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आज श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र (न्यास) की एक बैठक न्यास के अध्यक्ष पूज्य नृत्य गोपाल दास जी महाराज की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक के बाद एक वक्तव्य भी जारी किया गया।
SUNEEL SINGH
आज श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र (न्यास) की एक बैठक न्यास के अध्यक्ष पूज्य नृत्य गोपाल दास जी महाराज की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक के बाद एक वक्तव्य भी जारी किया गया।
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- आज श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र (न्यास) की एक बैठक न्यास के अध्यक्ष पूज्य नृत्य गोपाल दास जी महाराज की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक के बाद एक वक्तव्य भी जारी किया गया।1
- मध्य प्रदेश के रायसेन जिले के सांची स्थित एक अवैध कॉलोनी के निवासियों ने शिवराज सिंह चौहान के काफिले को रोककर अपना रोष व्यक्त किया। इन रहवासियों का कहना है कि वे पिछले 10 सालों से सड़क, बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं और उनका यह इंतज़ार अभी तक खत्म नहीं हुआ है। लंबे समय से चली आ रही इस उपेक्षा के कारण अब वे केवल न्याय और व्यवस्था की मांग कर रहे हैं।1
- यह बात सामने आई है कि 'गंगा पुत्र' भी अपने कहे वचनों से बच नहीं पाए। इसी क्रम में यह भी कहा गया है कि तुम भी अपना चाहते हो।1
- नेशनल हाईवे के अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, भोपाल-सागर राजमार्ग पर 24,000 से अधिक वृक्ष लगाए जाएंगे।4
- विदिशा शहर की जीवनदायिनी मां बेतवा नदी इन दिनों अपने अस्तित्व के गंभीर संकट से जूझ रही है। दशकों से लाखों लोगों को जीवन देने वाली और शहर की प्यास बुझाने वाली यह नदी अब खुद गंदे नालों से प्रदूषित हो रही है। शहर के विभिन्न हिस्सों से निकलने वाले गंदे नाले बिना किसी शोधन के सीधे बेतवा में गिर रहे हैं, जिससे नदी की निर्मल धारा लगातार दूषित होती जा रही है। रंगई स्थित पिलिया नाला सहित कई अन्य नाले बेतवा में सीवेज और गंदा पानी उंडेल रहे हैं। इस गंभीर प्रदूषण के चलते नदी का जल काला और बदबूदार हो गया है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि इसी प्रदूषित बेतवा नदी के पानी को शोधन के बाद शहरवासियों तक पेयजल के रूप में पहुंचाया जाता है, जिससे भविष्य में पेयजल की गुणवत्ता और जनस्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने का खतरा मंडरा रहा है। बढ़ते प्रदूषण का सीधा असर जलीय जीवन पर भी दिख रहा है; स्थानीय लोगों के अनुसार, समय-समय पर मछलियों और अन्य जलीय जीवों के मरने की घटनाएं सामने आती रहती हैं, जो नदी के पारिस्थितिक संतुलन के तेजी से बिगड़ने का स्पष्ट संकेत है। पर्यावरण प्रेमियों और नागरिकों ने कड़ी चेतावनी दी है कि यदि समय रहते इन गंदे नालों को ट्रीटमेंट प्लांट से नहीं जोड़ा गया और प्रदूषण पर प्रभावी रोक नहीं लगी, तो आने वाले वर्षों में बेतवा नदी का अस्तित्व और शहर की जल सुरक्षा दोनों ही गंभीर संकट में पड़ सकते हैं। अब यह सवाल उठ रहा है कि जीवन देने वाली मां बेतवा को जीवन कौन देगा? क्या जिम्मेदार विभाग नदी में गिर रहे गंदे नालों को रोकने के लिए ठोस कदम उठाएंगे या फिर मां बेतवा यूं ही प्रदूषण का बोझ ढोती रहेगी? शहरवासियों की नजरें अब प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की कार्रवाई पर टिकी हैं।1
- ललितपुर जनपद के ग्राम गिरार में रामजानकी मंदिर के नजदीक एक सूखे कुएं से मिले अज्ञात महिला के अत्यधिक क्षत-विक्षत शव की पहचान कर ली गई है। मौके से बरामद आधारकार्ड और कुछ प्रार्थना पत्रों के आधार पर महिला की शिनाख्त कोतवाली महरौनी के ग्राम छिल्ला निवासी चिरई, पत्नी स्व. सुखदीन बुनकर, के रूप में हुई। मृतका की उम्र लगभग 55 वर्ष बताई गई है, और शव चार-पांच दिन पुराना प्रतीत हो रहा था। इस घटना से क्षेत्र में हड़कंप मच गया था। जांच में सामने आया है कि कुएं में मृत मिली महिला मानसिक रूप से विक्षिप्त थी। छिल्ला गांव के ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, चिरई के पति का तीन वर्ष पूर्व निधन हो गया था। उनकी पुत्रियों का विवाह हो चुका है, और उनका एक पुत्र अपने परिवार के साथ अलग रहता है, जिसके कारण चिरई गांव के अपने पुराने घर में अकेली रहती थी। अपनी मानसिक स्थिति के चलते वह अक्सर यहां-वहां चली जाती थी और कुछ दिन पहले बागेश्वर जाने की रट लगाए हुई थी। इस मामले में यह एक बड़ा सवाल है कि महिला अपने घर से इतनी दूर कैसे पहुंची और कई दिनों से गायब रहने के बावजूद परिजनों ने पुलिस को इसकी सूचना क्यों नहीं दी। स्थानीय पुलिस ने मृतका के परिजनों को सूचना देकर शव का पंचनामा किया और उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मौके के हालात को देखते हुए, यह जांच का विषय है कि मृतका किसी हादसे, आत्महत्या या किसी अपराध का शिकार हुई है। महिला की मृत्यु के वास्तविक कारण का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगा।2
- विदिशा में रविवार दोपहर बाद करीब एक घंटे तक हुई तेज बारिश ने पूरे शहर को तरबतर कर दिया। इस दौरान बादलों की तेज गड़गड़ाहट और बिजली की चमक से लोगों में कुछ देर के लिए दहशत का माहौल भी रहा। तेज बारिश के चलते शहर की कई सड़कों पर पानी भर गया, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। हालांकि, बारिश के बाद मौसम सुहावना हो गया और लोगों को उमस से राहत मिली।4
- सागर जिले में रविवार दोपहर अचानक हुए मौसम परिवर्तन के कारण जीवन रेन बसेरा डिग्री कॉलेज रोड के पास लगे एक बिजली के खंभे पर जोरदार आवाज के साथ बिजली का तार टूट गया। तार टूटने से जमकर चिंगारियां उठीं, वहीं अचानक बिजली चमकने और तेज़ बारिश के चलते बिजली के खंभे में आग लग गई। गनीमत रही कि इस घटना से एक बड़ा हादसा टल गया। सूचना मिलने पर बिजली विभाग की टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर लाइन को दुरुस्त किया।1