श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन राजा परीक्षित जन्म की सुनाई कथा मृत्यु सत्य है, भक्ति से ही जीवन को मिलती है दिशा-थापक कोंच*(जालौन) नगर के रामकुंड स्थित बिनोद कुमार पांडेय के आवास पर आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन रविवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी भक्ति और श्रद्धा से सराबोर वातावरण में कथावाचक भगवताचार्य हरिओम थापक ने राजा परीक्षित के जन्म प्रसंग का विस्तार से वर्णन करते हुए धर्म और भक्ति का महत्व समझाया कथावाचक ने कहा कि जन्म-जन्मांतर के संचित पुण्यों के उदय होने पर ही मनुष्य को ऐसे पावन आयोजनों में सम्मिलित होने का अवसर मिलता है श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण व्यक्ति के जीवन को शुद्ध करता है और उसे आध्यात्मिक शांति प्रदान करता है उन्होंने बताया कि वेदों का सार श्रीमद्भागवत है जो युगों से मानव जीवन को सही दिशा देने का कार्य कर रहा है उन्होंने कथा का प्रारंभ महाराज परीक्षित के जन्म प्रसंग से प्रारम्भ कर उन्होंने बताया कि राजा परीक्षित अर्जुन के पौत्र और अभिमन्यु के पुत्र थे महाभारत युद्ध के बाद अश्वत्थामा द्वारा छोड़े गए ब्रह्मास्त्र से भगवान श्रीकृष्ण ने गर्भ में ही उनकी रक्षा की थी इसी कारण उनका नाम ‘परीक्षित’ पड़ा क्योंकि वे जन्म से ही भगवान के दर्शन के इच्छुक थे कथा के दौरान सृष्टि की रचना प्रकृति और पुरुष के संयोग तथा भगवान के विभिन्न अवतारों का भावपूर्ण वर्णन भी किया गया भगवताचार्य ने कर्दम ऋषि और देवहूति के पुत्र के रूप में भगवान विष्णु के कपिल अवतार की कथा सुनाई उन्होंने बताया कि भगवान कपिल ने अपनी माता को सांख्य शास्त्र का उपदेश देकर अध्यात्म योग का मार्ग बताया जो मोक्ष प्राप्ति का सर्वोत्तम साधन है कथा के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि मृत्यु निश्चित है लेकिन भक्ति सत्संग और ईश्वर की शरण में जाकर जीवन को सार्थक बनाया जा सकता है कथा विश्राम के बाद मुख्य यजमान विनोद पांडेय एवं अर्चना पांडेय ने विधि-विधान से व्यासपीठ की आरती उतारी और प्रसाद बितरण किया गया वहीं कार्यक्रम में संगीतकारों और स्थानीय श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही जिससे पूरा परिसर भक्तिमय हो उठा।
श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन राजा परीक्षित जन्म की सुनाई कथा मृत्यु सत्य है, भक्ति से ही जीवन को मिलती है दिशा-थापक कोंच*(जालौन) नगर के रामकुंड स्थित बिनोद कुमार पांडेय के आवास पर आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन रविवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी भक्ति और श्रद्धा से सराबोर वातावरण में कथावाचक भगवताचार्य हरिओम थापक ने राजा परीक्षित के जन्म प्रसंग का विस्तार से वर्णन करते हुए धर्म और भक्ति का महत्व समझाया कथावाचक ने कहा कि जन्म-जन्मांतर के संचित पुण्यों के उदय होने पर ही मनुष्य को ऐसे पावन आयोजनों में सम्मिलित होने का अवसर मिलता है श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण व्यक्ति के जीवन को शुद्ध करता है और उसे आध्यात्मिक शांति प्रदान करता है उन्होंने बताया कि वेदों का सार श्रीमद्भागवत है जो युगों से मानव जीवन को सही दिशा देने का कार्य कर रहा है उन्होंने कथा का प्रारंभ महाराज परीक्षित के जन्म प्रसंग से प्रारम्भ कर उन्होंने बताया कि राजा परीक्षित अर्जुन के पौत्र और अभिमन्यु के पुत्र थे महाभारत युद्ध के बाद
अश्वत्थामा द्वारा छोड़े गए ब्रह्मास्त्र से भगवान श्रीकृष्ण ने गर्भ में ही उनकी रक्षा की थी इसी कारण उनका नाम ‘परीक्षित’ पड़ा क्योंकि वे जन्म से ही भगवान के दर्शन के इच्छुक थे कथा के दौरान सृष्टि की रचना प्रकृति और पुरुष के संयोग तथा भगवान के विभिन्न अवतारों का भावपूर्ण वर्णन भी किया गया भगवताचार्य ने कर्दम ऋषि और देवहूति के पुत्र के रूप में भगवान विष्णु के कपिल अवतार की कथा सुनाई उन्होंने बताया कि भगवान कपिल ने अपनी माता को सांख्य शास्त्र का उपदेश देकर अध्यात्म योग का मार्ग बताया जो मोक्ष प्राप्ति का सर्वोत्तम साधन है कथा के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि मृत्यु निश्चित है लेकिन भक्ति सत्संग और ईश्वर की शरण में जाकर जीवन को सार्थक बनाया जा सकता है कथा विश्राम के बाद मुख्य यजमान विनोद पांडेय एवं अर्चना पांडेय ने विधि-विधान से व्यासपीठ की आरती उतारी और प्रसाद बितरण किया गया वहीं कार्यक्रम में संगीतकारों और स्थानीय श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही जिससे पूरा परिसर भक्तिमय हो उठा।
- जालौन 4 अप्रैल । एसडीएम हेमंत पटेल की अध्यक्षता में तहसील सभागार में संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न विभागों से संबंधित शिकायतों की सुनवाई कर उनका निस्तारण किया गया। समाधान दिवस में राजस्व, पुलिस, विकास, नगर विकास, कृषि, खाद्य सुरक्षा, विद्युत सहित अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे और फरियादियों की समस्याएं सुनीं। संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान कुल 22 फरियादियों ने शिकायतें दर्ज कराईं। जिनमें से पांच मामलों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। जबकि शेष शिकायतों को संबंधित विभागों को समयबद्ध तरीके से निस्तारित करने के निर्देश दिए गए। एसडीएम ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जन समस्याओं के समाधान में लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान ग्राम गायर निवासी यशपाल सिंह ने नाम संशोधन से संबंधित शिकायत प्रस्तुत की जिसका तत्काल निस्तारण करा दिया गया। कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक व अध्यक्ष मोहम्मद मुस्तफा ने कृषि विज्ञान केंद्र पर साफ सफाई से संबंधित शिकायत दर्ज कराई। जिस पर बीडीओ को तत्काल सफाई कराने के निर्देश दिए। मोहल्ला कटरा निवासी बृजेंद्र सिंह ने बिजली भार अधिक होने की शिकायत की। जिस पर एसडीओ को आवश्यक संशोधन करने के निर्देश दिए गए। शेष 15 शिकायतों को निस्मतारण के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों को सौंपकर उनके समाधान के निर्देश दिए गए।2
- जालौन। कोच रोड पर शनिवार को देवरी गांव के पास दो बाइकों के बीच आमने-सामने की टक्कर हो गई। हादसे में एक बाइक पर सवार तीन युवकों में से दो घायल हो गए। सभी युवक सिकरी राजा गांव के बताए जा रहे हैं, जो जालौन से अपने गांव लौट रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जैसे ही उनकी बाइक देवरी के पास पहुंची, तभी सामने से आ रही दूसरी बाइक ने अचानक बीच सड़क पर मोड़ लिया, जिससे दोनों बाइकों में जोरदार टक्कर हो गई। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत घायलों को संभाला और इलाज के लिए भेजा। हादसे के बाद जब एक बाइक सवार से उसका नाम पूछा गया तो उसने अजीबोगरीब जवाब देते हुए कहा, “हमारा सब कुछ नाम है।” इस पर वहां मौजूद लोग हैरान रह गए। वहीं दूसरी बाइक सवारों का आरोप था कि सामने वाले बुजुर्ग ने अचानक बाइक मोड़ दी, जिससे यह दुर्घटना हुई। मामले में जब एक बुजुर्ग व्यक्ति से नाम पूछा गया तो वह भी स्पष्ट जवाब नहीं दे सके और अपना नाम बताने से बचते नजर आए, जिससे लोगों में चर्चा का माहौल बन गया। निष्कर्ष: हादसे में दो युवक घायल हुए हैं, जबकि तीनों युवक सिकरी राजा के निवासी बताए जा रहे हैं। घटना के बाद दिए गए उलझे और रहस्यमयी बयानों ने पूरे मामले को चर्चा का विषय बना दिया है।1
- क्षेत्र में अचानक शनिवार को करीब चार बजे हुई तेज बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की सालभर की मेहनत पर पानी फेर दिया। मौसम के इस अचानक बदले मिजाज ने खेतों से लेकर खलिहानों तक तबाही का मंजर खड़ा कर दिया है। गेहूं, सरसों और अन्य रबी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है, जिससे किसान आर्थिक संकट में आ गए हैं। मौसम विभाग पहले ही बुंदेलखंड सहित उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी कर चुका था, जिसके चलते फसलों को नुकसान की आशंका जताई गई थी वही असर अब रामपुरा क्षेत्र में साफ देखने को मिल रहा है। *खेतों में खड़ी फसल बर्बाद* कई किसानों के खेतों में गेहूं की फसल अभी खड़ी थी, जो ओलों की तेज मार से झुककर जमीन पर बिछ गई। इससे उत्पादन में भारी गिरावट की आशंका है। पहले से तैयार फसल अचानक आई इस आपदा को झेल नहीं पाई। *कटी फसल भी नहीं बची* जिन किसानों ने फसल काटकर खेत में ही रखी थी, उनकी मुश्किल और बढ़ गई। बारिश और ओलों से भीगने के कारण फसल खराब होने लगी है। *भूसा भी हुआ खराब* कुछ किसानों ने फसल से भूसा तैयार कर लिया था, लेकिन खेतों में रखा भूसा भी ओलावृष्टि और बारिश की चपेट में आकर भीग गया। इससे पशुओं के चारे का संकट भी खड़ा हो सकता है। *किसानों का छलका दर्द* पीड़ित किसानों सुरेश चंद्र,अमर सिंह,राजू,मोहित,रामसुंदर,अनिल,सुनील का कहना है कि “पूरे साल मेहनत की, लेकिन कुछ ही मिनटों में सब खत्म हो गया।” कई किसानों के सामने अब कर्ज चुकाने और परिवार चलाने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। *प्रशासन से मुआवजे की मांग* क्षेत्र के किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द नुकसान का सर्वे कराया जाए और प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए। किसानों राम सिंह,राम कुमार,सोहन,अजीत,सुनील,ने राहत की मांग उठाई है, क्योंकि ओलावृष्टि सीधे उनकी आजीविका पर असर डालती है। लगातार बदल रहे मौसम के कारण किसान पहले से ही चिंतित हैं। और कटाई के वक्त ओलावृष्टि होना, दोनों ही हालात किसानों के लिए दुखदाई साबित हुई। रामपुरा क्षेत्र में ओलावृष्टि ने यह साफ कर दिया है कि प्राकृतिक आपदाओं के सामने किसान कितना असहाय है। अब सभी की निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं कि कब राहत मिलेगी और कैसे इस नुकसान की भरपाई होगी।4
- Post by Bheem rajawat 96288004581
- sonai parwai3
- जनपद जालौन के माधौगढ़ तहसील क्षेत्र में तेज़ आंधी-तूफान के साथ हुई बारिश ने जमकर कहर बरपाया। कई इलाकों में ओलावृष्टि भी देखने को मिली, जिससे जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया। आंधी और बारिश के चलते अनेक घरों को नुकसान पहुंचा है, वहीं किसानों की खड़ी फसल एक बार फिर तबाह हो गई। मेहनत से तैयार की गई फसल पलभर में बर्बाद हो जाने से किसानों के सामने बड़ी समस्या खड़ी हो गई है।1
- खास खबर है जालौन जिले के सिरसा कलार थाना क्षेत्र से जुड़ी हुई जहां आज़ पुलिस ने दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है इन पर आरोप है कि इन्होंने एक व्यक्ति के साथ मारपीट की और कार चढ़ा कर मारने का प्रयास किया देखें खास रिपोर्ट देवेश कुमार स्वर्णकार के साथ1
- जालौन। किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर भारतीय किसान यूनियन के तत्वावधान में किसानों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर समस्याओं का समाधान कराने की मांग की है। शनिवार को भारतीय किसान यूनियन के तहसील अध्यक्ष देवसिंह पटेल के नेतृत्व में किसानों ने एसडीएम हेमंत पटेल को ज्ञापन सौंपा है। जिसके माध्यम से उन्होंने बताया कि किसानों को निजी नलकूपों के लिए पर्याप्त बिजली नहीं मिल रही है। बमुश्किल 10-11 घंटे बिजली मिल रही है। जिससे मूंग की फसल की सिंचाई नहीं हो पा रही है और फसल सूखने की कगार पर हैं। उन्होंने निजी नलकूपों को पर्याप्त बिजली देने की मांग की है। पीपरी अठगइयां से गुपलापुर होकर हथना खुर्द के लिए निकली बिजली की हाईटेंशन लाइन को ऊंचा कराने की मांग की है। कुठौंद सहकारी समिति पर सरकारी गेंहू क्रय केंद्र खोले जाने की मांग की गई। जालौन के मनकापुर मौजा में ओला वृष्टि से नष्ट हुई फसल का सर्वे कराकर किसानों को उचित मुआवजा दिलाने की मांग की गई। किसानों ने उनकी समस्याओं के शीघ्र निस्तारण की मांग की है। इस मौके पर पर कृपाल सिंह, विजय सिंह, मूल सिंह, धर्मेंद्र, राजकुमार, विनोद निरंजन, धर्मवीर सिंह, धीरेंद्र सिंह, कमलाकांत, जगदीश अशोक आदि मौजूद रहे।2