उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी की योजनाओं को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से, दिनांक 22 जून 2026, सोमवार को ग्राम पंचायत करसा में एक खुली बैठक का आयोजन किया गया। यह बैठक ग्राम पंचायत करसा के प्रधान संतोष कुमार गिरि द्वारा आयोजित की गई थी। इस खुली बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण सर्वेक्षण 2024 की सूची के सत्यापन का कार्य किया गया। बैठक के दौरान ग्राम पंचायत करसा में कुल 356 आवास सूची प्रविष्टियों का सत्यापन किया गया, जिसे सबसे बड़ी संख्या बताया गया। इस महत्वपूर्ण कार्य में पंचायत सेक्रेटरी राहुल आनंद, पंचायत सहायक प्रीति गिरि और अन्य पंचायत सदस्य उपस्थित रहे, जबकि आंगनबाड़ी कार्यकर्ती मंजू देवी, गुड़िया सोनी और रमा देवी ने भी अपना सहयोग प्रदान किया। बैठक में ग्रामवासी बड़ी संख्या में मौजूद रहे, जिससे योजना के सत्यापन प्रक्रिया में व्यापक भागीदारी सुनिश्चित हुई। प्रधान संतोष कुमार गिरि ने एक बार फिर मुख्यमंत्री की जन-कल्याणकारी योजनाओं को हर व्यक्ति तक पहुँचाने के संकल्प को दोहराया।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी की योजनाओं को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से, दिनांक 22 जून 2026, सोमवार को ग्राम पंचायत करसा में एक खुली बैठक का आयोजन किया गया। यह बैठक ग्राम पंचायत करसा के
प्रधान संतोष कुमार गिरि द्वारा आयोजित की गई थी। इस खुली बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण सर्वेक्षण 2024 की सूची के सत्यापन का कार्य किया गया। बैठक के दौरान ग्राम पंचायत करसा में कुल 356 आवास सूची प्रविष्टियों का सत्यापन
किया गया, जिसे सबसे बड़ी संख्या बताया गया। इस महत्वपूर्ण कार्य में पंचायत सेक्रेटरी राहुल आनंद, पंचायत सहायक प्रीति गिरि और अन्य पंचायत सदस्य उपस्थित रहे, जबकि आंगनबाड़ी कार्यकर्ती मंजू देवी, गुड़िया सोनी और रमा देवी ने भी अपना सहयोग
प्रदान किया। बैठक में ग्रामवासी बड़ी संख्या में मौजूद रहे, जिससे योजना के सत्यापन प्रक्रिया में व्यापक भागीदारी सुनिश्चित हुई। प्रधान संतोष कुमार गिरि ने एक बार फिर मुख्यमंत्री की जन-कल्याणकारी योजनाओं को हर व्यक्ति तक पहुँचाने के संकल्प को दोहराया।
- लखीमपुर खीरी के खीरी कस्बे में प्रशासन ने अवैध अतिक्रमण के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू की है। यह कार्रवाई थाना खीरी में आयोजित पीस कमेटी की बैठक में दिए गए निर्देशों के बाद की गई। जानकारी के अनुसार, बैठक के दौरान एसडीएम सदर अश्विन कुमार ने ईओ नगर पंचायत खीरी को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि कस्बे के मुख्य मार्गों पर बढ़ते अवैध अतिक्रमण को तुरंत चिन्हित कर हटाया जाए। यह कदम इसलिए आवश्यक था क्योंकि इन अवैध कब्जों के कारण आए दिन यातायात जाम की स्थिति उत्पन्न हो रही थी और आम जनता को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा था। इन निर्देशों का पालन करते हुए नगर पंचायत और तहसील प्रशासन की एक टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई शुरू की। इस दौरान नायब तहसीलदार, लेखपाल, नगर पंचायत कर्मी और भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा। हालांकि, कार्रवाई पूरी तरह से संपन्न नहीं हुई; चिन्हित स्थानों पर आंशिक रूप से ही अतिक्रमण हटाया जा सका। शेष अवैध कब्जाधारियों को सख्त चेतावनी दी गई है कि वे स्वयं अपने अवैध निर्माण हटा लें, अन्यथा भविष्य में बुलडोजर चलाकर पूरे अतिक्रमण को सख्ती से हटाया जाएगा। प्रशासन की इस पहल के बाद क्षेत्र में हलचल देखी जा रही है और लोगों से अपील की जा रही है कि वे नियमों का पालन करते हुए सहयोग करें।1
- पलिया नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष लक्ष्मी देवी गुप्ता के खिलाफ वित्तीय अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। एक शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री सहित प्रदेश के उच्च अधिकारियों को शिकायती पत्र भेजकर इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। शिकायत में नगर पालिका के विभिन्न कार्यों, खरीद प्रक्रियाओं और टेंडरों में बड़े पैमाने पर अनियमितता बरतने का आरोप है। शिकायतकर्ता मनोज गुप्ता ने आरोप लगाया है कि नगर पालिका में विकास कार्यों के नाम पर शासन से मिली धनराशि का दुरुपयोग किया गया। कई निर्माण कार्यों को नियमों के विपरीत छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर चहेते ठेकेदारों को लाभ पहुंचाया गया और निविदा प्रक्रिया में भी पारदर्शिता नहीं बरती गई। शिकायत पत्र में आउटसोर्स कर्मचारियों की संख्या बढ़ाकर फर्जी भुगतान करने, सड़क निर्माण कार्यों में मानक के अनुरूप सामग्री का उपयोग न करने, एक ही कार्य का दो बार भुगतान करने और खरीद प्रक्रियाओं में बाजार मूल्य से कई गुना अधिक दरों पर सामान खरीदने जैसे गंभीर आरोप भी शामिल हैं। यह भी कहा गया है कि नगर पालिका द्वारा स्ट्रीट लाइट, स्टील डस्टबिन, कूड़ा रिक्शा-ठिलिया, प्लास्टिक डस्टबिन, सीवरेज पंप, पानी के टैंकर और अन्य उपकरणों की खरीद में लाखों रुपये की वित्तीय अनियमितता की गई है। कुछ मामलों में बाजार मूल्य से कई गुना अधिक कीमत पर सामान खरीदने का आरोप है। इसके अतिरिक्त, एक विशेष ठेकेदार को लाभ पहुंचाने के लिए टेंडर प्रक्रिया में हेराफेरी करने और नियमों के विपरीत निविदाएं निरस्त करने का भी आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता ने इस मामले की जांच आर्थिक अपराध शाखा, विजिलेंस अथवा विशेष जांच दल (एसआईटी) से कराकर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने और सरकारी धन की वसूली की मांग की है। इस शिकायत की प्रतियां मुख्यमंत्री, नगर विकास मंत्री, मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव नगर विकास, मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, सांसद और विधायक समेत कुल 12 अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों को भेजी गई हैं। वहीं, इस मामले पर जानकारी लेने पर पालिकाध्यक्ष लक्ष्मी देवी गुप्ता ने सभी आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि मनोज गुप्ता को ही नगर पालिका रोड निर्माण का ठेका दिया गया था। उनके अनुसार, यह आरोप कि चहेते ठेकेदारों को लाभ पहुंचाया गया, गलत है क्योंकि मनोज गुप्ता द्वारा किए गए सड़क निर्माण का कार्य मानकों के विपरीत पाया गया था, जिसकी जांच कराकर भुगतान रोक दिया गया था। पालिकाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि इसी वजह से मनोज गुप्ता द्वारा इस तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं।3
- लखीमपुर खीरी जिले के सदर कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत चौकी महेवागंज इलाके में, ताजिया रोड चौक का भ्रमण किया गया। इस दौरान, ताजिया रखने वाले और बनाने वाले लोगों से विस्तृत बातचीत की गई। इन वार्ताओं के उपरांत, कमेटी के सदस्यों द्वारा ताजिया की अधिकतम ऊंचाई 12 फीट रखने पर सहमति व्यक्त की गई।1
- उत्तर प्रदेश के सीतापुर में जिला प्रशासन ने सोमवार तड़के सरकारी नजूल भूमि पर बने समाजवादी पार्टी के जिला कार्यालय पर बड़ी कार्रवाई करते हुए उसे बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया। सुबह करीब 4 बजे, पांच थानों की पुलिस फोर्स, पीएसी जवानों और चार बुलडोजरों के साथ प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा और लगभग दो घंटे चली इस कार्रवाई में 21 वर्ष पुराने सपा कार्यालय को पूरी तरह से जमींदोज कर दिया गया, साथ ही मलबा भी हटवा दिया गया। सुरक्षा व्यवस्था के लिए 25 पुलिसकर्मी और 50 पीएसी जवान तैनात रहे। प्रशासन के अनुसार, यह कार्यालय वर्ष 2005 में लगभग 2500 वर्गफीट सरकारी नजूल भूमि पर बनाया गया था। नगर पालिका की अधिशासी अधिकारी सीमा सिंह ने बताया कि 15 जनवरी 2005 को तत्कालीन नगर पालिका अध्यक्ष राधेश्याम जायसवाल ने टाउन हॉल परिसर स्थित नजूल भूमि सपा जिला कार्यालय के लिए आवंटित की थी, जिसके लिए मात्र 100 रुपये मासिक किराया निर्धारित किया गया था। इस भूमि पर एक हॉल और दो कमरों का निर्माण कराया गया था। हालांकि, आवंटन प्रक्रिया में अनियमितताएं पाए जाने के बाद नगर पालिका परिषद ने 14 अप्रैल 2005 को ही इस आवंटन को निरस्त कर दिया था। इसके बावजूद, वर्षों तक वहां सपा का जिला कार्यालय संचालित होता रहा। प्रशासन ने बताया कि 8 जून 2025 को जिलाधिकारी न्यायालय ने सपा जिलाध्यक्ष छत्रपाल यादव को नोटिस जारी कर भूमि खाली करने का निर्देश दिया था। नोटिस की अवधि समाप्त होने के बाद यह अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। बताया जा रहा है कि बुलडोजर कार्रवाई से एक दिन पहले ही सपा जिलाध्यक्ष ने कार्यालय खाली करा लिया था। कार्रवाई के दौरान सदर एसडीएम डॉ. जर्नादन कुमार सहित कई प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद थे। सुबह-सुबह हुई इस कार्रवाई के बाद जिले में राजनीतिक चर्चाओं का माहौल गर्म हो गया है।1
- फरधान थाना क्षेत्र के रसूलपुर गाँव में बीती रात अयूब के घर से लाखों रुपये के जेवर और ₹45,500 की नकदी चोरी हो गई। इस घटना के बाद पीड़ित ने पुलिस को तहरीर दी है। पुलिस ने मामले में रिपोर्ट दर्ज कर ली है।1
- लखनऊ में हुए एक दुखद अग्निकांड में अब तक 15 छात्र-छात्राओं की मौत की खबर है। इस घटना ने एक बार फिर शहर में धड़ल्ले से जारी अवैध निर्माणों और स्थानीय प्रशासन की लचर व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ASTv24 डिजिटल के शाहिद लखाही के अनुसार, शहर के हर रिहायशी इलाके में ऐसे अवैध निर्माण आसानी से मिल जाते हैं। लखनऊ विकास प्राधिकरण का प्रवर्तन दल 'चढ़ावे और भेंट' लेकर कागजों पर अवैध को वैध बना देता है। इसी का एक उदाहरण एक MLC साहब का होटल भी है, जिसके गिराने का आदेश तक जारी हुआ था, लेकिन 'अंडर द टेबल' सब कुछ व्यवस्थित कर लिया गया। लखनऊ अग्निकांड से यह स्पष्ट हो गया है कि जिस इमारत में यह कोचिंग चल रही थी, वहाँ कोई दूसरा सुरक्षा मार्ग मौजूद नहीं था। ऐसे में यह बड़ा सवाल है कि इतने बच्चों को पढ़ाने के लिए यहाँ कोचिंग चलाने की अनुमति कैसे दी गई। आरोप है कि जब तक स्थानीय प्रशासन चंद पैसों की लालच में ऐसी जगहों पर कोचिंग चलाने की इजाजत देता रहेगा, तब तक ऐसी घटनाएं होती रहेंगी। हर बार की तरह, इस घटना पर भी दो-एक दिन चर्चा होगी और फिर कहीं और ऐसा ही हादसा हो जाएगा।1