वाराणसी के चौबेपुर क्षेत्र के उमरहां स्थित जय प्रकाश महाविद्यालय में बीएड प्रशिक्षुओं के पांच दिवसीय स्काउट गाइड प्रशिक्षण शिविर का शनिवार को समापन हो गया। 7 जुलाई से 11 जुलाई तक चले इस प्रशिक्षण शिविर के दौरान प्रशिक्षुओं ने विभिन्न प्रकार की व्यावहारिक, सामाजिक और शैक्षिक गतिविधियों को सीखा। शिविर के अंतिम दिन प्रशिक्षुओं ने बिना बर्तनों के भोजन तैयार किया और अपने गुरुजनों को उसका स्वाद चखाया। समापन समारोह से पहले बीएड प्रशिक्षुओं ने सर्व धर्म प्रार्थना सभा के बाद ध्वजारोहण किया। इसके बाद उन्होंने तम्बू निर्माण किया और रंगोली बनाई, जिसके बाद प्रशिक्षकों ने उन्हें दीक्षा दिलाई। समारोह का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. विनय कुमार श्रीवास्तव ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन कर किया। इसके बाद बीएड प्रशिक्षुओं ने सरस्वती वन्दना और स्वागत गीत सहित अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। प्राचार्य ने प्रशिक्षुओं के मंगल भविष्य की कामना करते हुए कार्यक्रम का समापन किया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता हिन्दी प्रवक्ता डॉ. राजमन प्रसाद ने की और संचालन प्रशिक्षक मदन चौहान ने किया। इस अवसर पर जिला प्रशिक्षण आयुक्त रितेशनी मिश्रा, प्रशिक्षिका कुसुम लता, रीना मौर्या, शिवांगी, प्रीति, रूबी, रविन्द्र कुमार, मनीष, रवि, राजेश, सतीश पटेल, नवीन मौर्य और राम प्रवेश सिंह सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
वाराणसी के चौबेपुर क्षेत्र के उमरहां स्थित जय प्रकाश महाविद्यालय में बीएड प्रशिक्षुओं के पांच दिवसीय स्काउट गाइड प्रशिक्षण शिविर का शनिवार को समापन हो गया। 7 जुलाई से 11 जुलाई तक चले इस प्रशिक्षण शिविर के दौरान प्रशिक्षुओं ने विभिन्न प्रकार की व्यावहारिक, सामाजिक और शैक्षिक गतिविधियों को सीखा। शिविर के अंतिम दिन प्रशिक्षुओं ने बिना बर्तनों के भोजन तैयार किया और अपने गुरुजनों को उसका स्वाद चखाया। समापन समारोह से पहले बीएड प्रशिक्षुओं ने सर्व धर्म प्रार्थना सभा के बाद ध्वजारोहण किया। इसके बाद उन्होंने तम्बू निर्माण किया और रंगोली बनाई, जिसके बाद प्रशिक्षकों ने उन्हें दीक्षा दिलाई। समारोह का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. विनय कुमार श्रीवास्तव ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन कर किया। इसके बाद बीएड प्रशिक्षुओं ने सरस्वती वन्दना और स्वागत गीत सहित अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। प्राचार्य ने प्रशिक्षुओं के मंगल भविष्य की कामना करते हुए कार्यक्रम का समापन किया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता हिन्दी प्रवक्ता डॉ. राजमन प्रसाद ने की और संचालन प्रशिक्षक मदन चौहान ने किया। इस अवसर पर जिला प्रशिक्षण आयुक्त रितेशनी मिश्रा, प्रशिक्षिका कुसुम लता, रीना मौर्या, शिवांगी, प्रीति, रूबी, रविन्द्र कुमार, मनीष, रवि, राजेश, सतीश पटेल, नवीन मौर्य और राम प्रवेश सिंह सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
- वाराणसी के चौबेपुर क्षेत्र के उमरहां स्थित जय प्रकाश महाविद्यालय में बीएड प्रशिक्षुओं के पांच दिवसीय स्काउट गाइड प्रशिक्षण शिविर का शनिवार को समापन हो गया। 7 जुलाई से 11 जुलाई तक चले इस प्रशिक्षण शिविर के दौरान प्रशिक्षुओं ने विभिन्न प्रकार की व्यावहारिक, सामाजिक और शैक्षिक गतिविधियों को सीखा। शिविर के अंतिम दिन प्रशिक्षुओं ने अपनी कुशलता का परिचय देते हुए बिना बर्तनों के भोजन तैयार किया और अपने गुरुजनों को उसका स्वाद चखाया।1
- वाराणसी के चौबेपुर क्षेत्र के उमरहां स्थित जय प्रकाश महाविद्यालय में बीएड प्रशिक्षुओं के पांच दिवसीय स्काउट गाइड प्रशिक्षण शिविर का शनिवार को समापन हो गया। 7 जुलाई से 11 जुलाई तक चले इस प्रशिक्षण शिविर के दौरान प्रशिक्षुओं ने विभिन्न प्रकार की व्यावहारिक, सामाजिक और शैक्षिक गतिविधियों को सीखा। शिविर के अंतिम दिन प्रशिक्षुओं ने बिना बर्तनों के भोजन तैयार किया और अपने गुरुजनों को उसका स्वाद चखाया। समापन समारोह से पहले बीएड प्रशिक्षुओं ने सर्व धर्म प्रार्थना सभा के बाद ध्वजारोहण किया। इसके बाद उन्होंने तम्बू निर्माण किया और रंगोली बनाई, जिसके बाद प्रशिक्षकों ने उन्हें दीक्षा दिलाई। समारोह का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. विनय कुमार श्रीवास्तव ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन कर किया। इसके बाद बीएड प्रशिक्षुओं ने सरस्वती वन्दना और स्वागत गीत सहित अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। प्राचार्य ने प्रशिक्षुओं के मंगल भविष्य की कामना करते हुए कार्यक्रम का समापन किया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता हिन्दी प्रवक्ता डॉ. राजमन प्रसाद ने की और संचालन प्रशिक्षक मदन चौहान ने किया। इस अवसर पर जिला प्रशिक्षण आयुक्त रितेशनी मिश्रा, प्रशिक्षिका कुसुम लता, रीना मौर्या, शिवांगी, प्रीति, रूबी, रविन्द्र कुमार, मनीष, रवि, राजेश, सतीश पटेल, नवीन मौर्य और राम प्रवेश सिंह सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।1
- वाराणसी के सदर स्थित जय प्रकाश महाविद्यालय में आयोजित पांच दिवसीय स्काउट गाइड प्रशिक्षण शिविर का सफलतापूर्वक समापन हो गया है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभागियों ने स्काउटिंग और गाइडिंग से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों और कौशल का अभ्यास किया।1
- चंदौली में प्रशासन की अनदेखी के चलते ग्रामीणों को खुद ही नाले पर पैदल रास्ता बनाने के लिए मजबूर होना पड़ा है। जनता न्यूज़ टीवी ब्यूरो चीफ राजमणी पाण्डेय की रिपोर्ट के अनुसार, स्थानीय लोगों ने अपनी सहायता स्वयं करते हुए नाले पर आवाजाही के लिए अस्थाई मार्ग का निर्माण किया है। इस स्थिति के बीच ग्रामीणों ने अब क्षेत्र में एक पक्के पुल के निर्माण की मांग उठाई है। प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस पहल न होने के कारण स्थानीय निवासियों को इस प्रकार की व्यवस्था करने के लिए विवश होना पड़ा है।1
- चंदौली के मुगलसराय अंतर्गत पड़ाव चौराहा गांव में जल निकासी की गंभीर समस्या पैदा हो गई है। यहाँ नालियों का गंदा पानी सड़कों और रास्तों पर भर गया है, जिससे स्थानीय लोग खासे परेशान हैं। ग्रामीणों का कहना है कि समस्या लगातार बढ़ती जा रही है और जलभराव का सिलसिला जारी है। स्थिति यह है कि शिकायत करने के बावजूद प्रशासन की ओर से अब तक कोई सुनवाई नहीं की जा रही है और समस्या के समाधान के लिए कोई कदम नहीं उठाए गए हैं।1
- वाराणसी से अयोध्या जंक्शन जा रही मरुधर एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 14853) के S5 कोच में सफर कर रहे एक परिवार को दबंगई और गंभीर बदसलूकी का सामना करना पड़ा। 10 जून 2026 को हुई इस घटना में, पीड़ित परिवार के पास लोअर बर्थ की सीट संख्या 17 और 20 का कंफर्म टिकट था। लेकिन सीट संख्या 18, 19, 21 और 22 पर पहले से अवैध कब्जा जमाए बैठे कुछ लोगों ने उन्हें अपनी ही सीट पर बैठने से रोक दिया। विरोध करने पर उन लोगों ने पीड़ित परिवार को 'गंवार' बताते हुए अभद्र भाषा का प्रयोग किया और टिकट दिखाने के बाद भी लगातार बदतमीजी की। अगल-बगल के यात्रियों के समझाने पर पीड़ित परिवार को बैठने की जगह तो मिल गई, लेकिन आरोपियों ने उनका बैग सीट के नीचे रखने से मना कर दिया और उसे गोद में लेकर बैठने को कहा, जबकि उनका अपना सामान पूरी सीट पर भरा हुआ था। हद तो तब हो गई जब सीट नंबर 20 पर बैठी एक 69 वर्षीय बुजुर्ग महिला को इन लोगों ने बार-बार धक्का दिया और उन्हें चलती ट्रेन से बाहर फेंकने की धमकी तक दे डाली। पीड़ित के अनुसार, इन 4 सीटों पर कुल 6 लोग दादागिरी करते हुए यात्रा कर रहे थे, जिनमें से दो लोग नशे की हालत में लग रहे थे। इस पूरे घटनाक्रम के कारण पीड़ित परिवार को भारी शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी। पीड़ित ने इस संबंध में रेलवे में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन रेलवे पुलिस ने उनसे तब संपर्क किया जब आरोपी ट्रेन से उतर चुके थे और पुलिस ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि अब वे कुछ नहीं कर सकते। वाराणसी से अयोध्या तक पूरी यात्रा के दौरान ट्रेन में कोई टीटीई या रेलवे स्टाफ नहीं चढ़ा, जिससे ये लोग पकड़े नहीं जा सके। शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई न होने से निराश पीड़ित ने मांग की है कि रेलवे के पास बर्थ नंबर 18, 19, 21 और 22 के यात्रियों का जो विवरण है, उसके आधार पर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में ये लोग किसी अन्य यात्री के साथ ऐसा दुर्व्यवहार न कर सकें।1