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बांदा कनवारा रोड भाजपा कार्यालय में हुआ होली समारोह कार्यक्रम सभी भाजपा के नेता मंत्री रहे मौजूद ।।।

1 hr ago
user_Ranu shukla
Ranu shukla
पत्रकार Banda, Uttar Pradesh•
1 hr ago

बांदा कनवारा रोड भाजपा कार्यालय में हुआ होली समारोह कार्यक्रम सभी भाजपा के नेता मंत्री रहे मौजूद ।।।

More news from Uttar Pradesh and nearby areas
  • Post by Ranu shukla
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    Post by Ranu shukla
    user_Ranu shukla
    Ranu shukla
    पत्रकार Banda, Uttar Pradesh•
    1 hr ago
  • हमीरपुर में राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) मोर्चा और भारत मुक्ति मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने ओबीसी की जाति आधारित जनगणना, यूजीसी नेट लागू करने और वर्ष 2011 से पहले नियुक्त शिक्षकों को टीईटी से मुक्त करने की मांग को लेकर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन जिला प्रशासन के माध्यम से दिया गया। संगठन के पदाधिकारियों ने बताया कि इन मांगों को लेकर देशभर में चरणबद्ध आंदोलन चलाया जा रहा है। इसके तहत 6 मार्च को 725 जिलों में ज्ञापन सौंपे गए, 13 मार्च को जिला मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन किया गया। इसके अलावा 23 मार्च को रैली और 23 अप्रैल को भारत बंद का आह्वान किया गया है। कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द मांगें नहीं मानी तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
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    हमीरपुर में राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) मोर्चा और भारत मुक्ति मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने ओबीसी की जाति आधारित जनगणना, यूजीसी नेट लागू करने और वर्ष 2011 से पहले नियुक्त शिक्षकों को टीईटी से मुक्त करने की मांग को लेकर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन जिला प्रशासन के माध्यम से दिया गया।
संगठन के पदाधिकारियों ने बताया कि इन मांगों को लेकर देशभर में चरणबद्ध आंदोलन चलाया जा रहा है। इसके तहत 6 मार्च को 725 जिलों में ज्ञापन सौंपे गए, 13 मार्च को जिला मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन किया गया। इसके अलावा 23 मार्च को रैली और 23 अप्रैल को भारत बंद का आह्वान किया गया है।
कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द मांगें नहीं मानी तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
    user_भारतसूत्र Live TV
    भारतसूत्र Live TV
    Social Media Manager बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • स्वास्थ्य विभाग के लिए निर्देशित किया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नारायणी को जांच कराई जाएगी क्या यही है उत्तर प्रदेश सरकार स्वास्थ्य मंत्री कि मरीज का इलाज टॉर्च द्वारा किया जाए अव्यवस्था होने कारण
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    स्वास्थ्य विभाग के लिए निर्देशित किया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नारायणी को जांच कराई जाएगी क्या यही है उत्तर प्रदेश सरकार स्वास्थ्य मंत्री कि मरीज का इलाज टॉर्च द्वारा किया जाए अव्यवस्था होने कारण
    user_Raj Kumar
    Raj Kumar
    Voice of people बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • बांदा । जिले के नरैनी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में बिजली न होने के कारण मोबाइल फोन की टॉर्च की रोशनी में घायल मरीज का इलाज किए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में अस्पताल कर्मी अंधेरे के बीच मोबाइल की रोशनी में घायल की मरहम-पट्टी करते नजर आ रहे हैं, जिससे स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर सवाल उठने लगे हैं। बताया जा रहा है कि घटना 10 मार्च की है। बिजली आपूर्ति बाधित होने के दौरान अस्पताल में मौजूद स्टाफ ने मोबाइल टॉर्च की मदद से घायल का इलाज किया। जबकि अस्पतालों में इनवर्टर और पावर बैकअप की व्यवस्था होने का दावा किया जाता है।मामले में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विजेंद्र सिंह ने बताया कि वीडियो उनके संज्ञान में आया है। यदि बिजली बैकअप होने के बावजूद ऐसी स्थिति बनी है तो यह गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी और जिम्मेदार अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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    बांदा । जिले के नरैनी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में बिजली न होने के कारण मोबाइल फोन की टॉर्च की रोशनी में घायल मरीज का इलाज किए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में अस्पताल कर्मी अंधेरे के बीच मोबाइल की रोशनी में घायल की मरहम-पट्टी करते नजर आ रहे हैं, जिससे स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर सवाल उठने लगे हैं। बताया जा रहा है कि घटना 10 मार्च की है। बिजली आपूर्ति बाधित होने के दौरान अस्पताल में मौजूद स्टाफ ने मोबाइल टॉर्च की मदद से घायल का इलाज किया। जबकि अस्पतालों में इनवर्टर और पावर बैकअप की व्यवस्था होने का दावा किया जाता है।मामले में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विजेंद्र सिंह ने बताया कि वीडियो उनके संज्ञान में आया है। यदि बिजली बैकअप होने के बावजूद ऐसी स्थिति बनी है तो यह गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी और जिम्मेदार अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
    user_Shrikant Shrivastav
    Shrikant Shrivastav
    पत्रकार Banda, Uttar Pradesh•
    2 hrs ago
  • बांदा रेलवे स्टेशन का निरीक्षण झांसी मंडल के डीआरएम अनिरुद्ध कुमार ने किया।
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    बांदा रेलवे स्टेशन का निरीक्षण झांसी मंडल के डीआरएम अनिरुद्ध कुमार ने किया।
    user_Surash Sahu
    Surash Sahu
    बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • 📍बांदा के अंडौली गाँव में सरकारी योजनाओं में लूट,धरातल पर दम तोडती योजनाएं ☀️विकास के नाम पर गरीबों से लूट,चीखते चिल्लाते लोग 🔥पीएम आवास, शौचालय में लूट,गरीबों को नहीं मिली प्रधानमंत्री आवास की मजदूरी 🛑शिकायतों के बाद भी नहीं हो रही सुनवाई, कार्यवाही की मांग #बांदा
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    📍बांदा के अंडौली गाँव में सरकारी योजनाओं में लूट,धरातल पर दम तोडती योजनाएं
☀️विकास के नाम पर गरीबों से लूट,चीखते चिल्लाते लोग
🔥पीएम आवास, शौचालय में लूट,गरीबों को नहीं मिली प्रधानमंत्री आवास की मजदूरी
🛑शिकायतों के बाद भी नहीं हो रही सुनवाई, कार्यवाही की मांग
#बांदा
    user_C News भारत
    C News भारत
    पत्रकार बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • बाँदा। उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य व्यवस्था के चमकते दावों के बीच जिला महिला अस्पताल बाँदा से एक ऐसा दृश्य सामने आया है, जो व्यवस्था की सच्चाई को बिना बोले ही बयान कर देता है।मामला ओपीडी कक्ष नंबर 26 का है। 13 मार्च 2026 को दोपहर लगभग 12:12 बजे एक महिला मरीज विनीता डॉक्टर को दिखाने पहुंची। मरीज के साथ आए तीमारदार को गार्ड ने तुरंत रोक दिया—कहा गया कि “पुरुषों का अंदर जाना मना है।” नियमों की दुहाई इतनी सख्ती से दी गई मानो अस्पताल अनुशासन का आदर्श मंदिर हो।लेकिन इसी बीच एक दवा कंपनी का एमआर (Medical Representative) पूरे आत्मविश्वास के साथ ओपीडी कक्ष के अंदर प्रवेश कर गया। न कोई रोक, न कोई टोक। अब सवाल उठता है— अगर तीमारदार का अंदर जाना नियम के खिलाफ है, तो एमआर का अंदर जाना किस नियम की किताब में लिखा है? जब इस पूरे मामले को लेकर फोन पर महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. सुनीता सिंह से बात की गई, तो उनका जवाब भी कम दिलचस्प नहीं था। उन्होंने कहा कि “पुरुषों का अंदर जाना मना है।”लेकिन जब उनसे पूछा गया कि फिर एमआर अंदर कैसे पहुंच गए, तो जवाब देने के बजाय उन्होंने “ओटी में हूँ” कहकर फोन ही काट दिया।अब अस्पताल के गलियारों में लोग तंज कसते हुए पूछ रहे हैं—क्या मरीज और उसके तीमारदार से ज्यादा जरूरी एमआर की मुलाकात होती है? क्या अस्पतालों में इलाज से पहले दवा कंपनियों का ‘प्रोटोकॉल’ पूरा करना जरूरी हो गया है?बाँदा के महिला अस्पताल की यह तस्वीर एक बार फिर वही पुराना सवाल खड़ा कर रही है—क्या नियम सिर्फ आम जनता के लिए हैं, और ‘खास मेहमानों’ के लिए दरवाजे हमेशा खुले रहते हैं?क्योंकि यहाँ लगता है कि मरीज इंतजार कर सकता है, तीमारदार बाहर खड़ा रह सकता है…लेकिन एमआर का प्रवेश किसी वीआईपी पास से कम नहीं!
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    बाँदा। उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य व्यवस्था के चमकते दावों के बीच जिला महिला अस्पताल बाँदा से एक ऐसा दृश्य सामने आया है, जो व्यवस्था की सच्चाई को बिना बोले ही बयान कर देता है।मामला ओपीडी कक्ष नंबर 26 का है। 13 मार्च 2026 को दोपहर लगभग 12:12 बजे एक महिला मरीज विनीता डॉक्टर को दिखाने पहुंची। मरीज के साथ आए तीमारदार को गार्ड ने तुरंत रोक दिया—कहा गया कि “पुरुषों का अंदर जाना मना है।” नियमों की दुहाई इतनी सख्ती से दी गई मानो अस्पताल अनुशासन का आदर्श मंदिर हो।लेकिन इसी बीच एक दवा कंपनी का एमआर (Medical Representative) पूरे आत्मविश्वास के साथ ओपीडी कक्ष के अंदर प्रवेश कर गया। न कोई रोक, न कोई टोक।
अब सवाल उठता है—
अगर तीमारदार का अंदर जाना नियम के खिलाफ है, तो एमआर का अंदर जाना किस नियम की किताब में लिखा है?
जब इस पूरे मामले को लेकर फोन पर महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. सुनीता सिंह से बात की गई, तो उनका जवाब भी कम दिलचस्प नहीं था। उन्होंने कहा कि “पुरुषों का अंदर जाना मना है।”लेकिन जब उनसे पूछा गया कि फिर एमआर अंदर कैसे पहुंच गए, तो जवाब देने के बजाय उन्होंने “ओटी में हूँ” कहकर फोन ही काट दिया।अब अस्पताल के गलियारों में लोग तंज कसते हुए पूछ रहे हैं—क्या मरीज और उसके तीमारदार से ज्यादा जरूरी एमआर की मुलाकात होती है?
क्या अस्पतालों में इलाज से पहले दवा कंपनियों का ‘प्रोटोकॉल’ पूरा करना जरूरी हो गया है?बाँदा के महिला अस्पताल की यह तस्वीर एक बार फिर वही पुराना सवाल खड़ा कर रही है—क्या नियम सिर्फ आम जनता के लिए हैं, और ‘खास मेहमानों’ के लिए दरवाजे हमेशा खुले रहते हैं?क्योंकि यहाँ लगता है कि
मरीज इंतजार कर सकता है, तीमारदार बाहर खड़ा रह सकता है…लेकिन एमआर का प्रवेश किसी वीआईपी पास से कम नहीं!
    user_Amod Kumar
    Amod Kumar
    रिपोर्टर बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • आगरा में गैस की कमी को लेकर सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों के बीच जिला प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट की है। जिलाधिकारी आगरा और जिला आपूर्ति विभाग ने कहा कि जिले में गैस की कोई कमी नहीं है और आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और शांति बनाए रखें। डीएम ने यह भी कहा कि सोशल मीडिया पर भ्रामक खबरें फैलाने वालों की पहचान की जा रही है और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ने जनता से सहयोग की अपील करते हुए भरोसा दिलाया कि गैस की सप्लाई सुचारू रूप से जारी है।
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    आगरा में गैस की कमी को लेकर सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों के बीच जिला प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट की है। जिलाधिकारी आगरा और जिला आपूर्ति विभाग ने कहा कि जिले में गैस की कोई कमी नहीं है और आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और शांति बनाए रखें। डीएम ने यह भी कहा कि सोशल मीडिया पर भ्रामक खबरें फैलाने वालों की पहचान की जा रही है और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जिला प्रशासन ने जनता से सहयोग की अपील करते हुए भरोसा दिलाया कि गैस की सप्लाई सुचारू रूप से जारी है।
    user_भारतसूत्र Live TV
    भारतसूत्र Live TV
    Social Media Manager बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
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