महाराष्ट्र के औरंगाबाद में आयोजित नेशनल पावरलिफ्टिंग इक्विप्ड और क्लासिक मास्टर महिला-पुरुष प्रतियोगिता में राजस्थान के शाहपुरा के निवासी विनोद जोशी ने शानदार प्रदर्शन कर क्षेत्र का गौरव बढ़ाया है। 18 जुलाई 2026 से 23 जुलाई 2026 तक आयोजित इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय प्रतियोगिता में उन्होंने हिस्सा लिया था। दी बॉलर्स जिम के निर्देशक अंकित कसेरा ने बताया कि 74 किलोग्राम भार वर्ग मास्टर कैटेगरी-2 में देशभर के 44 खिलाड़ियों ने भाग लिया, जिसमें विनोद जोशी ने कड़ी टक्कर देते हुए राष्ट्रीय स्तर पर 7वां स्थान हासिल किया। विनोद जोशी का राष्ट्रीय स्तर पर खेलने का यह तीसरा अवसर था, और पिछली बार वे इसी प्रतियोगिता में 9वें स्थान पर रहे थे। अपनी इस उपलब्धि पर विनोद जोशी ने कहा कि यह एक बड़ी प्रतियोगिता थी, जिसके लिए उन्होंने कड़ी मेहनत की और आगे भी करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि जो भी कमियां रह गई हैं, उन्हें दूर करके वे अगली प्रतियोगिता में और बेहतर प्रदर्शन करेंगे, क्योंकि इस खेल में पदक हासिल करना ही उनका एकमात्र लक्ष्य है। राष्ट्रीय स्तर पर शाहपुरा का नाम रोशन करने पर उनके जिम के साथियों, परिवार के सदस्यों और शाहपुरा वासियों ने उन्हें शुभकामनाएं और बधाइयां दी हैं।
महाराष्ट्र के औरंगाबाद में आयोजित नेशनल पावरलिफ्टिंग इक्विप्ड और क्लासिक मास्टर महिला-पुरुष प्रतियोगिता में राजस्थान के शाहपुरा के निवासी विनोद जोशी ने शानदार प्रदर्शन कर क्षेत्र का गौरव बढ़ाया है। 18 जुलाई 2026 से 23 जुलाई 2026 तक आयोजित इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय प्रतियोगिता में उन्होंने हिस्सा लिया था। दी बॉलर्स जिम के निर्देशक अंकित कसेरा ने बताया कि 74 किलोग्राम भार वर्ग मास्टर कैटेगरी-2 में
देशभर के 44 खिलाड़ियों ने भाग लिया, जिसमें विनोद जोशी ने कड़ी टक्कर देते हुए राष्ट्रीय स्तर पर 7वां स्थान हासिल किया। विनोद जोशी का राष्ट्रीय स्तर पर खेलने का यह तीसरा अवसर था, और पिछली बार वे इसी प्रतियोगिता में 9वें स्थान पर रहे थे। अपनी इस उपलब्धि पर विनोद जोशी ने कहा कि यह एक बड़ी प्रतियोगिता थी, जिसके लिए उन्होंने कड़ी मेहनत की
और आगे भी करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि जो भी कमियां रह गई हैं, उन्हें दूर करके वे अगली प्रतियोगिता में और बेहतर प्रदर्शन करेंगे, क्योंकि इस खेल में पदक हासिल करना ही उनका एकमात्र लक्ष्य है। राष्ट्रीय स्तर पर शाहपुरा का नाम रोशन करने पर उनके जिम के साथियों, परिवार के सदस्यों और शाहपुरा वासियों ने उन्हें शुभकामनाएं और बधाइयां दी हैं।
- भीलवाड़ा के मेजा बांध पर जयपुर कमांडेंट के निर्देशानुसार ई कम्पनी की रेस्क्यू टीम ई-4 ने सिविल डिफेंस के साथ मिलकर स्थानीय लोगों, बोट चालकों और मछुआरों को जल सुरक्षा, आपदा प्रबंधन और रेस्क्यू की ट्रेनिंग दी। 21 जुलाई को आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में लोगों को जीवन रक्षक तकनीकों और कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (सीपीआर) के बारे में विस्तार से जागरूक किया गया। ट्रेनिंग के दौरान बोट चालकों को सख्त निर्देश दिए गए कि वे बोटिंग के दौरान हर व्यक्ति को अनिवार्य रूप से लाइफ जैकेट पहनाएं और निर्धारित क्षमता से अधिक लोगों को बोट में न बैठाएं ताकि असंतुलन के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को रोका जा सके। इसके अलावा, तेज हवाओं, अधिक लहरों और खराब मौसम की स्थिति में बोटिंग को पूरी तरह से स्थगित रखने और मौसम सामान्य होने पर ही बोट संचालन शुरू करने की हिदायत दी गई। बोट संचालकों को यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं। पानी में डूबने जैसी आपातकालीन स्थिति में रेस्क्यू टीम ने घबराने के बजाय लाइफ बॉय, रस्सी और बांस या बम्बू के जरिए सुरक्षित तरीके से बचाव करने की प्रक्रिया समझाई। यदि पानी से बाहर निकाले गए व्यक्ति की स्थिति गंभीर हो, तो उसे सीपीआर देने की विधि और इसके महत्व को भी विस्तारपूर्वक सिखाया गया। इसके साथ ही, चालकों को आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित निर्णय लेने, उपलब्ध रेस्क्यू उपकरणों का सही उपयोग करने और किसी भी हादसे की स्थिति में तुरंत रेस्क्यू टीम व संबंधित प्रशासन को सूचित करने के निर्देश दिए गए।4
- भीलवाड़ा के पारीक छात्रावास के पास गुल अली नगरी में एक रिहायशी मकान की छत पर अवैध रूप से मोबाइल टावर का ढांचा खड़ा करने को लेकर स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश है। लोगों का आरोप है कि रात करीब 12 बजे बिना किसी प्रशासनिक अनुमति और सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करते हुए यह टावर लगाया गया, जिससे बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य व आसपास के घरों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, टावर की भारी लोहे की संरचना बेहद असुरक्षित है और इसके गिरने की स्थिति में भारी जान-माल का नुकसान हो सकता है। निवासियों ने मकान मालिक से कई बार टावर न लगाने की अपील की थी, लेकिन वह नहीं माना और रात में ही गुपचुप तरीके से काम करवा लिया। बताया जा रहा है कि इस छत पर पहले से ही एक मोबाइल टावर लगा हुआ है और अब यह दूसरा टावर खड़ा करने का प्रयास किया जा रहा है। निवासियों ने जिला प्रशासन और नगर विकास न्यास से मांग की है कि वे मौके का निरीक्षण कर इस अवैध निर्माण को हटवाएं और उचित कानूनी कार्रवाई करें। इस संबंध में जिला कलेक्टर के नाम एक ज्ञापन भी सौंपा गया है। ज्ञापन देने वालों में शाहनवाज अंसारी, एडवोकेट इमरान रंगरेज, अबरार अंसारी, बिलाल रंगरेज, इकबाल, जाकिर भाई, वसीम अकरम, मोहम्मद इमरान, मो आसिफ, खलील सोरगर, उमर डबगर, नोमान रंगरेज, बाबू पठान, कमरून्निशा, नसीम बानो, सोनू, शबाना और सीमा सहित कई लोग उपस्थित रहे।3
- भीलवाड़ा के ओडो का खेड़ा में हुए बहुचर्चित हत्या मामले में एक नया मोड़ सामने आया है, जहां आरोपी पक्ष के परिवार ने खुद के बेघर होने और दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर होने का दावा किया है। दो महिलाओं और आठ बच्चों समेत इस परिवार ने सोमवार शाम करीब 5 बजे पुलिस अधीक्षक (एसपी) से मुलाकात कर अपने घर में सुरक्षित वापसी कराने और सुरक्षा उपलब्ध कराने की गुहार लगाई है। परिवार का आरोप है कि मामला न्यायालय में विचाराधीन होने के बावजूद विपक्षी पक्ष के लोग उन्हें लगातार जान से मारने की धमकियां दे रहे हैं। परिजनों के अनुसार, 4 मार्च को हुई यह घटना आपसी रंजिश और पारिवारिक विवाद का नतीजा थी, जिसमें सामने वाले पक्ष के पेमालाल ओड ने पूरे परिवार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराकर हत्या का मामला दर्ज करा दिया था। इस मामले में परिवार के सात पुरुष और दो महिलाएं जेल में बंद हैं, जबकि बाहर बचे आठ बच्चे और दो महिलाएं पिछले साढ़े चार महीने से भटक रहे हैं। परिजन भोंपू लाल ओड ने बताया कि कोतवाली थाना पुलिस इन लोगों को उनके पास छोड़ गई थी, जिसके बाद राहुल ओड ने उन्हें फोन कर धमकी दी कि इन लोगों को यहां से निकाल दो, वरना तुम्हारी भी खैर नहीं होगी। पीड़ित परिवार के पास वर्तमान में न रहने के लिए घर है, न खाने-पीने का सामान और न ही पहनने-ओढ़ने के कपड़े व बिस्तर हैं। वहीं दूसरी तरफ, पीड़िता अंशी ने आरोप लगाया कि राहुल ओड उन्हें उनके घर में घुसने नहीं दे रहा है और उसने केबिनों में रखा सारा सामान चोरी कर बेच दिया है, जिसका सीसीटीवी फुटेज भी सामने आने का दावा किया गया है। अंशी का कहना है कि वे जब भी रिश्तेदारों के यहां रहने जाते हैं, तो राहुल उन्हें भी जान से मारने की धमकी देता है। इन्हीं धमकियों और प्रताड़ना से परेशान होकर आखिरकार परिवार को सुरक्षा और न्याय पाने के लिए एसपी कार्यालय की शरण लेनी पड़ी है।1
- बूंदी के देवपुरा तहसील रोड स्थित एक मकान पर पुलिस ने बोगस ग्राहक बनकर देह व्यापार के एक बड़े संगठित रैकेट का पर्दाफाश किया है। जिले में अवैध गतिविधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई इस कार्रवाई में पुलिस ने मुख्य सरगना सहित कुल 23 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए लोगों में 15 पुरुष और बाहरी क्षेत्रों से आई 7 महिलाएं शामिल हैं। इस क्षेत्र में लंबे समय से संदिग्ध गतिविधियों की शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद पुलिस ने विशेष योजना बनाकर महिला कांस्टेबलों और पुलिसकर्मियों को बोगस ग्राहक बनाकर मौके पर भेजा और सूचना की पुष्टि होते ही छापा मारकर सभी को हिरासत में ले लिया। तलाशी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से ग्राहकों से डिजिटल भुगतान लेने में इस्तेमाल किए जाने वाले मोबाइल फोन, यूपीआई भुगतान संबंधी साक्ष्य, नकदी, वाहन तथा अन्य सामग्री जब्त की है। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि इस अवैध देह व्यापार के धंधे का पूरा संचालन डिजिटल लेनदेन के माध्यम से ही किया जा रहा था। पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ अनैतिक व्यापार (निवारण) अधिनियम (पीटा एक्ट) सहित अन्य प्रासंगिक धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। इसके साथ ही पुलिस जब्त किए गए डिजिटल लेनदेन के रिकॉर्ड, कॉल डिटेल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की भी गहनता से जांच कर रही है ताकि मामले में सामने आने वाले अन्य लोगों की भूमिका की पड़ताल कर उनके खिलाफ भी आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा सके।1
- राजस्थान में दो चरणों में नगरीय निकाय चुनाव और चार चरणों में पंचायतीराज चुनाव संपन्न कराए जाएंगे। इस पूरी चुनावी प्रक्रिया के तहत प्रदेश के कुल 309 नगरीय निकायों के 10,245 वार्डों के लिए मतदान कराया जाएगा।1
- राजस्थान में प्रसूता और गर्भवती महिलाओं की मृत्यु के मामलों में एएनएम नर्सिंग कर्मियों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई के विरोध में एल.एच.वी./ए.एन.एम. संघ ऑफ राजस्थान (संयुक्त – अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ) ने मोर्चा खोल दिया है। संघ ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य शासन सचिव को एक ज्ञापन सौंपकर इस कार्रवाई के प्रति अपना कड़ा विरोध जताया है। संघ का कहना है कि मीडिया रिपोर्टों और उच्च अधिकारियों के निर्देशों के आधार पर एएनएम को जिम्मेदार ठहराकर कार्रवाई की जा रही है, जिससे प्रदेशभर की महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं में भारी रोष और मानसिक तनाव का माहौल है। ज्ञापन में स्पष्ट किया गया है कि एएनएम स्वास्थ्य विभाग की आधारभूत कड़ी हैं, जो गांव-ढाणी स्तर पर गर्भवती महिलाओं के पंजीकरण, नियमित जांच, टीकाकरण, परामर्श और प्रसव पूर्व व प्रसवोत्तर देखभाल जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाती हैं। इसके अलावा वे उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं को समय पर उच्च चिकित्सा संस्थानों में रेफर भी करती हैं। संघ का तर्क है कि आवश्यक जांच, स्कैनिंग, उपकरणों और संसाधनों की कमी के बीच पूरी जिम्मेदारी से काम करने वाली एएनएम को सीधे दोषी ठहराकर बलि का बकरा बनाना और मानसिक रूप से प्रताड़ित करना पूरी तरह से अनुचित है। संघ ने सरकार से मांग की है कि उच्च जोखिम गर्भवती एवं प्रसूता मृत्यु के मामलों में एएनएम को दोषी न ठहराया जाए, उनके खिलाफ की जा रही कार्रवाई पर तुरंत रोक लगाई जाए और धारा-17 से जुड़े मामलों में राहत देकर उनके हितों की रक्षा की जाए। इसके साथ ही कड़ी चेतावनी दी गई है कि यदि इन मांगों पर जल्द ही कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो पूरे प्रदेश में एएनएम आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार और स्वास्थ्य प्रशासन की होगी।4
- चित्तौड़गढ़ जिले के गंगरार में कोर्ट पुलिया के पास ट्रेन से गिरने के कारण एक युवक की मौत हो गई। यह घटना गंगरार कोर्ट पुलिया के समीप की है, जहां ट्रेन से गिर जाने की वजह से युवक की जान चली गई।1