100 बिस्तरीय अस्पताल के प्रसूति वार्ड में पानी की समस्या शौचालय में गंदगी और दुर्गंध से मरीज परेशान, विधायक के निरीक्षण के बाद भी व्यवस्था पर सवाल सीतापुर। नगर के 100 बिस्तरीय अस्पताल के प्रसूति वार्ड में शौचालय में पानी की समस्या को लेकर भर्ती मरीजों और उनके परिजनों ने परेशानी जताई है। मरीजों का कहना है कि शौचालय में पर्याप्त पानी नहीं होने के कारण उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पानी की कमी के चलते शौचालय में गंदगी और दुर्गंध की स्थिति भी बनी हुई है। प्रसूति वार्ड में भर्ती मरीजों ने बताया कि अस्पताल आने के बाद से ही उन्हें शौचालय में पानी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि समस्या की जानकारी अस्पताल के डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ को भी है, बावजूद इसके उन्हें परेशानी उठानी पड़ रही है। मरीजों के अनुसार करीब एक सप्ताह पहले क्षेत्रीय विधायक भी अस्पताल का निरीक्षण कर स्थिति देख चुके हैं। बीएमओ ने बताया—एक-दो दिन से आई समस्या इस संबंध में बीएमओ डॉ. एसएन पैंकरा ने मरीजों द्वारा पखवाड़ेभर से पानी नहीं आने की बात को सही नहीं बताया। उन्होंने कहा कि प्रसूति वार्ड में सफाई व्यवस्था तथा बेड आदि की देखरेख नर्सिंग स्टाफ की जिम्मेदारी है। बीएमओ के अनुसार अस्पताल में ठेकेदार द्वारा कुछ कार्य कराया जा रहा है, जिसके दौरान ऊपर की पानी की टंकी में लीकेज हो गया है। इसी वजह से पानी की आपूर्ति प्रभावित हुई है और यह समस्या पिछले एक-दो दिन से सामने आई है। उन्होंने संबंधित कर्मचारियों को तत्काल व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं। मरीजों का कहना है कि अस्पताल जैसे महत्वपूर्ण स्वास्थ्य केंद्र में प्रसूति वार्ड के शौचालय में पानी और स्वच्छता की पर्याप्त व्यवस्था होना जरूरी है। वहीं अस्पताल प्रबंधन ने समस्या को जल्द दूर करने की बात कही है। अब देखना होगा कि संबंधित कर्मचारियों के निर्देश के बाद व्यवस्था कितनी जल्दी सामान्य होती है। सीतापुर से सुनील गुप्ता की रिपोर्ट
100 बिस्तरीय अस्पताल के प्रसूति वार्ड में पानी की समस्या शौचालय में गंदगी और दुर्गंध से मरीज परेशान, विधायक के निरीक्षण के बाद भी व्यवस्था पर सवाल सीतापुर। नगर के 100 बिस्तरीय अस्पताल के प्रसूति वार्ड में शौचालय में पानी की समस्या को लेकर भर्ती मरीजों और उनके परिजनों ने परेशानी जताई है। मरीजों का कहना है कि शौचालय में पर्याप्त पानी नहीं होने के कारण उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पानी की कमी के चलते शौचालय में गंदगी और दुर्गंध की स्थिति भी बनी हुई है। प्रसूति वार्ड में भर्ती मरीजों ने बताया कि अस्पताल आने के बाद से ही उन्हें शौचालय में
पानी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि समस्या की जानकारी अस्पताल के डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ को भी है, बावजूद इसके उन्हें परेशानी उठानी पड़ रही है। मरीजों के अनुसार करीब एक सप्ताह पहले क्षेत्रीय विधायक भी अस्पताल का निरीक्षण कर स्थिति देख चुके हैं। बीएमओ ने बताया—एक-दो दिन से आई समस्या इस संबंध में बीएमओ डॉ. एसएन पैंकरा ने मरीजों द्वारा पखवाड़ेभर से पानी नहीं आने की बात को सही नहीं बताया। उन्होंने कहा कि प्रसूति वार्ड में सफाई व्यवस्था तथा बेड आदि की देखरेख नर्सिंग स्टाफ की जिम्मेदारी है। बीएमओ के अनुसार अस्पताल में ठेकेदार द्वारा कुछ कार्य कराया जा
रहा है, जिसके दौरान ऊपर की पानी की टंकी में लीकेज हो गया है। इसी वजह से पानी की आपूर्ति प्रभावित हुई है और यह समस्या पिछले एक-दो दिन से सामने आई है। उन्होंने संबंधित कर्मचारियों को तत्काल व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं। मरीजों का कहना है कि अस्पताल जैसे महत्वपूर्ण स्वास्थ्य केंद्र में प्रसूति वार्ड के शौचालय में पानी और स्वच्छता की पर्याप्त व्यवस्था होना जरूरी है। वहीं अस्पताल प्रबंधन ने समस्या को जल्द दूर करने की बात कही है। अब देखना होगा कि संबंधित कर्मचारियों के निर्देश के बाद व्यवस्था कितनी जल्दी सामान्य होती है। सीतापुर से सुनील गुप्ता की रिपोर्ट
- 100 बिस्तरीय अस्पताल के प्रसूति वार्ड में पानी की समस्या शौचालय में गंदगी और दुर्गंध से मरीज परेशान, विधायक के निरीक्षण के बाद भी व्यवस्था पर सवाल सीतापुर। नगर के 100 बिस्तरीय अस्पताल के प्रसूति वार्ड में शौचालय में पानी की समस्या को लेकर भर्ती मरीजों और उनके परिजनों ने परेशानी जताई है। मरीजों का कहना है कि शौचालय में पर्याप्त पानी नहीं होने के कारण उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पानी की कमी के चलते शौचालय में गंदगी और दुर्गंध की स्थिति भी बनी हुई है। प्रसूति वार्ड में भर्ती मरीजों ने बताया कि अस्पताल आने के बाद से ही उन्हें शौचालय में पानी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि समस्या की जानकारी अस्पताल के डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ को भी है, बावजूद इसके उन्हें परेशानी उठानी पड़ रही है। मरीजों के अनुसार करीब एक सप्ताह पहले क्षेत्रीय विधायक भी अस्पताल का निरीक्षण कर स्थिति देख चुके हैं। बीएमओ ने बताया—एक-दो दिन से आई समस्या इस संबंध में बीएमओ डॉ. एसएन पैंकरा ने मरीजों द्वारा पखवाड़ेभर से पानी नहीं आने की बात को सही नहीं बताया। उन्होंने कहा कि प्रसूति वार्ड में सफाई व्यवस्था तथा बेड आदि की देखरेख नर्सिंग स्टाफ की जिम्मेदारी है। बीएमओ के अनुसार अस्पताल में ठेकेदार द्वारा कुछ कार्य कराया जा रहा है, जिसके दौरान ऊपर की पानी की टंकी में लीकेज हो गया है। इसी वजह से पानी की आपूर्ति प्रभावित हुई है और यह समस्या पिछले एक-दो दिन से सामने आई है। उन्होंने संबंधित कर्मचारियों को तत्काल व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं। मरीजों का कहना है कि अस्पताल जैसे महत्वपूर्ण स्वास्थ्य केंद्र में प्रसूति वार्ड के शौचालय में पानी और स्वच्छता की पर्याप्त व्यवस्था होना जरूरी है। वहीं अस्पताल प्रबंधन ने समस्या को जल्द दूर करने की बात कही है। अब देखना होगा कि संबंधित कर्मचारियों के निर्देश के बाद व्यवस्था कितनी जल्दी सामान्य होती है। सीतापुर से सुनील गुप्ता की रिपोर्ट3
- रायपुर में गूंजा आरक्षण बचाओ रैली हजारों कि संख्या में सड़कों पर उतरे दिनांक 20सितंबर 2026 को छत्तीस गढ़ के राजधानी रायपुर में Zen z यूवाओ ने एसटी एससी ओबीसी का आरक्षण बचाने के लिए सड़को पर उतरे।1
- राज्य के वित्तीय अधिकारों और जल-जंगल-जमीन की रक्षा के लिए जेएमएम का ज्ञापन, एमएमडीआर संशोधन बिल वापस लेने की मांग चैनपुर (गुमला):झारखंड मुक्ति मोर्चा चैनपुर प्रखंड समिति के तत्वावधान में आज केंद्र सरकार द्वारा लाए गए खान एवं खनिज संशोधन अधिनियम, 2026 के विरोध में प्रखंड परिसर में प्रदर्शन किया गया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति महोदया के नाम प्रखंड विकास पदाधिकारी सह अंचलाधिकारी दिनेश गुप्ता को ज्ञापन सौंपा।ज्ञापन सौंपने के बाद पत्र को पढ़कर सुनाते हुए प्रखंड अध्यक्ष पोलिकार्प खलखो ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा एम एम डी आर एक्ट में जोड़ी गई धारा 9डी के माध्यम से राज्यों के संवैधानिक और खनिज अधिकारों पर अंकुश लगाने का प्रयास किया जा रहा है। इससे झारखंड जैसे खनिज समृद्ध राज्य की वित्तीय स्वायत्तता और संघीय व्यवस्था पर सीधा असर पड़ेगा। सकील खान ने कहा कि उन्होंने जोर देकर कहा, "झारखंड को केवल संसाधन उपलब्ध कराने वाला राज्य बनाकर नहीं रखा जा सकता। यहाँ के खनिजों से सबसे पहले स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलना चाहिए, विस्थापितों का अधिकार सुरक्षित होना चाहिए और पर्यावरण की रक्षा होनी चाहिए।"प्रखंड अध्यक्ष पोलिकार्प खलखो, जिला संयुक्त सचिव शकील खान, महिला मोर्चा की क्लिस्ता बरवा, सरवन यादव, उस्मान खान, बिशप कुजूर, रोकी बड़ा, मो. अख्तर खान सहित कई अन्य कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी उपस्थित थे। सभी ने संयुक्त रूप से ज्ञापन पर हस्ताक्षर कर राष्ट्रपति के नाम बीडीओ को सौंपा। कार्यक्रम का संचालन और समन्वय जिला संयुक्त सचिव शकील खान द्वारा किया गया। ज्ञापन के माध्यम से प्रमुख मांगें सर्वोच्च न्यायालय की नौ सदस्यीय संविधान पीठ के निर्णय के अनुसार राज्यों के खनन कराधान अधिकारों को अक्षुण्ण रखा जाए।झारखंड के लगभग ₹1.36 लाख करोड़ के लंबित खनन बकाये का शीघ्र भुगतान कराया जाए।राज्यों के संवैधानिक एवं वित्तीय अधिकारों को प्रभावित करने वाली धारा 9D की समीक्षा की जाए।खनन प्रभावित आदिवासी-मूलवासी समाज, विस्थापितों और पर्यावरण सुरक्षा को खनिज नीति के केंद्र में रखा जाए प्रमुख मांगे है।4
- सांपों का शिकारी अहिराज किरोड़ीमल नगर में मिला नर-मादा का जोड़ा,स्नेक कैचर धर्मेंद्र राजपूत ने किया सुरक्षित रेस्क्यू।1
- जंगल में अवैध साल लकड़ी की तस्करी का भंडाफोड़, महिंद्रा वाहन जब्त पलगी के जंगल में अवैध साल लकड़ी की तस्करी का भंडाफोड़, महिंद्रा वीरो वाहन जब्त बलरामपुर। वन विभाग ने अवैध लकड़ी तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पलगी (त्रिकुण्डा) के जंगल से अवैध रूप से साल की लकड़ी का परिवहन करते एक महिंद्रा वाहन को जब्त किया है। वाहन से साल प्रजाति के 5 लट्ठे बरामद किए गए, जिनकी कुल मात्रा 2.299 घन मीटर और अनुमानित कीमत 1,71,448 रुपये बताई गई है। यह कार्रवाई 20 सितंबर 2026 को वनमंडलाधिकारी बलरामपुर आलोक कुमार बाजपेयी के निर्देशन, उपवनमंडलाधिकारी बलरामपुर अनिल कुमार सिंह पैकरा के मार्गदर्शन तथा वनपरिक्षेत्राधिकारी रामानुजगंज डॉ. दिलरुबा ए. बानो के नेतृत्व में की गई। खीरा लोड करने के बहाने जंगल में बुलाया वाहन वन विभाग के अनुसार, आरोपी ने वाहन चालक को यह कहकर जंगल में बुलाया था कि वाहन में खीरा लोड करना है। इसके बाद वाहन को सर्किल बगरा के बीट पलगी स्थित कक्ष क्रमांक 794 के घने जंगल में ले जाया गया। वहां खीरे की जगह अवैध रूप से काटी गई साल की इमारती लकड़ी वाहन में लोड की जा रही थी। इसी दौरान एक मुखबिर ने वाहन में अवैध लकड़ी लोड किए जाने की सूचना वन विभाग को दी। सूचना मिलते ही वनपरिक्षेत्राधिकारी के नेतृत्व में वन विभाग की टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की। आरोपी मौके से फरार, वाहन जब्त वन विभाग की टीम को देखकर आरोपी मौके से फरार हो गया। हालांकि टीम ने जंगल के भीतर ही अवैध परिवहन में इस्तेमाल किए जा रहे महिंद्रा वीरो वाहन क्रमांक UP64 CT/3581 को जब्त कर लिया। वाहन में लोड साल प्रजाति के 5 नग लट्ठे भी विधिवत जब्त किए गए। मामले में वन अपराध प्रकरण क्रमांक 20954/16, दिनांक 20 सितंबर 2026 दर्ज किया गया है। वन विभाग के मुताबिक जब्त लकड़ी की कीमत 1 लाख 71 हजार 448 रुपये है। विभिन्न वन कानूनों के तहत कार्रवाई वन विभाग ने मामले में भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 33(1)(क), छत्तीसगढ़ वन उपज एवं व्यापार (विनियमन) अधिनियम 1969 की धारा 5(1) तथा छत्तीसगढ़ वनोपज अभिवहन नियम 2001 के नियम 22(1) के तहत कार्रवाई की है। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि क्षेत्र में जंगलों की सुरक्षा और अवैध कटाई एवं लकड़ी तस्करी पर रोक लगाने के लिए निगरानी और सख्त की गई है। अवैध गतिविधियों की सूचना मिलने पर आगे भी इसी तरह त्वरित कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई में ये अधिकारी-कर्मचारी रहे शामिल जप्ती और कार्रवाई के दौरान उपवनक्षेत्रपाल मतिन अहमद अंसारी, वनपाल दयाशंकर सिंह, वनपाल विजय वर्मन, वनरक्षक कृष्ण कुमार पैकरा, वनरक्षक नरेश कुमार, वनरक्षक राजनाथ सिंह, वनरक्षक अनेश्वर राजवाडे एवं अनुराग तिवारी मौके पर मौजूद रहे और नियमानुसार कार्रवाई की।4
- कोरबा : कटघोरा में आस्था के साथ सुरक्षा भी जरूरी, SDOP विजय सिंह राजपूत का साइबर जागरूकता अभियान, साइबर ठगी से बचने श्रद्धालुओं को किया जागरूक1
- कोरबा पुलिस की निर्धारित सीमा से अधिक आवाज में डी.जे . बजा रहे डीजे संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई पुलिस अधीक्षक श्री सिद्धार्थ तिवारी के मार्गदर्शन में - निर्धारित सीमा से अधिक तेज आवाज में डीजे बजाने पर थाना दीपक & बाकीमोंगरा में डीजे संचालकों के विरुद्ध कार्रवाई, वाहन सहित डीजे साउंड सिस्टम जब्त कोरबा पुलिस द्वारा ध्वनि प्रदूषण एवं तेज आवाज में डीजे बजाने वालों के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है। माननीय न्यायालयों के निर्देशों, एनजीटी की गाइडलाइन तथा कोलाहल अधिनियम के प्रावधानों के तहत निर्धारित ध्वनि सीमा का उल्लंघन करने वाले डीजे संचालकों पर पुलिस द्वारा सख्ती बरती जा रही है। इसी क्रम में— ➡️ थाना दीपका क्षेत्र में 02 डीजे संचालकों 1.नवरतन कुमार (निवासी-कसई पाली) & 2. रवि कुमार (निवासी-धुरेना) द्वारा निर्धारित ध्वनि सीमा से अधिक तेज आवाज में डीजे/ध्वनि विस्तारक यंत्र बजाते पाए जाने पर कार्रवाई की गई। ➡️ थाना बाकी मोंगरा क्षेत्र में 01 डीजे संचालक भूवन पाल ( निवासी कुरैना) के विरुद्ध निर्धारित ध्वनि सीमा से अधिक आवाज में डीजे बजाने पर कार्रवाई की गई। ➡️ कार्रवाई के दौरान डीजे के साउंड सिस्टम/ध्वनि विस्तारक यंत्रों को जब्त किया गया है। ➡️ संबंधित डीजे संचालकों के विरुद्ध कोलाहल अधिनियम के तहत वैधानिक कार्रवाई करते हुए जब्त डीजे उपकरणों को माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है। कोरबा पुलिस की स्पष्ट अपील कोरबा पुलिस द्वारा सभी डीजे संचालकों एवं आयोजन समितियों को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया गया है कि निर्धारित ध्वनि सीमा एवं माननीय न्यायालय/एनजीटी के निर्देशों का अनिवार्य रूप से पालन करें। नियमों का उल्लंघन कर तेज आवाज में डीजे बजाने पर डीजे उपकरण जब्त कर नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। कोरबा पुलिस — कानून व्यवस्था एवं आमजन की शांति बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध।1
- नारायणपुर पुल के नीचे नदी में गोवंश के काटे सिर मिलने से हड़कंप1