मैहर जिले में पंचायत की सड़क में भारी भ्रष्टाचार: अमरपाटन जनपद की ग्राम पंचायत मजगवां में घटिया सड़क निर्माण, सरपंच पर ठेके पर काम कराने का आरोप *मैहर जिले में पंचायत की सड़क में भारी भ्रष्टाचार: अमरपाटन जनपद की ग्राम पंचायत मजगवां में घटिया सड़क निर्माण, सरपंच पर ठेके पर काम कराने का आरोप* *अमरपाटन / मैहर।* मैहर जिले की जनपद पंचायत अमरपाटन अंतर्गत ग्राम पंचायत मजगवां में लाखों की लागत से बन रही सड़क की गुणवत्ता की पोल खुल गई है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि सरपंच द्वारा सड़क का निर्माण ठेके पर दे दिया गया है और निर्माण कार्य बेहद घटिया तरीके से किया जा रहा है। *मौके पर क्या मिला -* ग्रामीणों के अनुसार सीसी रोड में सीमेंट का अनुपात बेहद कम लगाया जा रहा है। रेत की जगह डस्ट और गिट्टी में मिट्टी मिलाकर ढलाई की जा रही है। सड़क की मोटाई कागजों में 6 इंच है, जबकि मौके पर 3 से 4 इंच ही बनाई जा रही है। नीचे बेस तक नहीं डाला गया और सीधे कच्ची मिट्टी पर ही सीमेंट डाल दिया गया है। *ठेके पर दिया काम -* नियमानुसार पंचायत के निर्माण कार्य में टेंडर प्रक्रिया और मजदूरों से काम कराना होता है, लेकिन यहां सरपंच ने पूरी सड़क ठेकेदार को दे दी है। काम मिक्सर मशीन और ठेका मजदूरों से कराया जा रहा है, जबकि मस्टर रोल में फर्जी जॉब कार्ड धारकों के नाम पर पैसा निकाला जा रहा है। निर्माण शुरू होने के बाद से ही ग्रामीण विरोध कर रहे हैं, लेकिन सरपंच सुनने को तैयार नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि यह सड़क 2 महीने भी नहीं टिकेगी और पहली बारिश में ही उखड़ जाएगी। *ग्रामीणों ने की जांच की मांग -* ग्रामीणों ने जनपद पंचायत अमरपाटन के CEO और कलेक्टर मैहर से इस सड़क की तकनीकी जांच कराने और एस्टीमेट के अनुसार गुणवत्तापूर्ण निर्माण कराने की मांग की है। साथ ही ठेके पर काम देने वाले सरपंच-सचिव पर कार्रवाई की मांग की है।
मैहर जिले में पंचायत की सड़क में भारी भ्रष्टाचार: अमरपाटन जनपद की ग्राम पंचायत मजगवां में घटिया सड़क निर्माण, सरपंच पर ठेके पर काम कराने का आरोप *मैहर जिले में पंचायत की सड़क में भारी भ्रष्टाचार: अमरपाटन जनपद की ग्राम पंचायत मजगवां में घटिया सड़क निर्माण, सरपंच पर ठेके पर काम कराने का आरोप* *अमरपाटन / मैहर।* मैहर जिले की जनपद पंचायत अमरपाटन अंतर्गत ग्राम पंचायत मजगवां में लाखों की लागत से बन रही सड़क की गुणवत्ता की पोल खुल गई है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि सरपंच द्वारा सड़क का निर्माण ठेके पर दे दिया गया है और निर्माण कार्य बेहद घटिया तरीके से किया जा रहा है। *मौके पर क्या मिला -* ग्रामीणों के अनुसार सीसी रोड में सीमेंट का अनुपात बेहद कम लगाया जा रहा है। रेत की जगह डस्ट और गिट्टी में मिट्टी मिलाकर ढलाई की जा रही है। सड़क की मोटाई कागजों में 6 इंच है, जबकि मौके पर 3 से 4 इंच ही बनाई जा रही
है। नीचे बेस तक नहीं डाला गया और सीधे कच्ची मिट्टी पर ही सीमेंट डाल दिया गया है। *ठेके पर दिया काम -* नियमानुसार पंचायत के निर्माण कार्य में टेंडर प्रक्रिया और मजदूरों से काम कराना होता है, लेकिन यहां सरपंच ने पूरी सड़क ठेकेदार को दे दी है। काम मिक्सर मशीन और ठेका मजदूरों से कराया जा रहा है, जबकि मस्टर रोल में फर्जी जॉब कार्ड धारकों के नाम पर पैसा निकाला जा रहा है। निर्माण शुरू होने के बाद से ही ग्रामीण विरोध कर रहे हैं, लेकिन सरपंच सुनने को तैयार नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि यह सड़क 2 महीने भी नहीं टिकेगी और पहली बारिश में ही उखड़ जाएगी। *ग्रामीणों ने की जांच की मांग -* ग्रामीणों ने जनपद पंचायत अमरपाटन के CEO और कलेक्टर मैहर से इस सड़क की तकनीकी जांच कराने और एस्टीमेट के अनुसार गुणवत्तापूर्ण निर्माण कराने की मांग की है। साथ ही ठेके पर काम देने वाले सरपंच-सचिव पर कार्रवाई की मांग की है।
- रामनगर मैहर - बैंक एक विश्वास का आधार है। जहां हर कोई अपनी भविष्य निधि सुरक्षित बैंक पर रखता है। बैंक प्रबंधन द्वारा केसीसी खाताधारक प्रनत पाल सिंह से फ्राड पर खाताधारक अब किस पर भरोसा करेगा। समस्या निदान के लिए बैंक मैनेजर द्वारा अपशब्द का प्रयोग किया जाना कहा तक जायज है। भारत सरकार द्वारा किसानों को आर्थिक मजबूती प्रदान करने के लिए किसान क्रेडिट कार्ड केसीसी लोन किसानों को कम व्याजदर पर उपलब्ध कराया जाता है। जहां निर्धारित समय सीमा से पूर्व खाताधारक द्वारा पैसे जमा करने पर व्याजदर पर छूट का भी प्रावधान है। अन्नदाता किसानो को खेती-किसानी की जरूरतों को पूरा करने के किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) योजना पर ऋण दिया जाता है। लेकिन जब इसी केसीसी लोन खाते में गड़बड़ी फ्राडपन की शिकायत सामने आए और अपनी समस्या लेकर बैंक पहुंचने वाले खाताधारक को अपमानित और अभद्रता का सामना करना पड़े, तो बैंकिंग व्यवस्था सवालो के घेरे पर होती है। रामनगर विकासखंड के मध्यप्रदेश ग्रामीण बैंक गोरहाई शाखा से जुड़ा है मामला। खाताधारक ने अपने केसीसी लोन खाते में गड़बड़ी होने का आरोप कथित और लिखित दोनों रूपो पर किया है। खाताधारक के मुताबिक, खाते से संबंधित समस्या *मध्यप्रदेश ग्रामीण बैंक गोरहाई मे केसीसी लोन खाताधारक से फ्राड, बैंक प्रबंधन पर सबाल, मैनेजर द्वारा अभद्रता भाषा का प्रयोग।* रामनगर मैहर - बैंक एक विश्वास का आधार है। जहां हर कोई अपनी भविष्य निधि सुरक्षित बैंक पर रखता है। बैंक प्रबंधन द्वारा केसीसी खाताधारक प्रनत पाल सिंह से फ्राड पर खाताधारक अब किस पर भरोसा करेगा। समस्या निदान के लिए बैंक मैनेजर द्वारा अपशब्द का प्रयोग किया जाना कहा तक जायज है। भारत सरकार द्वारा किसानों को आर्थिक मजबूती प्रदान करने के लिए किसान क्रेडिट कार्ड केसीसी लोन किसानों को कम व्याजदर पर उपलब्ध कराया जाता है। जहां निर्धारित समय सीमा से पूर्व खाताधारक द्वारा पैसे जमा करने पर व्याजदर पर छूट का भी प्रावधान है। अन्नदाता किसानो को खेती-किसानी की जरूरतों को पूरा करने के किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) योजना पर ऋण दिया जाता है। लेकिन जब इसी केसीसी लोन खाते में गड़बड़ी फ्राडपन की शिकायत सामने आए और अपनी समस्या लेकर बैंक पहुंचने वाले खाताधारक को अपमानित और अभद्रता का सामना करना पड़े, तो बैंकिंग व्यवस्था सवालो के घेरे पर होती है। रामनगर विकासखंड के मध्यप्रदेश ग्रामीण बैंक गोरहाई शाखा से जुड़ा है मामला। खाताधारक ने अपने केसीसी लोन खाते में गड़बड़ी होने का आरोप कथित और लिखित दोनों रूपो पर किया है। खाताधारक के मुताबिक, खाते से संबंधित समस्या को लेकर जब बैंक मैनेजर के समक्ष अपनी बात रखी गई, तो समाधान करने के बजह अपशब्दों का प्रयोग किया गया। केसीसी खाताधारक प्रनत पाल सिंह और उनके पिता अरूण सिंह द्वारा निर्धारित समय अवधि दौरान केसीसी का पैसा जमा कर दिया जाता था। एक लाख रूपए का केसीसी ऋण खाता को क्लोज के लिए जब प्रनत पाल सिंह के पिता अरुण सिंह जमा करने गये तो उन्हें एक लाख ॠण लोन पर दो लाख सत्रह हजार रुपए की राशि जमा करना बताया, सुनते ही उनके चेस्ट पर दर्द उठा जैसे तुरंत ही हार्टअटैक हृदयगति रूक जाएगी। उस स्थिति को बयान करना मतलब पैर के नीचे से जमीन खिसकने वाली स्थिति निर्मित थी। खाताधारक अपने धन वित्तीय लेन-देन जानकारी पाने का हकदार है। ख़ासतौर पर किसान केसीसी खाते में ऋण की राशि, ब्याज, भुगतान और बकाया राशि की जानकारियां उसके लिए बेहद महत्वपूर्ण होती हैं। खाते मे विसंगति है तो बैंक प्रबंधन की जिम्मेदारी है कि जांच कर तथ्यों मे स्थिति स्पष्ट करें। ना की अपशब्दों का प्रयोग करते हुए खाता बंद करने की धमकी, एफआईआर करने, बैंक से बाहर भागने शब्दों का प्रयोग बैंकिंग सेवा ग्राहक सम्मान के लिहाज में बेहद गंभीर विषय है। जहां विभागीय अमले को गहराई पर विचार-विमर्श कर कार्यवाही प्रस्तावित करना चाहिए।👇1
- *अमरपाटन सिविल अस्पताल में स्वच्छता व्यवस्था ध्वस्त, चारों ओर फैली गंदगी से मरीज परेशान* *दूसरी हेडलाइन - सिविल अस्पताल बना बदहाली का शिकार, गंदगी के ढेर में इलाज कराने को मजबूर मरीज *अमरपाटन सिविल अस्पताल में स्वच्छता व्यवस्था ध्वस्त, चारों ओर फैली गंदगी से मरीज परेशान* *दूसरी हेडलाइन - सिविल अस्पताल बना बदहाली का शिकार, गंदगी के ढेर में इलाज कराने को मजबूर मरीज* *अमरपाटन।* कहते हैं अस्पताल में सबसे ज्यादा साफ-सफाई की जरूरत होती है, लेकिन अमरपाटन के सिविल अस्पताल में ही स्वच्छता की धज्जियां उड़ रही हैं। अस्पताल परिसर में जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हुए हैं, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल परिसर का जायजा लेने पर देखा गया कि वार्डों के बाहर, शौचालयों के आसपास और अस्पताल के पीछे कचरा बिखरा पड़ा है। नालियां चोक हैं और उनसे बदबू आ रही है। पीने के पानी के आसपास भी गंदगी फैली हुई है। वार्डों के अंदर भी स्थिति कुछ ठीक नहीं है। बेडशीट गंदी हैं और फर्श पर भी कचरा पड़ा हुआ है। मरीजों का कहना है कि गंदगी के कारण अस्पताल में संक्रमण फैलने का खतरा बना हुआ है। मरीज इलाज कराने आते हैं, लेकिन यहां की गंदगी देखकर और बीमार होने का डर सताने लगता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल में सफाई कर्मचारियों की लापरवाही के कारण यह स्थिति बनी हुई है। नियमित साफ-सफाई नहीं होने से अस्पताल की हालत दिन-ब-दिन बिगड़ती जा रही है। इस संबंध में जब जिम्मेदारों से बात करने की कोशिश की गई तो कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। अब देखना होगा कि खबर प्रकाशन के बाद स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारी इस ओर ध्यान देते हैं या नहीं।2
- *मां शारदा शक्तिपीठ मैहर 14 10 2026 बुधवार को काल भैरव के दिव्य अलौकिक दर्शन एवम आरती🚩* *मां शारदा शक्तिपीठ मैहर 14 10 2026 बुधवार को काल भैरव के दिव्य अलौकिक दर्शन एवम आरती🚩*1
- मैहर नवरात्रि मेले के तृतीय दिवस पर माँ शारदा मंदिर प्रांगण में जिला प्रशासन द्वारा गरबा कार्यक्रम का आयोजन मैहर नवरात्रि मेले के तृतीय दिवस पर माँ शारदा मंदिर प्रांगण में जिला प्रशासन द्वारा गरबा कार्यक्रम का आयोजन हुआ मैहर, 13 अक्टूबर। मैहर नवरात्रि मेले के तृतीय दिवस पर माँ शारदा मंदिर प्रांगण में जिला प्रशासन द्वारा गरबा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान नगर की महिला एवं छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। देवी गीतों पर गरबा कार्यक्रम में धूम रही। इस दौरान कलेक्टर श्रीमती बिदिशा मुखर्जी, पुलिस अधीक्षक श्री अवधेश प्रताप सिंह, अपर कलेक्टर श्री रोशन राय सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।1
- खबर हम देंगे चित्रकूट न्यूज चैनल मध्य प्रदेश सतना जिला मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उमरिया के गुरुवाही ग्राम में आयोजित राज्य स्तरीय लाड़ली बहना सम्मेलन में सिंगल क्लिक के माध्यम से मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की 1.25 करोड़ पात्र महिलाओं के बैंक खातों में 41वीं किस्त की ₹1834 करोड़ से अधिक की राशि अंतरित की।1
- इंदौर में प्रधान आरक्षक के 15 ठिकानों पर लोकायुक्त का छापा, 6.26 करोड़ की अकूत संपत्ति का खुलासा,, इंदौर में पदस्थ प्रधान आरक्षक चालक फिरोज खान के खिलाफ लोकायुक्त ने बड़ी कार्रवाई की है। बुधवार सुबह 6 बजे से इंदौर-देवास समेत 15 ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। जांच में करीब 6.26 करोड़ रुपये की अनुपातहीन संपत्ति मिलने का दावा किया गया है। यह संपत्ति उसकी ज्ञात आय से 223 प्रतिशत अधिक बताई जा रही है। लोकायुक्त टीम दस्तावेजों की जांच में जुटी है।1
- *ग्राम पंचायत गोरईया कला में विकास कार्यों की राशि के दुरुपयोग का आरोप, सरपंच-सचिव की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल* *ग्राम पंचायत गोरईया कला में विकास कार्यों की राशि के दुरुपयोग का आरोप, सरपंच-सचिव की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल* *ग्रामीणों ने लगाया लाखों रुपये की राशि के आहरण के बाद बंदरबांट का आरोप, जांच कर कार्रवाई की मांग* मैहर। जनपद पंचायत मैहर क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत गोरईया कला में विकास कार्यों के नाम पर सरकारी राशि के कथित दुरुपयोग का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत के सरपंच एवं सचिव पर विकास कार्यों के नाम पर लाखों रुपये की राशि आहरित करने और राशि का उचित उपयोग नहीं किए जाने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत में विकास कार्यों के लिए स्वीकृत राशि के खर्च को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, ग्राम पंचायत में विभिन्न विकास कार्यों के नाम पर राशि निकाली गई, लेकिन खर्च की गई राशि और धरातल पर हुए कार्यों के बीच पारदर्शिता को लेकर संदेह है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सरपंच एवं सचिव की मिलीभगत से सरकारी धन का बंदरबांट किया गया है। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है। *विकास कार्यों की जांच की मांग* ग्राम पंचायत में विकास कार्यों के नाम पर खर्च की गई राशि का वास्तविक हिसाब सामने लाने की मांग तेज हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत में स्वीकृत कार्यों, जारी राशि, भुगतान संबंधी दस्तावेजों और मौके पर हुए निर्माण कार्यों की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए, ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके। अधिकारियों की भूमिका पर भी नजर मामले में जनपद पंचायत मैहर के संबंधित अधिकारियों से मांग की जा रही है कि ग्राम पंचायत गोरईया कला में पिछले वर्षों के विकास कार्यों का रिकॉर्ड खंगाला जाए। इसमें निर्माण कार्यों की स्वीकृति, माप पुस्तिका, बिल-वाउचर, भुगतान विवरण और स्थल निरीक्षण के आधार पर जांच कराई जाए। यदि जांच में अनियमितता प्रमाणित होती है, तो जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए। अब जांच और जवाब का इंतजार ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों के बीच अब संबंधित अधिकारियों की भूमिका और जांच की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी। सरपंच एवं सचिव का पक्ष तथा संबंधित विभाग की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी। सवाल यह है कि यदि विकास कार्यों के नाम पर लाखों रुपये खर्च किए गए हैं, तो उन कार्यों की वास्तविक स्थिति और खर्च का पूरा हिसाब सार्वजनिक क्यों नहीं किया जाता? अब ग्रामीणों को निष्पक्ष जांच और जवाबदेही का इंतजार है। नोट: यह समाचार ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों पर आधारित प्रारूप है।4
- मैहर जिले में पंचायत की सड़क में भारी भ्रष्टाचार: अमरपाटन जनपद की ग्राम पंचायत मजगवां में घटिया सड़क निर्माण, सरपंच पर ठेके पर काम कराने का आरोप *मैहर जिले में पंचायत की सड़क में भारी भ्रष्टाचार: अमरपाटन जनपद की ग्राम पंचायत मजगवां में घटिया सड़क निर्माण, सरपंच पर ठेके पर काम कराने का आरोप* *अमरपाटन / मैहर।* मैहर जिले की जनपद पंचायत अमरपाटन अंतर्गत ग्राम पंचायत मजगवां में लाखों की लागत से बन रही सड़क की गुणवत्ता की पोल खुल गई है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि सरपंच द्वारा सड़क का निर्माण ठेके पर दे दिया गया है और निर्माण कार्य बेहद घटिया तरीके से किया जा रहा है। *मौके पर क्या मिला -* ग्रामीणों के अनुसार सीसी रोड में सीमेंट का अनुपात बेहद कम लगाया जा रहा है। रेत की जगह डस्ट और गिट्टी में मिट्टी मिलाकर ढलाई की जा रही है। सड़क की मोटाई कागजों में 6 इंच है, जबकि मौके पर 3 से 4 इंच ही बनाई जा रही है। नीचे बेस तक नहीं डाला गया और सीधे कच्ची मिट्टी पर ही सीमेंट डाल दिया गया है। *ठेके पर दिया काम -* नियमानुसार पंचायत के निर्माण कार्य में टेंडर प्रक्रिया और मजदूरों से काम कराना होता है, लेकिन यहां सरपंच ने पूरी सड़क ठेकेदार को दे दी है। काम मिक्सर मशीन और ठेका मजदूरों से कराया जा रहा है, जबकि मस्टर रोल में फर्जी जॉब कार्ड धारकों के नाम पर पैसा निकाला जा रहा है। निर्माण शुरू होने के बाद से ही ग्रामीण विरोध कर रहे हैं, लेकिन सरपंच सुनने को तैयार नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि यह सड़क 2 महीने भी नहीं टिकेगी और पहली बारिश में ही उखड़ जाएगी। *ग्रामीणों ने की जांच की मांग -* ग्रामीणों ने जनपद पंचायत अमरपाटन के CEO और कलेक्टर मैहर से इस सड़क की तकनीकी जांच कराने और एस्टीमेट के अनुसार गुणवत्तापूर्ण निर्माण कराने की मांग की है। साथ ही ठेके पर काम देने वाले सरपंच-सचिव पर कार्रवाई की मांग की है।2