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चम्पावत:*लगातार बारिश के बीच स्वाला में यातायात सुचारू, सुरक्षा को लेकर प्रशासन अलर्ट* चम्पावत:*लगातार बारिश के बीच स्वाला में यातायात सुचारू, सुरक्षा को लेकर प्रशासन अलर्ट*
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चम्पावत:*लगातार बारिश के बीच स्वाला में यातायात सुचारू, सुरक्षा को लेकर प्रशासन अलर्ट* चम्पावत:*लगातार बारिश के बीच स्वाला में यातायात सुचारू, सुरक्षा को लेकर प्रशासन अलर्ट*
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- लगातार बारिश के बीच स्वाला में यातायात सुचारू, सुरक्षा को लेकर प्रशासन अलर्ट लगातार बारिश के बीच स्वाला में यातायात सुचारू, सुरक्षा को लेकर प्रशासन अलर्ट चम्पावत, 02 सितंबर 2026। जनपद में लगातार हो रही बारिश के बीच टनकपुर-चम्पावत-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात व्यवस्था सुचारू बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन एवं संबंधित विभाग अलर्ट मोड पर हैं। जिलाधिकारी मनीष कुमार के निर्देश पर संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। सड़क पर कहीं मलबा आने की स्थिति में विभागीय मशीनरी के माध्यम से तत्काल मलबा हटाकर यातायात सुचारू किया जा रहा है। प्रशासन का फोकस यात्रियों की सुरक्षा के साथ हाईवे पर आवागमन को निर्बाध बनाए रखने पर है। उपचारात्मक कार्यों से स्वाला में बढ़ी स्थिरता अधिशासी अभियंता राष्ट्रीय राजमार्ग विभोर गुप्ता ने बताया कि स्वाला क्षेत्र में किए गए उपचारात्मक कार्यों से स्थिति में काफी सुधार आया है। लगातार बारिश के बावजूद स्वाला में मार्ग पूरी तरह सुचारू है। उन्होंने बताया कि बारिश के दौरान यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। संवेदनशील स्थानों पर परिस्थितियों के अनुसार कुछ समय के लिए यातायात नियंत्रित किया जाता है और स्थिति सामान्य होने पर वाहनों को सुरक्षित तरीके से आगे बढ़ाया जाता है। उपचारित हिस्से पर भूस्खलन का प्रभाव नहीं अधिशासी अभियंता ने बताया कि स्वाला क्षेत्र में विभागीय टीम लगातार निगरानी कर रही है। हाल में स्वाला सुगम जोन के आसपास भूस्खलन की स्थिति सामने आई थी, लेकिन इसका प्रभाव उपचारित हिस्से पर नहीं पड़ा है। भूस्खलन उपचारित हिस्से से अलग स्थान पर हुआ है। उन्होंने बताया कि आवश्यकता के अनुसार मलबा हटाने और सड़क को सुरक्षित बनाए रखने का कार्य लगातार जारी है। विभागीय मशीनरी एवं कार्मिक संवेदनशील क्षेत्रों में सक्रिय हैं। अप्रमाणित सूचनाओं पर भरोसा न करने की अपील जिला प्रशासन ने आमजन एवं यात्रियों से मानसून के दौरान संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। प्रशासन ने यात्रा से संबंधित जानकारी के लिए केवल प्रशासन एवं संबंधित विभागों द्वारा जारी सत्यापित सूचनाओं पर भरोसा करने को कहा है। साथ ही सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली अप्रमाणित सूचनाओं एवं वीडियो को बिना सत्यापन आगे साझा न करने की अपील की गई है। जिला प्रशासन एवं संबंधित विभागों की प्राथमिकता यात्रियों की सुरक्षा के साथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात को सुचारू बनाए रखना है। लगातार बारिश के बावजूद विभागीय टीमें संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी बनाए हुए हैं।4
- स्लग -बिजटी-माझोला मार्ग पर पुल की एप्रोच धंसी, भारी वाहनों की आवाजाही बंद। स्थान - सितारगंज ऊधम सिंह नगर रिपोर्ट - अशोक सरकार मो -9758494633 एंकर विजुअल -सितारगंज क्षेत्र के बिजटी-माझोला मार्ग पर लगातार हो रही बारिश के बीच पुल की एप्रोच सड़क धंसने से हड़कंप मच गया। सड़क पर गहरे क्रैक आने के साथ ही पुल के एक हिस्से की एप्रोच तेजी से नीचे खिसक गई।स्थिति को देखते हुए प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा के मद्देनजर भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी है। फिलहाल छोटे वाहनों को भी सावधानी के साथ निकाला जा रहा है।स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर नदी में दोबारा तेज पानी आया तो एप्रोच मार्ग में कटान बढ़ सकता है और सड़क के पूरी तरह बहने का खतरा है। वहीं, पहली ही बारिश में सड़क की यह स्थिति सामने आने के बाद निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर भी सवाल उठने लगे हैं।ग्रामीणों ने सड़क निर्माण में इस्तेमाल सामग्री, मिट्टी के भराव की कॉम्पैक्टिंग और रिटेनिंग वॉल के निर्माण की गुणवत्ता की जांच की मांग की है। लोगों का कहना है कि पूरे मामले की तकनीकी जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।वहीं, भारी वाहनों की आवाजाही बंद होने से क्षेत्र के परिवहन और व्यापारिक गतिविधियों पर भी असर पड़ रहा है।मामले को लेकर उपजिलाधिकारी खटीमा तुषार सैनी ने बताया कि लगातार बारिश के चलते बिजटी रोड धंस गई है, जिसके कारण आवाजाही बंद की गई है। संबंधित विभाग द्वारा तत्काल मरम्मत का कार्य कराया जा रहा है और जल्द ही मार्ग को सुचारू कर दिया जाएगा।अब देखना होगा कि प्रशासन की ओर से कराई जा रही मरम्मत कितनी प्रभावी साबित होती है और निर्माण की गुणवत्ता को लेकर उठ रहे सवालों पर विभाग क्या कार्रवाई करता है।वहीं pwd के अधिशासी अभियंता ने मीडिया से बयान देने से किया इनकार। तो कही न कही विभागीय लीपापोती नज़र आ रही है। *अधिशासी अभियंता.नीरज कुमार अग्रवाल -9412139795* बाइट -तुषार सैनी उपजिलाधिकारी खटीमा1
- Kasganj ke Kshetra dola gaon kaun aane Rajaram Inka kahana hai Raj Ram Gambhir Hai Bidi peene se iski jaldi se jaldi sunvaee ki jaaye1
- एक पैर पर 400 मीटर स्कूल जाती थी 7 साल की रागिनी | Viral Video के बाद DM पहुंचे | Ballia News | UP News उत्तर प्रदेश के बलिया जिले की 7 साल की रागिनी की कहानी इस समय पूरे देश में चर्चा का विषय बनी हुई है। बचपन में एक हादसे में अपना एक पैर गंवाने के बावजूद रागिनी ने पढ़ाई का सपना नहीं छोड़ा। वह रोज़ करीब 400 मीटर दूर अपने स्कूल एक पैर के सहारे पहुंचती थी। उसके संघर्ष का वीडियो सोशल Media पर वायरल होने के बाद प्रशासन हरकत में आया और बलिया के जिलाधिकारी (DM) मंगला प्रसाद खुद रागिनी से मिलने उसके गांव पहुंचे। इस वीडियो में देखिए कैसे एक मासूम बच्ची के हौसले ने पूरे सिस्टम का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। रागिनी को ट्राइसाइकिल, कॉपियां, मिठाइयां और टॉफियां दी गईं। साथ ही प्रशासन ने उसके इलाज, पढ़ाई और घर से स्कूल तक सड़क बनवाने का भी आश्वासन दिया। रागिनी ने DM से मुलाकात के बाद कहा कि अब वह बड़ी होकर डॉक्टर बनना चाहती है। लेकिन इस कहानी के साथ एक बड़ा सवाल भी जुड़ा है—क्या जरूरतमंद लोगों तक मदद पहुंचाने के लिए हर बार सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होना जरूरी है? इस पूरे मामले की ग्राउंड रिपोर्ट और पूरी कहानी जानिए इस वीडियो में। वीडियो में क्या है? - बलिया की 7 साल की रागिनी की पूरी कहानी - कैसे बचपन में हादसे में गंवाया एक पैर - एक पैर के सहारे रोज़ स्कूल जाने का संघर्ष - वायरल वीडियो के बाद प्रशासन की कार्रवाई - DM मंगला प्रसाद की मुलाकात - ट्राइसाइकिल और इलाज का भरोसा - डॉक्टर बनने का रागिनी का सपना - सिस्टम पर उठते बड़े सवाल अगर आपको यह वीडियो पसंद आए तो इसे Like करें, अपने दोस्तों के साथ Share करें और देश-दुनिया की ऐसी ही बड़ी खबरों के लिए G Express को Subscribe करना न भूलें। #BalliaNews #Ragini #UPNews #ViralVideo #HindiNews #MotivationalStory #DMBallia #UttarPradesh #BreakingNews #GExpress1
- बाहर से देखने पर यह सिर्फ पत्थरों का एक साधारण टीला लगता है. बाहर से देखने पर यह सिर्फ पत्थरों का एक साधारण टीला लगता है... लेकिन इसके भीतर छुपा है सदियों पुराना एक दिव्य रहस्य! : यह है उत्तराखण्ड के तैलीहाट का ऐतिहासिक सत्यनारायण मंदिर। इसका इतिहास कत्युरी राजवंश के स्वर्णिम काल से जुड़ा है, जब पत्थरों को बिना किसी गारे या सीमेंट के, केवल एक-दूसरे से जोड़कर अद्भुत संरचनाएं बनाई जाती थीं। जैसे ही आप इसके गर्भगृह में कदम रखते हैं, बाहर का साधारण दिखने वाला टीला भीतर एक भव्य धाम में बदल जाता है। यहाँ स्थापित साढ़े पांच फीट की भगवान सत्यनारायण की यह मनमोहक प्रतिमा कत्युरीकालीन मूर्तिकला का एक बेजोड़ नमूना है।1
- बारिश के बाद नैनी झील में पहुंचे प्लास्टिक कचरे की एक्वाटिक एंड एडवेंचर स्पोर्ट्स एसोसिएशन ने की सफाई नैनीताल, 2 सितंबर। बीते दिन हुई तेज बारिश के कारण शहर के विभिन्न नालों एवं जलधाराओं के माध्यम से बड़ी मात्रा में प्लास्टिक की बोतलें और अन्य ठोस कचरा नैनी झील में पहुंच गया। झील के पर्यावरण एवं स्वच्छता को लेकर संवेदनशीलता दिखाते हुए नैनिताल एक्वाटिक एंड एडवेंचर स्पोर्ट्स एसोसिएशन (नासा) के सदस्यों एवं स्वयंसेवकों ने बुधवार को विशेष झील सफाई अभियान चलाया। अभियान के दौरान स्वयंसेवकों ने झील से बड़ी संख्या में प्लास्टिक की बोतलें, पॉलीथिन तथा अन्य तैरता हुआ कचरा बाहर निकाला। स्वयंसेवकों ने झील के विभिन्न हिस्सों में जाकर कचरा एकत्र किया और उसे सुरक्षित रूप से निस्तारण के लिए अलग किया। अभियान का उद्देश्य बारिश के साथ झील में पहुंचने वाले प्लास्टिक कचरे को तत्काल हटाने के साथ-साथ नैनी झील के संरक्षण के प्रति नागरिकों को जागरूक करना भी रहा। सफाई अभियान में प्रो. रीतेश साह, प्रो. संजय घिल्डियाल, यशपाल सिंह रावत, सिद्धि, धीरज बिष्ट, विक्रम, आशीष मेहता सहित एसोसिएशन के अन्य सदस्यों एवं स्वयंसेवकों ने सक्रिय भागीदारी की। सदस्यों ने कहा कि नैनी झील केवल नैनीताल की पहचान ही नहीं, बल्कि क्षेत्र के पर्यावरणीय संतुलन का महत्वपूर्ण आधार है। वर्षा के दौरान शहर से झील में पहुंचने वाले प्लास्टिक एवं अन्य कचरे को रोकने के लिए निरंतर जनभागीदारी और नियमित सफाई अभियान आवश्यक हैं। एसोसिएशन ने नागरिकों और पर्यटकों से अपील की कि वे प्लास्टिक की बोतलें, पॉलीथिन और अन्य कचरा झील अथवा उसके आसपास न फेंकें तथा नैनी झील को स्वच्छ एवं प्रदूषणमुक्त बनाए रखने में सहयोग करें।3
- चंपावत :में फर्जी फौजी का खुलासा, वर्दी पहनकर खुद को बताया मेजर! चंपावत :में फर्जी फौजी का खुलासा, वर्दी पहनकर खुद को बताया मेजर!1