प्रवीण तोगड़िया भोजशाला पहुंचे: बोले-मंदिर और मूर्तियां मौजूद हों वहां दूसरी धार्मिक गतिविधियां कैसे हो सकती हैं प्रवीण तोगड़िया भोजशाला पहुंचे: बोले-मंदिर और मूर्तियां मौजूद हों वहां दूसरी धार्मिक गतिविधियां कैसे हो सकती हैं राहुल सेन मांडव मो 9669141814 धार न्यूज/धार की ऐतिहासिक भोजशाला एक बार फिर चर्चा में है। अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद के संस्थापक प्रवीण तोगड़िया ने सोमवार को भोजशाला का दौरा किया। उन्होंने यहां मां वाग्देवी के दर्शन किए और परिसर में मौजूद विभिन्न धार्मिक चिन्हों का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने सोशल मीडिया पर लाइव होकर अपने विचार भी साझा किए। परिसर में मिले धार्मिक चिन्हों का किया उल्लेख भोजशाला परिसर के निरीक्षण के बाद तोगड़िया ने अखंड ज्योति मंदिर में मीडिया से बातचीत की। उन्होंने दावा किया कि भोजशाला एक सरस्वती मंदिर है। उनके अनुसार, यहां मौजूद शिवलिंग, कार्तिकेय स्वामी की मूर्ति, शंकर जी के प्रतीक, कालसर्प यंत्र और दीवारों पर अंकित यक्षिणी जैसे चिन्ह इसके प्राचीन हिंदू धार्मिक स्थल होने के प्रमाण हैं। निर्बाध पूजा व्यवस्था की उठाई मांग तोगड़िया ने बताया कि वे करीब 23 साल पहले भी भोजशाला के मुद्दे पर यहां आए थे, जिसके बाद एक बड़ा आंदोलन शुरू हुआ था। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि यहां मूर्ति के साथ नियमित और निर्बाध पूजा की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि जिन स्थानों पर मंदिर और मूर्तियां मौजूद हों, वहां अन्य धार्मिक गतिविधियां नहीं होनी चाहिए। तोगड़िया ने इसे आस्था और परंपरा का विषय बताते हुए इस दिशा में स्पष्ट निर्णय लेने की मांग की।आंदोलन की दी चेतावनी अपने संबोधन में तोगड़िया ने वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि देश और प्रदेश में ऐसी स्थितियां हैं, जहां धार्मिक आस्थाओं के संरक्षण के लिए कदम उठाए जा सकते हैं। उन्होंने संकेत दिया कि जरूरत पड़ी तो इस मुद्दे पर फिर से बड़ा जनआंदोलन शुरू किया जाएगा। तोगड़िया ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद और उससे जुड़े संगठन पहले भी इस विषय को उठा चुके हैं और आगे भी इसकी धार्मिक पहचान बनाए रखने के लिए आवाज उठाते रहेंगे। उनके दौरे और बयानों के बाद भोजशाला को लेकर बहस एक बार फिर तेज हो गई है, जिससे आने वाले समय में यह मुद्दा राजनीतिक और सामाजिक रूप से और गरमा सकता है।
प्रवीण तोगड़िया भोजशाला पहुंचे: बोले-मंदिर और मूर्तियां मौजूद हों वहां दूसरी धार्मिक गतिविधियां कैसे हो सकती हैं प्रवीण तोगड़िया भोजशाला पहुंचे: बोले-मंदिर और मूर्तियां मौजूद हों वहां दूसरी धार्मिक गतिविधियां कैसे हो सकती हैं राहुल सेन मांडव मो 9669141814 धार न्यूज/धार की ऐतिहासिक भोजशाला एक बार फिर चर्चा में है। अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद के संस्थापक प्रवीण तोगड़िया ने सोमवार को भोजशाला का दौरा किया। उन्होंने यहां मां वाग्देवी के दर्शन किए और परिसर में मौजूद विभिन्न धार्मिक चिन्हों का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने सोशल मीडिया पर लाइव होकर अपने विचार भी साझा
किए। परिसर में मिले धार्मिक चिन्हों का किया उल्लेख भोजशाला परिसर के निरीक्षण के बाद तोगड़िया ने अखंड ज्योति मंदिर में मीडिया से बातचीत की। उन्होंने दावा किया कि भोजशाला एक सरस्वती मंदिर है। उनके अनुसार, यहां मौजूद शिवलिंग, कार्तिकेय स्वामी की मूर्ति, शंकर जी के प्रतीक, कालसर्प यंत्र और दीवारों पर अंकित यक्षिणी जैसे चिन्ह इसके प्राचीन हिंदू धार्मिक स्थल होने के प्रमाण हैं। निर्बाध पूजा व्यवस्था की उठाई मांग तोगड़िया ने बताया कि वे करीब 23 साल पहले भी भोजशाला के मुद्दे पर यहां आए थे, जिसके बाद एक बड़ा आंदोलन शुरू
हुआ था। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि यहां मूर्ति के साथ नियमित और निर्बाध पूजा की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि जिन स्थानों पर मंदिर और मूर्तियां मौजूद हों, वहां अन्य धार्मिक गतिविधियां नहीं होनी चाहिए। तोगड़िया ने इसे आस्था और परंपरा का विषय बताते हुए इस दिशा में स्पष्ट निर्णय लेने की मांग की।आंदोलन की दी चेतावनी अपने संबोधन में तोगड़िया ने वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि देश और प्रदेश में ऐसी स्थितियां हैं, जहां धार्मिक आस्थाओं के संरक्षण के
लिए कदम उठाए जा सकते हैं। उन्होंने संकेत दिया कि जरूरत पड़ी तो इस मुद्दे पर फिर से बड़ा जनआंदोलन शुरू किया जाएगा। तोगड़िया ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद और उससे जुड़े संगठन पहले भी इस विषय को उठा चुके हैं और आगे भी इसकी धार्मिक पहचान बनाए रखने के लिए आवाज उठाते रहेंगे। उनके दौरे और बयानों के बाद भोजशाला को लेकर बहस एक बार फिर तेज हो गई है, जिससे आने वाले समय में यह मुद्दा राजनीतिक और सामाजिक रूप से और गरमा सकता है।
- Post by Journalist Akki1
- प्रवीण तोगड़िया भोजशाला पहुंचे: बोले-मंदिर और मूर्तियां मौजूद हों वहां दूसरी धार्मिक गतिविधियां कैसे हो सकती हैं राहुल सेन मांडव मो 9669141814 धार न्यूज/धार की ऐतिहासिक भोजशाला एक बार फिर चर्चा में है। अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद के संस्थापक प्रवीण तोगड़िया ने सोमवार को भोजशाला का दौरा किया। उन्होंने यहां मां वाग्देवी के दर्शन किए और परिसर में मौजूद विभिन्न धार्मिक चिन्हों का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने सोशल मीडिया पर लाइव होकर अपने विचार भी साझा किए। परिसर में मिले धार्मिक चिन्हों का किया उल्लेख भोजशाला परिसर के निरीक्षण के बाद तोगड़िया ने अखंड ज्योति मंदिर में मीडिया से बातचीत की। उन्होंने दावा किया कि भोजशाला एक सरस्वती मंदिर है। उनके अनुसार, यहां मौजूद शिवलिंग, कार्तिकेय स्वामी की मूर्ति, शंकर जी के प्रतीक, कालसर्प यंत्र और दीवारों पर अंकित यक्षिणी जैसे चिन्ह इसके प्राचीन हिंदू धार्मिक स्थल होने के प्रमाण हैं। निर्बाध पूजा व्यवस्था की उठाई मांग तोगड़िया ने बताया कि वे करीब 23 साल पहले भी भोजशाला के मुद्दे पर यहां आए थे, जिसके बाद एक बड़ा आंदोलन शुरू हुआ था। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि यहां मूर्ति के साथ नियमित और निर्बाध पूजा की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि जिन स्थानों पर मंदिर और मूर्तियां मौजूद हों, वहां अन्य धार्मिक गतिविधियां नहीं होनी चाहिए। तोगड़िया ने इसे आस्था और परंपरा का विषय बताते हुए इस दिशा में स्पष्ट निर्णय लेने की मांग की।आंदोलन की दी चेतावनी अपने संबोधन में तोगड़िया ने वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि देश और प्रदेश में ऐसी स्थितियां हैं, जहां धार्मिक आस्थाओं के संरक्षण के लिए कदम उठाए जा सकते हैं। उन्होंने संकेत दिया कि जरूरत पड़ी तो इस मुद्दे पर फिर से बड़ा जनआंदोलन शुरू किया जाएगा। तोगड़िया ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद और उससे जुड़े संगठन पहले भी इस विषय को उठा चुके हैं और आगे भी इसकी धार्मिक पहचान बनाए रखने के लिए आवाज उठाते रहेंगे। उनके दौरे और बयानों के बाद भोजशाला को लेकर बहस एक बार फिर तेज हो गई है, जिससे आने वाले समय में यह मुद्दा राजनीतिक और सामाजिक रूप से और गरमा सकता है।4
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- लाख कोशिशें के बाद में भी इंदौर का ट्रैफिक सुधारने का नहीं सियागंज पटेल ब्रिज इंदौर इंदौर के पटेल ब्रिज की सियागंज वाली भुजा पर आए दिन चार पहिया वाहन दो पहिया वाहन का बन जाता है पार्किंग स्थल इंदौर का सबसे व्यस्ततम व्यावसायिक एरिया सियागंज का होने की वजह से यहां पर ट्रैफिक की समस्या भरपूर रहती है और व्यापारिक और खरीददार अपने वाहनों को पार्किंग में रखने की बजाय पटेल ब्रिज के फुटपाथ पर दो पहिया और ठेले रखकर इन्हें चैन से बांध देते हैं जबकि चार पहिया वाहन पटेल ब्रिज के दोनों साइड खड़े कर दिए जाते हैं इससे यहां पर जाम की स्थिति हमेशा बनी रहती है ट्रैफिक पुलिस ईश्वर ध्यान ही नहीं देती है जबकि ट्रैफिक थाना यहां से कुछ ही दूरी पर है ट्रैफिक रिकवरी वन को उठाकर ले जाते हैं और फॉर्मेलिटी पूरे करके बैठ जाते हैं इस और अगर उच्च अधिकारी ध्यान दें तो कुछ इसका निराकरण हो सकता है1
- Post by Journalist Akki1