लेह-लद्दाख में ड्यूटी के दौरान हादसे में गई जान, राजकीय सम्मान के साथ किया गया सुपुर्द-ए-खाक वतन की हिफाजत करने वाले जवान शहीद, इलाके में शोक की लहर लेह-लद्दाख में ड्यूटी के दौरान हादसे में गई जान, राजकीय सम्मान के साथ किया गया सुपुर्द-ए-खाक सिकंदरा। देश की सेवा में तैनात जमुई जिले के सिकंदरा प्रखंड अंतर्गत खरडीह गांव निवासी सेना के जवान मोहम्मद मनीर लेह-लद्दाख में ड्यूटी के दौरान शहीद हो गए। जवान की शहादत की खबर मिलते ही खरडीह गांव सहित पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं गांव के लोगों में अपने लाल को खोने का गम और देश के लिए उनकी कुर्बानी पर गर्व दोनों दिखाई दिया। मृतक जवान की पहचान खरडीह गांव निवासी हाजी मोहम्मद मंसूर के पुत्र मोहम्मद मनीर के रूप में हुई है। बताया गया कि मोहम्मद मनीर वर्ष 2000 में थल सेना में भर्ती हुए थे। लंबे समय से सेना में अपनी सेवाएं देने के बाद वर्तमान में वे लेह-लद्दाख में स्टोर कीपर के पद पर तैनात थे। सेना के सूबेदार मोहम्मद जावेद के अनुसार, ड्यूटी के दौरान एक हादसे में रोड कटर मशीन जवान मोहम्मद मनीर के पैर पर गिर गई। हादसे में वे गंभीर रूप से घायल हो गए। आनन-फानन में उन्हें आर्मी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा था। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। सेना की ओर से घटना की जानकारी परिजनों को दी गई, जिसके बाद परिवार में कोहराम मच गया। देर रात गांव पहुंचा पार्थिव शरीर शहीद जवान का पार्थिव शरीर शनिवार की देर रात फूलों से सजे शव वाहन से उनके पैतृक गांव खरडीह पहुंचा। जैसे ही पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, बड़ी संख्या में ग्रामीण अपने वीर सपूत की अंतिम झलक पाने के लिए उमड़ पड़े। पूरे गांव का माहौल गमगीन हो गया। महिलाओं के विलाप और परिजनों की चीख-पुकार से माहौल बेहद भावुक हो उठा। शव को तिरंगे में लिपटा देखकर ग्रामीणों की आंखें नम हो गईं। लोगों ने शहीद जवान को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए भारत माता की जय और शहीद मोहम्मद मनीर अमर रहें के नारे लगाए। देर रात तक ग्रामीणों की भीड़ उनके अंतिम दर्शन के लिए जुटी रही। गार्ड ऑफ ऑनर के बाद सुपुर्द-ए-खाक रविवार की सुबह प्रशासनिक अधिकारियों और सेना के जवानों की मौजूदगी में शहीद मोहम्मद मनीर के पार्थिव शरीर को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई की प्रक्रिया पूरी की गई। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और आसपास के लोग मौजूद रहे। इसके बाद खरडीह गांव स्थित कब्रिस्तान में पूरे राजकीय सम्मान के साथ शहीद जवान को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। अंतिम विदाई के समय मौजूद हर आंख नम थी। ग्रामीणों ने कहा कि मोहम्मद मनीर ने करीब ढाई दशक तक देश की सेवा की और अपनी ड्यूटी के दौरान जान गंवाकर अपने गांव और पूरे जिले का नाम गौरवान्वित किया। शहीद जवान की अंतिम यात्रा में उमड़ी भीड़ ने यह साबित कर दिया कि देश की रक्षा में अपने प्राण न्योछावर करने वाले वीर जवानों के प्रति समाज में कितना सम्मान है। ग्रामीणों ने सरकार से शहीद के परिवार को हरसंभव सहायता और सम्मान देने की मांग की। मुमताज की रिपोर्ट
लेह-लद्दाख में ड्यूटी के दौरान हादसे में गई जान, राजकीय सम्मान के साथ किया गया सुपुर्द-ए-खाक वतन की हिफाजत करने वाले जवान शहीद, इलाके में शोक की लहर लेह-लद्दाख में ड्यूटी के दौरान हादसे में गई जान, राजकीय सम्मान के साथ किया गया सुपुर्द-ए-खाक सिकंदरा। देश की सेवा में तैनात जमुई जिले के सिकंदरा प्रखंड अंतर्गत खरडीह गांव निवासी सेना के जवान मोहम्मद मनीर लेह-लद्दाख में ड्यूटी के दौरान शहीद हो गए। जवान की शहादत की खबर मिलते ही खरडीह गांव सहित पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं गांव के लोगों में अपने लाल को खोने का गम और देश के लिए उनकी कुर्बानी पर गर्व दोनों दिखाई दिया। मृतक जवान की पहचान खरडीह गांव निवासी हाजी मोहम्मद मंसूर के पुत्र मोहम्मद मनीर के
रूप में हुई है। बताया गया कि मोहम्मद मनीर वर्ष 2000 में थल सेना में भर्ती हुए थे। लंबे समय से सेना में अपनी सेवाएं देने के बाद वर्तमान में वे लेह-लद्दाख में स्टोर कीपर के पद पर तैनात थे। सेना के सूबेदार मोहम्मद जावेद के अनुसार, ड्यूटी के दौरान एक हादसे में रोड कटर मशीन जवान मोहम्मद मनीर के पैर पर गिर गई। हादसे में वे गंभीर रूप से घायल हो गए। आनन-फानन में उन्हें आर्मी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा था। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। सेना की ओर से घटना की जानकारी परिजनों को दी गई, जिसके बाद परिवार में कोहराम मच गया। देर रात गांव पहुंचा पार्थिव शरीर शहीद जवान का पार्थिव शरीर शनिवार की देर रात
फूलों से सजे शव वाहन से उनके पैतृक गांव खरडीह पहुंचा। जैसे ही पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, बड़ी संख्या में ग्रामीण अपने वीर सपूत की अंतिम झलक पाने के लिए उमड़ पड़े। पूरे गांव का माहौल गमगीन हो गया। महिलाओं के विलाप और परिजनों की चीख-पुकार से माहौल बेहद भावुक हो उठा। शव को तिरंगे में लिपटा देखकर ग्रामीणों की आंखें नम हो गईं। लोगों ने शहीद जवान को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए भारत माता की जय और शहीद मोहम्मद मनीर अमर रहें के नारे लगाए। देर रात तक ग्रामीणों की भीड़ उनके अंतिम दर्शन के लिए जुटी रही। गार्ड ऑफ ऑनर के बाद सुपुर्द-ए-खाक रविवार की सुबह प्रशासनिक अधिकारियों और सेना के जवानों की मौजूदगी में शहीद मोहम्मद मनीर के पार्थिव शरीर को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। सैन्य सम्मान के
साथ अंतिम विदाई की प्रक्रिया पूरी की गई। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और आसपास के लोग मौजूद रहे। इसके बाद खरडीह गांव स्थित कब्रिस्तान में पूरे राजकीय सम्मान के साथ शहीद जवान को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। अंतिम विदाई के समय मौजूद हर आंख नम थी। ग्रामीणों ने कहा कि मोहम्मद मनीर ने करीब ढाई दशक तक देश की सेवा की और अपनी ड्यूटी के दौरान जान गंवाकर अपने गांव और पूरे जिले का नाम गौरवान्वित किया। शहीद जवान की अंतिम यात्रा में उमड़ी भीड़ ने यह साबित कर दिया कि देश की रक्षा में अपने प्राण न्योछावर करने वाले वीर जवानों के प्रति समाज में कितना सम्मान है। ग्रामीणों ने सरकार से शहीद के परिवार को हरसंभव सहायता और सम्मान देने की मांग की। मुमताज की रिपोर्ट
- लेह-लद्दाख में ड्यूटी के दौरान हादसे में गई जान, राजकीय सम्मान के साथ किया गया सुपुर्द-ए-खाक वतन की हिफाजत करने वाले जवान शहीद, इलाके में शोक की लहर लेह-लद्दाख में ड्यूटी के दौरान हादसे में गई जान, राजकीय सम्मान के साथ किया गया सुपुर्द-ए-खाक सिकंदरा। देश की सेवा में तैनात जमुई जिले के सिकंदरा प्रखंड अंतर्गत खरडीह गांव निवासी सेना के जवान मोहम्मद मनीर लेह-लद्दाख में ड्यूटी के दौरान शहीद हो गए। जवान की शहादत की खबर मिलते ही खरडीह गांव सहित पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं गांव के लोगों में अपने लाल को खोने का गम और देश के लिए उनकी कुर्बानी पर गर्व दोनों दिखाई दिया। मृतक जवान की पहचान खरडीह गांव निवासी हाजी मोहम्मद मंसूर के पुत्र मोहम्मद मनीर के रूप में हुई है। बताया गया कि मोहम्मद मनीर वर्ष 2000 में थल सेना में भर्ती हुए थे। लंबे समय से सेना में अपनी सेवाएं देने के बाद वर्तमान में वे लेह-लद्दाख में स्टोर कीपर के पद पर तैनात थे। सेना के सूबेदार मोहम्मद जावेद के अनुसार, ड्यूटी के दौरान एक हादसे में रोड कटर मशीन जवान मोहम्मद मनीर के पैर पर गिर गई। हादसे में वे गंभीर रूप से घायल हो गए। आनन-फानन में उन्हें आर्मी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा था। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। सेना की ओर से घटना की जानकारी परिजनों को दी गई, जिसके बाद परिवार में कोहराम मच गया। देर रात गांव पहुंचा पार्थिव शरीर शहीद जवान का पार्थिव शरीर शनिवार की देर रात फूलों से सजे शव वाहन से उनके पैतृक गांव खरडीह पहुंचा। जैसे ही पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, बड़ी संख्या में ग्रामीण अपने वीर सपूत की अंतिम झलक पाने के लिए उमड़ पड़े। पूरे गांव का माहौल गमगीन हो गया। महिलाओं के विलाप और परिजनों की चीख-पुकार से माहौल बेहद भावुक हो उठा। शव को तिरंगे में लिपटा देखकर ग्रामीणों की आंखें नम हो गईं। लोगों ने शहीद जवान को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए भारत माता की जय और शहीद मोहम्मद मनीर अमर रहें के नारे लगाए। देर रात तक ग्रामीणों की भीड़ उनके अंतिम दर्शन के लिए जुटी रही। गार्ड ऑफ ऑनर के बाद सुपुर्द-ए-खाक रविवार की सुबह प्रशासनिक अधिकारियों और सेना के जवानों की मौजूदगी में शहीद मोहम्मद मनीर के पार्थिव शरीर को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई की प्रक्रिया पूरी की गई। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और आसपास के लोग मौजूद रहे। इसके बाद खरडीह गांव स्थित कब्रिस्तान में पूरे राजकीय सम्मान के साथ शहीद जवान को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। अंतिम विदाई के समय मौजूद हर आंख नम थी। ग्रामीणों ने कहा कि मोहम्मद मनीर ने करीब ढाई दशक तक देश की सेवा की और अपनी ड्यूटी के दौरान जान गंवाकर अपने गांव और पूरे जिले का नाम गौरवान्वित किया। शहीद जवान की अंतिम यात्रा में उमड़ी भीड़ ने यह साबित कर दिया कि देश की रक्षा में अपने प्राण न्योछावर करने वाले वीर जवानों के प्रति समाज में कितना सम्मान है। ग्रामीणों ने सरकार से शहीद के परिवार को हरसंभव सहायता और सम्मान देने की मांग की। मुमताज की रिपोर्ट4
- शिक्षक दिवस पर जमुई के डीएम श्री नवीन का बड़ा सम्मान-जिले के 20 उत्कृष्ट शिक्षकों को किया सम्मानित1
- एक रोटी कम खाइए, पर बच्चों को जरूर पढ़ाइए" - जमुई सतगामा के आवासीय विवेकानंद पब्लिक स्कूल में गूंजा शिक्षा का संदेश - एक रोटी कम खाइए, पर बच्चों को जरूर पढ़ाइए" - जमुई सतगामा के आवासीय विवेकानंद पब्लिक स्कूल में गूंजा शिक्षा का संदेश !1
- शिक्षक दिवस पर DM नवीन कुमार का मोटिवेशनल संदेश—बोले, “शिक्षा से ही बदलेगा समाज का भविष्य” #शिक्षकदिवस #TeacherDay #DMNaveenKumar #जमुई #BiharNews #शिक्षा #शिक्षकसम्मान #शिक्षाव्यवस्था #MotivationalMessage #EducationNews #JamuiNews #BiharEducation #ViralNews #BreakingNews #LatestNews #TrendingNews #YouTubeNews #ViralVideo #TeacherAward20261
- शिक्षक दिवस पर पर्यावरण भारती ने लगाए 25 पौधे, पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश लखीसराय। शिक्षक दिवस के अवसर पर 5 सितंबर 2026 को एवन क्लासेस कोचिंग परिसर, इटौन, मननपुर, लLचानन में पर्यावरण भारती की ओर से पौधारोपण अभियान चलाया गया। इस दौरान फलदार जामुन के 9, छायादार सेमल के 11 और औषधीय अमलतास के 5 पौधे लगाए गए। पौधारोपण अभियान का नेतृत्व पर्यावरण प्रहरी रणजीत कुमार महतो ने किया, जबकि शक्ति कुमार महतो का सहयोग रहा। पर्यावरण भारती के संस्थापक राम बिलास शाण्डिल्य ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से संस्था वर्ष 2008 से लगातार पौधारोपण अभियान चला रही है। महापुरुषों की जयंती, पुण्यतिथि और मांगलिक अवसरों पर पौधारोपण किया जाता है। उन्होंने बताया कि अब तक पर्यावरण भारती की ओर से 1,25,923 पेड़ लगाए जा चुके हैं। जलवायु परिवर्तन से बचाव के लिए पौधारोपण जरूरी राम बिलास शाण्डिल्य ने कहा कि पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए व्यापक स्तर पर पौधारोपण जरूरी है। ग्लोबल वार्मिंग के कारण दुनिया में तापमान बढ़ रहा है और प्राकृतिक आपदाओं का खतरा भी बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रत्येक व्यक्ति को पौधारोपण अभियान से जुड़ना चाहिए। उन्होंने शिक्षक दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि 5 सितंबर को भारत के प्रथम उपराष्ट्रपति और दूसरे राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती मनाई जाती है। उनके जन्मदिन को देश में शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है। डॉ. राधाकृष्णन प्रख्यात दार्शनिक, शिक्षाविद और राजनेता थे। वर्ष 1952 में वे देश के प्रथम उपराष्ट्रपति बने और 1954 में उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया गया। वर्ष 1962 में उन्होंने राष्ट्रपति पद संभाला। राम बिलास शाण्डिल्य ने कहा कि ऐसे महान शिक्षाविद की जयंती पर पौधारोपण करना पर्यावरण संरक्षण के प्रति समाज को जागरूक करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। कार्यक्रम में रणजीत कुमार महतो, शक्ति कुमार महतो, अनिल कुमार, सुरेंद्र कुमार, राम बिलास शाण्डिल्य, आर्या कुमारी, आरव कुमार और अक्षत राज सहित अन्य लोगों ने पौधारोपण अभियान में भाग लिया।1
- माननीय मंत्री, ग्रामीण कार्य विभाग, बिहार सरकार - सह - प्रभारी मंत्री, लखीसराय सुनील कुमार द्वारा लखीसराय जिले के पिपरिया प्रखंड अंतर्गत मोहनपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का किया गया निरीक्षण माननीय मंत्री, ग्रामीण कार्य विभाग, बिहार सरकार - सह - प्रभारी मंत्री, लखीसराय सुनील कुमार द्वारा लखीसराय जिले के पिपरिया प्रखंड अंतर्गत मोहनपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया गया। उन्होंने स्वास्थ्य केंद्र में आवश्यक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित रखने का निर्देश दिया। साथ ही, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में चलंत पशु चिकित्सालय का सुचारू एवं प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।1
- लखीसराय बाढ़ राहत सामग्री वाहन को प्रभारी मंत्री ने दिखाई हरी झंडी लखीसराय। जिले में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत पहुंचाने के उद्देश्य से रविवार को जिला मुख्यालय परिसर से बाढ़ राहत सामग्री से लदे वाहनों को रवाना किया गया। बिहार सरकार के ग्रामीण कार्य विभाग मंत्री सह लखीसराय जिले के प्रभारी मंत्री सुनील कुमार ने सूर्यगढ़ा विधायक रामानंद मंडल, जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार, पुलिस अधीक्षक प्रेरणा कुमार एवं उप विकास आयुक्त सुमित कुमार की मौजूदगी में राहत सामग्री वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। राहत सामग्री वाहन जिले के विभिन्न प्रखंडों के बाढ़ प्रभावित इलाकों में पहुंचेगा, जहां जरूरतमंद लोगों के बीच आवश्यक राहत सामग्री का वितरण किया जाएगा। प्रशासन द्वारा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य को लेकर लगातार निगरानी रखी जा रही है।इस मौके पर प्रशासनिक एवं संबंधित विभागों के पदाधिकारी भी मौजूद रहे।1
- अलीगंज बाजार की बदहाल सड़क पर कांग्रेस का अनोखा विरोध, गड्ढों में रोपा धान नवादा-सिकंदरा मुख्य मार्ग की जर्जर स्थिति के खिलाफ प्रदर्शन, अविलंब मरम्मत की मांग अलीगंज बाजार की बदहाल सड़क पर कांग्रेस का अनोखा विरोध, गड्ढों में रोपा धान नवादा-सिकंदरा मुख्य मार्ग की जर्जर स्थिति के खिलाफ प्रदर्शन, अविलंब मरम्मत की मांग अलीगंज से मुमताज। नवादा-सिकंदरा मुख्य मार्ग की बदहाल स्थिति के खिलाफ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने रविवार को अलीगंज बाजार में अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया। अलीगंज बाजार की मुख्य सड़क सहित आढ़ा एवं चंद्रदीप क्षेत्र में जर्जर सड़क और जगह-जगह बने बड़े-बड़े गड्ढों में जलजमाव के बीच कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने धान रोपकर सरकार एवं संबंधित विभाग के खिलाफ अपना आक्रोश जताया। प्रदर्शन का नेतृत्व कांग्रेस के पूर्व जिला महासचिव राजेश पासवान ने किया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सड़क पर उतरकर जमकर नारेबाजी की और सरकार एवं संबंधित विभाग से सड़क की अविलंब मरम्मत कराने की मांग की। कार्यकर्ताओं ने कहा कि मुख्य मार्ग की स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि सड़क और खेत में अंतर करना मुश्किल हो गया है। बारिश होते ही सड़क के गड्ढों में पानी भर जाता है, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। पूर्व जिला महासचिव राजेश पासवान ने कहा कि जर्जर नवादा-सिकंदरा मुख्य मार्ग डबल इंजन की सरकार के विकास के दावों की पोल खोलने के लिए काफी है। उन्होंने कहा कि थोड़ी सी बारिश होते ही सड़क जलमग्न हो जाती है और बीच सड़क पर बने बड़े-बड़े गड्ढे दुर्घटना को न्योता दे रहे हैं। इस मार्ग से प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग आवागमन करते हैं, बावजूद इसके सड़क की मरम्मत को लेकर जिम्मेदार विभाग गंभीर नहीं है। उन्होंने स्थानीय सांसद और विधायक पर भी जनता की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि सोशल मीडिया पर रील बनाने में व्यस्त हैं, जबकि आम जनता जर्जर सड़क पर आवागमन की समस्या झेल रही है। उन्होंने सरकार एवं संबंधित विभाग से तत्काल सड़क की मरम्मत कराने की मांग की। कांग्रेस प्रखंड अध्यक्ष मकेश्वर यादव ने कहा कि निंद्रा में सोई सरकार को जगाने के लिए कांग्रेस पार्टी जनता की समस्याओं को लेकर सड़क पर उतरने को तैयार है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई तो कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा आंदोलन को और तेज किया जाएगा। सड़क पर धान रोपकर किए गए इस अनोखे विरोध प्रदर्शन को देखने के लिए आसपास के लोगों की भीड़ जुट गई। कार्यकर्ताओं ने कहा कि सड़क की बदहाली के कारण आए दिन दुर्घटना की आशंका बनी रहती है और बरसात के दिनों में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। प्रदर्शन में अनुसूचित जाति प्रखंड अध्यक्ष अनिल दास, रंजीत सिंह, अवधेश यादव, मो. इत्तियाक, विक्रम सिंह, शंभू यादव, चंदेश्वर रविदास, अशोक कुमार समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित थे।3