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बारिश के बाद नैनी झील में पहुंचे प्लास्टिक कचरे की एक्वाटिक एंड एडवेंचर स्पोर्ट्स एसोसिएशन ने की सफाई नैनीताल, 2 सितंबर। बीते दिन हुई तेज बारिश के कारण शहर के विभिन्न नालों एवं जलधाराओं के माध्यम से बड़ी मात्रा में प्लास्टिक की बोतलें और अन्य ठोस कचरा नैनी झील में पहुंच गया। झील के पर्यावरण एवं स्वच्छता को लेकर संवेदनशीलता दिखाते हुए नैनिताल एक्वाटिक एंड एडवेंचर स्पोर्ट्स एसोसिएशन (नासा) के सदस्यों एवं स्वयंसेवकों ने बुधवार को विशेष झील सफाई अभियान चलाया। अभियान के दौरान स्वयंसेवकों ने झील से बड़ी संख्या में प्लास्टिक की बोतलें, पॉलीथिन तथा अन्य तैरता हुआ कचरा बाहर निकाला। स्वयंसेवकों ने झील के विभिन्न हिस्सों में जाकर कचरा एकत्र किया और उसे सुरक्षित रूप से निस्तारण के लिए अलग किया। अभियान का उद्देश्य बारिश के साथ झील में पहुंचने वाले प्लास्टिक कचरे को तत्काल हटाने के साथ-साथ नैनी झील के संरक्षण के प्रति नागरिकों को जागरूक करना भी रहा। सफाई अभियान में प्रो. रीतेश साह, प्रो. संजय घिल्डियाल, यशपाल सिंह रावत, सिद्धि, धीरज बिष्ट, विक्रम, आशीष मेहता सहित एसोसिएशन के अन्य सदस्यों एवं स्वयंसेवकों ने सक्रिय भागीदारी की। सदस्यों ने कहा कि नैनी झील केवल नैनीताल की पहचान ही नहीं, बल्कि क्षेत्र के पर्यावरणीय संतुलन का महत्वपूर्ण आधार है। वर्षा के दौरान शहर से झील में पहुंचने वाले प्लास्टिक एवं अन्य कचरे को रोकने के लिए निरंतर जनभागीदारी और नियमित सफाई अभियान आवश्यक हैं। एसोसिएशन ने नागरिकों और पर्यटकों से अपील की कि वे प्लास्टिक की बोतलें, पॉलीथिन और अन्य कचरा झील अथवा उसके आसपास न फेंकें तथा नैनी झील को स्वच्छ एवं प्रदूषणमुक्त बनाए रखने में सहयोग करें।

13 hrs ago
user_NTL
NTL
Nainital, Uttarakhand•
13 hrs ago
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बारिश के बाद नैनी झील में पहुंचे प्लास्टिक कचरे की एक्वाटिक एंड एडवेंचर स्पोर्ट्स एसोसिएशन ने की सफाई नैनीताल, 2 सितंबर। बीते दिन हुई तेज बारिश के कारण शहर के विभिन्न नालों एवं जलधाराओं के माध्यम से बड़ी मात्रा में प्लास्टिक की बोतलें और अन्य ठोस कचरा नैनी झील में पहुंच गया। झील के पर्यावरण एवं स्वच्छता को लेकर संवेदनशीलता दिखाते हुए नैनिताल एक्वाटिक एंड एडवेंचर स्पोर्ट्स एसोसिएशन (नासा) के सदस्यों एवं स्वयंसेवकों ने बुधवार को विशेष झील सफाई अभियान चलाया। अभियान के दौरान स्वयंसेवकों ने झील से

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बड़ी संख्या में प्लास्टिक की बोतलें, पॉलीथिन तथा अन्य तैरता हुआ कचरा बाहर निकाला। स्वयंसेवकों ने झील के विभिन्न हिस्सों में जाकर कचरा एकत्र किया और उसे सुरक्षित रूप से निस्तारण के लिए अलग किया। अभियान का उद्देश्य बारिश के साथ झील में पहुंचने वाले प्लास्टिक कचरे को तत्काल हटाने के साथ-साथ नैनी झील के संरक्षण के प्रति नागरिकों को जागरूक करना भी रहा। सफाई अभियान में प्रो. रीतेश साह, प्रो. संजय घिल्डियाल, यशपाल सिंह रावत, सिद्धि, धीरज बिष्ट, विक्रम, आशीष मेहता सहित एसोसिएशन के अन्य सदस्यों एवं

स्वयंसेवकों ने सक्रिय भागीदारी की। सदस्यों ने कहा कि नैनी झील केवल नैनीताल की पहचान ही नहीं, बल्कि क्षेत्र के पर्यावरणीय संतुलन का महत्वपूर्ण आधार है। वर्षा के दौरान शहर से झील में पहुंचने वाले प्लास्टिक एवं अन्य कचरे को रोकने के लिए निरंतर जनभागीदारी और नियमित सफाई अभियान आवश्यक हैं। एसोसिएशन ने नागरिकों और पर्यटकों से अपील की कि वे प्लास्टिक की बोतलें, पॉलीथिन और अन्य कचरा झील अथवा उसके आसपास न फेंकें तथा नैनी झील को स्वच्छ एवं प्रदूषणमुक्त बनाए रखने में सहयोग करें।

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  • बारिश के बाद नैनी झील में पहुंचे प्लास्टिक कचरे की एक्वाटिक एंड एडवेंचर स्पोर्ट्स एसोसिएशन ने की सफाई नैनीताल, 2 सितंबर। बीते दिन हुई तेज बारिश के कारण शहर के विभिन्न नालों एवं जलधाराओं के माध्यम से बड़ी मात्रा में प्लास्टिक की बोतलें और अन्य ठोस कचरा नैनी झील में पहुंच गया। झील के पर्यावरण एवं स्वच्छता को लेकर संवेदनशीलता दिखाते हुए नैनिताल एक्वाटिक एंड एडवेंचर स्पोर्ट्स एसोसिएशन (नासा) के सदस्यों एवं स्वयंसेवकों ने बुधवार को विशेष झील सफाई अभियान चलाया। अभियान के दौरान स्वयंसेवकों ने झील से बड़ी संख्या में प्लास्टिक की बोतलें, पॉलीथिन तथा अन्य तैरता हुआ कचरा बाहर निकाला। स्वयंसेवकों ने झील के विभिन्न हिस्सों में जाकर कचरा एकत्र किया और उसे सुरक्षित रूप से निस्तारण के लिए अलग किया। अभियान का उद्देश्य बारिश के साथ झील में पहुंचने वाले प्लास्टिक कचरे को तत्काल हटाने के साथ-साथ नैनी झील के संरक्षण के प्रति नागरिकों को जागरूक करना भी रहा। सफाई अभियान में प्रो. रीतेश साह, प्रो. संजय घिल्डियाल, यशपाल सिंह रावत, सिद्धि, धीरज बिष्ट, विक्रम, आशीष मेहता सहित एसोसिएशन के अन्य सदस्यों एवं स्वयंसेवकों ने सक्रिय भागीदारी की। सदस्यों ने कहा कि नैनी झील केवल नैनीताल की पहचान ही नहीं, बल्कि क्षेत्र के पर्यावरणीय संतुलन का महत्वपूर्ण आधार है। वर्षा के दौरान शहर से झील में पहुंचने वाले प्लास्टिक एवं अन्य कचरे को रोकने के लिए निरंतर जनभागीदारी और नियमित सफाई अभियान आवश्यक हैं। एसोसिएशन ने नागरिकों और पर्यटकों से अपील की कि वे प्लास्टिक की बोतलें, पॉलीथिन और अन्य कचरा झील अथवा उसके आसपास न फेंकें तथा नैनी झील को स्वच्छ एवं प्रदूषणमुक्त बनाए रखने में सहयोग करें।
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    बारिश के बाद नैनी झील में पहुंचे प्लास्टिक कचरे की  एक्वाटिक एंड एडवेंचर स्पोर्ट्स एसोसिएशन ने की सफाई

नैनीताल, 2 सितंबर। बीते दिन हुई तेज बारिश के कारण शहर के विभिन्न नालों एवं जलधाराओं के माध्यम से बड़ी मात्रा में प्लास्टिक की बोतलें और अन्य ठोस कचरा नैनी झील में पहुंच गया। झील के पर्यावरण एवं स्वच्छता को लेकर संवेदनशीलता दिखाते हुए नैनिताल एक्वाटिक एंड एडवेंचर स्पोर्ट्स एसोसिएशन (नासा) के सदस्यों एवं स्वयंसेवकों ने बुधवार को विशेष झील सफाई अभियान चलाया।
अभियान के दौरान स्वयंसेवकों ने झील से बड़ी संख्या में प्लास्टिक की बोतलें, पॉलीथिन तथा अन्य तैरता हुआ कचरा बाहर निकाला। स्वयंसेवकों ने झील के विभिन्न हिस्सों में जाकर कचरा एकत्र किया और उसे सुरक्षित रूप से निस्तारण के लिए अलग किया। अभियान का उद्देश्य बारिश के साथ झील में पहुंचने वाले प्लास्टिक कचरे को तत्काल हटाने के साथ-साथ नैनी झील के संरक्षण के प्रति नागरिकों को जागरूक करना भी रहा।
सफाई अभियान में प्रो. रीतेश साह, प्रो. संजय घिल्डियाल, यशपाल सिंह रावत, सिद्धि, धीरज बिष्ट, विक्रम, आशीष मेहता सहित एसोसिएशन के अन्य सदस्यों एवं स्वयंसेवकों ने सक्रिय भागीदारी की। सदस्यों ने कहा कि नैनी झील केवल नैनीताल की पहचान ही नहीं, बल्कि क्षेत्र के पर्यावरणीय संतुलन का महत्वपूर्ण आधार है। वर्षा के दौरान शहर से झील में पहुंचने वाले प्लास्टिक एवं अन्य कचरे को रोकने के लिए निरंतर जनभागीदारी और नियमित सफाई अभियान आवश्यक हैं।
एसोसिएशन ने नागरिकों और पर्यटकों से अपील की कि वे प्लास्टिक की बोतलें, पॉलीथिन और अन्य कचरा झील अथवा उसके आसपास न फेंकें तथा नैनी झील को स्वच्छ एवं प्रदूषणमुक्त बनाए रखने में सहयोग करें।
    user_NTL
    NTL
    Nainital, Uttarakhand•
    13 hrs ago
  • उत्तराखंड के हल्द्वानी में भारी बारिश के बीच बिंदुखत्ता निवासी राम सिंह कोरंगा ने मंगलवार को काठगोदाम पुल से उफनती गौला नदी में छलांग लगा दी, जिसके बाद से वह लापता हैं और SDRF की टीमें उनकी तलाश में जुटी हैं. - इस खौफनाक कदम को उठाने से ठीक पहले जब एक राहगीर ने उनसे बारिश में भीगने की वजह पूछी, तो वह दर्द छिपाकर प्यार से मुस्कुरा दिए थे, जिसने अब हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। नदी के विकराल वेग को देखते हुए किसी बड़ी अनहोनी की आशंका जताई जा रही है, वहीं लापता राम सिंह के परिजन गहरे सदमे में हैं और पूरा इलाका उनके सुरक्षित होने की प्रार्थना कर रहा है... #Uttarakhand #Kathgodam
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    उत्तराखंड के हल्द्वानी में भारी बारिश के बीच बिंदुखत्ता निवासी राम सिंह कोरंगा ने मंगलवार को काठगोदाम पुल से उफनती गौला नदी में छलांग लगा दी, जिसके बाद से वह लापता हैं और SDRF की टीमें उनकी तलाश में जुटी हैं. - इस खौफनाक कदम को उठाने से ठीक पहले जब एक राहगीर ने उनसे बारिश में भीगने की वजह पूछी, तो वह दर्द छिपाकर प्यार से मुस्कुरा दिए थे, जिसने अब हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। नदी के विकराल वेग को देखते हुए किसी बड़ी अनहोनी की आशंका जताई जा रही है, वहीं लापता राम सिंह के परिजन गहरे सदमे में हैं और पूरा इलाका उनके सुरक्षित होने की प्रार्थना कर रहा है... #Uttarakhand #Kathgodam
    user_UTTARAKHAND SHAKTI NEWS
    UTTARAKHAND SHAKTI NEWS
    कालाढूंगी, नैनीताल, उत्तराखंड•
    17 hrs ago
  • Kasganj ke Kshetra dola gaon kaun aane Rajaram Inka kahana hai Raj Ram Gambhir Hai Bidi peene se iski jaldi se jaldi sunvaee ki jaaye
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    Kasganj ke Kshetra dola gaon kaun aane Rajaram Inka kahana hai
Raj Ram Gambhir Hai Bidi peene se iski jaldi se jaldi sunvaee ki jaaye
    user_Ashok Kumar
    Ashok Kumar
    भीकियासैंण, अल्मोड़ा, उत्तराखंड•
    23 min ago
  • बरेली में उफनाई किच्छा नदी, बहेड़ी में अचानक आया सैलाब, लोगों में डर का भय बना हुआ है, Report: (Haldwani News 20) किच्छा बहेड़ी नदी में पानी ज्यादा होने से सड़क पर पानी आने से लोगों में खौफनाक डर का भय बना हुआ है, वीडियो रात्रि की बनाई गयी थी किच्छा बहेड़ी बरेली में पानी घुसा, रोड़ पर पानी डिवाइडर डूब गये,
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    बरेली में उफनाई किच्छा नदी, बहेड़ी में अचानक आया सैलाब, लोगों में डर का भय बना हुआ है, 
Report: (Haldwani News 20) किच्छा बहेड़ी नदी में पानी ज्यादा होने से सड़क पर पानी आने से लोगों में खौफनाक डर का भय बना हुआ है, वीडियो रात्रि की बनाई गयी थी किच्छा बहेड़ी बरेली में पानी घुसा, रोड़ पर पानी डिवाइडर डूब गये,
    user_Haldwani News 20
    Haldwani News 20
    Voice of people Haldwani, Nainital•
    21 hrs ago
  • जंग लगे लोहे के तारों से बनी अस्थायी गरारी के सहारे नदी पार कर रहे ग्रामीण. नौ वर्षों से जंग लगे लोहे के तारों से बनी अस्थायी गरारी के सहारे रामगंगा नदी पार करने को मजबूर बागेश्वर और पिथौरागढ़ की सीमा पर बसे कई गांवों के लिए राहत भरी खबर है। वर्ष 2018 की आपदा में बहा झूला पुल अब तक नहीं बन पाया, भकोना, खेती, कालापैर कापड़ी समेत आसपास के कई गांवों के ग्रामीण पिछले नौ वर्षों से जंग लगे लोहे के तारों से बनी अस्थायी गरारी के सहारे जान जोखिम में डालकर रामगंगा नदी पार करने को मजबूर हैं। इसी रास्ते से बच्चे स्कूल और ग्रामीण रोजमर्रा की जरूरतों के लिए आवागमन करते हैं। पूर्व विधायक ललित फर्शवाण ने बताया की 2018में बहे झूला आज ताकि नहीं बनने से भकोना, खेती, कालापैर कापड़ी समेत आसपास के कई गांवों के ग्रामीण पिछले सात वर्षों से जंग लगे लोहे के तारों से बनी अस्थायी गरारी के सहारे जान जोखिम में डालकर रामगंगा नदी पार करने को मजबूर हैं। उन्होंने जल्द पुल बनाने की मांग की है, जिससे वर्षों से झेल रहे हजारों ग्रामीणों को सुरक्षित और स्थायी आवागमन की सुविधा मिल सके..
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    जंग लगे लोहे के तारों से बनी अस्थायी गरारी के सहारे नदी पार कर रहे ग्रामीण.
नौ वर्षों से जंग लगे लोहे के तारों से बनी अस्थायी गरारी के सहारे रामगंगा नदी पार करने को मजबूर 
बागेश्वर और पिथौरागढ़ की सीमा पर बसे कई गांवों के लिए राहत भरी खबर है। वर्ष 2018 की आपदा में बहा झूला पुल अब तक नहीं बन पाया, भकोना, खेती, कालापैर कापड़ी समेत आसपास के कई गांवों के ग्रामीण पिछले नौ वर्षों से जंग लगे लोहे के तारों से बनी अस्थायी गरारी के सहारे जान जोखिम में डालकर रामगंगा नदी पार करने को मजबूर हैं। इसी रास्ते से बच्चे स्कूल और ग्रामीण रोजमर्रा की जरूरतों के लिए आवागमन करते हैं। 
पूर्व विधायक ललित फर्शवाण ने बताया की 2018में बहे झूला आज ताकि नहीं बनने से भकोना, खेती, कालापैर कापड़ी समेत आसपास के कई गांवों के ग्रामीण पिछले सात वर्षों से जंग लगे लोहे के तारों से बनी अस्थायी गरारी के सहारे जान जोखिम में डालकर रामगंगा नदी पार करने को मजबूर हैं। उन्होंने जल्द पुल बनाने की मांग की है, जिससे वर्षों से झेल रहे हजारों ग्रामीणों को सुरक्षित और स्थायी आवागमन की सुविधा मिल सके..
    user_Jc pandey
    Jc pandey
    गरुड़, बागेश्वर, उत्तराखंड•
    16 hrs ago
  • bhut jruri hai Nepal ka hal dekha me kudrati rukege pakka kudrati dua padta hu kudrati telent me dukhi viral sukhi rhunga to bcm is reel jyada se share viral kerne ki koshish kre ab me bchounga fir mere bachhe inshallah
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    bhut jruri hai Nepal ka hal dekha  me  kudrati rukege pakka kudrati dua padta hu  kudrati telent me dukhi viral sukhi rhunga to bcm
is reel jyada se share viral kerne ki koshish kre ab me bchounga fir mere bachhe inshallah
    user_Azeem khan
    Azeem khan
    Actor काशीपुर, उधम सिंह नगर, उत्तराखंड•
    18 hrs ago
  • लगातार हो रही बारिश के मद्देनजर जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने सभी विभागों को अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए* जनपद में विगत 2 दिनों से लगातार हो रही भारी वर्षा के दृष्टिगत जिलाधिकारी नैनीताल ललित मोहन रयाल ने सभी संबंधित विभागों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी ने बताया कि वर्तमान में जनपद में सभी (पर्वतीय एवं मैदानी) क्षेत्रों में वर्षा हो रही है, जिससे नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने और भूस्खलन की संभावना बनी हुई है। लगातार हो रही बारिश के दृष्टिगत जिलाधिकारी ने विभागों को आवश्यक निर्देश दिए हैं जिसमें, जिला आपदा कंट्रोल रूम सहित सभी तहसील एवं ब्लॉक स्तरीय कंट्रोल रूम को 24 घंटे सक्रिय रहने के साथ ही सभी कार्यदायी संस्थाओं, लोनिवि, पीएमजीएसवाई, एनएच, सिंचाई, विद्युत, पेयजल को अपनी मशीनरी एवं मैनपावर के साथ संवेदनशील स्थलों पर तैनात रहने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी मार्ग के अवरुद्ध होने पर तत्काल खोला जा सके। जिलाधिकारी ने अवगत कराया कि राजस्व विभाग की टीमें अपने-अपने क्षेत्रों में भ्रमण कर क्षति का आकलन कर रही हैं। जहां कहीं भी मकानों को आंशिक क्षति या पशुहानि की सूचना है, वहां तहसीलदार के माध्यम से तत्काल राहत वितरण कराया जा रहा है। उन्होंने अवगत कराया कि जनपद में वर्तमान में लगभग चार दर्जन के आसपास मार्ग अवरुद्ध हैं, जिनमें से 90 प्रतिशत ग्रामीण सड़कें हैं। 4-5 स्टेट हाईवे एवं राष्ट्रीय राजमार्ग का गरमपानी वाला भाग बारिश के कारण बाधित है, जिसे खोलने के लिए मशीनें लगाई गई हैं कार्य जारी है जो शीघ्र खुल जाएगी। जिलाधिकारी ने आम जनता से अपील की है कि अपरिहार्य परिस्थितियों में ही घर से बाहर निकलें। क्रोनिक लैंडस्लाइड जोन, नदी, नालों, गधेरों और बरसाती नालों के किनारे जाने से बचें। बरसाती नदियों का बहाव बहुत तेज होता है और अनहोनी की आशंका रहती है। विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और युवाओं से अपील है कि रील्स बनाने या फोटोग्राफी के लिए जोखिम भरे स्थानों पर न जाएं और मानसून काल तक ऐसी गतिविधियों से परहेज करें। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है।
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    लगातार हो रही बारिश के मद्देनजर जिलाधिकारी  ललित मोहन रयाल ने सभी विभागों को अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए*

जनपद में विगत 2 दिनों से लगातार हो रही भारी वर्षा के दृष्टिगत जिलाधिकारी नैनीताल ललित मोहन रयाल ने सभी संबंधित विभागों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं।
जिलाधिकारी ने बताया कि वर्तमान में जनपद में सभी (पर्वतीय एवं मैदानी) क्षेत्रों में वर्षा हो रही है, जिससे नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने और भूस्खलन की संभावना बनी हुई है।
लगातार हो रही बारिश के दृष्टिगत जिलाधिकारी ने विभागों को आवश्यक निर्देश दिए हैं जिसमें,
जिला आपदा कंट्रोल रूम सहित सभी तहसील एवं ब्लॉक स्तरीय कंट्रोल रूम को 24 घंटे सक्रिय रहने के साथ ही सभी कार्यदायी संस्थाओं, लोनिवि, पीएमजीएसवाई, एनएच, सिंचाई, विद्युत, पेयजल को अपनी मशीनरी एवं मैनपावर के साथ संवेदनशील स्थलों पर तैनात रहने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी मार्ग के अवरुद्ध होने पर तत्काल खोला जा सके।
जिलाधिकारी ने अवगत कराया कि राजस्व विभाग की टीमें अपने-अपने क्षेत्रों में भ्रमण कर क्षति का आकलन कर रही हैं। जहां कहीं भी मकानों को आंशिक क्षति या पशुहानि की सूचना है, वहां तहसीलदार के माध्यम से तत्काल राहत वितरण कराया जा रहा है।
उन्होंने अवगत कराया कि जनपद में वर्तमान में लगभग चार दर्जन के आसपास मार्ग अवरुद्ध हैं, जिनमें से 90 प्रतिशत ग्रामीण सड़कें हैं। 4-5 स्टेट हाईवे एवं राष्ट्रीय राजमार्ग का गरमपानी वाला भाग बारिश के कारण बाधित है, जिसे खोलने के लिए मशीनें लगाई गई हैं कार्य जारी है जो शीघ्र खुल जाएगी।
जिलाधिकारी ने आम जनता से अपील की है कि 
अपरिहार्य परिस्थितियों में ही घर से बाहर निकलें।
क्रोनिक लैंडस्लाइड जोन, नदी, नालों, गधेरों और बरसाती नालों के किनारे जाने से बचें। बरसाती नदियों का बहाव बहुत तेज होता है और अनहोनी की आशंका रहती है। विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और युवाओं से अपील है कि रील्स बनाने या फोटोग्राफी के लिए जोखिम भरे स्थानों पर न जाएं और मानसून काल तक ऐसी गतिविधियों से परहेज करें। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है।
    user_NTL
    NTL
    Nainital, Uttarakhand•
    16 hrs ago
  • किच्छा में बड़ा हादसा! कार नहर में पलटी 😱 स्कूटी क्षतिग्रस्त | पुलिस मौके पर 🚨 किच्छा में बड़ा हादसा! कार नहर में पलटी 😱 स्कूटी क्षतिग्रस्त | पुलिस मौके पर 🚨
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    किच्छा में बड़ा हादसा!
कार नहर में पलटी 😱
स्कूटी क्षतिग्रस्त | पुलिस मौके पर 🚨
किच्छा में बड़ा हादसा!
कार नहर में पलटी 😱
स्कूटी क्षतिग्रस्त | पुलिस मौके पर 🚨
    user_LOCAL news kichha
    LOCAL news kichha
    Newsagent किच्छा, उधम सिंह नगर, उत्तराखंड•
    9 hrs ago
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