*अग्नि से वनों की रक्षा हम सबकी जिम्मेदारी — धनसाय हुरा* *दुर्गूकोंदल में अग्नि से वनों को बचाने प्रशिक्षण सह कार्यशाला आयोजित* *वन संपदा और वन्य प्राणियों की सुरक्षा को लेकर ग्रामीणों व अग्नि प्रहरियों को किया गया प्रशिक्षित* *शिरो कोमरे, व मुकेश गावड़े ने जन-जागरूकता पर दिया जोर* दुर्गूकोदल | 3 फरवरी 2026। पूर्व भानुप्रतापपुर वनमण्डल अंतर्गत वन परिक्षेत्र दुर्गूकोंदल में वनों को आग से बचाने एवं वन्य प्राणियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से अग्नि से वनों को बचाने संबंधी प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम विकासखंड दुर्गूकोदल के साधुमिचगांव मोड़ पर जन-जागरूकता अभियान के तहत आयोजित हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, अग्नि प्रहरी, वन प्रबंधन समिति के सदस्य, ग्रामीणजन एवं स्कूली छात्र-छात्राओं ने सहभागिता निभाई। कार्यक्रम में जनपद सदस्य एवं वन सभापति धनसाय हुरा ने कहा कि जंगल हमारी जीवनरेखा हैं और आग से इनकी रक्षा करना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे छोटी-सी लापरवाही को भी गंभीरता से लें और वनाग्नि की सूचना तुरंत विभाग को दें। इस अवसर पर पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष शिरो कोमरे ने कहा कि वनों की सुरक्षा से ही पर्यावरण संतुलन और आने वाली पीढ़ियों का भविष्य सुरक्षित रहेगा। ग्राम पंचायत साधुमिचगांव के सरपंच मुकेश कुमार गावड़े ने ग्रामीणों को जागरूक करते हुए कहा कि वन्य प्राणियों और जंगलों को बचाने में ग्राम स्तर की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। कार्यशाला में उपवनमण्डलाधिकारी आई. पी. गेंद्रे एवं वन परिक्षेत्र अधिकारी सतीश कुमार मिश्रा द्वारा एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि जंगलों में लगने वाली आग से बहुमूल्य वन संपदा नष्ट होती है, वन्य प्राणियों का जीवन संकट में पड़ता है तथा पर्यावरण असंतुलन, मृदा की उर्वरता में कमी और जल स्रोतों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। प्रशिक्षण के दौरान आग लगने के प्रमुख कारण, रोकथाम के उपाय, फायर लाइन निर्माण, प्रारंभिक स्तर पर आग पर नियंत्रण, त्वरित सूचना तंत्र और विभागीय समन्वय की विस्तृत जानकारी दी गई। अग्नि प्रहरियों एवं वन प्रबंधन समिति के सदस्यों को बताया गया कि समय पर सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से बड़ी वनाग्नि की घटनाओं को रोका जा सकता है। इस अवसर पर साधुमिचगांव स्कूल के छात्र-छात्राओं को भी वन संरक्षण का महत्व समझाया गया। बच्चों को बताया गया कि जंगल केवल संसाधन नहीं, बल्कि जीवनदायिनी संपदा हैं, जिनकी रक्षा करना हम सभी का नैतिक दायित्व है। कार्यक्रम में सिद्धार्थ भारती, एकता कर, अखंड प्रताप तिवारी, डोमार सिंह पटेल, श्रीकान्त यदु, वनपाल हेमलता नरेटी, सतीश कुमार ठाकुर, संजय सेवता, सिताप सिंह नरेटी, लोकेश कुमार उइके सहित समस्त वन विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने संकल्प लिया कि वे वनों को आग से बचाने के लिए सतर्क रहेंगे और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सूचना देकर वन विभाग को सहयोग करेंगे।
*अग्नि से वनों की रक्षा हम सबकी जिम्मेदारी — धनसाय हुरा* *दुर्गूकोंदल में अग्नि से वनों को बचाने प्रशिक्षण सह कार्यशाला आयोजित* *वन संपदा और वन्य प्राणियों की सुरक्षा को लेकर ग्रामीणों व अग्नि प्रहरियों को किया गया प्रशिक्षित* *शिरो कोमरे, व मुकेश गावड़े ने जन-जागरूकता पर दिया जोर* दुर्गूकोदल | 3 फरवरी 2026। पूर्व भानुप्रतापपुर वनमण्डल अंतर्गत वन परिक्षेत्र दुर्गूकोंदल में वनों को आग से बचाने एवं वन्य प्राणियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से अग्नि से वनों को बचाने संबंधी प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम विकासखंड दुर्गूकोदल के साधुमिचगांव मोड़ पर जन-जागरूकता अभियान के तहत आयोजित हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, अग्नि प्रहरी, वन प्रबंधन समिति के सदस्य, ग्रामीणजन एवं स्कूली छात्र-छात्राओं ने सहभागिता निभाई। कार्यक्रम में जनपद सदस्य एवं वन सभापति धनसाय हुरा ने कहा कि जंगल हमारी जीवनरेखा हैं और आग से इनकी रक्षा करना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने ग्रामीणों
से अपील की कि वे छोटी-सी लापरवाही को भी गंभीरता से लें और वनाग्नि की सूचना तुरंत विभाग को दें। इस अवसर पर पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष शिरो कोमरे ने कहा कि वनों की सुरक्षा से ही पर्यावरण संतुलन और आने वाली पीढ़ियों का भविष्य सुरक्षित रहेगा। ग्राम पंचायत साधुमिचगांव के सरपंच मुकेश कुमार गावड़े ने ग्रामीणों को जागरूक करते हुए कहा कि वन्य प्राणियों और जंगलों को बचाने में ग्राम स्तर की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। कार्यशाला में उपवनमण्डलाधिकारी आई. पी. गेंद्रे एवं वन परिक्षेत्र अधिकारी सतीश कुमार मिश्रा द्वारा एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि जंगलों में लगने वाली आग से बहुमूल्य वन संपदा नष्ट होती है, वन्य प्राणियों का जीवन संकट में पड़ता है तथा पर्यावरण असंतुलन, मृदा की उर्वरता में कमी और जल स्रोतों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। प्रशिक्षण के दौरान आग लगने के प्रमुख कारण, रोकथाम के उपाय, फायर लाइन निर्माण, प्रारंभिक स्तर पर
आग पर नियंत्रण, त्वरित सूचना तंत्र और विभागीय समन्वय की विस्तृत जानकारी दी गई। अग्नि प्रहरियों एवं वन प्रबंधन समिति के सदस्यों को बताया गया कि समय पर सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से बड़ी वनाग्नि की घटनाओं को रोका जा सकता है। इस अवसर पर साधुमिचगांव स्कूल के छात्र-छात्राओं को भी वन संरक्षण का महत्व समझाया गया। बच्चों को बताया गया कि जंगल केवल संसाधन नहीं, बल्कि जीवनदायिनी संपदा हैं, जिनकी रक्षा करना हम सभी का नैतिक दायित्व है। कार्यक्रम में सिद्धार्थ भारती, एकता कर, अखंड प्रताप तिवारी, डोमार सिंह पटेल, श्रीकान्त यदु, वनपाल हेमलता नरेटी, सतीश कुमार ठाकुर, संजय सेवता, सिताप सिंह नरेटी, लोकेश कुमार उइके सहित समस्त वन विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने संकल्प लिया कि वे वनों को आग से बचाने के लिए सतर्क रहेंगे और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सूचना देकर वन विभाग को सहयोग करेंगे।
- एसपी कार्यालय में "Cop of month" सम्मान - उत्कृष्ट सेवा हेतु सम्मानित1
- Now Showing At #Raj #Talkies #Raipur1
- रायपुर में ऑनलाइन सट्टा गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए पुलिस ने 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर 17 लाख रुपये नगद सहित लगभग 19.70 लाख रुपये का सामान जब्त किया है. म्यूल खातों के जरिए लेन-देन किया जा रहा था. ग्राहकों पर भी कार्रवाई होगी.1
- 12 फरवरी गुरुवार को दोपहर 3 बजे मिली जानकारी अनुसार बता दें कि पुलिस महानिरीक्षक राजनांदगांव रेंज के मार्गदर्शन में जिला केसीजी पुलिस द्वारा सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम एवं यातायात नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सघन वाहन चेकिंग अभियान चलाया गया। दिनांक 11 फरवरी को जिले के समस्त थाना, चौकी एवं यातायात शाखा द्वारा संयुक्त रूप से अभियान संचालित किया गया। इस दौरान शराब पीकर वाहन चलाने वाले चालकों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करते हुए मोटरयान अधिनियम की धारा 185 के तहत कुल 12 प्रकरण दर्ज किए गए। इनमें थाना छुईखदान से 5, ठेलकाडीह से 1, गंडई से 1 एवं यातायात शाखा से 5 प्रकरण शामिल हैं। सभी आरोपियों को माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया जा रहा है तथा उनके ड्राइविंग लाइसेंस निलंबन हेतु प्रकरण आरटीओ कार्यालय भेजे जाएंगे। इसके अतिरिक्त यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले 106 वाहन चालकों पर चालानी कार्रवाई करते हुए कुल ₹31,600 रुपये का समन शुल्क वसूला गया। पुलिस प्रशासन ने आम नागरिकों से यातायात नियमों का पालन करने, शराब पीकर वाहन न चलाने एवं सुरक्षित ड्राइविंग अपनाने की अपील की है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि सड़क सुरक्षा को लेकर ऐसे अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे और नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।1
- ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा गिरोह का भंडाफोड़, 17.लाख नकद समेत चार गिरफ्तार पुलिस के मुताबिक 11 फरवरी की शाम मुखबिर से सूचना मिली थी कि तिरंगा चौक फेस-02 कबीर नगर के पास कुछ युवक ऑनलाइन सट्टा वेबसाइटों के जरिए क्रिकेट सट्टा चला रहे हैं। जैसी साइटों से सट्टा संचालन करना स्वीकार किया। गिरफ्तार आरोपी 01. दीपक सचदेवा पिता स्व. धर्मेन्द्र सचदेवा उम्र 30 वर्ष निवासी एम 02/56 फेस 03 कबीर नगर तिरंगा चौक के पास, थाना कबीर नगर रायपुर। 02. गौरव सचदेवा पिता सतीश सचदेवा उम्र 29 वर्ष निवासी कंचनजंघा काम्प्लेक्स सी ब्लॉक 106 फर्स्ट फ्लोर आदर्श चौक थाना कबीर नगर रायपुर। 03. ऋषभ रंगलानी पिता स्व. नारायण प्रकाश रंगलानी उम्र 30 वर्ष निवासी मारूति विहार कालोनी आर के माल के पास पलाश काम्प्लेक्स, थाना आमानाका रायपुर।1
- पुलिस थाना लांजी अंतर्गत निवासी 31 वर्षी युवक को जहरीली दवा का सेवन करने के कारण उपचार हेतु सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया, मिली जानकारी के अनुसार अज्ञात कारण के चलते अमित नामक 31 वर्षी युवक ने चूहा मार जहरीली दवा का सेवन कर लिया, जब उसने खुद इस बात को अपने परिजनों को बताया इसके बाद चिंतित परिजनों ने तत्काल उसे सिविल अस्पताल लांजी लाकर भर्ती कराया जहां मौजूद चिकित्सा की स्टाफ के द्वारा तत्काल ही उसका उपचार प्रारंभ कर दिया गया, परिजनों ने बताया कि फिलहाल उसकी हालत खतरे से बाहर है।1
- *नवरंगपुर के नेत्रहीन कलाकारों ने संगीत का समां बांध दिया,* *"जन सहयोग" ने किया स्वागत ,सत्कार ,सहयोग* काँकेर। कहते हैं किसी के शारीरिक दोष का मजाक नहीं उड़कर उसके गुणों पर ध्यान देकर मदद करनी चाहिए। इसका साक्षात प्रमाण शहर वासियों ने तब देखा, जब उड़ीसा के नवरंगपुर से आए हुए 6 नेत्रहीन कलाकारों ने अपने संगीत से पुराने बस स्टैंड में समां बांध दिया। "एक अभाव अनंत सौभाग्य " की कहावत को साकार रूप देते हुए इन कलाकारों ने 'जीवन नेत्रहीन' नामक संगीत संस्था गठित की है, जिसके द्वारा सार्वजनिक संगीत कार्यक्रम दिए जाते हैं। 11 फरवरी को इन कलाकारों का काँकेर आगमन हुआ, जहां उन्होंने पुराने बस स्टैंड में भजन संध्या प्रस्तुत की। दोपहर 3:00 बजे यह लोग समाजसेवी अजय पप्पू मोटवानी से मिले और उन्हें याद दिलाया कि पिछले वर्ष भी हम लोग आए थे और आप की संस्था ने हमारी बहुत मदद की थी। यह जानकारी मिलते ही शहर तथा प्रदेश की लोकप्रिय समाज सेवी संस्था "जन सहयोग" के अध्यक्ष अजय पप्पू मोटवानी ने कलाकारों का स्वागत किया, ट्रैफिक पुलिस को बुलाकर पुराने बस स्टैंड में उनके कार्यक्रम स्थल हेतु गाड़ियों का जमावड़ा हटाकर उनके भोजन तथा रात्रि विश्राम का भी अच्छा प्रबंध किया, सुबह के नाश्ते एवं गाड़ी का भी इंतजाम किया। उल्लेखनीय है कि ये कलाकार पिछले वर्ष भी यहां आए थे और जन सहयोग के अनुरोध पर कार्यक्रम दिया था। कल का संगीत कार्यक्रम 6 से 9 बजे तक चलता रहा। जिसके कलाकार इस प्रकार थे , लिंगराज पटनायक, लिपू जेना, प्रशांत बेहरा, कादंबरी बेहरा, भीमसेन नायक, कृष्णा पटनोअर, लक्ष्मी प्रिया सेठी, उनके देखभाल करने वाले भैया लोग जितेंद्र कछवा तथा सावन मरावी। उनके द्वारा मनमोहक संगीत की प्रस्तुति से प्रभावित होकर आम नागरिकों ने भी उनकी दान पेटी में दिल खोलकर सहायता राशि प्रदान की। इस अवसर पर अजय पप्पू मोटवानी ने कलाकारों की प्रशंसा करते हुए कहा कि हमारी समाज सेवा संस्था के उद्देश्यों में से एक यह भी है कि विकलांग तथा गरीब कलाकारों की हर तरह से सहायता की जाए। हम उनकी कला का हार्दिक सम्मान करते हुए शुभकामना करते हैं कि भविष्य में उन्हें कोई भी आर्थिक या अन्य प्रकार का कष्ट ना हो और उनकी कला नित्य नई ऊंचाइयों को स्पर्श करती रहे। नेत्रहीनों की सेवा में अजय पप्पू मोटवानी के अलावा भूतपूर्व सैनिक टी के जैन, प्रवीण गुप्ता, करण नेताम ,राजेश चौहान, शैलेंद्र देहारी आदि वरिष्ठ समाज सेवकों ने उत्साह पूर्वक भाग लिया।2
- जिला न्यायालय में नेशनल लोक अदालत 14 मार्च को, सफल संचालन हेतु जिला स्तरीय बैठक आयोजित1
- 12 फरवरी गुरुवार को दोपहर 1 बजे जिला कार्यालय खैरागढ़ से मिली जानकारी अनुसार समर्थन मूल्य पर धान बेचने वाले किसानों के लिए राज्य सरकार ने बड़ा राहतभरा फैसला लिया है। केसीजी जिला सहित पूरे प्रदेश के किसानों को ₹3100 प्रति क्विंटल के मान से धान अंतर की राशि होली पर्व से पूर्व एकमुश्त प्रदान की जाएगी। इस निर्णय से जिले के हजारों धान उत्पादक किसानों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा। ग्राम बढ़ईटोला निवासी किसान विश्राम वर्मा ने चर्चा के दौरान प्रदेश सरकार के इस निर्णय पर आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इससे किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन में राज्य सरकार द्वारा किसानों के हित में लिया गया यह महत्वपूर्ण निर्णय खेती किसानी के लिए नया संबल साबित होगा। अंतर राशि की घोषणा से केसीजी जिले सहित पूरे प्रदेश के किसानों में खुशी का माहौल है। किसानों ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार जताते हुए कहा कि सरकार की यह पहल कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने की दिशा में एक सराहनीय कदम है।1