Shuru
Apke Nagar Ki App…
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सुल्तानपुर में एक बयान देते हुए विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि विपक्ष की कुटिल चालों को देखकर अब तो गिरगिट भी शरमाने लगा होगा, और सोचने लगा होगा कि कोई नई प्रजाति आ गई है।
PBH HUB NEWS
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सुल्तानपुर में एक बयान देते हुए विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि विपक्ष की कुटिल चालों को देखकर अब तो गिरगिट भी शरमाने लगा होगा, और सोचने लगा होगा कि कोई नई प्रजाति आ गई है।
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में तहसील दिवस के दौरान एक दरोगा जी का वीडियो वायरल हो गया है। इस वीडियो में दरोगा जी अपनी टोपी में मोबाइल छिपाकर उसे देखते हुए नजर आ रहे हैं। बताया गया है कि किसी व्यक्ति ने यह वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया है।1
- उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आगमन की तैयारियों के बीच सड़क निर्माण को लेकर स्थानीय लोगों में तीखी चर्चा है। स्थानीय नागरिक सवाल उठा रहे हैं कि यदि विशिष्ट व्यक्तियों के आगमन को देखते हुए वीआईपी मार्गों पर रातों-रात सड़क निर्माण और मरम्मत का कार्य कराया जा सकता है, तो आम जनता की वर्षों से जर्जर पड़ी सड़कों का निर्माण भी प्राथमिकता के आधार पर क्यों नहीं कराया जाता? प्रतापगढ़ के निवासियों ने प्रशासन से स्पष्ट मांग की है कि विकास कार्यों को केवल वीआईपी दौरों तक ही सीमित न रखा जाए। उनका कहना है कि आम जनता की सुविधा के लिए भी खराब सड़कों की शीघ्र मरम्मत और निर्माण कार्य को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।1
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रतापगढ़ दौरे के दौरान सदर विधायक राजेंद्र मौर्य का जलवा देखने को मिला, जहाँ मुख्यमंत्री की तरफ से मिली वाहवाही पर सियासी गलियारों में अटकलों का बाजार गर्म हो गया। अपने सरल स्वभाव और कार्यशैली के कारण राजेंद्र मौर्य आम जनता के बीच बेहद लोकप्रिय हैं, और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी अपने विधायक के काम से काफी प्रभावित नज़र आए। राजेंद्र मौर्य ने विधायक के तौर पर विधानसभा क्षेत्र के विकास के लिए लगातार लखनऊ में डटकर प्रयास किए, जिसकी बदौलत सदर क्षेत्र में कई जर्जर सड़कों का कायाकल्प हुआ और सरकार की कई बड़ी परियोजनाओं को धरातल पर लाने में सफलता मिली। अपने जनपद के दौरे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंच से विधायक राजेंद्र मौर्य की कई बार तारीफ करते हुए उनकी सराहना की, जिसके गहरे राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट रूप से यह दर्शाया कि जनहित में कार्य करने वाले सदर विधायक उनके कितने करीब हैं।1
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सुल्तानपुर में एक बयान देते हुए विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि विपक्ष की कुटिल चालों को देखकर अब तो गिरगिट भी शरमाने लगा होगा, और सोचने लगा होगा कि कोई नई प्रजाति आ गई है।1
- नई दिल्ली से, राज्यसभा उप नेता और सांसद श्री प्रमोद तिवारी ने चंपत राय के एक पत्र पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि उनके मन में जो आशंका थी, वह सही साबित हुई है। प्रमोद तिवारी ने चंपत राय की इस हिम्मत पर सवाल उठाया कि उन्होंने लिखित रूप में कहा है कि वे एसआईटी की रिपोर्ट आने के बाद ही बोलेंगे। तिवारी ने सीधे चंपत राय से पूछा कि क्या उन्हें एसआईटी रिपोर्ट पहले से ही मालूम है और क्या वह जानते हैं कि रिपोर्ट आने के बाद वे बोलने लायक रहेंगे या जेल के अंदर होंगे। उनके अनुसार, इसका सीधा मतलब यह है कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार में भगवान राम को लूटने वालों को कोई सजा नहीं मिलेगी। प्रमोद तिवारी ने जनता और राम भक्तों से तैयार रहने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि उन लोगों को सजा देने के लिए तैयार रहना होगा, जिन्होंने भगवान राम को लूटा है, और उन लोगों को भी सजा देने के लिए, जो लूटने वालों को बचा रहे हैं।1
- उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के सैफाबाद बाजार स्थित दोस्ती कान्वेंट स्कूल की एक स्कूली वैन स्टेरिंग फेल होने के बाद पलट गई, जिससे उसमें सवार सभी बच्चे बाल-बाल बच गए। इस घटना ने एक बार फिर स्कूल प्रबंधन की घोर लापरवाही को उजागर किया है। जाँच में सामने आया है कि वाहन की स्टेरिंग खराब थी और उसे लोहे के तार से बांधकर चलाया जा रहा था, जो इस हादसे की मुख्य वजह बनी। हादसे के बाद सामने आई तस्वीरों में वैन पलटी हुई दिख रही है, जबकि वीडियो में लोग इस गंभीर लापरवाही पर चर्चा करते नजर आ रहे हैं। विद्यालय की प्रधानाचार्य रेखा सिंह ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि वैन पलट गई थी, लेकिन सभी बच्चे सुरक्षित हैं और वैन को मरम्मत के लिए भेज दिया गया है। स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि अभिभावकों से बच्चों के प्रवेश के नाम पर भारी-भरकम फीस और तमाम तरह के खर्चे वसूलने वाला विद्यालय प्रबंधन, पैसों की कमी का बहाना बनाकर बच्चों की जान जोखिम में डालने से बाज नहीं आ रहा है। यह घटना परिवहन विभाग की कार्यशैली पर भी सवाल उठाती है, जो स्कूली वाहनों की कमियों को लेकर अभियान तो चलाता है, लेकिन उसकी सख्ती धरातल पर नजर नहीं आती, जिसके चलते ऐसी घटनाएं अक्सर सामने आती रहती हैं। यह गंभीर मामला बच्चों की सुरक्षा के प्रति स्कूल प्रशासन और संबंधित विभागों की उदासीनता को दर्शाता है।1