कटनी नगर पालिक निगम ने बकाया कर और किराए की वसूली को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए सोमवार को रेलवे स्टेशन के पास ईश्वर कृपा कॉम्प्लेक्स में संचालित जंक्शन बीयर बार को सील कर दिया। संस्थान पर ₹1,59,28,641 की बकाया राशि जमा न करने पर निगम ने यह कार्रवाई की, जिससे शहर के अन्य बड़े बकायेदारों में हड़कंप मच गया। नगर निगम के अनुसार, मध्य प्रदेश नगर पालिक निगम अधिनियम, 1956 की धारा 174 के तहत संबंधित पक्ष को मांग सूचना पत्र जारी कर 30 दिन का समय दिया गया था। निर्धारित अवधि समाप्त होने के बाद भी बकाया राशि जमा नहीं की गई। इसके बाद आयुक्त के निर्देश पर धारा 175(1) के तहत वारंट जारी कर 27 जुलाई 2026 को जंक्शन बीयर बार को सील कर दिया गया। नगर निगम के आदेश (क्रमांक 1639/रा.वि./बा.शा./2026, दिनांक 24 जुलाई 2026) के अनुसार, नर्बदा कॉन-टेक प्रा. लि. पर कुल ₹1,59,28,641 की देनदारी लंबित है। लगातार नोटिस के बावजूद भुगतान नहीं होने पर निगम ने सीलिंग की कार्रवाई को अंजाम दिया। नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि बिना अनुमति सील तोड़ने, ताला खोलने या परिसर में प्रवेश करने का प्रयास किया गया तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। निगम ने यह भी साफ किया है कि संपूर्ण बकाया राशि जमा होने के बाद ही सील हटाने पर विचार किया जाएगा। नगर निगम की इस कार्रवाई को शहर के बड़े बकायेदारों के लिए स्पष्ट संदेश माना जा रहा है कि अब बकाया कर और किराए की वसूली में किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। निगम प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में अन्य बड़े बकायेदारों के खिलाफ भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
कटनी नगर पालिक निगम ने बकाया कर और किराए की वसूली को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए सोमवार को रेलवे स्टेशन के पास ईश्वर कृपा कॉम्प्लेक्स में संचालित जंक्शन बीयर बार को सील कर दिया। संस्थान पर ₹1,59,28,641 की बकाया राशि जमा न करने पर निगम ने यह कार्रवाई की, जिससे शहर के अन्य बड़े बकायेदारों में हड़कंप मच गया। नगर निगम के अनुसार, मध्य प्रदेश नगर पालिक निगम अधिनियम, 1956 की धारा 174 के तहत संबंधित पक्ष को मांग सूचना पत्र जारी कर 30 दिन का समय दिया गया था। निर्धारित अवधि समाप्त होने के बाद भी बकाया राशि जमा नहीं की गई। इसके बाद आयुक्त के निर्देश पर धारा 175(1) के तहत वारंट जारी कर 27 जुलाई 2026 को जंक्शन बीयर बार को सील कर दिया गया। नगर निगम के आदेश (क्रमांक 1639/रा.वि./बा.शा./2026, दिनांक 24 जुलाई 2026) के अनुसार, नर्बदा कॉन-टेक प्रा. लि. पर कुल ₹1,59,28,641 की देनदारी लंबित है। लगातार नोटिस के बावजूद भुगतान नहीं होने पर निगम ने सीलिंग की कार्रवाई को अंजाम दिया। नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि बिना अनुमति सील तोड़ने, ताला खोलने या परिसर में प्रवेश करने का प्रयास किया गया तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। निगम ने यह भी साफ किया है कि संपूर्ण बकाया राशि जमा होने के बाद ही सील हटाने पर विचार किया जाएगा। नगर निगम की इस कार्रवाई को शहर के बड़े बकायेदारों के लिए स्पष्ट संदेश माना जा रहा है कि अब बकाया कर और किराए की वसूली में किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। निगम प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में अन्य बड़े बकायेदारों के खिलाफ भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
- कटनी नगर निगम ने बकाया कर वसूली अभियान के तहत सोमवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए स्टेशन रोड स्थित एक बियर बार को सील कर दिया। नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार संबंधित प्रतिष्ठान पर 1 करोड़ 59 लाख रुपये का संपत्ति कर बकाया था। कई बार नोटिस जारी करने और निर्धारित समय देने के बावजूद कर राशि जमा नहीं किए जाने पर निगम प्रशासन ने यह कार्रवाई की। नगर निगम की राजस्व टीम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची और विधिवत कार्रवाई करते हुए बियर बार को सील कर दिया। कार्रवाई के दौरान आसपास लोगों की भीड़ एकत्र हो गई और पूरे घटनाक्रम को देखने के लिए लोगों में उत्सुकता रही। नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि शहर में टैक्स बकाया रखने वाले बड़े व्यवसायिक प्रतिष्ठानों की सूची तैयार की गई है। कर जमा नहीं करने वाले प्रतिष्ठानों के विरुद्ध सीलिंग सहित अन्य वैधानिक कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। निगम ने सभी करदाताओं से समय पर टैक्स जमा करने की अपील की है, ताकि इस प्रकार की कार्रवाई से बचा जा सके। नगर निगम का कहना है कि बकाया कर की वसूली से शहर के विकास कार्यों को गति मिलेगी तथा कर चोरी करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।2
- कटनी नगर पालिक निगम ने बकाया कर और किराए की वसूली को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए सोमवार को रेलवे स्टेशन के पास ईश्वर कृपा कॉम्प्लेक्स में संचालित जंक्शन बीयर बार को सील कर दिया। संस्थान पर ₹1,59,28,641 की बकाया राशि जमा न करने पर निगम ने यह कार्रवाई की, जिससे शहर के अन्य बड़े बकायेदारों में हड़कंप मच गया। नगर निगम के अनुसार, मध्य प्रदेश नगर पालिक निगम अधिनियम, 1956 की धारा 174 के तहत संबंधित पक्ष को मांग सूचना पत्र जारी कर 30 दिन का समय दिया गया था। निर्धारित अवधि समाप्त होने के बाद भी बकाया राशि जमा नहीं की गई। इसके बाद आयुक्त के निर्देश पर धारा 175(1) के तहत वारंट जारी कर 27 जुलाई 2026 को जंक्शन बीयर बार को सील कर दिया गया। नगर निगम के आदेश (क्रमांक 1639/रा.वि./बा.शा./2026, दिनांक 24 जुलाई 2026) के अनुसार, नर्बदा कॉन-टेक प्रा. लि. पर कुल ₹1,59,28,641 की देनदारी लंबित है। लगातार नोटिस के बावजूद भुगतान नहीं होने पर निगम ने सीलिंग की कार्रवाई को अंजाम दिया। नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि बिना अनुमति सील तोड़ने, ताला खोलने या परिसर में प्रवेश करने का प्रयास किया गया तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। निगम ने यह भी साफ किया है कि संपूर्ण बकाया राशि जमा होने के बाद ही सील हटाने पर विचार किया जाएगा। नगर निगम की इस कार्रवाई को शहर के बड़े बकायेदारों के लिए स्पष्ट संदेश माना जा रहा है कि अब बकाया कर और किराए की वसूली में किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। निगम प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में अन्य बड़े बकायेदारों के खिलाफ भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।1
- उत्तर प्रदेश के लखनऊ में पंचायत सचिव सदगुरू प्रसाद का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वह 'जिंदगी इम्तेहान लेती है' गाने पर मुजरा करते नजर आ रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, सदगुरू प्रसाद इस दौरान थोड़ा नशे में थे और उनके यार-दोस्तों ने मस्ती में उनका वीडियो बना लिया। लोकतंत्र की सेवा में दिन-रात लगे रहने के बाद सदगुरू को थोड़ा वक्त मिला और उन्होंने इस तरह का वीडियो शूट कराया। हालांकि, अब यह वीडियो वायरल होने के बाद सदगुरू की बदनामी हो रही है। अगर वह किसी मंत्री से जुगाड़ लगा लेते हैं तो शायद बच जाएं, नहीं तो विभाग उन्हें कठिन परीक्षा लेगा और कम से कम मलाईदार इलाके से तो उन्हें विदा कर ही देगा।1
- कटनी नगर निगम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए ईश्वर कृपा कॉम्प्लेक्स स्थित जंक्शन बीयर बार को सील कर दिया है। नगर निगम ने यह कार्रवाई ₹1.59 करोड़ के बकाया के कारण की है। इस कार्रवाई से स्थानीय व्यापारियों और ग्राहकों में हड़कंप मच गया है। नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि बार को सील करने से पहले बार-बार नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन बकाया राशि का भुगतान नहीं किया गया। इस कारण यह कठोर कार्रवाई करनी पड़ी। नगर निगम के इस कदम का स्थानीय व्यापारियों ने विरोध किया है और जल्द से जल्द समस्या का समाधान करने की मांग की है।1
- मध्य प्रदेश के कटनी जिले के बहोरीबंद उप-जिले के बाकल और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में रात के समय हो रही अघोषित बिजली कटौती के खिलाफ आज ग्रामीणों ने कड़ा विरोध जताया। बाकल विद्युत वितरण केंद्र में बाकल ग्रामीण क्षेत्र के मंगेला, पटोरी, राजा सलैया, खमतरा, इमलिया, रतनपुरा, कुम्हरावरा, आगोध के लोगों ने बाकल के कनिष्ठ अभियंता को एक आवेदन दिया। इस आवेदन में ग्रामीणों ने लगातार रात में हो रही बिजली कटौती और विद्युत विभाग की मनमानी का आरोप लगाया। आवेदन में बताया गया कि विगत कुछ समय से प्रतिदिन रात के समय बिना किसी पूर्व सूचना के कई-कई घंटों तक बिजली बंद कर दी जाती है। इस मनमानी कटौती के कारण ग्रामीण क्षेत्र के रहवासियों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। आज बाकल मंडल अध्यक्ष डॉ पीयूष अग्रवाल के नेतृत्व में किसन पटेल, भगवान दास पटेल, अर्जुन सिंह, सूरत पटेल, निलेश अग्रवाल, बबलू राय, राजाराम पटेल, कृष्ण कुमार लोधी, जितेंद्र सिंह चंदेल, शंकर चक्रवर्ती, राजू ठाकुर, वीरेंद्र पटेल, सतेंद्र कुमार, गुड्डू वंशकार एवं तमाम ग्रामीणजनों की मौजूदगी में कनिष्ठ अभियंता बाकल को आवेदन दिया गया। ग्रामीणों ने विद्युत विभाग को 10 दिनों का समय दिया है। यदि इस अवधि में समस्या का समाधान नहीं हुआ तो ग्रामीण आंदोलन करेंगे।3
- मध्य प्रदेश के कटनी जिले के इटौरा में माँ चंद्रिका धाम विकास यात्रा को लेकर सभी देशवासियों को सूचित किया जा रहा है। इस पहल के तहत गाँव के लिए एक आवेदन पत्र तैयार किया जा रहा है, जिसकी जानकारी साझा की गई है।1
- सतना शहर के गुप्ता पैलेस पुष्कर्णी पार्क कांड में फर्जी मेडिकल बनाने वाले और जबलपुर स्थित स्मार्ट सिटी हॉस्पिटल के संचालक अमित खरे का एक और कारनामा सामने आया है। उसने सुनियोजित तरीके से पांच लोगों को डंपर से कुचलवाकर मौत के घाट उतार दिया। पुलिस ने इस पूरे मामले का खुलासा कर दिया है। खुलासे के बाद मास्टरमाइंड अमित खरे अपने साथियों के साथ जेल चला गया है।1
- मध्य प्रदेश के कटनी में दर्ज एक शिकायत में नया मोड़ आया है, जहाँ शिकायतकर्ता ने स्वयं पुलिस अधीक्षक से मिलकर लिखित आवेदन देकर शिकायत वापस ले ली है। शिकायतकर्ता ने स्पष्ट किया है कि 22 जुलाई को की गई शिकायत में वर्णित घटनाएं असत्य, भ्रामक और आधारहीन थीं तथा वास्तव में ऐसी कोई घटना घटित ही नहीं हुई थी। उन्होंने बताया कि पूर्व में यह शिकायत गलत जानकारी के आधार पर प्रस्तुत की गई थी, इसलिए वह अपनी स्वेच्छा से इसे वापस ले रहे हैं और पूर्व प्रस्तुत आवेदन को निरस्त माना जाए। इसके साथ ही शिकायतकर्ता ने सोशल मीडिया पर मामले को लेकर फैलाई जा रही अफवाहों पर आपत्ति जताते हुए भ्रामक जानकारी प्रसारित करने वालों के विरुद्ध न्यायालय की शरण लेने और कानूनी कार्रवाई करने की बात कही है। वहीं, शिकायत वापस लिए जाने के बावजूद पुलिस द्वारा अपने अधीनस्थ अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की चर्चा सामने आ रही है। यदि घटना घटित ही नहीं हुई थी, तो आगे की कार्रवाई को लेकर कई कानूनी प्रश्न खड़े हो रहे हैं, हालांकि इस संबंध में पुलिस विभाग की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है।2