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बाहर से देखने पर यह सिर्फ पत्थरों का एक साधारण टीला लगता है. बाहर से देखने पर यह सिर्फ पत्थरों का एक साधारण टीला लगता है... लेकिन इसके भीतर छुपा है सदियों पुराना एक दिव्य रहस्य! : यह है उत्तराखण्ड के तैलीहाट का ऐतिहासिक सत्यनारायण मंदिर। इसका इतिहास कत्युरी राजवंश के स्वर्णिम काल से जुड़ा है, जब पत्थरों को बिना किसी गारे या सीमेंट के, केवल एक-दूसरे से जोड़कर अद्भुत संरचनाएं बनाई जाती थीं। जैसे ही आप इसके गर्भगृह में कदम रखते हैं, बाहर का साधारण दिखने वाला टीला भीतर एक भव्य धाम में बदल जाता है। यहाँ स्थापित साढ़े पांच फीट की भगवान सत्यनारायण की यह मनमोहक प्रतिमा कत्युरीकालीन मूर्तिकला का एक बेजोड़ नमूना है।

1 hr ago
user_स्वर स्वतंत्र Vipin Joshi
स्वर स्वतंत्र Vipin Joshi
Tour Guide बागेश्वर, बागेश्वर, उत्तराखंड•
1 hr ago

बाहर से देखने पर यह सिर्फ पत्थरों का एक साधारण टीला लगता है. बाहर से देखने पर यह सिर्फ पत्थरों का एक साधारण टीला लगता है... लेकिन इसके भीतर छुपा है सदियों पुराना एक दिव्य रहस्य! : यह है उत्तराखण्ड के तैलीहाट का ऐतिहासिक सत्यनारायण मंदिर। इसका इतिहास कत्युरी राजवंश के स्वर्णिम काल से जुड़ा है, जब पत्थरों को बिना किसी गारे या सीमेंट के, केवल एक-दूसरे से जोड़कर अद्भुत संरचनाएं बनाई जाती थीं। जैसे ही आप इसके गर्भगृह में कदम रखते हैं, बाहर का साधारण दिखने वाला टीला भीतर एक भव्य धाम में बदल जाता है। यहाँ स्थापित साढ़े पांच फीट की भगवान सत्यनारायण की यह मनमोहक प्रतिमा कत्युरीकालीन मूर्तिकला का एक बेजोड़ नमूना है।

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  • बाहर से देखने पर यह सिर्फ पत्थरों का एक साधारण टीला लगता है. बाहर से देखने पर यह सिर्फ पत्थरों का एक साधारण टीला लगता है... लेकिन इसके भीतर छुपा है सदियों पुराना एक दिव्य रहस्य! : यह है उत्तराखण्ड के तैलीहाट का ऐतिहासिक सत्यनारायण मंदिर। इसका इतिहास कत्युरी राजवंश के स्वर्णिम काल से जुड़ा है, जब पत्थरों को बिना किसी गारे या सीमेंट के, केवल एक-दूसरे से जोड़कर अद्भुत संरचनाएं बनाई जाती थीं। जैसे ही आप इसके गर्भगृह में कदम रखते हैं, बाहर का साधारण दिखने वाला टीला भीतर एक भव्य धाम में बदल जाता है। यहाँ स्थापित साढ़े पांच फीट की भगवान सत्यनारायण की यह मनमोहक प्रतिमा कत्युरीकालीन मूर्तिकला का एक बेजोड़ नमूना है।
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    बाहर से देखने पर यह सिर्फ पत्थरों का एक साधारण टीला लगता है.
बाहर से देखने पर यह सिर्फ पत्थरों का एक साधारण टीला लगता है... लेकिन इसके भीतर छुपा है सदियों पुराना एक दिव्य रहस्य! : यह है उत्तराखण्ड के तैलीहाट का ऐतिहासिक सत्यनारायण मंदिर। इसका इतिहास कत्युरी राजवंश के स्वर्णिम काल से जुड़ा है, जब पत्थरों को बिना किसी गारे या सीमेंट के, केवल एक-दूसरे से जोड़कर अद्भुत संरचनाएं बनाई जाती थीं।
जैसे ही आप इसके गर्भगृह में कदम रखते हैं, बाहर का साधारण दिखने वाला टीला भीतर एक भव्य धाम में बदल जाता है। यहाँ स्थापित साढ़े पांच फीट की भगवान सत्यनारायण की यह मनमोहक प्रतिमा कत्युरीकालीन मूर्तिकला का एक बेजोड़ नमूना है।
    user_स्वर स्वतंत्र Vipin Joshi
    स्वर स्वतंत्र Vipin Joshi
    Tour Guide बागेश्वर, बागेश्वर, उत्तराखंड•
    1 hr ago
  • गांधी चबूतरा पर कांग्रेस का प्रदर्शन, पूर्व विधायक ललित फर्सवाण ने भाजपा पर साधा निशाना गांधी चबूतरा पर कांग्रेस का प्रदर्शन, पूर्व विधायक ललित फर्सवाण ने भाजपा पर साधा निशाना
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    गांधी चबूतरा पर कांग्रेस का प्रदर्शन, पूर्व विधायक ललित फर्सवाण ने भाजपा पर साधा निशाना
गांधी चबूतरा पर कांग्रेस का प्रदर्शन, पूर्व विधायक ललित फर्सवाण ने भाजपा पर साधा निशाना
    user_मेरा हक न्यूज
    मेरा हक न्यूज
    Local News Reporter बागेश्वर, बागेश्वर, उत्तराखंड•
    23 hrs ago
  • एक पैर पर 400 मीटर स्कूल जाती थी 7 साल की रागिनी | Viral Video के बाद DM पहुंचे | Ballia News | UP News उत्तर प्रदेश के बलिया जिले की 7 साल की रागिनी की कहानी इस समय पूरे देश में चर्चा का विषय बनी हुई है। बचपन में एक हादसे में अपना एक पैर गंवाने के बावजूद रागिनी ने पढ़ाई का सपना नहीं छोड़ा। वह रोज़ करीब 400 मीटर दूर अपने स्कूल एक पैर के सहारे पहुंचती थी। उसके संघर्ष का वीडियो सोशल Media पर वायरल होने के बाद प्रशासन हरकत में आया और बलिया के जिलाधिकारी (DM) मंगला प्रसाद खुद रागिनी से मिलने उसके गांव पहुंचे। इस वीडियो में देखिए कैसे एक मासूम बच्ची के हौसले ने पूरे सिस्टम का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। रागिनी को ट्राइसाइकिल, कॉपियां, मिठाइयां और टॉफियां दी गईं। साथ ही प्रशासन ने उसके इलाज, पढ़ाई और घर से स्कूल तक सड़क बनवाने का भी आश्वासन दिया। रागिनी ने DM से मुलाकात के बाद कहा कि अब वह बड़ी होकर डॉक्टर बनना चाहती है। लेकिन इस कहानी के साथ एक बड़ा सवाल भी जुड़ा है—क्या जरूरतमंद लोगों तक मदद पहुंचाने के लिए हर बार सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होना जरूरी है? इस पूरे मामले की ग्राउंड रिपोर्ट और पूरी कहानी जानिए इस वीडियो में। वीडियो में क्या है? - बलिया की 7 साल की रागिनी की पूरी कहानी - कैसे बचपन में हादसे में गंवाया एक पैर - एक पैर के सहारे रोज़ स्कूल जाने का संघर्ष - वायरल वीडियो के बाद प्रशासन की कार्रवाई - DM मंगला प्रसाद की मुलाकात - ट्राइसाइकिल और इलाज का भरोसा - डॉक्टर बनने का रागिनी का सपना - सिस्टम पर उठते बड़े सवाल अगर आपको यह वीडियो पसंद आए तो इसे Like करें, अपने दोस्तों के साथ Share करें और देश-दुनिया की ऐसी ही बड़ी खबरों के लिए G Express को Subscribe करना न भूलें। #BalliaNews #Ragini #UPNews #ViralVideo #HindiNews #MotivationalStory #DMBallia #UttarPradesh #BreakingNews #GExpress
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    एक पैर पर 400 मीटर स्कूल जाती थी 7 साल की रागिनी | Viral Video के बाद DM पहुंचे | Ballia News | UP News
उत्तर प्रदेश के बलिया जिले की 7 साल की रागिनी की कहानी इस समय पूरे देश में चर्चा का विषय बनी हुई है। बचपन में एक हादसे में अपना एक पैर गंवाने के बावजूद रागिनी ने पढ़ाई का सपना नहीं छोड़ा। वह रोज़ करीब 400 मीटर दूर अपने स्कूल एक पैर के सहारे पहुंचती थी। उसके संघर्ष का वीडियो सोशल Media पर वायरल होने के बाद प्रशासन हरकत में आया और बलिया के जिलाधिकारी (DM) मंगला प्रसाद खुद रागिनी से मिलने उसके गांव पहुंचे।
इस वीडियो में देखिए कैसे एक मासूम बच्ची के हौसले ने पूरे सिस्टम का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। रागिनी को ट्राइसाइकिल, कॉपियां, मिठाइयां और टॉफियां दी गईं। साथ ही प्रशासन ने उसके इलाज, पढ़ाई और घर से स्कूल तक सड़क बनवाने का भी आश्वासन दिया। रागिनी ने DM से मुलाकात के बाद कहा कि अब वह बड़ी होकर डॉक्टर बनना चाहती है।
लेकिन इस कहानी के साथ एक बड़ा सवाल भी जुड़ा है—क्या जरूरतमंद लोगों तक मदद पहुंचाने के लिए हर बार सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होना जरूरी है? इस पूरे मामले की ग्राउंड रिपोर्ट और पूरी कहानी जानिए इस वीडियो में।
वीडियो में क्या है?
- बलिया की 7 साल की रागिनी की पूरी कहानी
- कैसे बचपन में हादसे में गंवाया एक पैर
- एक पैर के सहारे रोज़ स्कूल जाने का संघर्ष
- वायरल वीडियो के बाद प्रशासन की कार्रवाई
- DM मंगला प्रसाद की मुलाकात
- ट्राइसाइकिल और इलाज का भरोसा
- डॉक्टर बनने का रागिनी का सपना
- सिस्टम पर उठते बड़े सवाल
अगर आपको यह वीडियो पसंद आए तो इसे Like करें, अपने दोस्तों के साथ Share करें और देश-दुनिया की ऐसी ही बड़ी खबरों के लिए G Express को Subscribe करना न भूलें।
#BalliaNews #Ragini #UPNews #ViralVideo #HindiNews #MotivationalStory #DMBallia #UttarPradesh #BreakingNews #GExpress
    user_G EXPRESS
    G EXPRESS
    Local News Reporter दुगनाकुरी, बागेश्वर, उत्तराखंड•
    21 min ago
  • जंग लगे लोहे के तारों से बनी अस्थायी गरारी के सहारे नदी पार कर रहे ग्रामीण. नौ वर्षों से जंग लगे लोहे के तारों से बनी अस्थायी गरारी के सहारे रामगंगा नदी पार करने को मजबूर बागेश्वर और पिथौरागढ़ की सीमा पर बसे कई गांवों के लिए राहत भरी खबर है। वर्ष 2018 की आपदा में बहा झूला पुल अब तक नहीं बन पाया, भकोना, खेती, कालापैर कापड़ी समेत आसपास के कई गांवों के ग्रामीण पिछले नौ वर्षों से जंग लगे लोहे के तारों से बनी अस्थायी गरारी के सहारे जान जोखिम में डालकर रामगंगा नदी पार करने को मजबूर हैं। इसी रास्ते से बच्चे स्कूल और ग्रामीण रोजमर्रा की जरूरतों के लिए आवागमन करते हैं। पूर्व विधायक ललित फर्शवाण ने बताया की 2018में बहे झूला आज ताकि नहीं बनने से भकोना, खेती, कालापैर कापड़ी समेत आसपास के कई गांवों के ग्रामीण पिछले सात वर्षों से जंग लगे लोहे के तारों से बनी अस्थायी गरारी के सहारे जान जोखिम में डालकर रामगंगा नदी पार करने को मजबूर हैं। उन्होंने जल्द पुल बनाने की मांग की है, जिससे वर्षों से झेल रहे हजारों ग्रामीणों को सुरक्षित और स्थायी आवागमन की सुविधा मिल सके..
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    जंग लगे लोहे के तारों से बनी अस्थायी गरारी के सहारे नदी पार कर रहे ग्रामीण.
नौ वर्षों से जंग लगे लोहे के तारों से बनी अस्थायी गरारी के सहारे रामगंगा नदी पार करने को मजबूर 
बागेश्वर और पिथौरागढ़ की सीमा पर बसे कई गांवों के लिए राहत भरी खबर है। वर्ष 2018 की आपदा में बहा झूला पुल अब तक नहीं बन पाया, भकोना, खेती, कालापैर कापड़ी समेत आसपास के कई गांवों के ग्रामीण पिछले नौ वर्षों से जंग लगे लोहे के तारों से बनी अस्थायी गरारी के सहारे जान जोखिम में डालकर रामगंगा नदी पार करने को मजबूर हैं। इसी रास्ते से बच्चे स्कूल और ग्रामीण रोजमर्रा की जरूरतों के लिए आवागमन करते हैं। 
पूर्व विधायक ललित फर्शवाण ने बताया की 2018में बहे झूला आज ताकि नहीं बनने से भकोना, खेती, कालापैर कापड़ी समेत आसपास के कई गांवों के ग्रामीण पिछले सात वर्षों से जंग लगे लोहे के तारों से बनी अस्थायी गरारी के सहारे जान जोखिम में डालकर रामगंगा नदी पार करने को मजबूर हैं। उन्होंने जल्द पुल बनाने की मांग की है, जिससे वर्षों से झेल रहे हजारों ग्रामीणों को सुरक्षित और स्थायी आवागमन की सुविधा मिल सके..
    user_Jc pandey
    Jc pandey
    गरुड़, बागेश्वर, उत्तराखंड•
    20 hrs ago
  • Kasganj ke Kshetra dola gaon kaun aane Rajaram Inka kahana hai Raj Ram Gambhir Hai Bidi peene se iski jaldi se jaldi sunvaee ki jaaye
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    Kasganj ke Kshetra dola gaon kaun aane Rajaram Inka kahana hai
Raj Ram Gambhir Hai Bidi peene se iski jaldi se jaldi sunvaee ki jaaye
    user_Ashok Kumar
    Ashok Kumar
    भीकियासैंण, अल्मोड़ा, उत्तराखंड•
    4 hrs ago
  • सिर्फ मांग उठाने से नहीं, मांग को मंज़िल तक पहुंचाने से बदलाव आएगा! साथियों, ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में AIIMS की स्थापना की आवाज़ जनसेवक युवा पवन नेगी ने उठाई है। अब यह आवाज़ कागज़ों और नारों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, इसे जमीनी हकीकत बनाना है। इसके लिए गैरसैंण की आवाज़ को कर्णप्रयाग विधानसभा क्षेत्र से जनसेवक युवा पवन नेगी को विधायक बनाकर विधानसभा तक पहुंचाना होगा। एक मुद्दा, एक आवाज़, एक संकल्प। AIIMS गैरसैंण में चाहिए, तो पवन नेगी को मजबूत करना होगा। कर्णप्रयाग विधानसभा क्षेत्र से बदलाव की शुरुआत करें। पवन नेगी के साथ खड़े हों। #AIIMSगैरसैंण #पवननेगी #कर्णप्रयाग #गैरसैंण #जनसेवक #viralpost #postoftheday #GenZ
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    सिर्फ मांग उठाने से नहीं, मांग को मंज़िल तक पहुंचाने से बदलाव आएगा!

साथियों, ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में AIIMS की स्थापना की आवाज़ जनसेवक युवा पवन नेगी ने उठाई है। अब यह आवाज़ कागज़ों और नारों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, इसे जमीनी हकीकत बनाना है।

इसके लिए गैरसैंण की आवाज़ को कर्णप्रयाग विधानसभा क्षेत्र से जनसेवक युवा पवन नेगी को विधायक बनाकर विधानसभा तक पहुंचाना होगा।

एक मुद्दा, एक आवाज़, एक संकल्प। AIIMS गैरसैंण में चाहिए, तो पवन नेगी को मजबूत करना होगा।

कर्णप्रयाग विधानसभा क्षेत्र से बदलाव की शुरुआत करें। पवन नेगी के साथ खड़े हों।

#AIIMSगैरसैंण #पवननेगी #कर्णप्रयाग #गैरसैंण #जनसेवक #viralpost #postoftheday #GenZ
    user_पवन नेगी
    पवन नेगी
    Social worker गैरसैंण, चमोली, उत्तराखंड•
    59 min ago
  • बारिश के बाद नैनी झील में पहुंचे प्लास्टिक कचरे की एक्वाटिक एंड एडवेंचर स्पोर्ट्स एसोसिएशन ने की सफाई नैनीताल, 2 सितंबर। बीते दिन हुई तेज बारिश के कारण शहर के विभिन्न नालों एवं जलधाराओं के माध्यम से बड़ी मात्रा में प्लास्टिक की बोतलें और अन्य ठोस कचरा नैनी झील में पहुंच गया। झील के पर्यावरण एवं स्वच्छता को लेकर संवेदनशीलता दिखाते हुए नैनिताल एक्वाटिक एंड एडवेंचर स्पोर्ट्स एसोसिएशन (नासा) के सदस्यों एवं स्वयंसेवकों ने बुधवार को विशेष झील सफाई अभियान चलाया। अभियान के दौरान स्वयंसेवकों ने झील से बड़ी संख्या में प्लास्टिक की बोतलें, पॉलीथिन तथा अन्य तैरता हुआ कचरा बाहर निकाला। स्वयंसेवकों ने झील के विभिन्न हिस्सों में जाकर कचरा एकत्र किया और उसे सुरक्षित रूप से निस्तारण के लिए अलग किया। अभियान का उद्देश्य बारिश के साथ झील में पहुंचने वाले प्लास्टिक कचरे को तत्काल हटाने के साथ-साथ नैनी झील के संरक्षण के प्रति नागरिकों को जागरूक करना भी रहा। सफाई अभियान में प्रो. रीतेश साह, प्रो. संजय घिल्डियाल, यशपाल सिंह रावत, सिद्धि, धीरज बिष्ट, विक्रम, आशीष मेहता सहित एसोसिएशन के अन्य सदस्यों एवं स्वयंसेवकों ने सक्रिय भागीदारी की। सदस्यों ने कहा कि नैनी झील केवल नैनीताल की पहचान ही नहीं, बल्कि क्षेत्र के पर्यावरणीय संतुलन का महत्वपूर्ण आधार है। वर्षा के दौरान शहर से झील में पहुंचने वाले प्लास्टिक एवं अन्य कचरे को रोकने के लिए निरंतर जनभागीदारी और नियमित सफाई अभियान आवश्यक हैं। एसोसिएशन ने नागरिकों और पर्यटकों से अपील की कि वे प्लास्टिक की बोतलें, पॉलीथिन और अन्य कचरा झील अथवा उसके आसपास न फेंकें तथा नैनी झील को स्वच्छ एवं प्रदूषणमुक्त बनाए रखने में सहयोग करें।
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    बारिश के बाद नैनी झील में पहुंचे प्लास्टिक कचरे की  एक्वाटिक एंड एडवेंचर स्पोर्ट्स एसोसिएशन ने की सफाई

नैनीताल, 2 सितंबर। बीते दिन हुई तेज बारिश के कारण शहर के विभिन्न नालों एवं जलधाराओं के माध्यम से बड़ी मात्रा में प्लास्टिक की बोतलें और अन्य ठोस कचरा नैनी झील में पहुंच गया। झील के पर्यावरण एवं स्वच्छता को लेकर संवेदनशीलता दिखाते हुए नैनिताल एक्वाटिक एंड एडवेंचर स्पोर्ट्स एसोसिएशन (नासा) के सदस्यों एवं स्वयंसेवकों ने बुधवार को विशेष झील सफाई अभियान चलाया।
अभियान के दौरान स्वयंसेवकों ने झील से बड़ी संख्या में प्लास्टिक की बोतलें, पॉलीथिन तथा अन्य तैरता हुआ कचरा बाहर निकाला। स्वयंसेवकों ने झील के विभिन्न हिस्सों में जाकर कचरा एकत्र किया और उसे सुरक्षित रूप से निस्तारण के लिए अलग किया। अभियान का उद्देश्य बारिश के साथ झील में पहुंचने वाले प्लास्टिक कचरे को तत्काल हटाने के साथ-साथ नैनी झील के संरक्षण के प्रति नागरिकों को जागरूक करना भी रहा।
सफाई अभियान में प्रो. रीतेश साह, प्रो. संजय घिल्डियाल, यशपाल सिंह रावत, सिद्धि, धीरज बिष्ट, विक्रम, आशीष मेहता सहित एसोसिएशन के अन्य सदस्यों एवं स्वयंसेवकों ने सक्रिय भागीदारी की। सदस्यों ने कहा कि नैनी झील केवल नैनीताल की पहचान ही नहीं, बल्कि क्षेत्र के पर्यावरणीय संतुलन का महत्वपूर्ण आधार है। वर्षा के दौरान शहर से झील में पहुंचने वाले प्लास्टिक एवं अन्य कचरे को रोकने के लिए निरंतर जनभागीदारी और नियमित सफाई अभियान आवश्यक हैं।
एसोसिएशन ने नागरिकों और पर्यटकों से अपील की कि वे प्लास्टिक की बोतलें, पॉलीथिन और अन्य कचरा झील अथवा उसके आसपास न फेंकें तथा नैनी झील को स्वच्छ एवं प्रदूषणमुक्त बनाए रखने में सहयोग करें।
    user_NTL
    NTL
    Nainital, Uttarakhand•
    17 hrs ago
  • नोएडा स्लीपर बस कांड: 16 साल की छात्रा के साथ गैंगरेप का आरोप | 47 KM तक नहीं रुकी बस | G Express दिल्ली-NCR से सामने आए इस नोएडा स्लीपर बस कांड ने महिलाओं की सुरक्षा और पुलिस चेकिंग व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस वीडियो में हम पूरे मामले की टाइमलाइन, पुलिस कार्रवाई और अब तक सामने आई सभी अहम जानकारियों को विस्तार से बता रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के मैनपुरी की रहने वाली 11वीं की 16 साल की छात्रा नोएडा में अपने रिश्तेदार के घर जाने के लिए निकली थी। देर रात परी चौक पर एक खाली स्लीपर बस में मदद के बहाने बैठाने का आरोप है। इसके बाद छात्रा ने बस के अंदर गैंगरेप का आरोप लगाया। बाद में वह कश्मीरी गेट पहुंचकर पुलिस के पास गई, जिसके बाद बस नंबर के आधार पर ड्राइवर और कंडक्टर को गिरफ्तार किया गया। G Express पर आपको देश और उत्तर प्रदेश की बड़ी खबरें, निष्पक्ष विश्लेषण और हर महत्वपूर्ण अपडेट सबसे पहले देखने को मिलते हैं। वीडियो पसंद आए तो Like, Share, Comment करें और G Express को Subscribe करना न भूलें। नोट: यह वीडियो अब तक सामने आई पुलिस और मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर तैयार किया गया है। जांच जारी है। नोएडा स्लीपर बस कांड, Noida Sleeper Bus Case, Delhi NCR Crime, परी चौक, कश्मीरी गेट, 16 साल की छात्रा, गैंगरेप केस, ड्राइवर गिरफ्तार, कंडक्टर गिरफ्तार, पुलिस जांच, Uttar Pradesh News, Delhi News, Crime News Hindi, Breaking News Hindi, G Express, Noida Crime News, Women Safety
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    नोएडा स्लीपर बस कांड: 16 साल की छात्रा के साथ गैंगरेप का आरोप | 47 KM तक नहीं रुकी बस | G Express
दिल्ली-NCR से सामने आए इस नोएडा स्लीपर बस कांड ने महिलाओं की सुरक्षा और पुलिस चेकिंग व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस वीडियो में हम पूरे मामले की टाइमलाइन, पुलिस कार्रवाई और अब तक सामने आई सभी अहम जानकारियों को विस्तार से बता रहे हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के मैनपुरी की रहने वाली 11वीं की 16 साल की छात्रा नोएडा में अपने रिश्तेदार के घर जाने के लिए निकली थी। देर रात परी चौक पर एक खाली स्लीपर बस में मदद के बहाने बैठाने का आरोप है। इसके बाद छात्रा ने बस के अंदर गैंगरेप का आरोप लगाया। बाद में वह कश्मीरी गेट पहुंचकर पुलिस के पास गई, जिसके बाद बस नंबर के आधार पर ड्राइवर और कंडक्टर को गिरफ्तार किया गया।
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नोट: यह वीडियो अब तक सामने आई पुलिस और मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर तैयार किया गया है। जांच जारी है।
नोएडा स्लीपर बस कांड, Noida Sleeper Bus Case, Delhi NCR Crime, परी चौक, कश्मीरी गेट, 16 साल की छात्रा, गैंगरेप केस, ड्राइवर गिरफ्तार, कंडक्टर गिरफ्तार, पुलिस जांच, Uttar Pradesh News, Delhi News, Crime News Hindi, Breaking News Hindi, G Express, Noida Crime News, Women Safety
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    G EXPRESS
    Local News Reporter दुगनाकुरी, बागेश्वर, उत्तराखंड•
    16 hrs ago
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