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बड़ामलहरा थाना पुलिस ने बस स्टैंड इलाके में अवैध हथियार के साथ घूम रहे एक युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी लोगों में दहशत फैलाने के उद्देश्य से कट्टा और कारतूस लेकर घूम रहा था। मुखबिर की सूचना पर थाना प्रभारी अरविंद सिंह दांगी के निर्देश पर प्रधान आरक्षक शैलेंद्र भट्ट ने कार्रवाई करते हुए बड़ामलहरा निवासी आरोपी महेंद्र पिता भगवान दास विश्वकर्मा को बस स्टैंड से रंगे हाथों पकड़ा। आरोपी के पास से एक कट्टा और दो जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। इस मामले की जानकारी आज 15 जून को दोपहर करीब 4:30 बजे बड़ा मलहरा थाना प्रभारी अरविंद सिंह दांगी ने छतरपुर में दी।
Ashutosh sharma
बड़ामलहरा थाना पुलिस ने बस स्टैंड इलाके में अवैध हथियार के साथ घूम रहे एक युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी लोगों में दहशत फैलाने के उद्देश्य से कट्टा और कारतूस लेकर घूम रहा था। मुखबिर की सूचना पर थाना प्रभारी अरविंद सिंह दांगी के निर्देश पर प्रधान आरक्षक शैलेंद्र भट्ट ने कार्रवाई करते हुए बड़ामलहरा निवासी आरोपी महेंद्र पिता भगवान दास विश्वकर्मा को बस स्टैंड से रंगे हाथों पकड़ा। आरोपी के पास से एक कट्टा और दो जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। इस मामले की जानकारी आज 15 जून को दोपहर करीब 4:30 बजे बड़ा मलहरा थाना प्रभारी अरविंद सिंह दांगी ने छतरपुर में दी।
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- छतरपुर जिले के बड़ामलहरा थाना क्षेत्र के ग्राम बरमा में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहाँ जंगल में महुआ के पेड़ की डाल गिरने से एक 45 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई। मृतक की पहचान बरमा निवासी सुरेश सिंह घोषी (45 वर्ष), पिता दयासिंह के रूप में हुई है। यह घटना सुबह करीब 9 बजे की है, जब सुरेश सिंह गांव के पास जंगल में गए थे। इसी दौरान महुआ के पेड़ की एक बड़ी डाल अचानक उन पर गिर गई, जिससे उनके सिर में गंभीर चोटें आईं। पास मौजूद ग्रामीणों ने तत्काल घटना की जानकारी सुरेश सिंह के परिजनों को दी। परिजन मौके पर पहुंचे और घायल सुरेश सिंह को एक निजी वाहन से बड़ामलहरा अस्पताल ले गए। वहाँ प्राथमिक उपचार के बाद, हालत गंभीर होने के कारण डॉक्टरों ने उन्हें छतरपुर जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल की इमरजेंसी में डॉक्टरों ने जांच के बाद सुरेश सिंह को मृत घोषित कर दिया। मृतक का पोस्टमार्टम 15 जून को दोपहर करीब 4:30 बजे जिला अस्पताल में कराया गया। पुलिस ने इस मामले में मर्ग कायम कर आगे की जांच शुरू कर दी है।1
- छतरपुर जिला अस्पताल में एक डॉक्टर पर ऑपरेशन के नाम पर पैसे लेने और बाद में ऑपरेशन असफल होने पर पैसे वापस मांगने को लेकर मरीज के परिजनों के साथ विवाद करने के गंभीर आरोप लगे हैं। अमर अहिरवार नामक व्यक्ति ने बताया है कि लगभग एक माह पहले उन्होंने अपने पिता का प्रोस्टेट ऑपरेशन जिला अस्पताल में डॉ. सना खान (सिद्दकी) से कराया था। परिजनों का आरोप है कि इस ऑपरेशन के लिए उनसे 12 हजार रुपये लिए गए थे, लेकिन ऑपरेशन सफल नहीं हुआ और मरीज की स्थिति में कोई सुधार नहीं आया। अमर अहिरवार का कहना है कि जब उन्होंने डॉक्टर से अपने पैसे वापस मांगे, तो उनके बीच विवाद की स्थिति बन गई। उन्होंने आरोप लगाया कि डॉक्टर ने उन पर गाड़ी चढ़ाने की कोशिश भी की। इस घटना के बाद अस्पताल परिसर के बाहर मरीज के परिजनों और डॉक्टर के बीच काफी देर तक हंगामा और बहस होती रही। परिजनों ने यह भी बताया कि मरीज की हालत गंभीर होने के कारण उसे आगे के उपचार के लिए ग्वालियर रेफर किया गया है। वहीं, इस मामले को लेकर संबंधित डॉक्टर का पक्ष अभी सामने नहीं आया है। घटना के संबंध में प्रशासनिक स्तर पर जांच की मांग भी उठ रही है, और यदि शिकायत दर्ज होती है तो जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।1
- सागर लोकायुक्त की टीम ने गुरुवार को छतरपुर के नया पन्ना स्थित मध्य प्रदेश गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल कार्यालय में बड़ी कार्रवाई की है। टीम ने संभाजी लेखपाल बाला प्रसाद विश्वकर्मा को ₹4 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई शिकायतकर्ता रामनारायण शुक्ला की शिकायत पर हुई, जिन्होंने अमलतास कॉलोनी में मकान खरीदा था। मकान की रजिस्ट्री से संबंधित कार्य के लिए रामनारायण शुक्ला पिछले लगभग दो वर्षों से कार्यालय के चक्कर लगा रहे थे। आरोप है कि लेखपाल द्वारा रजिस्ट्री प्रक्रिया पूरी कराने के एवज में रिश्वत की मांग की जा रही थी, जिसमें शिकायतकर्ता पहले ही ₹2 हजार दे चुके थे और शेष ₹4 हजार की मांग की जा रही थी। इस परेशानी के बाद रामनारायण शुक्ला ने सागर लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई, जिसका सत्यापन लोकायुक्त डीएसपी मंजू तिर्की के निर्देशन में किया गया। शिकायत सही पाए जाने पर सागर लोकायुक्त की 13 सदस्यीय टीम ने योजनाबद्ध तरीके से छापा मारकर लेखपाल को गिरफ्तार कर लिया।4
- टीकमगढ़ जिले के पलेरा में एक गरीब दुकानदार की दुकान पूरी तरह जलकर राख हो गई है। सब कुछ नष्ट हो जाने के बावजूद, पीड़ित दुकानदार को आर्थिक सहायता प्राप्त करने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, और वह मदद के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहा है। यह स्थिति अधिकारियों की संवेदनहीनता को उजागर करती है, क्योंकि इस भीषण त्रासदी के बाद भी उनका दिल नहीं पिघला।1
- बड़ामलहरा में महिलाओं के प्रति अभद्र व्यवहार करने वाले एक व्यक्ति को लेकर चेतावनी जारी की गई है। लोगों से अपील की गई है कि यदि यह व्यक्ति गुरुवार के दिन बड़ामलहरा के बाज़ार में दिखे, तो तुरंत इसकी सूचना दी जाए। संदेश जारी करने वाले ने लोगों से अनुरोध किया है कि वे ऐसे व्यक्ति को पकड़वाने में मदद करें, जिस पर महिलाओं को गलत तरीके से छूने का आरोप है। बड़ामलहरा में बाज़ार के दिनों में महिलाओं को ऐसे लोगों से सावधान रहने और सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है, साथ ही यह भी कहा गया है कि ऐसे व्यक्ति के बारे में तुरंत बड़ामलहरा थाने में सूचना दें।1
- महोबा जिले में मोहर्रम पर्व को देखते हुए प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। इसी क्रम में, पीस कमेटी की एक बैठक का आयोजन किया गया, जहाँ पर्व के शांतिपूर्ण आयोजन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।1
- बड़ामलहरा थाना पुलिस ने बस स्टैंड इलाके में अवैध हथियार के साथ घूम रहे एक युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी लोगों में दहशत फैलाने के उद्देश्य से कट्टा और कारतूस लेकर घूम रहा था। मुखबिर की सूचना पर थाना प्रभारी अरविंद सिंह दांगी के निर्देश पर प्रधान आरक्षक शैलेंद्र भट्ट ने कार्रवाई करते हुए बड़ामलहरा निवासी आरोपी महेंद्र पिता भगवान दास विश्वकर्मा को बस स्टैंड से रंगे हाथों पकड़ा। आरोपी के पास से एक कट्टा और दो जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। इस मामले की जानकारी आज 15 जून को दोपहर करीब 4:30 बजे बड़ा मलहरा थाना प्रभारी अरविंद सिंह दांगी ने छतरपुर में दी।1
- छतरपुर जिला अस्पताल में एक डॉक्टर पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जहाँ एक बुजुर्ग मरीज के परिजनों ने दावा किया है कि प्रोस्टेट ऑपरेशन के लिए उनसे 12 हजार रुपये लिए गए थे, लेकिन ऑपरेशन सफल नहीं हुआ। मरीज के पुत्र अमर अहिरवार का आरोप है कि करीब एक माह पहले डॉ. सना सिद्दकी (सना खान) ने उनके पिता का ऑपरेशन किया था। परिजनों के अनुसार, ऑपरेशन के बाद भी मरीज की स्थिति में सुधार नहीं हुआ और उन्हें बाद में ग्वालियर रेफर करना पड़ा। परिजनों का यह भी आरोप है कि जब उन्होंने ऑपरेशन में खर्च हुए 12 हजार रुपये वापस मांगे, तो अस्पताल परिसर के बाहर डॉक्टर और उनके बीच तीखी बहस हुई। इसी दौरान परिजनों ने आरोप लगाया कि डॉक्टर ने उन्हें वाहन से डराने या गाड़ी चढ़ाने की कोशिश की। इस घटना के बाद अस्पताल परिसर में काफी देर तक हंगामे की स्थिति बनी रही। हालांकि, इन आरोपों पर डॉक्टर का पक्ष अभी सामने नहीं आया है। यह मामला फिलहाल चर्चा का विषय बना हुआ है, और यदि परिजन लिखित शिकायत करते हैं तो संबंधित विभाग द्वारा इसकी जांच की जा सकती है। मामले की सच्चाई जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।1