न्यूजीलैंड की धरती पर 100 वर्ष बाद देश के प्रधानमंत्री ने हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद को याद कर सभी देशवासियों को गौरवान्वित किया है। आज से ठीक 100 वर्ष पूर्व भारतीय सेना हॉकी टीम के कदम न्यूजीलैंड की धरती पर पड़े थे, जहां हमारे सैनिक खिलाड़ियों ने गुलामी के उस दौर में दुनिया के सामने भारत की पहचान बनाई थी। आज स्वतंत्र भारत के प्रधानमंत्री अपनी न्यूजीलैंड यात्रा के दौरान भारतीय सैनिक खिलाड़ियों की उन स्वर्णिम तस्वीरों और यादों के साथ ऑकलैंड पहुंचे हैं, जिसने देश का गौरव बढ़ाया है। गुलामी के उस दौर में जब विदेशी मीडिया भारत को कढ़ी, सांप-सपेरों और गुलाम देश के रूप में संबोधित कर रहा था, तब एक साधारण सैनिक ध्यानचंद ने अपने साथियों के साथ मिलकर एक गौरवशाली इतिहास लिखा। वर्ष 1926 के इस न्यूजीलैंड दौरे पर जाने के लिए ध्यानचंद के पास अच्छे कपड़े तक नहीं थे और वे केवल अपनी चार-पांच सैनिक पोशाकें लेकर पानी के जहाज से लंबी समुद्री यात्रा तय कर वहां पहुंचे थे। उनके इस दौरे में कुल 21 मैचों को देखने के लिए न्यूजीलैंड के विभिन्न शहरों में डेढ़ लाख से अधिक दर्शक मैदानों में उमड़ पड़े थे। हॉकी के जादूगर की इसी अलौकिक कला को लेकर साल 1935 में मेलबर्न में आयोजित एक समारोह के दौरान महानतम क्रिकेटर सर डॉन ब्रेडमैन ने कहा था कि ध्यानचंद तुम हॉकी में ऐसे गोल करते हो जैसे हम क्रिकेट में रन बनाते हैं। बैतूल के हेमंत चंद्र दुबे 'बबलू' इस ऐतिहासिक पल पर खुशी जाहिर करते हुए लिखते हैं कि काश इस विशेष अवसर पर हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद के विश्व विजेता और ओलंपियन सुपुत्र अशोक कुमार भी प्रधानमंत्री के साथ होते, तो देशवासियों का उत्साह चरम पर होता। उन्होंने प्रधानमंत्री का अभिनंदन किया है जो 100 वर्ष पूर्व के इस दौरे और मेजर ध्यानचंद को याद कर रहे हैं, साथ ही हॉकी इंडिया का भी आभार जताया है जो आज देश की हॉकी का संचालन कर इस गौरवशाली क्षण को प्रधानमंत्री के माध्यम से दुनिया के सामने ला रही है।
न्यूजीलैंड की धरती पर 100 वर्ष बाद देश के प्रधानमंत्री ने हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद को याद कर सभी देशवासियों को गौरवान्वित किया है। आज से ठीक 100 वर्ष पूर्व भारतीय सेना हॉकी टीम के कदम न्यूजीलैंड की धरती पर पड़े थे, जहां हमारे सैनिक खिलाड़ियों ने गुलामी के उस दौर में दुनिया के सामने भारत की पहचान बनाई थी। आज स्वतंत्र भारत के प्रधानमंत्री अपनी न्यूजीलैंड यात्रा के दौरान भारतीय सैनिक खिलाड़ियों की उन स्वर्णिम तस्वीरों और यादों के साथ ऑकलैंड पहुंचे हैं, जिसने देश का गौरव बढ़ाया है। गुलामी के उस दौर में जब विदेशी मीडिया भारत को कढ़ी, सांप-सपेरों और गुलाम देश के रूप में संबोधित कर रहा
था, तब एक साधारण सैनिक ध्यानचंद ने अपने साथियों के साथ मिलकर एक गौरवशाली इतिहास लिखा। वर्ष 1926 के इस न्यूजीलैंड दौरे पर जाने के लिए ध्यानचंद के पास अच्छे कपड़े तक नहीं थे और वे केवल अपनी चार-पांच सैनिक पोशाकें लेकर पानी के जहाज से लंबी समुद्री यात्रा तय कर वहां पहुंचे थे। उनके इस दौरे में कुल 21 मैचों को देखने के लिए न्यूजीलैंड के विभिन्न शहरों में डेढ़ लाख से अधिक दर्शक मैदानों में उमड़ पड़े थे। हॉकी के जादूगर की इसी अलौकिक कला को लेकर साल 1935 में मेलबर्न में आयोजित एक समारोह के दौरान महानतम क्रिकेटर सर डॉन ब्रेडमैन ने कहा था कि ध्यानचंद तुम हॉकी
में ऐसे गोल करते हो जैसे हम क्रिकेट में रन बनाते हैं। बैतूल के हेमंत चंद्र दुबे 'बबलू' इस ऐतिहासिक पल पर खुशी जाहिर करते हुए लिखते हैं कि काश इस विशेष अवसर पर हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद के विश्व विजेता और ओलंपियन सुपुत्र अशोक कुमार भी प्रधानमंत्री के साथ होते, तो देशवासियों का उत्साह चरम पर होता। उन्होंने प्रधानमंत्री का अभिनंदन किया है जो 100 वर्ष पूर्व के इस दौरे और मेजर ध्यानचंद को याद कर रहे हैं, साथ ही हॉकी इंडिया का भी आभार जताया है जो आज देश की हॉकी का संचालन कर इस गौरवशाली क्षण को प्रधानमंत्री के माध्यम से दुनिया के सामने ला रही है।
- बैतूल जिले के विकासखंड प्रभात पट्टन के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत दातोरा के ग्राम डोंगरपुर स्थित शासकीय मीडिल स्कूल में ₹5 लाख की लागत से बाउंड्रीवाल का निर्माण कराया जाएगा। जिला पंचायत सदस्य उर्मिला गव्हाड़े ने ग्रामीणों, विद्यालय के छात्रों और शिक्षकों की उपस्थिति में विधिवत पूजा-अर्चना कर इस निर्माण कार्य का भूमि पूजन किया। ग्रामीणों की इस लंबे समय से लंबित मांग के पूरे होने से स्कूल परिसर सुरक्षित हो सकेगा। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य उर्मिला गव्हाड़े ने बताया कि स्कूल मुख्य सड़क के किनारे स्थित होने के कारण बच्चों के साथ अनहोनी या दुर्घटना की आशंका हमेशा बनी रहती थी। इस बाउंड्रीवाल के बन जाने से स्कूल का भवन सुरक्षित रहेगा और बच्चों को पढ़ाई के लिए एक भयमुक्त और सुरक्षित वातावरण मिल सकेगा। उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने की बात कहते हुए ग्रामीणों से स्वयं काम की निगरानी करने की अपील की ताकि निर्माण कार्य मजबूत और बेहतर हो। कार्यक्रम के दौरान ग्राम पंचायत सरपंच उर्मिला सरियाम, प्रधान पाठक डॉ. अरुणा झरबड़े, रमेश गव्हाड़े, साहेबराव साकरे, हेमराज सूर्यवंशी, राकेश पडोले, रीना पडोले, चेतन बरोदे, पूर्व सरपंच संजय साहू, रामप्रसाद बराहे, रामभाऊ सरियाम सहित ग्राम पंचायत सचिव, रोजगार सहायक और बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं, बच्चे तथा शिक्षक उपस्थित रहे।4
- बैतूल की कोतवाली पुलिस ने हत्या के प्रयास के आरोपी को तत्परता दिखाते हुए महज 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की गिरफ्त में आए इस आरोपी की पहचान रितिक उर्फ लखन चंद्रहास के रूप में हुई है, जो बैतूल के गांधी वार्ड अंतर्गत आने वाले बेहतर मोहल्ला का निवासी है।1
- बैतूल जिले के आमला ब्लॉक के ग्राम नरेरा स्थित एकीकृत प्राथमिक-माध्यमिक शाला में शुक्रवार को कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्कूल के बच्चों के साथ शिक्षक की भूमिका निभाते हुए आत्मीय संवाद किया और उनसे उनकी पढ़ाई, रुचियों तथा विद्यालय में होने वाली गतिविधियों के बारे में विस्तृत जानकारी ली। कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने कक्षा 5वीं और 7वीं के विद्यार्थियों को सरल और रोचक तरीके से जल चक्र की प्रक्रिया समझाई। उन्होंने बच्चों को पर्यावरण संरक्षण के महत्व के बारे में भी जागरूक किया।3
- बैतूल के कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे शुक्रवार को आमला विकासखंड के दौरे के दौरान एक अनोखे अंदाज में दिखाई दिए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्वयं एक शिक्षक की भूमिका संभाली और कक्षा में विद्यार्थियों को जल चक्र तथा पर्यावरण संरक्षण का पाठ पढ़ाया।2
- बैतूल जिले के आमला ब्लॉक में ससाबड-अंधारिया मार्ग पर स्थित एक बड़ी नदी पर चल रहे पुलिया निर्माण कार्य के कारण स्थानीय लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। पुलिया निर्माण के दौरान हुई पहली ही बारिश में अप्रोच मार्ग बह गया, जिससे पिछले 8 दिनों से आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया था। इस स्थिति के चलते स्कूली बच्चों और स्थानीय ग्रामीणों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी। ग्रामीणों ने इस समस्या को लेकर कलेक्टर, पीडब्ल्यूडी (PWD) विभाग और सीएम हेल्पलाइन पर शिकायतें दर्ज कराई थीं। प्रशासन और विभाग पर दबाव के बाद पीडब्ल्यूडी द्वारा अप्रोच मार्ग का पुनर्निर्माण कर दिया गया है, जिससे लोगों को काफी राहत मिली है। फिलहाल, पुलिया का शेष निर्माण कार्य बारिश का मौसम समाप्त होने के बाद ही पूरा किया जाएगा। आवागमन की स्थिति को देखते हुए, बड़े वाहनों को अभी भी नाहिया और देय्यत बाबा के पास वाले वैकल्पिक मार्ग से ही गुजरना होगा।1
- बैतूल जिले के आठनेर नगर के वार्ड क्रमांक 8 निवासी सुभाष जितपूरे के मकान के पूजा घर में स्थित शिवलिंग के समीप एक किंग कोबरा सांप बैठा दिखाई दिया, जिसे देखकर परिजन घबरा गए। इसके बाद परिजनों ने इसे चमत्कार स्वरूप मानकर सांप के दर्शन किए। इस घटना की जानकारी मिलते ही लोगों की भारी भीड़ भी दर्शन करने के लिए मौके पर पहुंच गई। इसके बाद नगर के सर्प मित्र गुनवंत बरडे ने तुरंत मौके पर पहुंचकर किंग कोबरा सांप का रेस्क्यू किया और उसे सुरक्षित जगह पर छोड़ दिया। परिजनों ने इस पूरे घटनाक्रम को भगवान का चमत्कार बताया है।1
- मध्य प्रदेश के दतिया में राजनीतिक घमासान देखने को मिला है, जिसे 'दतिया का दंगल' के रूप में संबोधित किया जा रहा है। इस घटनाक्रम ने क्षेत्र के सियासी गलियारों में हलचल पैदा कर दी है।1
- बैतूल में गंभीर अपराधों में त्वरित कार्रवाई करते हुए कोतवाली पुलिस ने हत्या के प्रयास के मामले में फरार आरोपी को महज 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पुलिस अधीक्षक श्री वीरेन्द्र जैन के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री कमलेश कुमार खरपुसे और एसडीओपी सुश्री अन्नपूर्णा सिरसाम के मार्गदर्शन में पुलिस टीम ने इस पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया। घटना के संबंध में 10 जुलाई 2026 को फरियादी विवेक यादव (उम्र 32 वर्ष, निवासी गणेश वार्ड, बैतूल बाजार, हाल किरायेदार कालापाठा, गंज बैतूल) की रिपोर्ट पर आरोपी रितिक उर्फ लखन चन्द्रहास के खिलाफ कोतवाली थाने में अपराध क्रमांक 576/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 296(बी), 351(2) और 109(1) के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया था। विवेचना के दौरान आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार फरार चल रहा था। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने कॉलेज चौक, बैतूल से आरोपी को अपनी अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की, जिसमें उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। इसके बाद आरोपी रितिक उर्फ लखन चन्द्रहास (उम्र 26 वर्ष, निवासी मेहतर मोहल्ला, गांधी वार्ड, बैतूल) को गिरफ्तार कर 11 जुलाई 2026 को माननीय न्यायालय में पेश किया गया। इस त्वरित और सराहनीय कार्रवाई में कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक देवकरण डेहरिया, गंज थाना प्रभारी निरीक्षक नीरज पाल, उप निरीक्षक बसंत अहके, प्रधान आरक्षक तरुण पटेल, प्रधान आरक्षक शिवकुमार और आरक्षक उज्ज्वल की विशेष एवं महत्वपूर्ण भूमिका रही।1