जिला परिषद के सख्त निरीक्षण के बाद तेज हुआ पुल निर्माण, अब तीन महीने में मिलेगा आवागमन का समाधान जिला परिषद के सख्त निरीक्षण के बाद तेज हुआ पुल निर्माण, अब तीन महीने में मिलेगा आवागमन का समाधान चैनपुर प्रखंड क्षेत्र के ग्रामीणों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। जानकारी देते हुए रविवार सुबह दस बजे बताया गया कि जिला परिषद सदस्य मेरी लकड़ा के लगातार प्रयास, अधिकारियों को दिए गए ज्ञापन तथा स्थल निरीक्षण के बाद गुलाबगंज एवं सुग्गासरवा पुल निर्माण कार्य में तेजी आ गई है। लंबे समय से लंबित पड़े इस महत्वपूर्ण निर्माण कार्य को अब निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने की दिशा में प्रशासन सक्रिय हो गया है। जिला परिषद सदस्य ने स्वयं निर्माण स्थल पहुंचकर कार्य की प्रगति का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण एजेंसी एवं कार्यस्थल पर मौजूद कर्मियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि पुल निर्माण में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाए। उन्होंने मौके से ही संबंधित विभागीय इंजीनियरों से दूरभाष पर संपर्क कर कार्य में लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी। जिला परिषद सदस्य ने इंजीनियरों को निर्देशित किया कि निर्माण कार्य की नियमित निगरानी स्वयं सुनिश्चित करें तथा तय समय सीमा के भीतर उच्च मानकों के साथ कार्य पूरा कराया जाए। उन्होंने बताया कि आगामी दो से तीन महीने के भीतर दोनों पुलों का निर्माण कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। पुल निर्माण पूरा होने के बाद क्षेत्र के हजारों ग्रामीणों को बरसात सहित सामान्य दिनों में आवागमन की बड़ी समस्या से राहत मिलेगी। निरीक्षण के दौरान मेरी लकड़ा ने ग्रामीणों से मुलाकात कर उनकी अन्य स्थानीय समस्याओं की भी जानकारी ली। लंबे समय से अधर में लटके पुल निर्माण कार्य में तेजी आने से स्थानीय लोगों में उत्साह का माहौल है। ग्रामीणों ने जिला परिषद सदस्य की सक्रिय पहल की सराहना करते हुए कहा कि उनके हस्तक्षेप के बाद ही प्रशासन ने तेजी से कार्रवाई शुरू की है। जिला परिषद सदस्य मेरी लकड़ा ने कहा कि क्षेत्र का सर्वांगीण विकास उनकी प्राथमिकता है और गुलाबगंज व सुग्गासरवा पुल बन जाने से ग्रामीणों की वर्षों पुरानी समस्या समाप्त हो जाएगी। उन्होंने आश्वस्त किया कि कार्य पूर्ण होने तक वह स्वयं इसकी प्रगति पर नजर बनाए रखेंगी।
जिला परिषद के सख्त निरीक्षण के बाद तेज हुआ पुल निर्माण, अब तीन महीने में मिलेगा आवागमन का समाधान जिला परिषद के सख्त निरीक्षण के बाद तेज हुआ पुल निर्माण, अब तीन महीने में मिलेगा आवागमन का समाधान चैनपुर प्रखंड क्षेत्र के ग्रामीणों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। जानकारी देते हुए रविवार सुबह दस बजे बताया गया कि जिला परिषद सदस्य मेरी लकड़ा के लगातार प्रयास, अधिकारियों को दिए गए ज्ञापन तथा स्थल निरीक्षण के बाद गुलाबगंज एवं सुग्गासरवा पुल निर्माण कार्य में तेजी आ गई है। लंबे समय से लंबित पड़े इस महत्वपूर्ण निर्माण कार्य को अब निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने की दिशा में प्रशासन सक्रिय हो गया है। जिला परिषद सदस्य ने स्वयं निर्माण स्थल पहुंचकर कार्य की प्रगति का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण एजेंसी एवं कार्यस्थल पर मौजूद कर्मियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि पुल निर्माण में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाए। उन्होंने मौके से ही संबंधित विभागीय इंजीनियरों से दूरभाष पर संपर्क कर कार्य में लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी। जिला परिषद सदस्य ने इंजीनियरों को निर्देशित किया कि निर्माण कार्य की नियमित निगरानी स्वयं सुनिश्चित करें तथा तय समय सीमा के भीतर उच्च मानकों के साथ कार्य पूरा कराया जाए। उन्होंने बताया कि आगामी दो से तीन महीने के भीतर दोनों पुलों का निर्माण कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। पुल निर्माण पूरा होने के बाद क्षेत्र के हजारों ग्रामीणों को बरसात सहित सामान्य दिनों में आवागमन की बड़ी समस्या से राहत मिलेगी। निरीक्षण के दौरान मेरी लकड़ा ने ग्रामीणों से मुलाकात कर उनकी अन्य स्थानीय समस्याओं की भी जानकारी ली। लंबे समय से अधर में लटके पुल निर्माण कार्य में तेजी आने से स्थानीय लोगों में उत्साह का माहौल है। ग्रामीणों ने जिला परिषद सदस्य की सक्रिय पहल की सराहना करते हुए कहा कि उनके हस्तक्षेप के बाद ही प्रशासन ने तेजी से कार्रवाई शुरू की है। जिला परिषद सदस्य मेरी लकड़ा ने कहा कि क्षेत्र का सर्वांगीण विकास उनकी प्राथमिकता है और गुलाबगंज व सुग्गासरवा पुल बन जाने से ग्रामीणों की वर्षों पुरानी समस्या समाप्त हो जाएगी। उन्होंने आश्वस्त किया कि कार्य पूर्ण होने तक वह स्वयं इसकी प्रगति पर नजर बनाए रखेंगी।
- VikasForest Colony, Gumla😡16 hrs ago
- Post by उमेश उरांव1
- ग्राम हेसाग,पंचायत हेसाग, जिला लोहरदगा झारखण्ड1
- सिमडेगा:- जिले में वर्ष 2026 के दौरान रामनवमी महोत्सव, ईद, सरहुल, चैती दुर्गा पूजा एवं चैती छठ पूजा के सफल और शांतिपूर्ण आयोजन के उपरांत शनिवार संध्या को परिसदन भवन परिसर में उपायुक्त श्रीमती कंचन सिंह की अध्यक्षता में डिब्रीफिंग (Debriefing) सह समीक्षा बैठक आयोजित की गई।* बैठक का मुख्य उद्देश्य इस वर्ष के अनुभवों का विश्लेषण करते हुए भविष्य में और बेहतर समन्वय, प्रबंधन तथा सौहार्दपूर्ण वातावरण में त्योहारों के आयोजन को सुनिश्चित करना था। बैठक में प्रशासनिक पदाधिकारी, पुलिस अधिकारी, शांति समिति के सदस्य, विभिन्न आयोजन समितियों के प्रतिनिधि एवं मीडिया कर्मी उपस्थित रहे। प्रारंभ में अपर समाहर्ता श्री ज्ञानेंद्र कुमार ने विषय प्रवेश करते हुए सभी संबंधित पक्षों—पुलिस प्रशासन, शांति समिति, आयोजन समिति एवं आम नागरिकों—को सफल आयोजन के लिए धन्यवाद दिया और कहा कि यह सामूहिक प्रयास का परिणाम है कि जिले में सभी पर्व शांति और सौहार्द के साथ संपन्न हुए। समन्वय और सहभागिता पर रहा जोर बैठक के दौरान त्योहारों एवं जुलूस के आयोजन के दौरान आई छोटी-छोटी चुनौतियों, व्यवस्थागत पहलुओं तथा सुधार की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। बेहतर पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति, मजिस्ट्रेट की तैनाती, रूट मैनेजमेंट, भीड़ नियंत्रण, संचार व्यवस्था एवं मीडिया सहयोग जैसे मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया। साथ ही इस बात पर भी बल दिया गया कि प्रशासन और समाज के बीच निरंतर संवाद बना रहे, जिससे किसी भी स्थिति का त्वरित समाधान संभव हो सके। “समाज ही असली शक्ति”: उपायुक्त उपायुक्त श्रीमती कंचन सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि किसी भी जिले का प्रशासन तभी सफल होता है जब समाज उसके साथ खड़ा हो। उन्होंने ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की भावना का उल्लेख करते हुए कहा कि जिला एक परिवार की तरह है, जहां सभी को मिलकर जिम्मेदारी निभानी होती है। उन्होंने कहा कि आज के दौर में भ्रामक सूचनाएं और अफवाहें तेजी से फैलती हैं, लेकिन सिमडेगा के लोगों ने संयम और समझदारी का परिचय देते हुए हर परिस्थिति में एकता बनाए रखी है। यह जिले की सबसे बड़ी ताकत है। उपायुक्त ने स्पष्ट कहा कि “प्रशासन सीमित संसाधनों के साथ कार्य करता है, लेकिन समाज की भागीदारी से हर चुनौती को अवसर में बदला जा सकता है।” उन्होंने ‘हम’ और ‘वे’ की सोच को खत्म करने की अपील करते हुए कहा कि जब तक हम एक-दूसरे को अपना नहीं मानेंगे, तब तक वास्तविक शांति संभव नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि हाल के आयोजनों में जहां कुछ स्थानों पर हल्की खटास की स्थिति बनी थी, वहीं आपसी संवाद और सहयोग से उसे पूरी तरह समाप्त कर सौहार्द में बदला गया। यह जिले की परिपक्वता को दर्शाता है। मीडिया की भूमिका की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि संतुलित और जिम्मेदार पत्रकारिता समाज को सही दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। चुनौतियों के बीच बेहतर प्रबंधन उपायुक्त ने जिले की भौगोलिक चुनौतियों—जंगल, पहाड़, दूरदराज क्षेत्र—का उल्लेख करते हुए कहा कि इन परिस्थितियों में संसाधनों का समुचित उपयोग करते हुए प्रशासन लगातार बेहतर कार्य करने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने हाल में कुछ स्कूल भवनों की छत गिरने की घटनाओं को चिंता का विषय बताते हुए कहा कि इनके समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने जनप्रतिनिधियों, वार्ड पार्षदों एवं आम नागरिकों के सहयोग के लिए धन्यवाद देते हुए आश्वस्त किया कि जिला प्रशासन विकास, सुरक्षा और शांति व्यवस्था को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है। पर्व सामूहिक जिम्मेदारी का अवसर”: उप विकास आयुक्त उप विकास आयुक्त दीपांकर चौधरी ने कहा कि प्रशासन एक सामूहिक व्यवस्था है, जिसे सभी के सहयोग से ही सुचारु रूप से संचालित किया जा सकता है। उन्होंने पर्व-त्योहारों को “परिवारिक आयोजन” की संज्ञा देते हुए कहा कि जैसे घर में विवाह के दौरान सभी सदस्य मिलकर अतिथियों की सेवा करते हैं, उसी प्रकार जिले में भी सभी को मिलकर कार्य करना चाहिए।उन्होंने कहा कि छोटे-मोटे व्यवधान हर आयोजन का हिस्सा होते हैं, लेकिन बड़े उद्देश्य—शांति और सौहार्द—को ध्यान में रखते हुए उन्हें नजरअंदाज कर आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अन्य जिलों की नजर सिमडेगा पर रहती है, इसलिए यहां का हर आयोजन एक उदाहरण प्रस्तुत करता है। समिति और समाज का सराहनीय योगदान रामनवमी समिति के अध्यक्ष प्रदीप शर्मा ने कहा कि इस वर्ष प्रशासन ने योजनाओं का सूक्ष्म अध्ययन कर सभी को एक मंच पर लाने का सराहनीय कार्य किया। उन्होंने बताया कि उपायुक्त स्वयं लगातार मॉनिटरिंग करती रहीं और पैदल भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।उन्होंने अपने 14 वर्षों के अनुभव का उल्लेख करते हुए कहा कि पहली बार प्रशासन और समाज के बीच इतना मजबूत समन्वय देखने को मिला। इसी का परिणाम है कि पूरे आयोजन में कहीं भी असुविधा या हिचक की स्थिति नहीं बनी।वहीं, समिति के संरक्षक डी.डी. सिंह ने अपने 50 वर्षों के अनुभव को साझा करते हुए कहा कि सिमडेगा की पहचान शांति और भाईचारे के लिए रही है। उन्होंने प्रशासन को आश्वस्त करते हुए कहा कि समाज हमेशा व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करता रहेगा। उन्होंने उपायुक्त के नेतृत्व और विकास कार्यों की भी सराहना की। मीडिया की सकारात्मक भूमिका दैनिक भास्कर के ब्यूरो चीफ नरेंद्र अग्रवाल ने कहा कि प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों का कार्य अत्यंत चुनौतीपूर्ण होता है, जिसे आम लोग पूरी तरह समझ नहीं पाते। उन्होंने कहा कि पर्व-त्योहारों के दौरान अधिकारियों को निजी जीवन में समझौता करना पड़ता है, बावजूद इसके वे पूरी निष्ठा से अपनी जिम्मेदारी निभाते हैं।उन्होंने सिमडेगा मीडिया की सकारात्मक भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि मीडिया ने हमेशा प्रशासन का सहयोग किया है और आगे भी करता रहेगा। राष्ट्रीय नवीन मेल के ब्यूरो चीफ विकास साहू ने कहा कि चुनावी व्यस्तताओं के बीच भी जिले में सभी त्योहार शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होना प्रशासन और समाज के समन्वय का परिणाम है। उन्होंने उपायुक्त की कार्यशैली की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनकी सक्रियता और समर्पण प्रेरणादायक है।पुलिस और प्रशासन की संयुक्त भूमिका बैठक में एसडीपीओ बैजू उरांव, एसडीओ प्रभात रंजन ज्ञानी एवं अंचलाधिकारी मो. इम्तियाज अहमद सहित अन्य अधिकारियों ने भी अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि शांति समिति और आम नागरिकों के सहयोग से ही कानून-व्यवस्था बनाए रखना संभव हो पाता है।अधिकारियों ने बताया कि जरूरत पड़ने पर शांति समिति के सदस्य तुरंत उपलब्ध हो जाते हैं, जिससे किसी भी स्थिति को समय रहते नियंत्रित किया जा सकता है।बैठक में जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, शांति समिति के सदस्य, मीडिया प्रतिनिधि, जनप्रतिनिधि,वार्ड सदस्य गण उपस्थित रहे।1
- बसिया (गुमला): गुमला जिले के बसिया थाना क्षेत्र अंतर्गत शनिवार को लालपुर सरना इलाके में एक दर्दनाक घटना सामने आई है। यहाँ एक सुनसान जगह पर झाड़ियों के बीच स्थित कुएँ से एक व्यक्ति का सड़ा-गला शव बरामद किया गया है। मृतक की पहचान तुरीबीरा निवासी 45 वर्षीय दिलीप लोहरा (पिता- कलिन्द्र लोहरा) के रूप में हुई है। *12 दिनों से लापता था मृतक* परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, दिलीप करीब 12 दिन पूर्व घर से निकला था। वह लालपुर निवासी मांगू खड़िया के घर किसी कार्यक्रम में शामिल होने गया था और साथ ही उसने घर पर काम के सिलसिले में बाहर जाने की बात कही थी। बताया जा रहा है कि दिलीप मानसिक रूप से थोड़ा परेशान रहता था। परिजनों ने उसे कई दिनों तक ढूँढने का प्रयास किया, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका। उन्हें लगा कि शायद वह बाहर काम करने चला गया होगा। *ग्रामीणों को आई दुर्गंध, तब हुआ खुलासा* शनिवार की दोपहर जब ग्रामीण उस सुनसान रास्ते से गुजर रहे थे, तो कुएँ से आ रही दुर्गंध ने उनका ध्यान खींचा। जब ग्रामीणों ने कुएँ में झाँककर देखा तो एक शव तैरता हुआ नजर आया, जिसके बाद तुरंत बसिया पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने घटनास्थल पर पहुँचकर ग्रामीणों की मदद से शव को बाहर निकाला, जहाँ मौजूद लोगों ने मृतक की पहचान दिलीप लोहरा के रूप में की। *हत्या की जताई जा रही आशंका* इस घटना के बाद से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। मृतक के परिजनों और ग्रामीणों ने प्रथम दृष्टया दिलीप की हत्या कर शव को कुएँ में फेंकने की आशंका जताई है। फिलहाल, पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए गुमला सदर अस्पताल भेज दिया है। *परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल* दिलीप की मौत की खबर मिलते ही उसके परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक की पत्नी सीमा देवी घर पर ही रहती हैं। वहीं, बेटा विरेंद्र लोहरा गोवा में कार्यरत है और बेटी प्रीति कुमारी रांची में पढ़ाई करती है। *पुलिस कर रही जांच* बसिया पुलिस इस मामले की गंभीरता से तहकीकात कर रही है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो पाएगा। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है ताकि घटना की गुत्थी सुलझाई जा सके।2
- प्रखंड के ग्राम चटकपुर में रौनियार वैश्य समाज की एक महत्वपूर्ण बैठक रविवार को दुर्गा मंदिर परिसर में संपन्न हुई। इस बैठक के दौरान समाज के वर्तमान अध्यक्ष शत्रुघ्न प्रसाद ने अपने पद से इस्तीफा देकर सबको चौंका दिया। उन्होंने अपना त्यागपत्र समाज के मुख्य संरक्षक कपिलदेव प्रसाद और मुनेश्वर प्रसाद को सौंप दिया है। *इस्तीफे के मुख्य कारण* शत्रुघ्न प्रसाद, जो 13 सितंबर 2019 से अध्यक्ष पद पर कार्यरत थे, ने अपने इस्तीफे के पीछे कमेटी के सदस्यों द्वारा उन्हें अपेक्षित सहयोग नहीं मिलना बताया। *इन पदों से दिया त्यागपत्र* शत्रुघ्न प्रसाद ने केवल अध्यक्षता ही नहीं, बल्कि समाज से जुड़ी अन्य महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों से भी नाता तोड़ लिया है। उन्होंने अध्यक्ष पद, दुर्गा पूजा लाइसेंस धारी और रामनवमी पूजा लाइसेंस धारी के पदों से सामूहिक रूप से इस्तीफा दे दिया है। *बैठक में ये रहे मौजूद* इस अवसर पर मुख्य रूप से मुख्य संरक्षक कपिल देव प्रसाद, मुनेश्वर प्रसाद, निलेश कुमार, राम प्रवेश गुप्ता, उदय कुमार, शिवशंकर, विंदु प्रसाद, धनेश्वर प्रसाद, उमेश कुमार, राहुल कुमार, और रितेश कुमार सहित समाज के कई अन्य लोग उपस्थित थे।1
- लातेहार: अम्बवाटिकर हनुमान मंदिर परिसर में ब्राह्मण समाज के तत्वावधान में भगवान परशुराम जयंती जिला अध्यक्ष प्रेमचंद पाण्डे की अध्यक्षता में मनाई गई। इस अवसर पर संजय तिवारी ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा व आरती सम्पन्न कराई। वहीं प्रेमचंद पाण्डे एवं पंकज तिवारी ने संयुक्त रूप से चित्र पर माल्यार्पण किया। अपने संबोधन में श्री पाण्डे ने कहा कि हम हर वर्ष जयंती मनाते हैं और सभी को भगवान परशुराम के बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लेना चाहिए। प्रो. रामप्रवेश पाण्डे ने उन्हें विष्णु का छठा अवतार बताते हुए अन्याय के खिलाफ संघर्ष की प्रेरणा दी। नरेश पाठक ने अक्षय तृतीया के महत्व पर प्रकाश डाला।मौके पर ललित पाण्डे,सीताराम पाण्डे,पारस तिवारी,संजय दुबे, मिथिलेश पाण्डे,कमलापति पांडेय, गुडु दुबे,बबलू पाण्डे,किशोर उपाध्याय,मनीष पाठक,पंकज मिश्रा,संजय पाण्डे,छोटे तिवारी,पंकज पांडे,सोनू पाण्डे,अशोक तिवारी आदी मौजूद रहे। धन्यवाद ज्ञापन राजन तिवारी ने किया।2
- जिला परिषद के सख्त निरीक्षण के बाद तेज हुआ पुल निर्माण, अब तीन महीने में मिलेगा आवागमन का समाधान चैनपुर प्रखंड क्षेत्र के ग्रामीणों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। जानकारी देते हुए रविवार सुबह दस बजे बताया गया कि जिला परिषद सदस्य मेरी लकड़ा के लगातार प्रयास, अधिकारियों को दिए गए ज्ञापन तथा स्थल निरीक्षण के बाद गुलाबगंज एवं सुग्गासरवा पुल निर्माण कार्य में तेजी आ गई है। लंबे समय से लंबित पड़े इस महत्वपूर्ण निर्माण कार्य को अब निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने की दिशा में प्रशासन सक्रिय हो गया है। जिला परिषद सदस्य ने स्वयं निर्माण स्थल पहुंचकर कार्य की प्रगति का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण एजेंसी एवं कार्यस्थल पर मौजूद कर्मियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि पुल निर्माण में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाए। उन्होंने मौके से ही संबंधित विभागीय इंजीनियरों से दूरभाष पर संपर्क कर कार्य में लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी। जिला परिषद सदस्य ने इंजीनियरों को निर्देशित किया कि निर्माण कार्य की नियमित निगरानी स्वयं सुनिश्चित करें तथा तय समय सीमा के भीतर उच्च मानकों के साथ कार्य पूरा कराया जाए। उन्होंने बताया कि आगामी दो से तीन महीने के भीतर दोनों पुलों का निर्माण कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। पुल निर्माण पूरा होने के बाद क्षेत्र के हजारों ग्रामीणों को बरसात सहित सामान्य दिनों में आवागमन की बड़ी समस्या से राहत मिलेगी। निरीक्षण के दौरान मेरी लकड़ा ने ग्रामीणों से मुलाकात कर उनकी अन्य स्थानीय समस्याओं की भी जानकारी ली। लंबे समय से अधर में लटके पुल निर्माण कार्य में तेजी आने से स्थानीय लोगों में उत्साह का माहौल है। ग्रामीणों ने जिला परिषद सदस्य की सक्रिय पहल की सराहना करते हुए कहा कि उनके हस्तक्षेप के बाद ही प्रशासन ने तेजी से कार्रवाई शुरू की है। जिला परिषद सदस्य मेरी लकड़ा ने कहा कि क्षेत्र का सर्वांगीण विकास उनकी प्राथमिकता है और गुलाबगंज व सुग्गासरवा पुल बन जाने से ग्रामीणों की वर्षों पुरानी समस्या समाप्त हो जाएगी। उन्होंने आश्वस्त किया कि कार्य पूर्ण होने तक वह स्वयं इसकी प्रगति पर नजर बनाए रखेंगी।1
- सिमडेगा:-महिला जिला कांग्रेस अध्यक्ष जोशिमा खाखा ने आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में महिला आरक्षण बिल का कड़ा विरोध किया। उन्होंने इस बिल को “महिला विरोधी” बताते हुए कहा कि यह महिलाओं के वास्तविक सशक्तिकरण के बजाय उन्हें गुमराह करने वाला कदम है।प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि यह बिल वर्ष 2023 में पहले ही पारित हो चुका है, लेकिन अब तक इसे लागू करने को लेकर स्पष्टता नहीं है। उनके अनुसार, सरकार इसे लागू करने में देरी कर रही है और इसे एक राजनीतिक मुद्दे के रूप में इस्तेमाल कर रही है। जोशिमा खाखा ने आरोप लगाया कि यह बिल जनता का ध्यान भटकाने के लिए लाया गया है। उन्होंने कहा कि इसका मुख्य उद्देश्य महिलाओं को सशक्त बनाना नहीं, बल्कि परिसीमन (Delimitation) की प्रक्रिया को आगे बढ़ाना है। उन्होंने यह भी कहा कि जब तक परिसीमन नहीं होगा, तब तक इस बिल का वास्तविक लाभ महिलाओं को नहीं मिल पाएगा।उन्होंने यह भी दावा किया कि इस बिल का गिरना कांग्रेस की विचारधारा और संघर्ष की जीत है, क्योंकि कांग्रेस हमेशा महिलाओं के वास्तविक अधिकार और समान भागीदारी की पक्षधर रही है।1
- जशपुर में सनसनीखेज वारदात! कोतबा चौकी क्षेत्र में रिश्ते का खून… अपने ही ने उतारा मौत के घाट! पुलिस जांच में जुटी, इलाके में हड़कंप #Jashpur #CrimeNews #Breaking #Kotba #JashpurPolice #JashpurTimes Jashpur Times Jashpur District police Chhattisgarh Police छत्तीसगढ़ पुलिस Jashpur District Administration Ibnul Khan1