोज एवं बचाव अभियान के लिए नेपाली सेना ने दो हेलीकॉप्टरों सहित विशेष टीम भेजी है। अस्पतालों में सेना के स्वास्थ्यकर्मियों की टीम भी तैनात की गई है। बचाव कार्य के लिए धुन्चे, रसुवा और धादिङ के गजुरी से भी नेपाली सेना की टीमें भेजी गई हैं। काठमांडू से भरतपुर तक पृथ्वी राजमार्ग बंद भोटेकोशी नदी में आई अचानक बाढ़ के कारण पृथ्वी राजमार्ग के काठमांडू के नागढुंगा से चितवन के भरतपुर तक के हिस्से को पूरी तरह बंद कर दिया गया है। केंद्रीय पुलिस प्रवक्ता डीआईजी अविनारायण काफ्ले के अनुसार, धादिड़ जिले के राजमार्ग क्षेत्र भी बाढ़ से प्रभावित हो चुके हैं। अनहोनी की आशंका को देखते हुए दोनों दिशाओं से वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है। उन्होंने बताया कि बाढ़ ने दर्जनों बस्तियों और बाजारों को प्रभावित किया है। तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए काठमांडू से आपदा प्रबंधन पुलिस की टीम भी प्रभावित क्षेत्र की ओर रवाना हो गई है। बाढ़ सतर्कता केंद्र ने चेतावनी दी है कि तिब्बत से आई भोटेकोशी नदी की भीषण बाढ़ का असर चितवन तक पहुंच सकता है। केंद्र ने तत्काल सतर्कता बरतने की अपील की है। बाढ़ पूर्वानुमान शाखा ने सरकार से पृथ्वी राजमार्ग सहित क्षेत्र के प्रमुख कॉरिडोर मार्गों को बंद कर यातायात रोकने का आग्रह किया है। बाढ़ से रसुवा और नुवाकोट के नदी तटीय क्षेत्रों में भारी नुकसान हुआ है और इसका गंभीर प्रभाव मुग्लिन तक पड़ने की आशंका जताई गई है। त्रिशूली नदी से जुड़े सभी तटीय क्षेत्रों को जोखिम में बताते हुए लोगों से विशेष सतर्कता बरतने का आग्रह किया गया है। रसुवा स्थित भोटेकोशी नदी में बाढ़ के दौरान इलाके में भूस्खलन भी हुआ है। ट्रैफिक पुलिस ने पृथ्वी राजमार्ग और पासाङल्हामु राजमार्ग से संचालित होने वाले सार्वजनिक वाहनों की आवाजाही रोक दी है। काठमांडू ट्रैफिक पुलिस कार्यालय के प्रवक्ता एसपी नरेशराज सुवेदी ने बताया कि काठमांडू से पृथ्वी राजमार्ग होते हुए चितवन समेत पश्चिमी जिलों, पोखरा, गोरखा, लमजुंग, धादिङ्ग, नुवाकोट और रसुवा जाने वाले वाहनों को काठमांडू में ही रोक दिया गया है।
तिब्बत से आए जल सैलाब का कहर: नेपाल के रसुवा में बाढ़ , 28 पुलिसकर्मी लापता...तटीय क्षेत्रों में भारी क्षति काठमांडू। नेपाल के रसुवा में बुधवार सुबह तिब्बत से आए पानी के सैलाब से हाहाकार मच गया है। इस जल आपदा में रसुवा जिले में 19 पुलिसकर्मी लापता हो गए हैं। बागमती प्रदेश के पुलिस प्रमुख डीआईजी दीपक रेग्मी के अनुसार, रसुवागढ़ी पुलिस चौकी में तैनात 22 पुलिसकर्मियों में से केवल 9 से ही संपर्क हो पाया है। 13 पुलिसकर्मी से संपर्क नहीं हो पा रहा। स्याफ्रुबेसी में तैनात 9 पुलिसकर्मियों में से केवल 3 से संपर्क हो पाया है। पुलिसकर्मी लापता हैं। बाढ़ में पुलिस कार्यालय भी बह गया है। टिमुरे बीओपी में तैनात 9 सशस्त्र पुलिसकर्मी भी लापता बताए गए हैं। रसुवा में सुबह करीब 9 बजे आई बाढ़ से टिमुरे, स्याफ्रुबेसी समेत नदी तटीय क्षेत्रों में भारी क्षति हुई है। प्रभावित क्षेत्रों में नेपाल के तीनों सुरक्षा निकायों को खोज, बचाव और राहत अभियान में लगाया गया है। खोज एवं बचाव अभियान के लिए नेपाली सेना ने दो हेलीकॉप्टरों सहित विशेष टीम भेजी है। अस्पतालों में सेना के स्वास्थ्यकर्मियों की टीम भी तैनात की गई है। बचाव कार्य के लिए धुन्चे, रसुवा और धादिङ के गजुरी से भी नेपाली सेना की टीमें भेजी गई हैं। काठमांडू से भरतपुर तक पृथ्वी राजमार्ग बंद भोटेकोशी नदी में आई अचानक बाढ़ के कारण पृथ्वी राजमार्ग के काठमांडू के नागढुंगा से चितवन के भरतपुर तक के हिस्से को पूरी तरह बंद कर दिया गया है। केंद्रीय पुलिस प्रवक्ता डीआईजी अविनारायण
काफ्ले के अनुसार, धादिड़ जिले के राजमार्ग क्षेत्र भी बाढ़ से प्रभावित हो चुके हैं। अनहोनी की आशंका को देखते हुए दोनों दिशाओं से वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है। उन्होंने बताया कि बाढ़ ने दर्जनों बस्तियों और बाजारों को प्रभावित किया है। तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए काठमांडू से आपदा प्रबंधन पुलिस की टीम भी प्रभावित क्षेत्र की ओर रवाना हो गई है। बाढ़ सतर्कता केंद्र ने चेतावनी दी है कि तिब्बत से आई भोटेकोशी नदी की भीषण बाढ़ का असर चितवन तक पहुंच सकता है। केंद्र ने तत्काल सतर्कता बरतने की अपील की है। बाढ़ पूर्वानुमान शाखा ने सरकार से पृथ्वी राजमार्ग सहित क्षेत्र के प्रमुख कॉरिडोर मार्गों को बंद कर यातायात रोकने का आग्रह किया है। बाढ़ से रसुवा और नुवाकोट के नदी तटीय क्षेत्रों में भारी नुकसान हुआ है और इसका गंभीर प्रभाव मुग्लिन तक पड़ने की आशंका जताई गई है। त्रिशूली नदी से जुड़े सभी तटीय क्षेत्रों को जोखिम में बताते हुए लोगों से विशेष सतर्कता बरतने का आग्रह किया गया है। रसुवा स्थित भोटेकोशी नदी में बाढ़ के दौरान इलाके में भूस्खलन भी हुआ है। ट्रैफिक पुलिस ने पृथ्वी राजमार्ग और पासाङल्हामु राजमार्ग से संचालित होने वाले सार्वजनिक वाहनों की आवाजाही रोक दी है। काठमांडू ट्रैफिक पुलिस कार्यालय के प्रवक्ता एसपी नरेशराज सुवेदी ने बताया कि काठमांडू से पृथ्वी राजमार्ग होते हुए चितवन समेत पश्चिमी जिलों, पोखरा, गोरखा, लमजुंग, धादिङ्ग, नुवाकोट और रसुवा जाने वाले वाहनों को काठमांडू में ही रोक दिया गया है।
- तिब्बत से आए जल सैलाब का कहर: नेपाल के रसुवा में बाढ़ , 28 पुलिसकर्मी लापता...तटीय क्षेत्रों में भारी क्षति काठमांडू। नेपाल के रसुवा में बुधवार सुबह तिब्बत से आए पानी के सैलाब से हाहाकार मच गया है। इस जल आपदा में रसुवा जिले में 19 पुलिसकर्मी लापता हो गए हैं। बागमती प्रदेश के पुलिस प्रमुख डीआईजी दीपक रेग्मी के अनुसार, रसुवागढ़ी पुलिस चौकी में तैनात 22 पुलिसकर्मियों में से केवल 9 से ही संपर्क हो पाया है। 13 पुलिसकर्मी से संपर्क नहीं हो पा रहा। स्याफ्रुबेसी में तैनात 9 पुलिसकर्मियों में से केवल 3 से संपर्क हो पाया है। पुलिसकर्मी लापता हैं। बाढ़ में पुलिस कार्यालय भी बह गया है। टिमुरे बीओपी में तैनात 9 सशस्त्र पुलिसकर्मी भी लापता बताए गए हैं। रसुवा में सुबह करीब 9 बजे आई बाढ़ से टिमुरे, स्याफ्रुबेसी समेत नदी तटीय क्षेत्रों में भारी क्षति हुई है। प्रभावित क्षेत्रों में नेपाल के तीनों सुरक्षा निकायों को खोज, बचाव और राहत अभियान में लगाया गया है। खोज एवं बचाव अभियान के लिए नेपाली सेना ने दो हेलीकॉप्टरों सहित विशेष टीम भेजी है। अस्पतालों में सेना के स्वास्थ्यकर्मियों की टीम भी तैनात की गई है। बचाव कार्य के लिए धुन्चे, रसुवा और धादिङ के गजुरी से भी नेपाली सेना की टीमें भेजी गई हैं। काठमांडू से भरतपुर तक पृथ्वी राजमार्ग बंद भोटेकोशी नदी में आई अचानक बाढ़ के कारण पृथ्वी राजमार्ग के काठमांडू के नागढुंगा से चितवन के भरतपुर तक के हिस्से को पूरी तरह बंद कर दिया गया है। केंद्रीय पुलिस प्रवक्ता डीआईजी अविनारायण काफ्ले के अनुसार, धादिड़ जिले के राजमार्ग क्षेत्र भी बाढ़ से प्रभावित हो चुके हैं। अनहोनी की आशंका को देखते हुए दोनों दिशाओं से वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है। उन्होंने बताया कि बाढ़ ने दर्जनों बस्तियों और बाजारों को प्रभावित किया है। तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए काठमांडू से आपदा प्रबंधन पुलिस की टीम भी प्रभावित क्षेत्र की ओर रवाना हो गई है। बाढ़ सतर्कता केंद्र ने चेतावनी दी है कि तिब्बत से आई भोटेकोशी नदी की भीषण बाढ़ का असर चितवन तक पहुंच सकता है। केंद्र ने तत्काल सतर्कता बरतने की अपील की है। बाढ़ पूर्वानुमान शाखा ने सरकार से पृथ्वी राजमार्ग सहित क्षेत्र के प्रमुख कॉरिडोर मार्गों को बंद कर यातायात रोकने का आग्रह किया है। बाढ़ से रसुवा और नुवाकोट के नदी तटीय क्षेत्रों में भारी नुकसान हुआ है और इसका गंभीर प्रभाव मुग्लिन तक पड़ने की आशंका जताई गई है। त्रिशूली नदी से जुड़े सभी तटीय क्षेत्रों को जोखिम में बताते हुए लोगों से विशेष सतर्कता बरतने का आग्रह किया गया है। रसुवा स्थित भोटेकोशी नदी में बाढ़ के दौरान इलाके में भूस्खलन भी हुआ है। ट्रैफिक पुलिस ने पृथ्वी राजमार्ग और पासाङल्हामु राजमार्ग से संचालित होने वाले सार्वजनिक वाहनों की आवाजाही रोक दी है। काठमांडू ट्रैफिक पुलिस कार्यालय के प्रवक्ता एसपी नरेशराज सुवेदी ने बताया कि काठमांडू से पृथ्वी राजमार्ग होते हुए चितवन समेत पश्चिमी जिलों, पोखरा, गोरखा, लमजुंग, धादिङ्ग, नुवाकोट और रसुवा जाने वाले वाहनों को काठमांडू में ही रोक दिया गया है।2
- डिप्टी सीएम के भाई की प्रेस कॉन्फ्रेंस, सियासी गलियारे में हड़कंप, रामपुरा नगर परिषद पर लगे गंभीर आरोप, मुद्दा जनहित का हैं या मामला हैं कुछ ओर? मध्यप्रदेश के उप मुख्यमंत्री के गृह नगर रामपुरा जिला नीमच में उनके बड़े भाई और समाजसेवी मुरली देवड़ा ने मंगलवार को रामपुरा स्थित डाक बंगले में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर नगर परिषद पर भ्रष्टाचार व धांधली के गंभीर आरोप लगाए हैं। बड़ी संख्या में उपस्थित पत्रकारों के बीच समाजसेवी देवड़ा का कहना है कि, बीते वर्ष प्रदेश मुख्यमंत्री मोहन यादव ने रामपुरा के विकास कार्यों के लिए 5 करोड़ की घोषणा की थी, जिसकी पहली किस्त के रूप में नगर परिषद को 75 लाख मिले थे। मुरली देवड़ा का दावा है कि, इस 75 लाख की राशि के उपयोग में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी और अनियमितता की गई है। उप मुख्यमंत्री के अपने गृह नगर में उनके ही भाई द्वारा नगर परिषद की घेराबंदी करने से स्थानीय राजनीति और जनहित के मुद्दों को लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।1
- नीमच में जनसुनवाई शिविर, 12 सीएम हेल्पलाइन शिकायतों का संतुष्टिपूर्वक निराकरण नीमच में पुलिस कंट्रोल रूम स्थित सभाकक्ष में 25 अगस्त को जिला स्तरीय जनसुनवाई एवं शिकायत निवारण शिविर आयोजित हुआ। पुलिस अधीक्षक श्री राजेश व्यास ने आवेदकों की समस्याएं गंभीरता से सुनीं और संबंधित थाना प्रभारियों को त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। शिविर में सीएम हेल्पलाइन की लेवल-1, 2 और 3 की 12 शिकायतों का संतुष्टिपूर्वक निराकरण कर उन्हें बंद करवाया गया। वहीं करीब 26 आवेदकों ने अपनी समस्याएं एसपी के समक्ष रखीं। एसपी ने अधिकारियों को समयबद्ध और निष्पक्ष कार्रवाई के निर्देश दिए। शिविर में भूमि विवाद, पुलिस कार्रवाई सहित विभिन्न मामलों पर सुनवाई की गई।1
- जावद के सांदीपनि स्कूल में बवाल: छात्रा को मैसेज मामले पर ABVP का प्रदर्शन, DEO का पुतला फूंका जावद। सांदीपनि स्कूल में छात्रा को शिक्षक द्वारा मैसेज किए जाने के मामले को लेकर मंगलवार को एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने छात्रा के परिजनों के साथ मिलकर स्कूल परिसर में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने स्कूल प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और मामले में कार्रवाई की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने **“स्कूल प्रशासन मुर्दाबाद”** के नारे लगाए तथा जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) का पुतला भी फूंका। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि शिक्षक द्वारा छात्रा को मैसेज किए जाने के मामले में उचित कार्रवाई नहीं होने से उनमें नाराजगी है। मामले को लेकर छात्रा के परिजनों और एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने संबंधित अधिकारियों से निष्पक्ष जांच कर दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। शिक्षक द्वारा छात्रा को आपत्तिजनक व्हाट्सऐप संदेश भेजे जाने की शिकायत को लेकर कार्रवाई की खबरें भी सामने आई हैं।1
- नन्हे हाथों का हरियाली संकल्प बी.आर. संस्था ने दिया पर्यावरण जागरूकता संदेश नीमच। की बी.आर. संस्था फाउंडेशन ने राजकीय बालिका उच्च प्राथमिक विद्यालय, शाहपुरा में 'उत्सव अभियान' के तहत पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया, जिसका नेतृत्व बाल पर्यावरण योद्धा श्रेया कुमावत ने किया। संस्था के संस्थापक कृष्ण परिहार के जन्मदिन पर आयोजित इस कार्यक्रम में छात्राओं ने वृक्षारोपण, जल संरक्षण, और प्लास्टिक मुक्त वातावरण का संकल्प लिया। कार्यक्रम में फिजूलखर्ची के बजाय जन्मदिन और वर्षगांठ जैसे अवसरों को समाजसेवा और पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने का संदेश दिया गया।1
- NEWS:-पिपलिया स्टेशन पर रेल सुविधाओं की मांग को लेकर प्रदर्शन, हनुमान चालीसा का पाठ कर जताया विरोध मनासा।पिपलिया रेलवे स्टेशन पर यात्री ट्रेनों के ठहराव सहित विभिन्न रेल समस्याओं के निराकरण की मांग को लेकर मंगलवार को रेल सुविधा विस्तार समिति के बैनर तले नगर व क्षेत्रवासियों ने प्रदर्शन किया। सुबह 10 बजे स्टेशन स्थित बालाजी मंदिर पर समिति सदस्यों ने हनुमान चालीसा का पाठ कर रेलवे अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों को सद्बुद्धि देने की कामना की। इसके बाद नारेबाजी करते हुए क्षेत्रवासी स्टेशन कार्यालय पहुंचे और मंडल रेल प्रबंधक के नाम स्टेशन अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया कि पिपलिया स्टेशन क्षेत्र का महत्वपूर्ण कृषि, व्यापारिक एवं आवागमन का केंद्र है। यह स्टेशन आसपास के दर्जनों गांवों एवं कस्बों के लिए प्रमुख रेल संपर्क माध्यम है। क्षेत्र के किसान अपनी कृषि उपज के परिवहन, व्यापारी व्यापारिक कार्यों, विद्यार्थी शिक्षा तथा श्रमिक एवं कर्मचारी रोजगार एवं दैनिक आवागमन के लिए इसी स्टेशन पर निर्भर हैं। इसके अलावा धार्मिक, सामाजिक एवं पारिवारिक कारणों से भी बड़ी संख्या में यात्री प्रतिदिन यहां से रेल यात्रा करते हैं। समिति ने कहा कि इसके बावजूद पिपलिया स्टेशन पर कई आवश्यक रेल सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। यात्री ट्रेनों के पर्याप्त ठहराव नहीं होने से क्षेत्रवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यात्रियों को अन्य स्टेशनों पर जाकर ट्रेन पकड़ने की मजबूरी रहती है, जिससे समय एवं धन दोनों की अतिरिक्त बर्बादी होती है।क्षेत्रवासियों ने रेलवे से पिपलिया स्टेशन पर प्रमुख यात्री ट्रेनों के ठहराव शुरू करने, बंद किए गए ठहरावों को पुनः बहाल करने तथा स्टेशन पर आवश्यक यात्री सुविधाओं का विस्तार करने की मांग की। समिति ने चेतावनी दी कि मांगों का शीघ्र निराकरण नहीं हुआ तो आगामी दिनों में आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।1
- श्री सांवरिया सेठ जी के आज के लाइव दर्शन 🙏✨ | घर बैठे करें प्रभु के दिव्य दर्शन, पाएं सेठ जी का आशीर्वाद 🌺❤️ श्री सांवरिया सेठ जी के आज के लाइव दर्शन 🙏✨ | घर बैठे करें प्रभु के दिव्य दर्शन, पाएं सेठ जी का आशीर्वाद 🌺❤️1
- महंगी चीनी का कारण क्या एथेनॉल है? सरकार ने बताई सच्चाई त्यौहारों का मौसम आते ही चीनी के दाम भी बढ़ना शुरू हो गए हैं, इसे लेकर कई लोगों ने कहा कि ये सब एथेनॉल की वजह से हो रहा है. अब हाल ही में सरकार ने इस पर सफाई पेश की है.चीनी की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के बाद केंद्र सरकार ने त्योहारी सीजन में इसकी उपलब्धता और कीमतों को नियंत्रित रखने के लिए कई कदम उठाए हैं. सरकार के मुताबिक 20 जुलाई को चीनी की औसत कीमत 48.18 रुपये प्रति किलो थी जो 20 अगस्त को बढ़कर 55.70 रुपये प्रति किलो हो गई.गन्ने की फसल में रेड रॉट और टॉप बोरर बीमारी के साथ ज्यादा बारिश और जलभराव से भी नुकसान हुआ है. इसके अलावा त्योहारी सीजन में मांग बढ़ना कुछ कारोबारियों और मिलों की जमाखोरी और दुनियाभर में चीनी की सप्लाई कम होना भी कीमत बढ़ने की वजह बताई गई है.दुनिया में भी चीनी की सप्लाई पर दबाव चीनी की कीमतों में बढ़ोतरी सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है. सरकार के मुताबिक 2026-27 में दुनिया में करीब 33 लाख टन चीनी की कमी रहने का अनुमान है. इसी वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में चीनी की कीमत 30 जून को 474 डॉलर प्रति टन से बढ़कर 20 अगस्त को 552 डॉलर प्रति टन हो गई यानी करीब दो महीने में 16% से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है. जमाखोरी रोकने के लिए स्टॉक लिमिट सरकार ने चीनी की जमाखोरी रोकने के लिए डीलरों पर 400 टन की स्टॉक लिमिट लगा दी है. यह नियम 1 अगस्त से 30 नवंबर 2026 तक लागू रहेगा. 1 सितंबर से बड़े खरीदार यानी बल्क कंज्यूमर्स 15 दिन की खपत से ज्यादा चीनी का स्टॉक नहीं रख सकेंगे. केंद्र और राज्य सरकार की टीमें चीनी मिलों में जाकर स्टॉक की जांच भी कर रही हैं ताकि जमाखोरी और कृत्रिम कमी पैदा करने की कोशिशों पर रोक लगाई जा सके. 10 लाख टन चीनी का ड्यूटी-फ्री आयात घरेलू बाजार में सप्लाई बढ़ाने के लिए सरकार ने 10 लाख टन कच्ची चीनी के ड्यूटी-फ्री आयात की अनुमति देने का फैसला किया है. साथ ही राज्यों और चीनी मिलों को 15 अक्टूबर से क्रशिंग शुरू करने की सलाह दी गई है. सरकार का अनुमान है कि इससे अक्टूबर में चीनी उत्पादन सामान्य 3-4 लाख टन के मुकाबले बढ़कर 10 लाख टन से ज्यादा हो सकता है. सरकार का कहना है कि इन कदमों से त्योहारी सीजन में चीनी की उपलब्धता बढ़ेगी और कीमतों पर दबाव कम करने में मदद मिलेगी.2