तनाव या मानसिक दबाव महसूस करने को 'स्ट्रेस लेना' कहा जाता है, जिससे निपटने के लिए कुछ बेहद सरल और व्यावहारिक उपाय अपनाए जा सकते हैं। अत्यधिक तनाव महसूस होने पर रोजाना 5 से 10 मिनट गहरी सांस लेना, पर्याप्त नींद लेना, थोड़ा टहलना या हल्का व्यायाम करना काफी फायदेमंद साबित होता है। इसके अलावा, जिस बात की चिंता सता रही हो उसे किसी भरोसेमंद व्यक्ति के साथ साझा करना और एक समय में केवल एक ही काम पर अपना ध्यान केंद्रित करना मानसिक दबाव को कम करने में काफी मददगार होता है। यदि तनाव का स्तर बहुत ज्यादा बढ़ गया है और कई दिनों से लगातार बना हुआ है, जिसके कारण पढ़ाई, काम या रोजमर्रा की सामान्य जिंदगी प्रभावित हो रही है, तो किसी मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से परामर्श लेना बेहद जरूरी हो जाता है। अगर आप भी किसी बात को लेकर तनाव में हैं, तो अपनी समस्या साझा कर मदद प्राप्त कर सकते हैं।
तनाव या मानसिक दबाव महसूस करने को 'स्ट्रेस लेना' कहा जाता है, जिससे निपटने के लिए कुछ बेहद सरल और व्यावहारिक उपाय अपनाए जा सकते हैं। अत्यधिक तनाव महसूस होने पर रोजाना 5 से 10 मिनट गहरी सांस लेना, पर्याप्त नींद लेना, थोड़ा टहलना या हल्का व्यायाम करना काफी फायदेमंद साबित होता है। इसके अलावा, जिस बात की चिंता सता रही हो उसे किसी भरोसेमंद व्यक्ति के साथ साझा करना और एक समय में केवल एक ही काम पर अपना ध्यान केंद्रित करना मानसिक दबाव को कम करने में काफी मददगार होता है। यदि तनाव का स्तर बहुत ज्यादा बढ़ गया है और कई दिनों से लगातार बना हुआ है, जिसके कारण पढ़ाई, काम या रोजमर्रा की सामान्य जिंदगी प्रभावित हो रही है, तो किसी मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से परामर्श लेना बेहद जरूरी हो जाता है। अगर आप भी किसी बात को लेकर तनाव में हैं, तो अपनी समस्या साझा कर मदद प्राप्त कर सकते हैं।
- उमरिया के चंदिया से महज 10 किलोमीटर दूर ग्राम कोयलारी के तेंदुवा गांव में विकास के दावों की पोल खुलती नजर आ रही है। यहां आंगनबाड़ी केंद्र तक पहुंचने वाला मार्ग इस कदर जर्जर हो चुका है कि बरसात के दिनों में यह सड़क कम और दलदल ज्यादा नजर आता है। प्रशासन के विकास के तमाम दावों के बीच इस बदहाल रास्ते ने सरकारी दावों को कीचड़ में धकेल दिया है। इस आंगनबाड़ी केंद्र में करीब 65 नौनिहाल दर्ज हैं, जिन्हें हर दिन इसी दलदल भरे रास्ते से होकर गुजरना पड़ता है। बारिश होते ही पूरे मार्ग में भारी कीचड़ और जलभराव हो जाता है, जिससे रास्ते पर पैर रखना तक मुश्किल हो जाता है। ऐसे खतरनाक हालातों में इन मासूम बच्चों के फिसलने और चोटिल होने का डर हर पल बना रहता है, लेकिन इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों की संवेदनाएं अब तक इस बदहाल रास्ते तक नहीं पहुंच पाई हैं। इस स्थिति ने सरकार और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक तरफ जहां सरकार बच्चों के बेहतर भविष्य, शिक्षा और पोषण को लेकर बड़े-बड़े दावे करती है, वहीं दूसरी तरफ जमीनी हकीकत यह है कि इन बच्चों को अपनी बुनियादी शिक्षा और पोषण के लिए हर दिन दलदल से जंग लड़नी पड़ रही है। ऐसे में यह बड़ा सवाल खड़ा होता है कि क्या जिम्मेदार अधिकारी कभी इस बदहाल रास्ते पर आकर इन नौनिहालों का दर्द समझेंगे, या फिर विकास का यह दावा केवल कागजों और बैठकों तक ही सिमट कर रह जाएगा?1
- कटनी जिले के देवरी-मझगवां मार्ग पर बदहाल और जानलेवा सड़कों से परेशान ग्रामीणों और युवाओं का सब्र आखिरकार टूट गया है। लोक निर्माण विभाग (PWD) की घोर लापरवाही के विरोध में प्रदर्शनकारियों ने सड़क के बीच भैंस खड़ी कर उसके आगे बीन बजाते हुए एक अनोखा प्रदर्शन किया। घुटनों तक भरे पानी और गहरे गड्ढों के बीच किए गए इस प्रतीकात्मक प्रदर्शन के जरिए लोगों ने संदेश दिया कि लगातार शिकायतों के बावजूद विभाग की संवेदनहीनता अब असहनीय हो चुकी है और सोया हुआ प्रशासनिक तंत्र जागने का नाम नहीं ले रहा है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि देवरी-मझगवां का यह आंदोलन अब पूरे कटनी जिले की जर्जर सड़कों के खिलाफ जनता की आवाज बन चुका है। जिले की बदहाल सड़कों पर हर बारिश के बाद हालात बद से बदतर हो जाते हैं, जहाँ गहरे गड्ढे और जलभराव रोजाना लोगों की जान जोखिम में डाल रहे हैं। स्कूली बच्चे, दोपहिया वाहन चालक, एंबुलेंस और आम नागरिक हर दिन मौत का खतरा उठाकर सफर करने को मजबूर हैं और लगातार हादसे हो रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग की ओर से कोई स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा है। युवाओं ने बताया कि वे कई बार अधिकारियों से गुहार लगा चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं होने के बाद उन्हें यह अनोखा कदम उठाना पड़ा। इस आक्रोश के बाद प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन और लोक निर्माण विभाग को चेतावनी देते हुए एक सप्ताह का अल्टीमेटम दिया है। यदि तय समय के भीतर सड़क की मरम्मत, गड्ढों की भराई और जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं की गई, तो क्षेत्र की जनता व्यापक आंदोलन करेगी और चक्का जाम किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। विकास के दावों के बीच अब यह बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि क्या लोक निर्माण विभाग इस चेतावनी को गंभीरता से लेगा या फिर किसी बड़े हादसे के बाद ही प्रशासन की नींद खुलेगी।1
- मध्य प्रदेश के जबलपुर में जय महाकाल संघ एवं अंतरराष्ट्रीय बजरंग दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री कन्हैया रामकृष्ण तिवारी जी के दिशा-निर्देश पर पहली बार "सनातन अधिवक्ता सम्मेलन" का भव्य आयोजन किया गया। इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में युवा हिंदू अधिवक्ताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और भारी उत्साह दिखाया। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। आयोजन के अध्यक्ष एडवोकेट डी. पी. राय जी ने संबोधित करते हुए कहा कि आज अधिवक्ता बंधुओं को देश और हिंदू धर्म के लिए सकारात्मक पहल करने की आवश्यकता है। वहीं, विशिष्ट अतिथि एवं उपमहाधिवक्ता विवेक शर्मा जी ने अधिवक्ताओं को सनातन धर्म, प्रकृति, पर्यावरण और महिलाओं पर होने वाले अत्याचारों को लेकर सक्रिय रूप से कार्य करने पर विशेष जोर दिया। कार्यक्रम के अंत में राष्ट्रीय अध्यक्ष कन्हैया रामकृष्ण तिवारी जी ने देश और हिंदू समाज पर हो रहे चौतरफा हमलों पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि आज हिंदू समाज को लव जेहाद, जमीन जेहाद, कारपोरेट जेहाद, गौ वंश तस्करी, धर्मांतरण, अवैध घुसपैठियों, देश विरोधी गतिविधियों में बढ़ोतरी, नाम बदलकर दुकान चलाना और अवैध धार्मिक स्थलों व चर्चों के निर्माण जैसे षड्यंत्रों के जरिए गहरा आघात पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने देशद्रोहियों और हिंदू विरोधियों को कड़ा और मुंहतोड़ जवाब देने के लिए हिंदू अधिवक्ताओं से आगे आने और हिंदू समाज के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करने का आह्वान किया। इस आयोजन को सफल बनाने में आशीष विश्वकर्मा, रोशन गौतेल, अमरनाथ सोनकर, वीरेंद्र साहू, सोनू सतनामी, विकास सराठे, शैलेंद्र राव पप्पू, सुमित यादव, दीपक सिंह राजपूत, सुजीत सिंह ठाकुर, अभिलाष पराग, राजकुमार यादव, संदीप यादव, राजेंद्र साहू, ध्रुव विश्वकर्मा, विकास भारद्वाज, सुरेश कोल, अमित तिवारी, पंकज गुप्ता, जयराज पिल्ले, श्रीमती राधा तिवारी, नीलू स्वामी, किरण ठाकुर, रीना श्रीवास्तव और शुभ ओम तिवारी सहित कई कार्यकर्ताओं ने अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। कार्यक्रम का संचालन प्रांत कार्यकारी अध्यक्ष आशीष विश्वकर्मा ने किया और आभार प्रदर्शन सुमित यादव द्वारा किया गया।4
- मध्य प्रदेश के उमरिया जिले में स्थित बांधवगढ़ टाइगर रिज़र्व में प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) के मार्गदर्शन में आयोजित सातवें रिफ्रेशर कोर्स सह वार्षिक समीक्षा कार्यक्रम के तहत डॉग हैंडलर्स के पहले बैच का सफलतापूर्वक समापन हो गया है। इस प्रशिक्षण और मूल्यांकन कार्यक्रम में विभिन्न टाइगर रिज़र्व तथा वन्यजीव क्षेत्रों से आए डॉग हैंडलर्स और उनके सहायक हैंडलर्स ने हिस्सा लिया। प्रशिक्षण के दौरान हुए मूल्यांकन में सतपुड़ा टाइगर रिज़र्व की डॉग स्क्वाड टीम ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए पहला स्थान हासिल किया, जबकि शहडोल की डॉग स्क्वाड टीम ने दूसरा स्थान प्राप्त किया। इस कार्यक्रम के दौरान डॉग्स और उनके हैंडलर्स की सेहत की भी जांच की गई। बांधवगढ़ टाइगर रिज़र्व के वन्यजीव चिकित्सक डॉ. राजेश तोमर और जबलपुर से आए वरिष्ठ पशुचिकित्सक डॉ. देवेन्द्र गुप्ता की टीम ने डॉग्स का स्वास्थ्य परीक्षण किया, जबकि मानपुर के ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर की टीम ने डॉग हैंडलर्स और सहायक हैंडलर्स के स्वास्थ्य की जांच की। समापन के अवसर पर सभी डॉग हैंडलर्स और सहायक हैंडलर्स को प्रमाण-पत्र, जैकेट और मोमेंटो प्रदान किए गए। प्रतिभागियों ने फीडबैक फॉर्म के जरिए इस प्रशिक्षण की उपयोगिता और इसके सफल आयोजन की सराहना की। अंत में, बांधवगढ़ टाइगर रिज़र्व प्रशासन ने सभी प्रतिभागियों, प्रशिक्षकों, पशुचिकित्सा टीम और सहयोगी अधिकारियों का आभार व्यक्त करते हुए वन्यजीव संरक्षण और वन अपराध नियंत्रण में डॉग स्क्वाड की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया।2
- मध्यप्रदेश के कटनी जिले के होटल सत्कार में रविवार को मध्यप्रदेश श्रमजीवी पत्रकार संघ का भव्य प्रांतीय महाअधिवेशन और कार्यकारिणी बैठक आयोजित की गई। इस कार्यक्रम में प्रदेशभर से पहुंचे पत्रकारों की भारी मौजूदगी ने इसे एक बड़े पत्रकारिता महाकुंभ का स्वरूप दे दिया। पूरे दिन चले इस आयोजन में पत्रकारों के अधिकारों, सुरक्षा, सम्मान और उनके भविष्य को लेकर बेहद गंभीर मंथन किया गया। यह महाअधिवेशन संघ के प्रदेश अध्यक्ष श्री शलभ भदौरिया के मार्गदर्शन और निरीक्षण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में संघ के संरक्षक श्री रिजवान सिद्दीकी ने पत्रकारों के हितों से जुड़ी 21 सूत्रीय मांगों को प्रमुखता से उठाते हुए राज्य सरकार से इन पर शीघ्र अमल करने की मांग की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को मजबूत बनाने के लिए पत्रकारों को सुरक्षा, सामाजिक सम्मान, आर्थिक संरक्षण और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित कराना बेहद आवश्यक है। इस पूरे कार्यक्रम की व्यवस्था और संचालन का नेतृत्व जिला अध्यक्ष डॉ. सुरेंद्र सिंह राजपूत ने सफलतापूर्वक किया। इस महाअधिवेशन में कटनी विधायक संदीप जायसवाल, महापौर प्रीति सूरी और बड़वारा विधायक सहित कई जनप्रतिनिधियों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इन अतिथियों ने समाज और लोकतंत्र में पत्रकारों की महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना की और उनके हितों के संरक्षण का पूरा भरोसा दिया। इसके साथ ही वरिष्ठ पत्रकार अज्जू सोनी, आशीष सोनी सहित विभिन्न जिलों और ग्राम पंचायतों से आए पत्रकारों ने भी अपने विचार रखे। इस बैठक में पत्रकार सुरक्षा कानून, संगठन विस्तार, पत्रकार कल्याण योजनाओं, ग्रामीण पत्रकारों की समस्याओं और संगठन की आगामी रणनीति पर विस्तृत चर्चा की गई, जिसके बाद सभी ने एकजुटता का संकल्प लेकर कार्यक्रम का समापन किया।4
- बरेला में चरमराई साफ-सफाई, दूषित जलापूर्ति, मुख्य मार्ग पर आवारा पशुओं के जमावड़े और क्षतिग्रस्त विद्युत पोल जैसी जनसमस्याओं को लेकर नगर कांग्रेस कमेटी ने मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को कांग्रेस नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य नगरपालिका अधिकारी (सीएमओ) संजय पांडे से मुलाकात की और व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार की मांग को लेकर एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन सौंपने के दौरान कांग्रेस नेताओं ने नगर परिषद पर भेदभावपूर्ण रवैया अपनाने का गंभीर आरोप लगाया। पार्षद भूपेंद्र यादव ने कहा कि विपक्ष के वार्डों की लगातार उपेक्षा की जा रही है, जिसके कारण वहां साफ-सफाई और विकास कार्य पूरी तरह ठप पड़े हैं। वहीं, वार्ड क्रमांक 1 के अनुराग पटेल ने आगाह किया कि बारिश के कारण नगर में मच्छरों का प्रकोप अत्यधिक बढ़ गया है, जिससे संक्रामक बीमारियों का खतरा पैदा हो गया है। उन्होंने सभी वार्डों में तत्काल कीटनाशक व फागिंग के छिड़काव और जलभराव को रोकने के लिए नालों की समुचित सफाई की मांग की। नगर अध्यक्ष रामजी रैकवार ने क्षतिग्रस्त विद्युत पोलों की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए इन्हें जल्द बदलने की मांग की ताकि किसी भी बड़ी दुर्घटना को टाला जा सके। इस दौरान वरिष्ठ नेता अरविंद तिवारी, मुकेश पटेल, सत्येंद्र गर्ग, विपिन झारिया, विजय जैन, शेख सलीम और अन्य कांग्रेस कार्यकर्ता भारी संख्या में उपस्थित रहे। नगर परिषद के सीएमओ संजय पांडे ने कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल की मांगों को ध्यानपूर्वक सुनने के बाद इन समस्याओं के त्वरित निराकरण का आश्वासन दिया है।2
- मध्य प्रदेश के भोपाल में बैरसिया के ग्राम लालरिया में एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहां दुकान से चॉकलेट लेने गई 4 साल की मासूम बच्ची को एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने कुचल दिया। इस हादसे में मासूम की मौके पर ही मौत हो गई। बताया जा रहा है कि दोनों बहनें दुकान पर चॉकलेट लेने गई थीं, जहां बड़ी बहन तो सड़क पार कर गई थी लेकिन छोटी बहन सड़क पर ही बैठ गई थी, जिसके बाद वह इस हादसे का शिकार हो गई। यह पूरी घटना पास में लगे एक सीसीटीवी (CCTV) कैमरे में कैद हो गई है। इस दर्दनाक घटना के बाद से ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। घटना की सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने बच्ची के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर फरार स्कॉर्पियो चालक की तलाश में जुट गई है।1