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त्रिवेणीगंज में रोशन कुमार पंडित की इलाज के दौरान हुई मौत के बाद बिहार में राजनीतिक सरगर्मी तेज़ हो गई है। पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की और इस घटना को मात्र जमीन विवाद मानने से इनकार करते हुए, इसे एक सुनियोजित हत्या करार दिया है। सांसद पप्पू यादव ने इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने बिहार की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए यह भी कहा कि इस घटना के दोषियों को हर हाल में सजा मिलनी चाहिए।
Sonu kumar Bhagat
त्रिवेणीगंज में रोशन कुमार पंडित की इलाज के दौरान हुई मौत के बाद बिहार में राजनीतिक सरगर्मी तेज़ हो गई है। पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की और इस घटना को मात्र जमीन विवाद मानने से इनकार करते हुए, इसे एक सुनियोजित हत्या करार दिया है। सांसद पप्पू यादव ने इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने बिहार की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए यह भी कहा कि इस घटना के दोषियों को हर हाल में सजा मिलनी चाहिए।
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- त्रिवेणीगंज में रोशन कुमार पंडित की इलाज के दौरान हुई मौत के बाद बिहार में राजनीतिक सरगर्मी तेज़ हो गई है। पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की और इस घटना को मात्र जमीन विवाद मानने से इनकार करते हुए, इसे एक सुनियोजित हत्या करार दिया है। सांसद पप्पू यादव ने इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने बिहार की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए यह भी कहा कि इस घटना के दोषियों को हर हाल में सजा मिलनी चाहिए।1
- गुरुवार को भारत-नेपाल सीमा पर स्थित जोगबनी बॉर्डर के नेपाल क्षेत्र रानी (विराटनगर) में दुकानदारों ने नेपाल प्रशासन के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस विरोध के दौरान प्रदर्शनकारियों ने कुछ समय के लिए नेपाल से भारत आने-जाने वाले मुख्य बैरियर को बंद कर दिया, जिससे सीमा पर आवागमन बुरी तरह प्रभावित हुआ। विरोध का मुख्य कारण नेपाल प्रशासन का छोटी सड़क पर नया बैरियर लगाने का निर्णय था। जोगबनी से नेपाल में प्रवेश करने पर दो सड़कें हैं, जिनमें से एक छोटी सड़क पर यह नया बैरियर प्रस्तावित है। दुकानदारों का तर्क है कि वर्षों से एक बैरियर पहले से मौजूद है और ऐसे में दूसरे बैरियर की कोई आवश्यकता नहीं है। उनका आरोप है कि नए बैरियर के कारण भारत की ओर से आने वाले ग्राहकों की संख्या में कमी आएगी, जिससे स्थानीय व्यापार पर प्रतिकूल असर पड़ेगा और कई दुकानदारों के सामने रोजी-रोटी का संकट उत्पन्न हो सकता है। प्रदर्शन के दौरान दुकानदारों और नेपाल प्रशासन के अधिकारियों के बीच काफी देर तक तीखी नोकझोंक हुई। प्रदर्शनकारी नया बैरियर हटाने की अपनी मांग पर अड़े रहे। हालांकि, बाद में प्रशासन ने सख्ती बरतते हुए प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाया और मुख्य मार्ग को खाली करवाकर आवागमन को पुनः सामान्य कराया। इस घटना के बाद सीमा क्षेत्र में कुछ समय तक तनावपूर्ण माहौल रहा, लेकिन प्रशासन की त्वरित कार्रवाई के बाद स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में आ गई। फिलहाल सीमा पर आवाजाही सामान्य रूप से जारी है। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि यदि उनकी मांगों पर उचित ध्यान नहीं दिया गया, तो वे भविष्य में भी आंदोलन करने के लिए विवश हो सकते हैं।1
- कुमारखंड प्रखंड के सभी हाईस्कूल और प्लस टू हाईस्कूलों में 1 जुलाई से त्रैमासिक परीक्षाएँ शुरू हो गई हैं। इन परीक्षाओं का आयोजन कदाचार मुक्त माहौल में किया जा रहा है। परीक्षा कार्यक्रम के अनुसार, कक्षा नौ और दस के छात्र-छात्राओं को 1 से 3 जुलाई तक दोनों पालियों में विभिन्न विषयों की परीक्षा में शामिल होना है। वहीं, बारहवीं कक्षा के कला, विज्ञान एवं कॉमर्स संकाय के छात्रों की त्रैमासिक परीक्षा 1 जुलाई से 8 जुलाई तक आयोजित की जाएगी। इसी दौरान गुरुवार को बीईओ किशोर भास्कर ने प्रखंड क्षेत्र के अलग-अलग स्कूलों का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने पीएमश्री प्लस टू जवाहर हाईस्कूल रामनगर बेला सहित विभिन्न स्कूलों में चल रही त्रैमासिक परीक्षा, शिक्षकों की उपस्थिति और छात्र-छात्राओं की उपस्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान बीईओ ने स्कूल प्रधानों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। मौके पर स्कूल प्रभारी एचएम नवास कुमार भारती, वरीय शिक्षक राजेश रंजन भारती, गणेश चंद्र झा, निक्कू कुमार, रंजीत कुमार, ललन कुमार निराला, निखिल कुमार, शादाब शमी, अखलाकुर रहमान, रजनीश कुमार, राजमोहन गांधी, माधुरी कुमारी, रश्मि कुमारी, रिंकी कुमारी, रविकुमार रवि, प्राणजीत कुमार, रेखा कुमारी व श्यामानंद ठाकुर सहित सैकड़ों छात्र-छात्राएं मौजूद थे।1
- बिहार के मधेपुरा में एक निजी अस्पताल में प्रसव के बाद 25 वर्षीय पूजा कुमारी की मौत हो जाने पर गुरुवार रात परिजनों ने जमकर हंगामा किया। इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए परिजनों ने अस्पताल के मुख्य द्वार के सामने शव रखकर करीब चार घंटे तक सड़क जाम कर दी। इस दौरान वे दोषी डॉक्टर की गिरफ्तारी, अस्पताल को सील करने और पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग पर अड़े रहे। बाद में पुलिस, प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के समझाने के बाद जाम समाप्त हुआ। मृतका पूजा कुमारी, मुरलीगंज थाना क्षेत्र के तिनकोनमा गांव निवासी रविंद्र कुमार की पत्नी थीं। परिजनों के अनुसार, उन्हें 1 जुलाई को प्रसव के लिए शहर के पश्चिमी बायपास रोड स्थित नायडू मेडिकेयर एंड रिसर्च सेंटर में भर्ती कराया गया था। परिजनों का आरोप है कि भर्ती के समय डॉक्टर ने मां और गर्भस्थ शिशु दोनों को स्वस्थ बताकर सामान्य प्रसव का आश्वासन दिया था। हालांकि, अगले दिन प्रसव पीड़ा बढ़ने पर ऑपरेशन की सलाह दी गई, जिस पर परिजनों ने सहमति दे दी। ऑपरेशन के बाद कुछ समय तक मां और नवजात दोनों की स्थिति सामान्य बताई गई, लेकिन इसके बाद अस्पताल कर्मियों ने सभी परिजनों को बाहर भेज दिया। इसी बीच, पूजा कुमारी की तबीयत अचानक बिगड़ गई और अस्पताल में उपचार के बाद भी सुधार नहीं होने पर उन्हें सहरसा रेफर कर दिया गया, जहाँ अस्पताल पहुँचते ही उनकी मौत हो गई। वहीं, नवजात शिशु की हालत भी गंभीर बताई जा रही है और उसका इलाज वेंटिलेटर पर चल रहा है। महिला की मौत की सूचना मिलते ही परिजन शव लेकर वापस अस्पताल पहुँचे और मुख्य द्वार के सामने सड़क जाम कर रात करीब आठ बजे से देर रात लगभग 12 बजे तक विरोध प्रदर्शन करते रहे, जिससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुँचकर लोगों को शांत कराने का प्रयास किया, जिसके बाद स्थानीय जनप्रतिनिधियों के हस्तक्षेप से परिजनों ने जाम हटाया। मृतका के पति रविंद्र कुमार ने जिलाधिकारी को आवेदन देकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषी चिकित्सकों और अस्पताल कर्मियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने तथा अस्पताल पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच में जुटी है।4
- राबड़ी आवास के खाली होने के बाद राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के कार्यकर्ता अत्यधिक भावुक हो उठे। इस घटना से व्यथित एक RJD कार्यकर्ता ने अपनी भावनाएँ व्यक्त करते हुए कहा कि 'हमारे भगवान को निकाल दिया गया है।' कार्यकर्ताओं ने इस पूरे मामले को लेकर सम्राट चौधरी की जमकर आलोचना की और उन्हें कोसा।1
- Manish Pandey 🫂🫂🙏1
- अररिया जिले के कुर्साकांटा प्रखंड की सिकटिया पंचायत के वार्ड नंबर 3 में, बाजार की जमीन पर झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले परिवारों को अररिया जिलाधिकारी के आदेश पर बेदखल कर दिया गया है। इन भूमिहीन परिवारों का आरोप है कि अपने बाल बच्चों के साथ जीवन-यापन करते हुए उन्हें यह जमीन खाली करनी पड़ी। उन्हें आश्वासन दिया गया था कि तीन-तीन दशमलव जमीन दी जाएगी, लेकिन जो भूमि आवंटित की गई वह 'पानी वाली' जमीन निकली, जबकि 'पानी के ऊपर वाली' सूखी जमीन उन्हें नहीं दी गई। शिकायतकर्ताओं के अनुसार, इलाके में दो एकड़ से अधिक 'पानी के ऊपर वाली' जमीन उपलब्ध है। उन्हें मिली 'पानी वाली' जमीन का खाता 66 और खेसरा 36 है। इन परिवारों का सीधा आरोप है कि कुर्साकांटा के अमीन ने बिहार सरकार की उस जमीन को, जो 'कर्जा में' थी, उसमें काबिज व्यक्तियों से मिलीभगत कर भूमिहीनों को 'पानी वाली' जमीन दी। वहीं, उन्हीं व्यक्तियों को खेती करने के लिए 'पानी के ऊपर वाली' सूखी जमीन छोड़ दी गई, जिससे भूमिहीन परिवार खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।1
- भारत-नेपाल सीमा पर स्थित जोगबनी में, नेपाल की ओर के दुकानदारों ने अपना विरोध दर्ज कराया है। विरोध स्वरूप उन्होंने नेपाल बैरियर को बंद कर दिया और प्रदर्शन किया।1