सहारनपुर में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए, एंटी करप्शन टीम ने गुरुवार को थाना तितरो में तैनात सब इंस्पेक्टर देशपाल सिंह को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। आरोपी दरोगा को तितरो थाने के बाहर एक ट्रैप के दौरान पकड़ा गया। पीड़ित मुकेश कुमार, जो थाना तितरो क्षेत्र के निवासी हैं, ने शिकायत की थी कि गांव का प्रधान उनके खिलाफ फर्जी शिकायतें देकर उन्हें परेशान कर रहा था। आरोप है कि सब इंस्पेक्टर देशपाल सिंह इन शिकायतों की जांच के नाम पर मुकेश से रुपये की मांग कर रहा था। मुकेश के अनुसार, एक रेहड़ा चोरी के मामले में उसका नाम शामिल कर कार्रवाई का डर दिखाया गया और मामला खत्म करने के लिए 10 हजार रुपये मांगे गए थे। मुकेश ने 2 जून को एंटी करप्शन कार्यालय पहुंचकर इस मामले की शिकायत की और आवश्यक साक्ष्य उपलब्ध कराए। शिकायत की जांच के बाद, टीम ने एक जाल बिछाया और केमिकल लगे नोट मुकेश को सौंपे। गुरुवार दोपहर जैसे ही दरोगा देशपाल सिंह ने ये नोट लिए, एंटी करप्शन टीम ने उसे तत्काल दबोच लिया। केमिकल परीक्षण में दरोगा के हाथों का रंग बदल गया, जिससे रिश्वत लेने की पुष्टि हुई। गिरफ्तारी के बाद आरोपी दरोगा को नानौता थाने लाया गया, जहां उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपी का मेडिकल कराने के बाद उसे आगे की कार्रवाई के लिए पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है। इस कार्रवाई से हड़कंप मचा हुआ है।
सहारनपुर में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए, एंटी करप्शन टीम ने गुरुवार को थाना तितरो में तैनात सब इंस्पेक्टर देशपाल सिंह को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। आरोपी दरोगा को तितरो थाने के बाहर एक ट्रैप के दौरान पकड़ा गया। पीड़ित मुकेश कुमार, जो थाना तितरो क्षेत्र के निवासी हैं, ने शिकायत की थी कि गांव का प्रधान उनके खिलाफ फर्जी शिकायतें देकर उन्हें परेशान कर रहा था। आरोप है कि सब इंस्पेक्टर देशपाल सिंह इन शिकायतों की जांच के नाम पर मुकेश से रुपये की मांग कर रहा था। मुकेश के अनुसार, एक रेहड़ा चोरी के मामले में उसका नाम शामिल कर कार्रवाई का डर दिखाया गया और मामला खत्म करने के लिए 10 हजार रुपये मांगे गए थे। मुकेश ने 2 जून को एंटी करप्शन कार्यालय पहुंचकर इस मामले की शिकायत की और आवश्यक साक्ष्य उपलब्ध कराए। शिकायत की जांच के बाद, टीम ने एक जाल बिछाया और केमिकल लगे नोट मुकेश को सौंपे। गुरुवार दोपहर जैसे ही दरोगा देशपाल सिंह ने ये नोट लिए, एंटी करप्शन टीम ने उसे तत्काल दबोच लिया। केमिकल परीक्षण में दरोगा के हाथों का रंग बदल गया, जिससे रिश्वत लेने की पुष्टि हुई। गिरफ्तारी के बाद आरोपी दरोगा को नानौता थाने लाया गया, जहां उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपी का मेडिकल कराने के बाद उसे आगे की कार्रवाई के लिए पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है। इस कार्रवाई से हड़कंप मचा हुआ है।
- सहारनपुर के सरसावा थाना पुलिस ने एक चोरी की घटना का सफलतापूर्वक खुलासा करते हुए एक वांछित आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर चोरी के आभूषण बेचकर कमाए गए 8 लाख 35 हजार रुपये की नकदी भी बरामद की है। एसएसपी अभिनंदन ने पुलिस लाइन के नवीन सभागार में पत्रकारों को जानकारी देते हुए बताया कि यह मामला 15 अप्रैल को राजपाल सिंह पुत्र सोमसिंह, निवासी ग्राम कुतुबपुर, थाना सरसावा की शिकायत के बाद सामने आया था। राजपाल सिंह ने अपनी तहरीर में बताया था कि अज्ञात चोरों ने उसके घर में घुसकर संदूक में रखे सोने-चांदी के आभूषण चुरा लिए थे, जिसके आधार पर पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू की थी। थाना सरसावा पुलिस ने प्रभारी निरीक्षक सुबोध कुमार, महिला उपनिरीक्षक नेहा उपाध्याय, उपनिरीक्षक देवकरन शर्मा और उपनिरीक्षक सौरभ यादव के नेतृत्व में मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए आरोपी शोएब पुत्र शौकत अली, निवासी ग्राम समसपुर को समसपुर से नवादा जाने वाले रास्ते पर एक निर्माणाधीन मकान के पास से गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान आरोपी शोएब ने पुलिस को बताया कि वह लगभग 3 साल पहले गांव कुतुबपुर में रवि मिस्त्री की दुकान पर मोटरसाइकिल रिपेयरिंग का काम करता था। इसी दौरान उसकी राजपाल सिंह से जान-पहचान हुई और उसके घर आना-जाना हो गया था, जिससे उसे पता चला था कि राजपाल सिंह के घर के संदूक में बहुमूल्य सोने-चांदी के आभूषण रखे हैं। शोएब ने आगे बताया कि जब राजपाल सिंह और उसका परिवार किसी रिश्तेदारी में बाहर गया हुआ था और घर पर केवल एक बुजुर्ग मौजूद था, तब उसने मौके का फायदा उठाकर घर में घुसकर आभूषण चुरा लिए और उन्हें अलग-अलग अंजान लोगों को बेच दिया। पुलिस द्वारा बरामद 8 लाख 35 हजार रुपये की धनराशि उन्हीं चोरी के आभूषणों को बेचकर प्राप्त की गई थी। पुलिस ने आरोपी शोएब के खिलाफ बीएनएस की धारा-305(ए) के तहत चालान काटकर उसे जेल भेज दिया है।1
- सहारनपुर में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए, एंटी करप्शन टीम ने गुरुवार को थाना तितरो में तैनात सब इंस्पेक्टर देशपाल सिंह को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। आरोपी दरोगा को तितरो थाने के बाहर एक ट्रैप के दौरान पकड़ा गया। पीड़ित मुकेश कुमार, जो थाना तितरो क्षेत्र के निवासी हैं, ने शिकायत की थी कि गांव का प्रधान उनके खिलाफ फर्जी शिकायतें देकर उन्हें परेशान कर रहा था। आरोप है कि सब इंस्पेक्टर देशपाल सिंह इन शिकायतों की जांच के नाम पर मुकेश से रुपये की मांग कर रहा था। मुकेश के अनुसार, एक रेहड़ा चोरी के मामले में उसका नाम शामिल कर कार्रवाई का डर दिखाया गया और मामला खत्म करने के लिए 10 हजार रुपये मांगे गए थे। मुकेश ने 2 जून को एंटी करप्शन कार्यालय पहुंचकर इस मामले की शिकायत की और आवश्यक साक्ष्य उपलब्ध कराए। शिकायत की जांच के बाद, टीम ने एक जाल बिछाया और केमिकल लगे नोट मुकेश को सौंपे। गुरुवार दोपहर जैसे ही दरोगा देशपाल सिंह ने ये नोट लिए, एंटी करप्शन टीम ने उसे तत्काल दबोच लिया। केमिकल परीक्षण में दरोगा के हाथों का रंग बदल गया, जिससे रिश्वत लेने की पुष्टि हुई। गिरफ्तारी के बाद आरोपी दरोगा को नानौता थाने लाया गया, जहां उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपी का मेडिकल कराने के बाद उसे आगे की कार्रवाई के लिए पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है। इस कार्रवाई से हड़कंप मचा हुआ है।1
- सहारनपुर में तालाब में कूड़ा-कचरा डाले जाने से गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। कूड़ा डालने के कारण तालाब का पानी बाधित होकर गंदा हो रहा है, और इसके साथ ही तालाब के आस-पास का रास्ता भी बाधित और दूषित हो रहा है। लोगों ने इस समस्या को जल्द से जल्द हल करने का निवेदन किया है।2
- “कॉकरोच जनता पार्टी” ने मौजूदा व्यवस्था में आमूल-चूल परिवर्तन लाने का आह्वान किया है, उनका स्पष्ट नारा है कि “सिस्टम नहीं बदलेगा, हम बदलेंगे सिस्टम!”। पार्टी का मुख्य लक्ष्य समाज में न्याय, शिक्षा, समानता और इंसानियत को बढ़ावा देना है। अपनी मुख्य मांगों को सामने रखते हुए, पार्टी ने कहा है कि बलात्कार के आरोपियों को किसी भी कीमत पर नेता बनने की अनुमति नहीं मिलनी चाहिए और उन्हें तुरंत जेल में डाला जाना चाहिए। लड़कियों को त्वरित न्याय दिलाने के लिए सख्त कानून बनाने की भी पुरजोर मांग की गई है। इसके साथ ही, “कॉकरोच जनता पार्टी” का मानना है कि अशिक्षित लोगों को चुनाव लड़ने और नेता बनने का अधिकार नहीं मिलना चाहिए। पार्टी ने धर्म के नाम पर वोट मांगने की प्रथा पर रोक लगाने और केवल विकास-उन्मुख राजनीति को बढ़ावा देने की वकालत की है। सामाजिक सुरक्षा के संदर्भ में, उनकी मांग है कि जिन बच्चों का कोई परिवार नहीं है, उन्हें अनाथ आश्रमों में उचित सुविधाएँ मिलें। वहीं, अपने माता-पिता को छोड़ने वालों के लिए सख्त सजा का प्रावधान करने की भी बात कही गई है। “कॉकरोच जनता पार्टी” अपने सिद्धांतों को “व्यवस्था बदलो, देश बचाओ” के नारे के साथ जोड़ते हुए कहती है कि न्याय, शिक्षा, समानता और इंसानियत ही उनकी पहचान है।1
- सहारनपुर जनपद के थाना तितरो में तैनात एक दरोगा को एंटी करप्शन टीम ने दस हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया है। इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मिली जानकारी के अनुसार, शिकायत प्राप्त होने पर एंटी करप्शन टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया। टीम ने दरोगा देशकुमार को रिश्वत लेते समय मौके पर ही दबोच लिया। बताया जा रहा है कि शिकायतकर्ता से किसी मामले में कार्रवाई करने के नाम पर यह रिश्वत मांगी गई थी। शिकायत की पुष्टि होने पर ही टीम ने यह कार्रवाई की। गिरफ्तारी के बाद एंटी करप्शन टीम आरोपी दरोगा को आगे की पूछताछ के लिए अपने साथ ले गई। फिलहाल एंटी करप्शन विभाग द्वारा इस मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है, और विस्तृत जानकारी का इंतजार है।1
- भारतीय किसान यूनियन (सेवक) के कार्यकर्ताओं और सैकड़ों ग्रामीणों ने देवबंद में बड़गांव थाना पुलिस द्वारा अंबेहटा मोहन गांव के पांच युवकों को गिरफ्तार कर जेल भेजे जाने के विरोध में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी, जो एसडीएम और सीओ कार्यालय तक पहुंचे थे, ने गिरफ्तार किए गए युवकों के खिलाफ दर्ज मुकदमा वापस लेने की मांग की। भाकियू सेवक के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनित त्यागी ने पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि युवकों के खिलाफ धारा 307 के तहत झूठा मुकदमा दर्ज किया गया है। उन्होंने मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और युवकों को राहत दी जाए। त्यागी ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो संगठन एक बड़ा आंदोलन करेगा।3
- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी अक्सर कहते हैं कि जहाँ पानी इकट्ठा होता है, वहाँ बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। हालांकि, सहारनपुर जिले की नकुड़ तहसील के बाकरपुर गाँव में लोगों को ऐसी ही परिस्थितियों में जीना पड़ रहा है, जहाँ पानी जमा होने से बीमारी फैलने की आशंका है। इस स्थिति को लेकर सवाल उठाया गया है कि आखिर मुख्यमंत्री जी के इन बयानों के बावजूद गाँव के निवासियों को बीमारी की इस 'जड़' में क्यों रहना पड़ रहा है और ऐसी स्थिति क्यों बनी हुई है।1
- दिल्ली के मालवीय नगर में एक बहुमंजिला होटल-रेस्टोरेंट इमारत में भीषण आग लगने और उसमें 21 लोगों की मौत की घटना के बाद, सहारनपुर अग्निशमन विभाग पूरी तरह से अलर्ट मोड में आ गया है। इस गंभीर हादसे के मद्देनज़र, मुख्य अग्निशमन अधिकारी (सीएफओ) प्रताप सिंह ने अपनी टीम के साथ अंबाला रोड स्थित विभिन्न होटलों और रेस्टोरेंटों का गहनता से निरीक्षण किया, ताकि उनकी सुरक्षा व्यवस्थाओं की जाँच की जा सके। निरीक्षण के दौरान, अधिकारियों ने अग्निशमन उपकरणों की कार्यशीलता, आपातकालीन निकासी मार्गों की स्थिति, अग्निशमन यंत्रों की उपलब्धता और कर्मचारियों की इन उपकरणों के उपयोग संबंधी तैयारियों का बारीकी से आकलन किया। सीएफओ ने इस बात पर विशेष बल दिया कि गर्मी के मौसम में आग लगने की घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है, इसलिए सभी संस्थानों को फायर सेफ्टी मानकों का अनिवार्य रूप से पालन करना चाहिए। उन्होंने संचालकों को निर्देश दिए कि निकासी मार्ग हमेशा खुले रखें और अपने कर्मचारियों को अग्निशमन उपकरणों के संचालन का उचित प्रशिक्षण दें। प्रताप सिंह ने यह भी जानकारी दी कि सहारनपुर, देवबंद और गंगोह सहित ज़िले की सभी तहसीलों में एक विशेष फायर ऑडिट अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि जिन भी प्रतिष्ठानों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी पाई जाएगी, उनके खिलाफ नियमानुसार सख़्त कार्रवाई की जाएगी। विभाग का मुख्य लक्ष्य संभावित आगज़नी के हादसों को समय रहते रोकना और जान-माल के नुकसान से बचाव सुनिश्चित करना है।1