Shuru
Apke Nagar Ki App…
Amit mishra
More news from North West Delhi and nearby areas
- Post by Amit mishra2
- गाय को भारत का राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग ने देश में एक बड़ा सियासी और सोशल मीडिया संग्राम छेड़ दिया है। यह मांग राजनीतिक गलियारों से लेकर विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बहस और टकराव का मुख्य विषय बन गई है।1
- पूरे भारत में गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने की मांग लगातार जोर पकड़ रही है, जिसके समर्थन में साधु-संत, गौ रक्षक और कई समाजसेवी संगठन धरना प्रदर्शन व आंदोलन कर रहे हैं। हालांकि, इस प्रबल मांग के साथ ही सड़कों पर गौ माताओं की बेहद दयनीय और दर्दनाक स्थिति भी स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। कई जगहों पर गौ माताएं कूड़े के ढेर में प्लास्टिक, पॉलीथिन और गंदगी खाने को मजबूर हैं। इसके अतिरिक्त, डेरी संचालक दूध निकालने के बाद गायों को सड़कों पर लावारिस छोड़ देते हैं, जिसके कारण कई बार उनकी दर्दनाक मौत हो जाती है। यह स्थिति एक महत्वपूर्ण प्रश्न खड़ा करती है कि क्या केवल गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करना ही पर्याप्त होगा, या उनके उचित पालन-पोषण और सुरक्षा के लिए ठोस एवं प्रभावी कदम उठाना नितांत आवश्यक है।1
- गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा दिए जाने की एक सबसे बड़ी मांग उठी है। संत समाज ने इस संबंध में एक बड़ा ऐलान किया है, जिसमें कहा गया है कि गौ माता को राष्ट्र माता बनाया जाना चाहिए।1
- कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार, गृह मंत्री जी परमेश्वर और अन्य कांग्रेस विधायकों ने अपनी एकजुटता तथा शक्ति का प्रदर्शन किया। इस घटनाक्रम के बीच, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कर्नाटक के राज्यपाल के विशेष सचिव प्रभु शंकर को अपना इस्तीफा सौंपा है। जानकारी के अनुसार, राज्यपाल थावरचंद गहलोत जो इस समय राज्य से बाहर हैं, आज रात वापस लौट रहे हैं।1
- दिल्ली में ईद की नमाज़ अदा करने के बाद, कुछ मुस्लिम भाइयों ने गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किए जाने की मांग उठाई। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने अपने हाथों में बड़े-बड़े पोस्टर और बैनर ले रखे थे, जिनके माध्यम से उन्होंने अपनी बात रखी। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने स्पष्ट किया कि गाय भारतीय संस्कृति, आस्था और परंपरा का एक महत्वपूर्ण प्रतीक है, और इसी कारण उसे राष्ट्रीय पशु का दर्जा दिया जाना चाहिए। मौके पर मौजूद लोगों ने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि गाय सभी धर्मों और समुदायों के लिए सम्मान का विषय है, और सरकार को इसके संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। यह प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ, जिसमें लोगों ने सामाजिक सौहार्द और भाईचारे का संदेश भी दिया।1
- बाबा जगन्नाथ देव के मंदिर में दर्शन करने के बाद पर्यटकों ने पुरी के समुद्र में जमकर उल्लास मनाया।1
- रामनगरी अयोध्या में ईद-उल-अजहा की नमाज अत्यंत सुकून और सौहार्द के माहौल में अदा की गई। सिविल लाइन स्थित ईदगाह में सुबह से ही नमाजियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी, जहाँ सभी ने एक साथ खुदा की इबादत की। शासन के निर्देशों का पूर्णतः पालन करते हुए, नमाज केवल निर्धारित मस्जिदों और ईदगाहों में ही संपन्न हुई। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। चप्पे-चप्पे पर ड्रोन कैमरों से कड़ी निगरानी रखी गई, और स्वयं जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी तथा एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ग्राउंड पर मौजूद रहकर संपूर्ण व्यवस्था को संभालते दिखे। इसके अतिरिक्त, नगर निगम ने ईदगाह परिसर में विशेष साफ-सफाई का इंतजाम किया था, ताकि नमाजियों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। नमाज के उपरांत, शहर इमाम मौलाना समसुल कादरी ने मुल्क में अमन, खुशहाली और भाईचारे के लिए दुआ कराई। इस शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण अवसर पर, समाजवादी पार्टी के पूर्व मंत्री पवन पांडे भी उपस्थित रहे और उन्होंने सभी को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी।1