Shuru
Apke Nagar Ki App…
अयोध्या में राम मंदिर से जुड़े दान चोरी के कथित मामले को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता तेज नारायण पाण्डेय ने एक बयान दिया है।
Patrkar Anoop kumar
अयोध्या में राम मंदिर से जुड़े दान चोरी के कथित मामले को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता तेज नारायण पाण्डेय ने एक बयान दिया है।
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- अयोध्या धाम आने वाले श्रद्धालुओं को वाहन स्टैंड के नाम पर जमकर शोषित किया जा रहा है। किसान नेता दिनेश कुमार दूबे ने यह गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि श्रद्धालुओं से मनमाना शुल्क वसूला जा रहा है, लेकिन इसके बदले उन्हें कोई रसीद भी नहीं दी जाती है। दूबे ने इन हरकतों को श्रद्धालुओं के साथ 'भारी शोषण' और 'लूटना' करार दिया है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि इस समस्या में हस्तक्षेप कर श्रद्धालुओं को इस शोषण से मुक्ति दिलाई जाए।1
- डॉ. दिनेश तिवारी की जानकारी अनुसार, अयोध्या में 14 जून 2026 को सुबह 06:15 बजे से 07:35 बजे तक एक विशेष योगाभ्यास सत्र का आयोजन किया जा रहा है। इस सत्र का मुख्य लक्ष्य गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराना है। इसमें सभी योग अभ्यासकों, कर्मचारियों, शिक्षण संस्थानों और आम जनता को भाग लेने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। प्रतिभागियों के लिए पंजीकरण अनिवार्य है, जिसके लिए टोल-फ्री नंबर *1800-315-7008* पर मिस्ड कॉल करनी होगी। सफल पंजीकरण के बाद, प्रतिभागियों को सत्र में शामिल होने का लिंक उनके व्हाट्सएप पर प्राप्त होगा। गणना डिवाइस के आधार पर की जाएगी, इसलिए प्रत्येक प्रतिभागी को अपने व्यक्तिगत मोबाइल या डिवाइस से लॉग-इन करना होगा। यह ऐतिहासिक क्षण का हिस्सा बनने और योग की शक्ति का उत्सव मनाने का एक अवसर है, जिसके लिए एक राष्ट्र के रूप में एकजुट होने का आह्वान किया गया है।1
- अयोध्या जनपद की ग्राम सभा सालिपुर, तहसील बीकापुर के ग्रामीणों ने अपने कोटेदार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कोटेदार अंगूठा लगवाकर भी उन्हें राशन नहीं दे रहा है, जिसके कारण उन्हें पिछले दो-तीन महीनों से राशन नहीं मिला है। इस समस्या को लेकर ग्रामीणों ने पहले तहसील बीकापुर में दरख्वास्त दी थी, लेकिन उनकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद, उन्होंने विकास भवन में भी आवेदन दिया है और मांग की है कि संबंधित कोटेदार का कोटा तत्काल निरस्त किया जाए।1
- अयोध्या जिले की नगर पंचायत बीकापुर के वार्ड नंबर 8, रामपुर परेई में धेनुवावा मार्ग से लुफ्ताबाद बछौली तक जाने वाली सड़क पर, गाटा नंबर 87 स्थित बुद्धिराम यादव के घर के पास बने एक जानलेवा गड्ढे को ठीक कराने में तहसील प्रशासन विफल दिख रहा है। आरोप है कि यह विफलता गाँव के ही एक दबंग कब्जेदार परिवार के दबाव के कारण है, जिसका संबंध गाटा नंबर 85 से है। गाँव में ही गाटा नंबर 85, 86, 75 (नवीन परती), 69 (परपेश्वर यादव आदि), 74क, और 74ख सहित कई स्थानों पर इस दबंग कब्जेदार परिवार ने अपनी निर्धारित रकबे से अधिक जमीन पर अवैध कब्जा जमाया हुआ है। यह परिवार नायब तहसीलदार को खुलेआम धमकी दे रहा है कि यदि सड़क बनी तो उन्हें नौकरी नहीं करने दी जाएगी, जिसके आगे प्रशासन को अपंग बताया जा रहा है। नगर पंचायत के कर्मियों और गाँव में चर्चा है कि तहसील प्रशासन कब्जेदार पर मेहरबान है और नगर पंचायत भी इस मामले में सहयोग नहीं कर रही है। नगर पंचायत के वर्ष 2023-24 के पत्रों में दबंग कब्जेदार द्वारा कब्जायी गई भूमियों की निशानदेही एसडीएम बीकापुर द्वारा आज तक न कराए जाने से कब्जेदार धनेसर यादव का हौसला बढ़ा है। गाटा नंबर 85/0.0256 हेक्टेयर रकबे से अधिक 339 पर किए गए कब्जे को बचाने के उद्देश्य से, इस परिवार ने गाटा नंबर 85/0.256 पर दीवानी न्यायालय से स्थगन आदेश प्राप्त किया है और इसी की आड़ में जानलेवा गड्ढे वाली गाटा नंबर 87/0.017 पर बनी चलायमान सड़क की नाप और पटाई का दबंगई से विरोध कर रहे हैं। गाटा नंबर 87/0.017 की नाप करने गए हल्का लेखपाल और ग्रामीणों की दबंग कब्जेदार द्वारा पिटाई किए जाने का मामला कोतवाली बीकापुर में दर्ज हुआ था, जिसके आरोपपत्र न्यायालय जाने के बाद भी इन दबंगों का हौसला कम नहीं हुआ। 18 मई 2026 को तहसीलदार बीकापुर की मौजूदगी में संयुक्त टीम की जाँच रिपोर्ट में भी सड़क और गड्ढे का गाटा नंबर 87 में पाया जाना दर्ज है। इसके बावजूद, दबंग धनेसर परिवार द्वारा नगर पंचायत को गड्ढा सही कराने से दबंगई से रोकने और नायब तहसीलदार को खुलेआम नौकरी न करने की धमकी देने का सिलसिला जारी है, जिससे एसडीएम बीकापुर का दबंग कब्जेदार को अपेक्षित सहयोग मिलता दिख रहा है। खबर है कि दबंग कब्जेदार के दबाव में नायब तहसीलदार द्वारा गाटा नंबर 87 के उत्तर में स्थित गाटा नंबर 66/0.0556 हेक्टेयर की भूमि में बोई धान की बेरन को जबरन जोतवाया गया है, जिससे प्रभावित चकदार ने जिलाधिकारी से न्याय की गुहार लगाई है। ग्रामीणों ने कहा है कि वे 20 जून के तहसील दिवस में अयोध्या के जिलाधिकारी को तहसील प्रशासन के इन कारनामों से अवगत कराएंगे।1
- अयोध्या में एक प्रेस वार्ता के दौरान कृषि मंत्री तीखे सवालों पर बिदक गए, जिससे लोकतंत्र में जनता के सवालों और मीडिया की भूमिका पर सवाल खड़े हो गए। लगभग 15 मिनट तक बंद कमरे में देश-प्रदेश के विकास की कागजी उपलब्धियां गिनाने के बाद, जैसे ही पत्रकारों ने जमीनी हकीकत पर सवाल दागने शुरू किए, मंत्री जी के तेवर बदल गए। ऐसा प्रतीत हुआ कि मंत्री प्रेस से संवाद करने नहीं, बल्कि सिर्फ अपना एकतरफा भाषण सुनाने आए थे, जहाँ पत्रकारों से केवल ताली बजाने और सरकारी पर्चा छापने की अपेक्षा की जा रही थी। पत्रकारों द्वारा किसानों से जुड़े 'खेत बचाओ अभियान', अधिकारियों को जमीन पर उतारने और उनकी लापरवाही पर कार्रवाई करने, यश पेपर मिल के मुद्दे, तथा पिछले 7 सालों में कृषि क्षेत्र में की गई चौपालों की वास्तविक संख्या का हिसाब जैसे तीखे सवाल पूछने पर मंत्री जी या तो बगलें झांकते नजर आए, चुप्पी साध गए, या बात को टाल गए। इतना ही नहीं, कार्यक्रम में मौजूद महिलाओं में से कई को यह तक मालूम नहीं था कि वे वहाँ किसलिए बुलाई गई थीं, कुछ ने कैमरे पर स्वीकार किया कि उन्हें केवल 'भीड़ का हिस्सा बनने के लिए' लाया गया था। यह घटना बिना किसी जमीनी काम के, सिर्फ कुर्सियाँ भरने वाली 'हवा-हवाई राजनीति' का स्पष्ट संकेत देती है। लेखक के अनुसार, एक ओर जहाँ मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री सरकार की साख बचाने के लिए दिन-रात मेहनत कर रहे हैं, वहीं कृषि मंत्री पूरी तरह अधिकारी तंत्र के भरोसे बैठे हैं। लोकसभा चुनाव 2024 के नतीजे इस बात के गवाह हैं कि जनता और कार्यकर्ताओं की अनदेखी का क्या अंजाम होता है। यदि मंत्री जी ने अभी भी 'हवा-हवाई दौरों' को छोड़कर अपने असली कार्यकर्ताओं, जमीनी मंडल अध्यक्षों और बूथ स्तर के लोगों के साथ बैठकें शुरू नहीं कीं, तो 2027 के विधानसभा चुनाव में कई सीटों पर फिर से करारी शिकस्त झेलनी पड़ सकती है। लेखक ने चेतावनी दी है कि यदि व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ, अधिकारियों की लापरवाही पर सख्त एक्शन नहीं लिया गया, और पत्रकारों के सवालों को गंभीरता से नहीं सुना गया, तो आने वाला वक्त सत्ताधारी दल के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण होने वाला है।1
- आज सुबह टाइम्स टीम, लखनऊ द्वारा जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, विश्व के विभिन्न देशों से मानवता और शांति के प्रति प्रेम रखने का आह्वान किया गया है। इस अपील में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि युद्ध के बजाय एक मंच पर दोस्ताना व्यवहार, आपसी प्यार और स्नेह से भरी दुनिया का निर्माण किया जाना चाहिए। रिपोर्ट में जोर दिया गया है कि सभी देश शांतिप्रिय मित्र बनकर मानवता के प्रति प्रेम का संदेश फैलाएँ और युद्ध की राह त्यागें।1
- समाजवादी पार्टी के पूर्व मंत्री तेज नारायण पांडेय (पवन पांडेय) ने अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के चढ़ावे को लेकर सामने आए विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम का भव्य मंदिर आस्था और विश्वास का केंद्र है, जहाँ देश-विदेश से भक्त अपनी श्रद्धा के अनुसार धन, आभूषण और अन्य भेंट अर्पित करते हैं। ऐसे में मंदिर में आने वाला चढ़ावा सिर्फ आर्थिक महत्व नहीं रखता, बल्कि इससे करोड़ों लोगों की भावनाएं जुड़ी हुई हैं। तेज नारायण पांडेय ने उल्लेख किया कि संघ परिवार से जुड़े महिपाल सिंह द्वारा लंबे समय से मंदिर के चढ़ावे से संबंधित धन और आभूषणों में कथित अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जब इस प्रकार के आरोप सार्वजनिक रूप से सामने आते हैं और समाज के विभिन्न वर्गों द्वारा निष्पक्ष जांच की मांग की जाती है, तो मामले की पारदर्शी जांच कराना आवश्यक हो जाता है। पूर्व मंत्री ने मांग की कि यदि आरोपों में कोई सच्चाई है, तो दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए, और यदि आरोप निराधार हैं, तो जांच के माध्यम से इसे भी स्पष्ट रूप से सामने लाया जाना चाहिए, ताकि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास पर कोई प्रश्नचिह्न न लगे। उन्होंने यह भी कहा कि अयोध्या सत्य, मर्यादा और धर्म की भूमि है, और प्रभु श्रीराम की नगरी में आस्था से जुड़े किसी भी विषय पर उठे सवालों का जवाब पूरी पारदर्शिता और ईमानदारी के साथ दिया जाना चाहिए। तेज नारायण पांडेय ने मांग की है कि इस पूरे प्रकरण की किसी स्वतंत्र एवं निष्पक्ष एजेंसी से जांच कराई जाए, जिससे सत्य देश के सामने आ सके। उनका मानना है कि करोड़ों रामभक्त सिर्फ यह चाहते हैं कि मामले की निष्पक्ष जांच हो, किसी भी प्रकार का दबाव या प्रभाव न हो, और जो भी तथ्य हों, वे सार्वजनिक किए जाएं, ताकि जनता के मन में किसी प्रकार का भ्रम या अविश्वास न रहे। उन्होंने दोहराया कि प्रभु श्रीराम की नगरी में सत्य की स्थापना और श्रद्धालुओं की आस्था की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।1
- अयोध्या जिले की रामनगरी में स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में दान के रुपयों की चोरी का मामला अब जोर पकड़ता दिख रहा है। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास के उत्तराधिकारी महंत कमल नयन दास ने इस विषय पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि, “अब भगवान ही जांच करेंगे, सब के सब बेईमान हैं।”1
- पश्चिम बंगाल में नई सरकार ने एक महत्वपूर्ण नई पहल की है, जिसके अंतर्गत यदि किसी भी नागरिक का कोई सरकारी कार्य पूरा नहीं हो रहा है, तो वे सीधे एक हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करके अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। यह जानकारी आज सुबह टाइम्स टीम के रिपोर्टर लाल चंद सोनी ने लखनऊ से दी है।1