जिलाधिकारी की अध्यक्षता में मार्गों के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्यों की प्रगति की हुई समीक्षा, दिए गए निर्देश जिलाधिकारी कपिल सिंह की अध्यक्षता एवं मुख्य विकास अधिकारी विधान जायसवाल की उपस्थिति में माती कलेक्ट्रेट सभागार कक्ष में जनपद के विभिन्न मार्गों के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्यों के अंतर्गत स्वीकृत यूटिलिटी शिफ्टिंग कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में विद्युत विभाग द्वारा विद्युत पोल शिफ्टिंग, वन विभाग द्वारा वृक्षों के कटान तथा जल निगम द्वारा पाइप लाइन शिफ्टिंग से संबंधित कार्यों की अद्यतन स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई।बैठक में जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि मार्ग चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्यों को समयबद्ध रूप से पूर्ण कराने के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय स्थापित करते हुए कार्यों में तेजी लाएं। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी तथा जिन मार्गों पर विद्युत पोल, वृक्ष अथवा पाइप लाइन शिफ्टिंग की आवश्यकता है, वहां निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्य पूर्ण कराया जाए। जिलाधिकारी ने विभिन्न विभागों द्वारा विद्युत पोल शिफ्टिंग, वृक्षों के कटान व पाइपलाइन शिफ्टिंग कार्यों में देरी पाए जाने पर नाराजगी व्यक्त की तथा संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए की समय सीमा निर्धारित कर कार्यो को पूर्ण कराया जाए, किसी प्रकार की लापरवाही अथवा तय समय सीमा में कार्य पूर्ण न किए जाने पर संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी । उन्होंने विद्युत विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्वीकृत विद्युत पोल शिफ्टिंग कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण किया जाए, जिससे सड़क निर्माण एवं चौड़ीकरण कार्य बाधित न हो। उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों को आवश्यक अनुमतियों एवं प्रक्रियाओं का पालन करते हुए वृक्ष कटान एवं संबंधित कार्यों को शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए। साथ ही जल निगम के अधिकारियों को पाइप लाइन शिफ्टिंग के कार्यों में तेजी लाते हुए कार्यदायी संस्थाओं के साथ समन्वय बनाए रखने को कहा। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि नियमित रूप से प्रगति की समीक्षा करते हुए उत्पन्न होने वाली समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें, जिससे जनहित से जुड़े विकास कार्य समय पर पूर्ण हो सकें और आमजन को बेहतर आवागमन सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी डीएफओ प्रोमिला, अधीक्षण/अधिशासी अभियंता विद्युत विभाग, लोक निर्माण विभाग के अधिकारी तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में मार्गों के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्यों की प्रगति की हुई समीक्षा, दिए गए निर्देश जिलाधिकारी कपिल सिंह की अध्यक्षता एवं मुख्य विकास अधिकारी विधान जायसवाल की उपस्थिति में माती कलेक्ट्रेट सभागार कक्ष में जनपद के विभिन्न मार्गों के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्यों के अंतर्गत स्वीकृत यूटिलिटी शिफ्टिंग कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में विद्युत विभाग द्वारा विद्युत पोल शिफ्टिंग, वन विभाग द्वारा वृक्षों के कटान तथा जल निगम द्वारा पाइप लाइन शिफ्टिंग से संबंधित कार्यों की अद्यतन स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई।बैठक में जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि मार्ग चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्यों को समयबद्ध रूप से पूर्ण कराने के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय स्थापित करते हुए कार्यों में तेजी लाएं। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी तथा जिन मार्गों पर विद्युत पोल, वृक्ष अथवा पाइप लाइन शिफ्टिंग की आवश्यकता है, वहां निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्य पूर्ण कराया जाए। जिलाधिकारी ने विभिन्न विभागों द्वारा विद्युत पोल शिफ्टिंग, वृक्षों के कटान व पाइपलाइन शिफ्टिंग कार्यों में देरी पाए जाने पर नाराजगी व्यक्त की तथा संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए की समय सीमा निर्धारित कर कार्यो को पूर्ण कराया जाए, किसी प्रकार की लापरवाही अथवा तय समय सीमा में कार्य पूर्ण न किए जाने पर संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी । उन्होंने विद्युत विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्वीकृत विद्युत पोल शिफ्टिंग कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण किया जाए, जिससे सड़क निर्माण एवं चौड़ीकरण कार्य बाधित न हो। उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों को आवश्यक अनुमतियों एवं प्रक्रियाओं का पालन करते हुए वृक्ष कटान एवं संबंधित कार्यों को शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए। साथ ही जल निगम के अधिकारियों को पाइप लाइन शिफ्टिंग के कार्यों में तेजी लाते हुए कार्यदायी संस्थाओं के साथ समन्वय बनाए रखने को कहा। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि नियमित रूप से प्रगति की समीक्षा करते हुए उत्पन्न होने वाली समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें, जिससे जनहित से जुड़े विकास कार्य समय पर पूर्ण हो सकें और आमजन को बेहतर आवागमन सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी डीएफओ प्रोमिला, अधीक्षण/अधिशासी अभियंता विद्युत विभाग, लोक निर्माण विभाग के अधिकारी तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
- ब्रेकिंग न्यूज जालौन जिले के उरई कोतवाली क्षेत्र के कोंच बस स्टैंड पर युवक से 15 हजार जालौन जिले के उरई कोतवाली क्षेत्र के कोंच बस स्टैंड पर युवक से 15 हजार रुपये और मोबाइल की टप्पेबाजी फर्जी सोने-चांदी के आभूषण का झांसा देकर ठगी का मामला आया सामने कानपुर से भिंड जा रहा था पीड़ित युवक बॉबी बस स्टैंड पर पानी पीने के दौरान कुछ लोग उसके पास पहुंचे सस्ते दाम में सोने-चांदी के आभूषण देने का दिया गया झांसा बहन के लिए मोरछट का सामान खरीदने के लिए रुपये लेकर निकला था युवक पीड़ित ने पुलिस को शिकायती पत्र देकर कार्रवाई की मांग2
- माता-पिता के बाद दादी का भी उठा साया, छह बहनें हुईं बेसहारा ➡️ सीगपुरा गांव की छह बहनों पर टूटा दुखों का पहाड़ ➡️ 2023 में कैंसर से पिता विजय सिंह बरार की हुई थी मौत ➡️ पिता की मौत के एक महीने बाद मां राम सिया देवी का भी निधन ➡️ अब 14 सितंबर 2026 को दादी मुला देवी का भी निधन ➡️ 13 वर्षीय अंजलि, 10 वर्षीय दिव्या, 9 वर्षीय प्रतिज्ञा समेत छह बहनों के सिर से उठा आखिरी सहारा ➡️ बच्चियों ने प्रशासन से मदद की लगाई गुहार ➡️ समाजसेवियों और सक्षम लोगों से भी बच्चियों की मदद की अपील 📍 मामला जालौन ब्लॉक के सीगपुरा गांव का है।1
- जालौन जालौन में अपनों का छूटा साथ, पेट की मार के बीच 6 जालौन में अपनों का छूटा साथ, पेट की मार के बीच 6 बहने बेसहारा, बेसहारा हुई 6 नाबालिग बहनों के जिंदगी की जद्दोजहद, माता-पिता के बाद अब दादी का भी मासूमों से सिर से उठा साया, माता-पिता के गुजरने के बाद दादी के भरोसे रह रहीं थीं 6 सगी बहनें, कच्चे मकान में हो रही थी गुजर बसर, जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे रिश्तेदार, नाबालिग बच्ची अंजली ने जिला प्रशासन से वीडियो के जरिए लगाई मदद की गुहार, ग्रामीणों ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर किया वायरल, जालौन तहसील क्षेत्र के सींगपुरा गांव का मामला।2
- मिशन AI से यूपी की तरक्की को मिलेगी नई रफ्तार, युवाओं के लिए खुलेंगे नए अवसर लखनऊ। उत्तर प्रदेश में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते इस्तेमाल के साथ प्रदेश के विकास को नई दिशा और रफ्तार देने की तैयारी है। मिशन AI के माध्यम से तकनीक, शिक्षा, रोजगार और नवाचार के क्षेत्र में युवाओं के लिए नए अवसर विकसित किए जाने पर जोर दिया जा रहा है। AI के जरिए सरकारी सेवाओं को और अधिक प्रभावी एवं तकनीक आधारित बनाने के साथ-साथ उद्योगों, स्टार्टअप और शिक्षा क्षेत्र को भी नई संभावनाएं मिलने की उम्मीद है। इससे युवाओं को आधुनिक तकनीकी कौशल हासिल करने, रोजगार के नए अवसर तलाशने और अपने स्टार्टअप विकसित करने में मदद मिल सकती है। मिशन AI के तहत युवाओं को AI, मशीन लर्निंग, डेटा एनालिटिक्स और डिजिटल तकनीक जैसे क्षेत्रों में कौशल विकास से जोड़ने पर विशेष जोर दिया जा सकता है। इससे प्रदेश के युवा बदलती तकनीकी जरूरतों के अनुरूप खुद को तैयार कर सकेंगे। उत्तर प्रदेश में AI आधारित नवाचार को बढ़ावा मिलने से उद्योगों की कार्यक्षमता बढ़ाने, समस्याओं के बेहतर समाधान और रोजगार के नए क्षेत्रों के सृजन की संभावनाएं मजबूत होंगी। सरकार और तकनीकी संस्थानों के प्रयासों से प्रदेश को डिजिटल और तकनीकी रूप से और सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। मिशन AI से उत्तर प्रदेश के युवाओं को तकनीक के नए अवसरों से जोड़ने और प्रदेश को आधुनिक, आत्मनिर्भर एवं तकनीक-सक्षम बनाने की दिशा में नई संभावनाएं सामने आ रही हैं।1
- 47 आवासों की जांच या ‘दो दिन’ का अनंत इंतजार? तुम चाहे लखनऊ तक चले जाओ, हमारे आवास नहीं कटवा पाओगे 47 आवासों की जांच या ‘दो दिन’ का अनंत इंतजार? एक माह से जांच टीम रास्ते में! शिकायतकर्ता बोले—लखनऊ से दिल्ली तक जाएंगे, जरूरत पड़ी तो अनशन भी करेंगे! जालौन। सालाबाद गांव में प्रधानमंत्री आवास योजना के 47 नामों की जांच का मामला अब ऐसा लग रहा है जैसे जांच टीम ने गांव जाने के लिए नहीं, बल्कि लंबी छुट्टी मनाने का प्लान बना लिया हो! 😂 करीब एक माह बीत गया, शिकायत हुई, अधिकारियों को प्रार्थना पत्र दिए गए, जांच टीम भी बनी—लेकिन मौके पर जांच का इंतजार आज भी जारी है। ऊपर से पिछले 15-20 दिनों से कानूनगो और लेखपाल की ओर से फोन आता रहा कि “जांच करने आ रहे हैं”… मगर जांच है कि आने का नाम ही नहीं ले रही! आखिरकार शिकायतकर्ता सीधे एसडीएम जालौन राकेश कुमार सोनी के पास पहुंच गए और पूछा कि साहब, जांच आखिर हो कब रही है? एसडीएम ने शिकायतकर्ताओं को बताया कि दो दिन के अंदर जांच करा दी जाएगी। अब शिकायतकर्ताओं की निगाहें घड़ी पर हैं—कहीं ये दो दिन भी सरकारी कैलेंडर के हिसाब से ‘थोड़े लंबे’ न निकल जाएं! 😂 “लखनऊ तक जाओगे तो हम दिल्ली तक जाएंगे!” शिकायतकर्ताओं का कहना है कि गांव में कुछ लोगों द्वारा कथित तौर पर कहा जा रहा है—“तुम चाहे लखनऊ तक चले जाओ, हमारे आवास नहीं कटवा पाओगे।” अब शिकायतकर्ताओं ने भी जवाब दे दिया है—लखनऊ तक ही क्यों, जरूरत पड़ी तो दिल्ली तक जाएंगे! उनका कहना है कि जरूरत पड़ी तो अनशन भी करेंगे, लेकिन जांच कराकर रहेंगे। उनका साफ कहना है कि मामला किसी का हक छीनने का नहीं है—जो पात्र हैं, उन्हें आवास मिले और जो अपात्र हैं, उनके नाम सूची से हटाए जाएं। अब असली सवाल—जांच होगी या फिर ‘दो दिन’ फिर बढ़ेंगे? जब जांच टीम बनी थी तो सवाल यह है कि एक महीने तक टीम गांव क्यों नहीं पहुंची? जब कानूनगो-लेखपाल फोन करके जांच की बात कर रहे थे तो फिर मौके पर जांच क्यों नहीं हुई? और जब एसडीएम ने अब दो दिन का समय दिया है तो क्या इस बार सच में टीम गांव पहुंचेगी? अब ग्रामीण भी इंतजार में हैं और शिकायतकर्ता भी। फिलहाल 47 आवासों की जांच का मामला ऐसा हो गया है—आदेश आते हैं, फोन आते हैं, आश्वासन आते हैं… बस जांच टीम नहीं आती! 😂 अब देखना दिलचस्प होगा कि दो दिन में जांच होती है या ‘दो दिन’ फिर अगली तारीख में बदल जाते हैं। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि वे पात्रों का हक दिलाने और अपात्रों के नाम हटवाने के लिए हर स्तर तक जाने को तैयार हैं।1
- पीड़ित महिला ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर लगाई न्याय की गुहार। कानपुर देहात। महिला ने पुलिस अधीक्षक के पास पहुंचकर लगाई न्याय की गुहार। दरअसल पूरा मामला उत्तर प्रदेश कानपुर देहात के भोगनीपुर थाना क्षेत्र का है जहां पर प्रार्थिनी इरम फातिमा पत्नी शाहरुख अली निवासी ग्राम भोगनीपुर थाना भोगनीपुर ने बताया कि मेरा विवाह 1.6. 2020 को मुस्लिम रीति रिवाज के अनुसार शाहरुख अली पुत्र साकिर अली के साथ हुआ था विवाह के बाद से ही प्रार्थिनी के ससुराल जन पति शाहरुख अली साथ आसमा बेगम जेठ शाकिर अली सलमान अली वह देवर अदनान अली कम दहेज का थाना देकर हमारे साथ गाली-गलौज कर मारपीट करते थे वह शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित करते वह अत्यधिक दहेज के रूप में एक कार की मांग करते थें मांग पूरी न होने पर सभी ससुराली जनों ने मेरे साथ मारपीट की जेट शाकिर अली मौका पाकर कई बार मेरे के साथ छेड़खानी कर चुका है वह गलत कार्य करने का प्रयास कर चुका है प्रार्थिनी व उसके पति के संघर्ष से दो पुत्रिया भी हैं और वही दहेज का ताना देकर प्रार्थिनी को बुरी तरह मारपीट व समस्त स्त्री धन छीन कर घर से धक्के देकर भगा दिया दिनांक 20. 5 .2025 को हमारे पति ने हमको को तीन तलाक कहते हुए तीन तलाक दे दिया और हमारे पति ने सभी के सहयोग व षड्यंत्र से दूसरा विवाह सिमरन पुत्री उमर निवासी उमरिया थाना भोगनीपुर से कर लिया है। वहीं महिला पुलिस अधीक्षक के पास पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई है।1
- जिलाधिकारी की अध्यक्षता में मार्गों के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्यों की प्रगति की हुई समीक्षा, दिए गए निर्देश जिलाधिकारी कपिल सिंह की अध्यक्षता एवं मुख्य विकास अधिकारी विधान जायसवाल की उपस्थिति में माती कलेक्ट्रेट सभागार कक्ष में जनपद के विभिन्न मार्गों के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्यों के अंतर्गत स्वीकृत यूटिलिटी शिफ्टिंग कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में विद्युत विभाग द्वारा विद्युत पोल शिफ्टिंग, वन विभाग द्वारा वृक्षों के कटान तथा जल निगम द्वारा पाइप लाइन शिफ्टिंग से संबंधित कार्यों की अद्यतन स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई।बैठक में जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि मार्ग चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्यों को समयबद्ध रूप से पूर्ण कराने के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय स्थापित करते हुए कार्यों में तेजी लाएं। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी तथा जिन मार्गों पर विद्युत पोल, वृक्ष अथवा पाइप लाइन शिफ्टिंग की आवश्यकता है, वहां निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्य पूर्ण कराया जाए। जिलाधिकारी ने विभिन्न विभागों द्वारा विद्युत पोल शिफ्टिंग, वृक्षों के कटान व पाइपलाइन शिफ्टिंग कार्यों में देरी पाए जाने पर नाराजगी व्यक्त की तथा संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए की समय सीमा निर्धारित कर कार्यो को पूर्ण कराया जाए, किसी प्रकार की लापरवाही अथवा तय समय सीमा में कार्य पूर्ण न किए जाने पर संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी । उन्होंने विद्युत विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्वीकृत विद्युत पोल शिफ्टिंग कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण किया जाए, जिससे सड़क निर्माण एवं चौड़ीकरण कार्य बाधित न हो। उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों को आवश्यक अनुमतियों एवं प्रक्रियाओं का पालन करते हुए वृक्ष कटान एवं संबंधित कार्यों को शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए। साथ ही जल निगम के अधिकारियों को पाइप लाइन शिफ्टिंग के कार्यों में तेजी लाते हुए कार्यदायी संस्थाओं के साथ समन्वय बनाए रखने को कहा। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि नियमित रूप से प्रगति की समीक्षा करते हुए उत्पन्न होने वाली समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें, जिससे जनहित से जुड़े विकास कार्य समय पर पूर्ण हो सकें और आमजन को बेहतर आवागमन सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी डीएफओ प्रोमिला, अधीक्षण/अधिशासी अभियंता विद्युत विभाग, लोक निर्माण विभाग के अधिकारी तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।1
- ब्रेकिंग न्यूज जालौन नदी में गिरी महिला का शव हुआ बरामद l जालौन ⏩नदी में गिरी महिला का शव हुआ बरामद ⏩करीब 50 वर्षीय महिला कुरैशा की हुई मौत ⏩पैर फिसलने से नदी में डूबने आशंका ⏩पुलिस ने गोताखोरों की मदद से शव को किया बरामद ⏩पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा ⏩जालौन के आटा थाना क्षेत्र के भदरेखी गांव का मामला2
- एक माह से जांच टीम रास्ते में! शिकायतकर्ता बोले—लखनऊ से दिल्ली तक जाएंगे, जरूरत पड़ी तो अनशन भी करेंगे! 47 आवासों की जांच या ‘दो दिन’ का अनंत इंतजार? जालौन। सालाबाद गांव में प्रधानमंत्री आवास योजना के 47 नामों की जांच का मामला अब ऐसा लग रहा है जैसे जांच टीम ने गांव जाने के लिए नहीं, बल्कि लंबी छुट्टी मनाने का प्लान बना लिया हो! करीब एक माह बीत गया, शिकायत हुई, अधिकारियों को प्रार्थना पत्र दिए गए, जांच टीम भी बनी—लेकिन मौके पर जांच का इंतजार आज भी जारी है। ऊपर से पिछले 15-20 दिनों से कानूनगो और लेखपाल की ओर से फोन आता रहा कि “जांच करने आ रहे हैं”… मगर जांच है कि आने का नाम ही नहीं ले रही! आखिरकार शिकायतकर्ता सीधे एसडीएम जालौन राकेश कुमार सोनी के पास पहुंच गए और पूछा कि साहब, जांच आखिर हो कब रही है? एसडीएम ने शिकायतकर्ताओं को बताया कि दो दिन के अंदर जांच करा दी जाएगी। अब शिकायतकर्ताओं की निगाहें घड़ी पर हैं—कहीं ये दो दिन भी सरकारी कैलेंडर के हिसाब से ‘थोड़े लंबे’ न निकल जाएं! “लखनऊ तक जाओगे तो हम दिल्ली तक जाएंगे!” शिकायतकर्ताओं का कहना है कि गांव में कुछ लोगों द्वारा कथित तौर पर कहा जा रहा है—“तुम चाहे लखनऊ तक चले जाओ, हमारे आवास नहीं कटवा पाओगे।” अब शिकायतकर्ताओं ने भी जवाब दे दिया है—लखनऊ तक ही क्यों, जरूरत पड़ी तो दिल्ली तक जाएंगे! उनका कहना है कि जरूरत पड़ी तो अनशन भी करेंगे, लेकिन जांच कराकर रहेंगे। उनका साफ कहना है कि मामला किसी का हक छीनने का नहीं है—जो पात्र हैं, उन्हें आवास मिले और जो अपात्र हैं, उनके नाम सूची से हटाए जाएं। अब असली सवाल—जांच होगी या फिर ‘दो दिन’ फिर बढ़ेंगे? जब जांच टीम बनी थी तो सवाल यह है कि एक महीने तक टीम गांव क्यों नहीं पहुंची? जब कानूनगो-लेखपाल फोन करके जांच की बात कर रहे थे तो फिर मौके पर जांच क्यों नहीं हुई? और जब एसडीएम ने अब दो दिन का समय दिया है तो क्या इस बार सच में टीम गांव पहुंचेगी? अब ग्रामीण भी इंतजार में हैं और शिकायतकर्ता भी। फिलहाल 47 आवासों की जांच का मामला ऐसा हो गया है—आदेश आते हैं, फोन आते हैं, आश्वासन आते हैं… बस जांच टीम नहीं आती! अब देखना दिलचस्प होगा कि दो दिन में जांच होती है या ‘दो दिन’ फिर अगली तारीख में बदल जाते हैं। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि वे पात्रों का हक दिलाने और अपात्रों के नाम हटवाने के लिए हर स्तर तक जाने को तैयार हैं।1