Shuru
Apke Nagar Ki App…
उत्तर प्रदेश में हुए कुकुर कटवा ट्रिपल मर्डर की घटना के बाद, राज्यमंत्री राकेश राठौर ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की। इस दौरान राज्यमंत्री राठौर ने पीड़ित परिवार को आश्वस्त किया कि हत्यारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
Rohit Sharma
उत्तर प्रदेश में हुए कुकुर कटवा ट्रिपल मर्डर की घटना के बाद, राज्यमंत्री राकेश राठौर ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की। इस दौरान राज्यमंत्री राठौर ने पीड़ित परिवार को आश्वस्त किया कि हत्यारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- उत्तर प्रदेश में हुए कुकुर कटवा ट्रिपल मर्डर की घटना के बाद, राज्यमंत्री राकेश राठौर ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की। इस दौरान राज्यमंत्री राठौर ने पीड़ित परिवार को आश्वस्त किया कि हत्यारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।1
- प्रयागराज में संयुक्त किसान मोर्चा एवं अखिल भारतीय किसान मजदूर सभा के नेतृत्व में किसानों और मजदूरों ने गुरुवार, 25 जून को साधन सहकारी समिति पर धरना-प्रदर्शन किया। इस विरोध प्रदर्शन में उन्होंने खाद की कालाबाजारी को रोकने, उसकी बढ़ी हुई कीमतों को वापस लेने, नहरों में तत्काल पानी छोड़े जाने तथा किसानों को व्यापक राहत प्रदान करने की प्रमुख मांगें उठाईं। किसानों ने आरोप लगाया कि उनके क्षेत्र में यूरिया एवं डीएपी खाद की उपलब्धता बुरी तरह प्रभावित है, जिसके कारण कालाबाजारी बढ़ गई है और उन्हें निर्धारित मूल्य से कहीं अधिक कीमत पर खाद खरीदनी पड़ रही है। संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं ने सरकार से मांग की कि वह खाद की उपलब्धता की सही जानकारी सार्वजनिक करे, कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करे, और यदि आवश्यक हो तो अंतरराष्ट्रीय बाजार से खाद का आयात कर किसानों को पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराए। इसके साथ ही, खाद, बीज और कीटनाशकों की बढ़ी हुई कीमतों को भी तत्काल कम करने की मांग की गई। अपनी अन्य मांगों में, किसानों ने धान की नर्सरी एवं रोपाई को देखते हुए सिंचाई के लिए नहरों में तुरंत पानी छोड़ने और कृषि कार्यों के लिए निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने सरकार द्वारा लागू स्मार्ट मीटर योजना को पूरी तरह से रद्द करने, तेज गति से चलने वाले डिजिटल मीटरों को वापस लेने और प्रदेश सरकार के चुनावी वादे के अनुरूप किसानों एवं उपभोक्ताओं को 300 यूनिट मुफ्त बिजली देने की भी पुरजोर मांग की। धरना-प्रदर्शन के बाद, किसानों ने सहायक विकास अधिकारी मनेंद्र कुमार को राज्य कृषि मंत्री के नाम संबोधित एक विस्तृत मांग पत्र सौंपा।1
- प्रयागराज के घूरपुर बाजार में बुधवार रात 10 मुहर्रम पर निकलने वाले परंपरागत आठवीं के मेहंदी एवं झूला जुलूस के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में भारी लापरवाही सामने आई। रात करीब 11 बजे जैसे ही जुलूस रीवा रोड राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) पर पहुंचा, अंधेरे और अव्यवस्था से आक्रोशित अकीदतमंदों ने जुलूस को बीच सड़क पर रोककर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। यह जुलूस करीब डेढ़ घंटे तक NH पर ही रुका रहा। जुलूस के NH पर पहुंचने पर हाईवे की सभी स्ट्रीट लाइटें बंद थीं, और घुप अंधेरे में छोटे-बड़े वाहन तेज रफ्तार से गुजर रहे थे। जुलूस में हजारों की संख्या में बच्चे, बुजुर्ग, महिलाएं और युवक शामिल थे, जिससे हादसे का गंभीर खतरा बना हुआ था। यह देखते हुए लोगों ने स्थानीय पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए आगे बढ़ने से इनकार कर दिया। विरोध का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी अतुल कुमार मिश्रा और एसीपी कौंधियारा अब्दुस सलाम खान मय फोर्स मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने तत्काल सुरक्षा व्यवस्था बहाल कराई और लोगों को आश्वस्त किया, जिसके बाद ही जुलूस अपने गंतव्य की ओर रवाना हो सका। जुलूस में शामिल सिरताज अहमद, इम्तियाज अहमद, अख्तर अली, अलीजान, मुस्ताक अहमद, रमजान अली, तौहीद खान, शमशेर अली, मुहर्रम अली और जुबैर खां ने बताया कि इस परंपरागत जुलूस की सूचना स्थानीय थाने पर पहले ही देकर सुरक्षा की मांग की गई थी, लेकिन प्रशासन ने इस अनदेखी की, जिससे लोगों में भारी आक्रोश है। उन्होंने चेतावनी दी कि पूर्व सूचना के बावजूद सुरक्षा इंतजाम न होने से अगर कोई दुर्घटना होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। यह भी बताया गया कि जुलूस को NH पर केवल 700 मीटर ही चलना था, फिर भी इतनी छोटी दूरी के लिए भी लाइट और ट्रैफिक नियंत्रण का कोई इंतजाम नहीं किया गया था। यह जुलूस दशकों पुरानी धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है, जिसमें हर साल हजारों श्रद्धालु शिरकत करते हैं, और प्रशासन की इस लापरवाही से उनमें गहरी नाराजगी है।4
- उत्तर प्रदेश के नगर विकास मंत्री राकेश राठौर गुरुवार शाम प्रयागराज के मेजा थाना क्षेत्र स्थित कुकुरकटवा गांव पहुंचे, जहाँ हाल ही में एक तिहरे हत्याकांड की घटना हुई थी। उन्होंने पीड़ित परिवार से बंद कमरे में मुलाकात कर घटना की जानकारी ली और उन्हें हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया। मंत्री राठौर ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और उनके अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चलाया जाएगा। मंत्री ने यह भी कहा कि सरकार पीड़ित परिवार के साथ मज़बूती से खड़ी है और उन्हें न्याय दिलाना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अपनी पहचान साहू समाज के बेटे के रूप में बताते हुए समाज के सम्मान के लिए हमेशा खड़े रहने की बात भी कही। इस मुलाकात के दौरान, मंत्री राकेश राठौर ने अपने निजी कोष से पीड़ित परिवार को ₹2 लाख का चेक प्रदान किया। वहीं, साहू समाज की ओर से भी परिवार को ₹2 लाख की आर्थिक सहायता दी गई।1
- प्रयागराज के मेजा स्थित कुकुरकटवा गांव में हुए सनसनीखेज ट्रिपल हत्याकांड के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है। उत्तर प्रदेश के नगर विकास मंत्री राकेश राठौर ‘गुरु’ गुरुवार को घटनास्थल पर पहुंचे और पीड़ित परिवार से बंद कमरे में मुलाकात कर घटना की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने पीड़ित परिवार को हर संभव मदद का भरोसा दिलाते हुए उनकी मांगों को पूरा कराने का आश्वासन दिया। मंत्री राठौर ने इस जघन्य घटना को बेहद निंदनीय बताते हुए कड़े तेवर में कहा कि ऐसे अपराधियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि आरोपियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी, साथ ही उनके अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चलाने की कार्रवाई भी कराई जाएगी। मंत्री ने यह भी दोहराया कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना उनकी प्राथमिकता है और सरकार उनके साथ पूरी मजबूती से खड़ी है। अपने साहू समाज से जुड़ाव बताते हुए उन्होंने कहा कि वह साहू समाज के बेटे हैं और अपने समाज के सम्मान के लिए हमेशा खड़े रहेंगे। उन्होंने पीड़ित परिवार को हर संभव मदद और उनकी सभी जायज मांगों को पूरा कराने का पूरा प्रयास करने की बात कही। इस दौरान मंत्री ने पीड़ित परिवार को दो लाख रुपये का चेक प्रदान किया, जबकि साहू समाज की ओर से 1.20 लाख रुपये नकद देकर आर्थिक सहायता की गई। इस अवसर पर भारतीय राष्ट्रीय वैश्य महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष दुर्गा प्रसाद साहू, लोकपति गुप्ता, अशोक गुप्ता, संतोष गुप्ता, सुखलाल साहू, सेठ लाल गुप्ता, मदन गुप्ता और गिरिजा शंकर गुप्ता सहित कई अन्य लोग भी मौजूद रहे।1
- लखनऊ में एक इमारत में लगी भीषण आग में लगभग डेढ़ दर्जन युवाओं की दर्दनाक मौत हो गई। वहाँ मौजूद युवाओं की चीखें और गवाहियाँ इस घटना को महज़ एक हादसे से कहीं ज़्यादा, हमारे समय की एक भयावह सच्चाई बताती हैं। इस त्रासदी ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि जिन लोगों को युवाओं ने अपनी उम्मीदों और भविष्य की जिम्मेदारी सौंपी थी, उन्होंने उनके लिए क्या किया। पाठ्य में आरोप लगाया गया है कि रोज़गार, शिक्षा, सुरक्षा और बेहतर व्यवस्था देने के बजाय, समाज को धर्म और नफ़रत की आग में झोंका जा रहा है। यह तुलना की गई है कि जहाँ एक आग इमारतों को जलाती है, वहीं दूसरी आग पीढ़ियों के सपनों को नष्ट कर रही है। चेतावनी दी गई है कि नफ़रत की राजनीति का अंत कभी अच्छा नहीं होता, और अगर अब भी लोग नहीं संभले या असली मुद्दों पर सवाल नहीं पूछे, तो केवल इमारतें ही नहीं, बल्कि सपने और भविष्य भी जलकर राख हो जाएँगे, जिससे पूरा समाज नष्ट हो जाएगा। यह आह्वान किया गया है कि अभी भी समय है, और यह तय करना होगा कि हम आग बुझाने वालों के साथ खड़े होंगे या आग फैलाने वालों के साथ।1
- प्रयागराज जनपद के घूरपुर क्षेत्र में 10 मुहर्रम के अवसर पर निकलने वाला 'पुरानी आठवीं की मेहंदी एवं झूला' का पारंपरिक जुलूस क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। दशकों से निकल रहे इस जुलूस में हजारों बच्चे, महिलाएं, बुजुर्ग और श्रद्धालु शामिल होते हैं। हालाँकि, जुलूस की तैयारियों के बीच, रीवा रोड राष्ट्रीय राजमार्ग पर लगभग 700 मीटर लंबे जुलूस मार्ग पर लंबे समय से बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों ने स्थानीय लोगों में सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता पैदा कर दी है। रात के समय पूरा मार्ग अंधेरे में डूबा रहता है, जिससे जुलूस में शामिल लोगों की सुरक्षा पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा हो गया है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह राष्ट्रीय राजमार्ग होने के कारण इस मार्ग पर दिन-रात वाहनों का आवागमन बना रहता है। ऐसे में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था न होने से दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है, जिसका सबसे अधिक जोखिम बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को उठाना पड़ सकता है। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और संबंधित विभागों से तत्काल बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों को चालू कराने तथा जुलूस मार्ग पर पर्याप्त सुरक्षा एवं प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। लोगों का स्पष्ट कहना है कि जनसुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए समय रहते आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए, ताकि यह धार्मिक आयोजन शांतिपूर्ण और सुरक्षित ढंग से संपन्न हो सके। स्थानीय लोगों के बीच यह सवाल भी उठ रहा है कि यदि पूर्व सूचना के बावजूद आवश्यक सुरक्षा व्यवस्थाएं नहीं की जाती हैं और कोई अप्रिय घटना घटती है, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी। क्षेत्र की जनता प्रशासन से इस विषय पर शीघ्र कार्रवाई की अपेक्षा कर रही है।2
- प्रयागराज के यमुनानगर स्थित घूरपुर थाना क्षेत्र में अभी-अभी एक भयानक सड़क दुर्घटना हुई है, जिसमें एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई। यह हादसा कांटी जेसीबी एजेंसी के ठीक सामने हुआ। मृतक युवक की पहचान जसरा निवासी दिलीप के रूप में की गई है। फिलहाल, पुलिस प्रशासन इस पूरे मामले की जांच-पड़ताल में जुटी हुई है।2