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रामपुर बाघेलान में जाति विशेष को गाली देने पर भड़का आक्रोश, एसडीएम को सौपा ज्ञापन सतना जिले के रामपुर बाघेलान में एसडीएम को सौपा ज्ञापन पत्र सौप कर जात सूचक सोशल मीडिया में पोस्ट करने वाले को तत्काल गिरफ्तारी की मांग... प्रदर्शनकारियो ने कहां सरकार की गलत नीति और यूजीसी का असर, कार्रवाई नहीं तो होगा बड़ा प्रदर्शन
Satish Shukla
रामपुर बाघेलान में जाति विशेष को गाली देने पर भड़का आक्रोश, एसडीएम को सौपा ज्ञापन सतना जिले के रामपुर बाघेलान में एसडीएम को सौपा ज्ञापन पत्र सौप कर जात सूचक सोशल मीडिया में पोस्ट करने वाले को तत्काल गिरफ्तारी की मांग... प्रदर्शनकारियो ने कहां सरकार की गलत नीति और यूजीसी का असर, कार्रवाई नहीं तो होगा बड़ा प्रदर्शन
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- Post by Deepesh Pandey Dist Chief Director ACFI Rewa1
- Post by Bolti Divare1
- आजादी के 75 साल बाद भी 'नर्क' जैसी जिंदगी: रीवा के गाढ़ा गांव में सड़क नहीं, इसलिए अस्पताल पहुँचने से पहले ही दम तोड़ देते हैं मासूम रीवा जिले से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जो 'डिजिटल इंडिया' और 'विकास' के दावों की पोल खोलती है। जिले के अतरैला क्षेत्र के पास स्थित गाढ़ा गांव (138) के निवासियों के लिए आज भी पक्की सड़क एक लग्जरी बनी हुई है। आलम यह है कि यहाँ के लोग सड़क के लिए पिछले कई दशकों से गुहार लगा रहे हैं, लेकिन उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। चार महीने का 'स्वैच्छिक कारावास' गाढ़ा गांव के लोगों के लिए मानसून की पहली फुहार खुशियों के बजाय डर लेकर आती है। स्थानीय निवासी बताते हैं कि बारिश के चार महीनों में गांव टापू बन जाता है। मुख्य मार्ग से संपर्क पूरी तरह टूट जाता है, जिसके कारण बच्चों का स्कूल जाना बंद हो जाता है। बीमारों को अस्पताल ले जाने के लिए एंबुलेंस तो दूर, पैदल चलना भी दूभर हो जाता है। सड़क के अभाव में उजड़ रही हैं गोदें गांव का दर्द सिर्फ आवाजाही तक सीमित नहीं है। यहाँ की एक महिला, फूलमती ने नम आंखों से अपनी आपबीती सुनाई। उन्होंने बताया कि उनकी बहू को प्रसव पीड़ा के दौरान अस्पताल ले जाना था, लेकिन रास्ता न होने के कारण मुख्य मार्ग तक पहुँचने में ही इतनी देरी हो गई कि अस्पताल पहुँचने से पहले ही बच्चे की मौत हो गई। गांव के युवाओं का कहना है कि सड़क न होने के कारण अब इस गांव में कोई अपनी बेटी की शादी करने को तैयार नहीं है, जिससे कई घरों के चिराग बुझने की कगार पर हैं। 1
- Post by Neeraj Ravi1
- Post by Prakash Pathak Satna1
- *गोवराव कला में जल संकट गहराया,नौनिहाल पानी ढोने को मजबूर।* नागौद विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत गोवराव कला ऐसा है जहा के निवासी हर वर्ष पानी के लिए परेशान होते है।क्यो की यहां के हैंड पंप गर्मी के मौसम में ड्राई हो जाते है।ऐसा भी नही की जिला प्रशासन व अन्य जिम्मेदार जन प्रतिनिधि इस बात से अनभिज्ञ है।लेकिन वर्षो बाद भी गोवराव कला में जल संकट का स्थाई समाधान नही हो सका है।पूर्व विधायक स्वर्गीय श्री यादवेन्द्र सिंह और पूर्व जिला पंचायत की उपाध्यक्ष डॉक्टर रश्मि सिंह के द्वारा यहां अपनी निधि से पाइपलाइन डलवाते हुए कुछ हद तक जल संकट का समाधान किया था।लेकिन पीएचई विभाग की अंदेखी से यह व्यवस्था चौपट हो चुकी है।बजट के अभाव में ग्राम पंचायत के हाथ बंधे हुए है,खामिया इस गाव के निवासी वर्षो से भुगत रहे है। *मिला सिर्फ आश्वासन।* जब भी लोक सभा विधान सभा का चुनाव आता है शासन प्रशासन के द्वारा जल्द ही समाधान करवाने का आश्वासन दिया जाता है,लेकिन 30 वर्षो से समस्या जस की तश बनी हुई है।जब कि खेरमाता मंदिर से पाइपलाइन बिछा कर स्थाई समाधान किया जा सकता है।लेकिन आज तक जिम्मेदारों ने ध्यान ही नही दिया है,परिणामतः जिन हाथो में कॉपी किताब पेन होना चाहिए वह छात्र साइकलों में डब्बे लाद सुबह से लेकर रात्रि में पानी ढोते हुए इस गाव में देखे जा सकते है।नल जल योजना अन्तर्गत पानी कब आएगा इसका कोई ठिकाना नही है।हला की सत्ना सांसद गणेश सिंह के द्वारा फाइल तैयार के स्थाई समाधान करवाने का आश्वासन 1 माह पहले इस गाव में आकर दे चुके है।लेकिन वह फाइल कहा और क्यो अटकी है किसी को कुछ पता नही है। *खेर माता व मिजाजी का बोर बना बरदान।* गाव से लगभग 2 किलो मीटर पानी का बोर गोवाराव कला गाव के निवासियो के लिए वरदान बना हुआ है।इसके अतिरिक्त इस गाव के जिम्मेदार समाज सेवी मिजाजी लाल केवट भी ग्रामीणो को बारो महिला निःषुल्क में पानी उपलब्ध करवाते हूए।जो काम शासन और प्रशासन को करना चाहिए काम मिजाजी लाल केवट कर रहे है।वर्तमान में गोवराव कला गाँव के लोग साइकलों में डब्बे लाद 2 किलो मीटर दूर से पानी ढोने को हुए मजंबूर। *पाइपलाइन के नाम शासकीय राशि का हुआ दुरुपयोग।* पीएचई विभाग के द्वारा पाइपलाइन को दुरुस्त करवाने के नाम पर लाखों रु बर्बाद किया गया।लेकिन आज तक काम नही हुआ,इसी तरह से ग्राम पंचायत ने भी 5 वे वित्त से राशि खर्च जरूर की लेकिन काम कुछ नही हुआ, जब कि भरहटा गाव के बोर से गाव तक पाइपलाइन बिछी हुई है।लेकिन जगह जगह से छतिग्रत हो जाने से गाव तक पानी ही नही पहुच पा रहा है। इनका कहना है।1
- ग्रामीण वासियों को कहना है कि पैसा चढ़ाने पर ही आवास मिलता है1
- Post by Deepesh Pandey Dist Chief Director ACFI Rewa1
- शोसल मीडिया पर जातिवादी जहर उगल रहा युवक, सरेआम दी जान से मारने की धमकी रीवा। डिजिटल इंडिया के दौर में जहाँ सोशल मीडिया को संवाद का सेतु माना जाता है, वहीं कुछ असामाजिक तत्व इसे नफरत और हिंसा फैलाने का अड्डा बना रहे हैं। ताजा मामला रीवा जिले से सामने आया है, जहाँ एक युवक का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में युवक न केवल जातिसूचक गालियाँ दे रहा है, बल्कि अन्य समुदायों को जान से मारने की धमकी भी दे रहा है। Fb के वायरल वीडियो 'शुभम रॉक' नामक युवक खुद को एक विशेष जाति (सेन) का बताते हुए अन्य जातियों, विशेषकर ब्राह्मण और ठाकुर समुदाय के प्रति अत्यंत आपत्तिजनक और मर्यादित भाषा का प्रयोग कर रहा है। युवक वीडियो में यह कहते सुना जा रहा है कि— "हमारे पास काटने के लिए औजार भी हैं... तुम सब हमारे सामने सिर झुकाते हो।" युवक ने न केवल धार्मिक और जातीय भावनाओं को आहत किया है, बल्कि खुलेआम समाज में वैमनस्य फैलाने की कोशिश की है। वीडियो के अंत में वह अपनी पहचान 'निक्की रॉक्स रीवा' के रूप में बताता है। फेसबुक प्रोफाइल से खुली पोल युवक की फेसबुक प्रोफाइल (Shubham Rok) के अनुसार, वह रीवा का निवासी है और उसने शहर के प्रतिष्ठित मार्तंड स्कूल क्रमांक-1 और टी.आर.एस. कॉलेज से शिक्षा प्राप्त की है। प्रोफाइल के मुताबिक उसकी जन्मतिथि 23 अप्रैल 2000 है। शिक्षित होने के बावजूद इस तरह की कट्टरपंथी और हिंसक सोच सोशल मीडिया पर प्रदर्शित करना चिंता का विषय है। रीवा में इस तरह के भड़काऊ वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश है। बुद्धिजीवियों का कहना है कि अभिव्यक्ति की आजादी का मतलब नफरत फैलाना नहीं है। IT एक्ट की धारा 66: सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक संदेश भेजना अपराध है। रीवा पुलिस के लिए यह वीडियो एक बड़ी चुनौती है। जानकारों का मानना है कि यदि समय रहते ऐसे 'फेसबुकिया डॉन' पर लगाम नहीं कसी गई, तो क्षेत्र की शांति व्यवस्था भंग हो सकती है। अब देखना यह है कि साइबर सेल और स्थानीय पुलिस इस मामले में क्या संज्ञान लेती है।2