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केप टाउन में 69वें सीपीए सम्मेलन में डॉ प्रेम कुमार ने रखा भारत का दृष्टिकोण, ‘जलवायु न्याय’, जलवायु वित्त और समेकित सहभागिता पर दिया बल केप टाउन (दक्षिण अफ्रीका) में आयोजित 69वें कॉमनवेल्थ संसदीय संघ (सीपीए) सम्मेलन के दौरान ‘जलवायु अनुकूलन और लचीलापन बढ़ाने में संसदीय नेतृत्व की भूमिका’ विषय पर अपने संबोधन में बिहार विधान सभा के माननीय अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने वैश्विक जलवायु चुनौतियों से निपटने के लिए सामूहिक, न्यायसंगत और समन्वित प्रयासों का आह्वान किया। अध्यक्ष महोदय ने वैश्विक मंच पर अपने विचार रखते हुए कहा कि जलवायु परिवर्तन अब किसी एक राष्ट्र या सीमा तक सीमित चुनौती नहीं रह गया है, बल्कि यह संपूर्ण मानवता के अस्तित्व से जुड़ा साझा संकट है। संयुक्त राष्ट्र के आँकड़ों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि विश्व की लगभग आधी आबादी, करीब 3.6 अरब लोग, भीषण सूखा, बाढ़, चक्रवात, बढ़ते तापमान तथा जल और खाद्य असुरक्षा जैसे जलवायु प्रभावों से प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि आपदाओं के बाद केवल राहत एवं बचाव तक सीमित रहने के बजाय भविष्य के जोखिमों का पूर्व आकलन, प्रारंभिक चेतावनी प्रणालियों को सुदृढ़ करना तथा प्रकृति-संगत और आपदा-रोधी बुनियादी ढाँचे का विकास आवश्यक है। उन्होंने जलवायु अनुकूलन को विकास की प्राथमिकताओं में शामिल करने पर बल दिया। भारत जैसे विकासशील देशों के सामने तीव्र आर्थिक विकास को गति देने के साथ-साथ जलवायु परिवर्तन के प्रतिकूल प्रभावों से निपटने की दोहरी चुनौती है। उन्होंने कहा कि भारत की सभ्यतागत जीवन-दृष्टि सदैव प्रकृति के साथ सह-अस्तित्व और संतुलन पर आधारित रही है। डॉ. प्रेम कुमार ने बताया कि भारत ने वर्ष 2023 में पेरिस समझौते के तहत अपना प्रारंभिक ‘एडप्टेशन कम्युनिकेशन’ प्रस्तुत कर यह स्पष्ट किया है कि जलवायु अनुकूलन देश के विकास मॉडल का अभिन्न अंग है। उन्होंने ऐतिहासिक रूप से कम उत्सर्जन करने वाले विकासशील देशों पर जलवायु संकट के असमानुपातिक बोझ को देखते हुए ‘जलवायु न्याय’ की आवश्यकता पर विशेष बल दिया। उन्होंने भारत की विभिन्न जलवायु एवं पर्यावरणीय पहलों का उल्लेख करते हुए कहा कि राष्ट्रीय कार्य योजनाओं, हरित ऊर्जा के विस्तार, इंटरनेशनल सोलर एलायंस, कोएलिशन फॉर डिजास्टर रेजिलिएंट इन्फ्रास्ट्रक्चर, नमामि गंगे, मिष्टी योजना, आर्द्रभूमि संरक्षण, नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम (एनसीएपी) तथा व्यक्तिगत आचरण से जुड़ी ‘मिशन लाइफ’ (LiFE) जैसी पहलों के माध्यम से भारत जलवायु कार्रवाई को व्यापक जनभागीदारी से जोड़ रहा है। उन्होंने फरवरी 2026 तक गैर-जीवाश्म ऊर्जा स्रोतों की 52.57 प्रतिशत हिस्सेदारी तथा 520.51 गीगावाट की कुल क्षमता का भी उल्लेख किया। इस अवसर पर उन्होंने बिहार विधान सभा की उस ऐतिहासिक पहल का भी उल्लेख किया, जिसमें मुख्यमंत्री, मंत्रिगण एवं अधिकारियों की उपस्थिति में बिहार विधान सभा के सभी माननीय सदस्यों ने लगातार आठ घंटे तक जलवायु एवं पर्यावरण से जुड़े विषयों पर गंभीर मंथन किया था। उन्होंने कहा कि इस विमर्श के परिणामस्वरूप ‘जल-जीवन-हरियाली’ जैसी दूरदर्शी पहल को आकार मिला। अपने संबोधन के अंतिम चरण में डॉ. प्रेम कुमार ने वैश्विक जलवायु कार्रवाई को नई गति देने के लिए संसदों की भूमिका को रेखांकित करते हुए पाँच प्रमुख प्राथमिकताओं पर बल दिया। इनमें विधायी एवं बजटीय प्रक्रियाओं में जलवायु अनुकूलन को उचित स्थान देना, वैज्ञानिक आकलनों को नीति-निर्माण का आधार बनाना, जलवायु वित्त एवं तकनीकी हस्तांतरण को सुगम बनाना, राष्ट्रमंडल देशों की संसदों के बीच एक साझा ‘क्लाइमेट पार्लियामेंट्री कोऑपरेशन नेटवर्क’ स्थापित करना तथा स्थानीय समुदायों और महिलाओं को जलवायु कार्रवाई में सक्रिय भागीदार बनाना शामिल है। डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि एक सुरक्षित, स्वस्थ और संवहनीय भविष्य केवल सशक्त सरकारों के प्रयासों से नहीं, बल्कि सशक्त लोकतांत्रिक संस्थाओं के सहयोगात्मक प्रयासों से ही सुनिश्चित किया जा सकता है। उन्होंने ‘क्लाइमेट एक्शन’, ‘क्लाइमेट जस्टिस’, ‘क्लाइमेट फाइनेंस’ और ‘क्लाइमेट कोऑपरेशन’ के समन्वित क्रियान्वयन को वर्तमान समय की आवश्यकता बताया। इस सत्र में जमैका, केन्या, युगांडा, पाकिस्तान आदि देश के प्रतिनिधि शामिल हुए। इस दौरान जमैका के संसद की अध्यक्ष श्रीमती जूलियट होलनेस द्वारा माननीय अध्यक्ष का स्वागत किया गया। माननीय अध्यक्ष ने भी जमैका संसद की अध्यक्ष श्रीमती जूलियट होलनेस को अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। केप टाउन (दक्षिण अफ्रीका) में आयोजित 69वें कॉमनवेल्थ संसदीय संघ (सीपीए) सम्मेलन के दौरान ‘जलवायु अनुकूलन और लचीलापन बढ़ाने में संसदीय नेतृत्व की भूमिका’ विषय पर अपने संबोधन में बिहार विधान सभा के माननीय अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने वैश्विक जलवायु चुनौतियों से निपटने के लिए सामूहिक, न्यायसंगत और समन्वित प्रयासों का आह्वान किया। अध्यक्ष महोदय ने वैश्विक मंच पर अपने विचार रखते हुए कहा कि जलवायु परिवर्तन अब किसी एक राष्ट्र या सीमा तक सीमित चुनौती नहीं रह गया है, बल्कि यह संपूर्ण मानवता के अस्तित्व से जुड़ा साझा संकट है। संयुक्त राष्ट्र के आँकड़ों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि विश्व की लगभग आधी आबादी, करीब 3.6 अरब लोग, भीषण सूखा, बाढ़, चक्रवात, बढ़ते तापमान तथा जल और खाद्य असुरक्षा जैसे जलवायु प्रभावों से प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि आपदाओं के बाद केवल राहत एवं बचाव तक सीमित रहने के बजाय भविष्य के जोखिमों का पूर्व आकलन, प्रारंभिक चेतावनी प्रणालियों को सुदृढ़ करना तथा प्रकृति-संगत और आपदा-रोधी बुनियादी ढाँचे का विकास आवश्यक है। उन्होंने जलवायु अनुकूलन को विकास की प्राथमिकताओं में शामिल करने पर बल दिया। भारत जैसे विकासशील देशों के सामने तीव्र आर्थिक विकास को गति देने के साथ-साथ जलवायु परिवर्तन के प्रतिकूल प्रभावों से निपटने की दोहरी चुनौती है। उन्होंने कहा कि भारत की सभ्यतागत जीवन-दृष्टि सदैव प्रकृति के साथ सह-अस्तित्व और संतुलन पर आधारित रही है। डॉ. प्रेम कुमार ने बताया कि भारत ने वर्ष 2023 में पेरिस समझौते के तहत अपना प्रारंभिक ‘एडप्टेशन कम्युनिकेशन’ प्रस्तुत कर यह स्पष्ट किया है कि जलवायु अनुकूलन देश के विकास मॉडल का अभिन्न अंग है। उन्होंने ऐतिहासिक रूप से कम उत्सर्जन करने वाले विकासशील देशों पर जलवायु संकट के असमानुपातिक बोझ को देखते हुए ‘जलवायु न्याय’ की आवश्यकता पर विशेष बल दिया। उन्होंने भारत की विभिन्न जलवायु एवं पर्यावरणीय पहलों का उल्लेख करते हुए कहा कि राष्ट्रीय कार्य योजनाओं, हरित ऊर्जा के विस्तार, इंटरनेशनल सोलर एलायंस, कोएलिशन फॉर डिजास्टर रेजिलिएंट इन्फ्रास्ट्रक्चर, नमामि गंगे, मिष्टी योजना, आर्द्रभूमि संरक्षण, नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम (एनसीएपी) तथा व्यक्तिगत आचरण से जुड़ी ‘मिशन लाइफ’ (LiFE) जैसी पहलों के माध्यम से भारत जलवायु कार्रवाई को व्यापक जनभागीदारी से जोड़ रहा है। उन्होंने फरवरी 2026 तक गैर-जीवाश्म ऊर्जा स्रोतों की 52.57 प्रतिशत हिस्सेदारी तथा 520.51 गीगावाट की कुल क्षमता का भी उल्लेख किया। इस अवसर पर उन्होंने बिहार विधान सभा की उस ऐतिहासिक पहल का भी उल्लेख किया, जिसमें मुख्यमंत्री, मंत्रिगण एवं अधिकारियों की उपस्थिति में बिहार विधान सभा के सभी माननीय सदस्यों ने लगातार आठ घंटे तक जलवायु एवं पर्यावरण से जुड़े विषयों पर गंभीर मंथन किया था। उन्होंने कहा कि इस विमर्श के परिणामस्वरूप ‘जल-जीवन-हरियाली’ जैसी दूरदर्शी पहल को आकार मिला। अपने संबोधन के अंतिम चरण में डॉ. प्रेम कुमार ने वैश्विक जलवायु कार्रवाई को नई गति देने के लिए संसदों की भूमिका को रेखांकित करते हुए पाँच प्रमुख प्राथमिकताओं पर बल दिया। इनमें विधायी एवं बजटीय प्रक्रियाओं में जलवायु अनुकूलन को उचित स्थान देना, वैज्ञानिक आकलनों को नीति-निर्माण का आधार बनाना, जलवायु वित्त एवं तकनीकी हस्तांतरण को सुगम बनाना, राष्ट्रमंडल देशों की संसदों के बीच एक साझा ‘क्लाइमेट पार्लियामेंट्री कोऑपरेशन नेटवर्क’ स्थापित करना तथा स्थानीय समुदायों और महिलाओं को जलवायु कार्रवाई में सक्रिय भागीदार बनाना शामिल है। डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि एक सुरक्षित, स्वस्थ और संवहनीय भविष्य केवल सशक्त सरकारों के प्रयासों से नहीं, बल्कि सशक्त लोकतांत्रिक संस्थाओं के सहयोगात्मक प्रयासों से ही सुनिश्चित किया जा सकता है। उन्होंने ‘क्लाइमेट एक्शन’, ‘क्लाइमेट जस्टिस’, ‘क्लाइमेट फाइनेंस’ और ‘क्लाइमेट कोऑपरेशन’ के समन्वित क्रियान्वयन को वर्तमान समय की आवश्यकता बताया। इस सत्र में जमैका, केन्या, युगांडा, पाकिस्तान आदि देश के प्रतिनिधि शामिल हुए। इस दौरान जमैका के संसद की अध्यक्ष श्रीमती जूलियट होलनेस द्वारा माननीय अध्यक्ष का स्वागत किया गया। माननीय अध्यक्ष ने भी जमैका संसद की अध्यक्ष श्रीमती जूलियट होलनेस को अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया।

13 hrs ago
user_Arun Pandey ki Baat
Arun Pandey ki Baat
Local News Reporter पटना ग्रामीण, पटना, बिहार•
13 hrs ago
989b5214-3942-46ab-b477-59bc2c17eba6

केप टाउन में 69वें सीपीए सम्मेलन में डॉ प्रेम कुमार ने रखा भारत का दृष्टिकोण, ‘जलवायु न्याय’, जलवायु वित्त और समेकित सहभागिता पर दिया बल केप टाउन (दक्षिण अफ्रीका) में आयोजित 69वें कॉमनवेल्थ संसदीय संघ (सीपीए) सम्मेलन के दौरान ‘जलवायु अनुकूलन और लचीलापन बढ़ाने में संसदीय नेतृत्व की भूमिका’ विषय पर अपने संबोधन में बिहार विधान सभा के माननीय अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने वैश्विक जलवायु चुनौतियों से निपटने के लिए सामूहिक, न्यायसंगत और समन्वित प्रयासों का आह्वान किया। अध्यक्ष महोदय ने वैश्विक मंच पर अपने विचार रखते हुए कहा कि जलवायु परिवर्तन अब किसी एक राष्ट्र या सीमा तक सीमित चुनौती नहीं रह गया है, बल्कि यह संपूर्ण मानवता के अस्तित्व से जुड़ा साझा संकट है। संयुक्त राष्ट्र के आँकड़ों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि विश्व की लगभग आधी आबादी, करीब 3.6 अरब लोग, भीषण सूखा, बाढ़, चक्रवात, बढ़ते तापमान तथा जल और खाद्य असुरक्षा जैसे जलवायु प्रभावों से प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि आपदाओं के बाद केवल राहत एवं बचाव तक सीमित रहने के बजाय भविष्य के जोखिमों का पूर्व आकलन, प्रारंभिक चेतावनी प्रणालियों को सुदृढ़ करना तथा प्रकृति-संगत और आपदा-रोधी बुनियादी ढाँचे का विकास आवश्यक है। उन्होंने जलवायु अनुकूलन को विकास की प्राथमिकताओं में शामिल करने पर बल दिया। भारत जैसे विकासशील देशों के सामने तीव्र आर्थिक विकास को गति देने के साथ-साथ जलवायु परिवर्तन के प्रतिकूल प्रभावों से निपटने की दोहरी चुनौती है। उन्होंने कहा कि भारत की सभ्यतागत जीवन-दृष्टि सदैव प्रकृति के साथ सह-अस्तित्व और संतुलन पर आधारित रही है। डॉ. प्रेम कुमार ने बताया कि भारत ने वर्ष 2023 में पेरिस समझौते के तहत अपना प्रारंभिक ‘एडप्टेशन कम्युनिकेशन’ प्रस्तुत कर यह स्पष्ट किया है कि जलवायु अनुकूलन देश के विकास मॉडल का अभिन्न अंग है। उन्होंने ऐतिहासिक रूप से कम उत्सर्जन करने वाले विकासशील देशों पर जलवायु संकट के असमानुपातिक बोझ को देखते हुए ‘जलवायु न्याय’ की आवश्यकता पर विशेष बल दिया। उन्होंने भारत की विभिन्न जलवायु एवं पर्यावरणीय पहलों का उल्लेख करते हुए कहा कि राष्ट्रीय कार्य योजनाओं, हरित ऊर्जा के विस्तार, इंटरनेशनल सोलर एलायंस, कोएलिशन फॉर डिजास्टर रेजिलिएंट इन्फ्रास्ट्रक्चर, नमामि गंगे, मिष्टी योजना, आर्द्रभूमि संरक्षण, नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम (एनसीएपी) तथा व्यक्तिगत आचरण से जुड़ी ‘मिशन लाइफ’ (LiFE) जैसी पहलों के माध्यम से भारत जलवायु कार्रवाई को व्यापक जनभागीदारी से जोड़ रहा है। उन्होंने फरवरी 2026 तक गैर-जीवाश्म ऊर्जा स्रोतों की 52.57 प्रतिशत हिस्सेदारी तथा 520.51 गीगावाट की कुल क्षमता का भी उल्लेख किया। इस अवसर पर उन्होंने बिहार विधान सभा की उस ऐतिहासिक पहल का भी उल्लेख किया, जिसमें मुख्यमंत्री, मंत्रिगण एवं अधिकारियों की उपस्थिति में बिहार विधान सभा के सभी माननीय सदस्यों ने लगातार आठ घंटे तक जलवायु एवं पर्यावरण से जुड़े विषयों पर गंभीर मंथन किया था। उन्होंने कहा कि इस विमर्श के परिणामस्वरूप ‘जल-जीवन-हरियाली’ जैसी दूरदर्शी पहल को आकार मिला। अपने संबोधन के अंतिम चरण में डॉ. प्रेम कुमार ने वैश्विक जलवायु कार्रवाई को नई गति देने के लिए संसदों की भूमिका को रेखांकित करते हुए पाँच प्रमुख प्राथमिकताओं पर बल दिया। इनमें विधायी एवं बजटीय प्रक्रियाओं में जलवायु अनुकूलन को उचित स्थान देना, वैज्ञानिक आकलनों को नीति-निर्माण का आधार बनाना, जलवायु वित्त एवं तकनीकी हस्तांतरण को सुगम बनाना, राष्ट्रमंडल देशों की संसदों के बीच एक साझा ‘क्लाइमेट पार्लियामेंट्री कोऑपरेशन नेटवर्क’ स्थापित करना तथा स्थानीय समुदायों और महिलाओं को जलवायु कार्रवाई में सक्रिय भागीदार बनाना शामिल है। डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि एक सुरक्षित, स्वस्थ और संवहनीय भविष्य केवल सशक्त सरकारों के प्रयासों से नहीं, बल्कि सशक्त लोकतांत्रिक संस्थाओं के सहयोगात्मक प्रयासों से ही सुनिश्चित किया जा सकता है। उन्होंने ‘क्लाइमेट एक्शन’, ‘क्लाइमेट जस्टिस’, ‘क्लाइमेट फाइनेंस’ और ‘क्लाइमेट कोऑपरेशन’ के समन्वित क्रियान्वयन को वर्तमान समय की आवश्यकता बताया। इस सत्र में जमैका, केन्या, युगांडा, पाकिस्तान आदि देश के प्रतिनिधि शामिल हुए। इस दौरान जमैका के संसद की अध्यक्ष श्रीमती जूलियट होलनेस द्वारा माननीय अध्यक्ष का स्वागत किया गया। माननीय अध्यक्ष ने भी जमैका

bc109b39-d4a1-415f-abd2-be64ab42422b

संसद की अध्यक्ष श्रीमती जूलियट होलनेस को अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। केप टाउन (दक्षिण अफ्रीका) में आयोजित 69वें कॉमनवेल्थ संसदीय संघ (सीपीए) सम्मेलन के दौरान ‘जलवायु अनुकूलन और लचीलापन बढ़ाने में संसदीय नेतृत्व की भूमिका’ विषय पर अपने संबोधन में बिहार विधान सभा के माननीय अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने वैश्विक जलवायु चुनौतियों से निपटने के लिए सामूहिक, न्यायसंगत और समन्वित प्रयासों का आह्वान किया। अध्यक्ष महोदय ने वैश्विक मंच पर अपने विचार रखते हुए कहा कि जलवायु परिवर्तन अब किसी एक राष्ट्र या सीमा तक सीमित चुनौती नहीं रह गया है, बल्कि यह संपूर्ण मानवता के अस्तित्व से जुड़ा साझा संकट है। संयुक्त राष्ट्र के आँकड़ों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि विश्व की लगभग आधी आबादी, करीब 3.6 अरब लोग, भीषण सूखा, बाढ़, चक्रवात, बढ़ते तापमान तथा जल और खाद्य असुरक्षा जैसे जलवायु प्रभावों से प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि आपदाओं के बाद केवल राहत एवं बचाव तक सीमित रहने के बजाय भविष्य के जोखिमों का पूर्व आकलन, प्रारंभिक चेतावनी प्रणालियों को सुदृढ़ करना तथा प्रकृति-संगत और आपदा-रोधी बुनियादी ढाँचे का विकास आवश्यक है। उन्होंने जलवायु अनुकूलन को विकास की प्राथमिकताओं में शामिल करने पर बल दिया। भारत जैसे विकासशील देशों के सामने तीव्र आर्थिक विकास को गति देने के साथ-साथ जलवायु परिवर्तन के प्रतिकूल प्रभावों से निपटने की दोहरी चुनौती है। उन्होंने कहा कि भारत की सभ्यतागत जीवन-दृष्टि सदैव प्रकृति के साथ सह-अस्तित्व और संतुलन पर आधारित रही है। डॉ. प्रेम कुमार ने बताया कि भारत ने वर्ष 2023 में पेरिस समझौते के तहत अपना प्रारंभिक ‘एडप्टेशन कम्युनिकेशन’ प्रस्तुत कर यह स्पष्ट किया है कि जलवायु अनुकूलन देश के विकास मॉडल का अभिन्न अंग है। उन्होंने ऐतिहासिक रूप से कम उत्सर्जन करने वाले विकासशील देशों पर जलवायु संकट के असमानुपातिक बोझ को देखते हुए ‘जलवायु न्याय’ की आवश्यकता पर विशेष बल दिया। उन्होंने भारत की विभिन्न जलवायु एवं पर्यावरणीय पहलों का उल्लेख करते हुए कहा कि राष्ट्रीय कार्य योजनाओं, हरित ऊर्जा के विस्तार, इंटरनेशनल सोलर एलायंस, कोएलिशन फॉर डिजास्टर रेजिलिएंट इन्फ्रास्ट्रक्चर, नमामि गंगे, मिष्टी योजना, आर्द्रभूमि संरक्षण, नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम (एनसीएपी) तथा व्यक्तिगत आचरण से जुड़ी ‘मिशन लाइफ’ (LiFE) जैसी पहलों के माध्यम से भारत जलवायु कार्रवाई को व्यापक जनभागीदारी से जोड़ रहा है। उन्होंने फरवरी 2026 तक गैर-जीवाश्म ऊर्जा स्रोतों की 52.57 प्रतिशत हिस्सेदारी तथा 520.51 गीगावाट की कुल क्षमता का भी उल्लेख किया। इस अवसर पर उन्होंने बिहार विधान सभा की उस ऐतिहासिक पहल का भी उल्लेख किया, जिसमें मुख्यमंत्री, मंत्रिगण एवं अधिकारियों की उपस्थिति में बिहार विधान सभा के सभी माननीय सदस्यों ने लगातार आठ घंटे तक जलवायु एवं पर्यावरण से जुड़े विषयों पर गंभीर मंथन किया था। उन्होंने कहा कि इस विमर्श के परिणामस्वरूप ‘जल-जीवन-हरियाली’ जैसी दूरदर्शी पहल को आकार मिला। अपने संबोधन के अंतिम चरण में डॉ. प्रेम कुमार ने वैश्विक जलवायु कार्रवाई को नई गति देने के लिए संसदों की भूमिका को रेखांकित करते हुए पाँच प्रमुख प्राथमिकताओं पर बल दिया। इनमें विधायी एवं बजटीय प्रक्रियाओं में जलवायु अनुकूलन को उचित स्थान देना, वैज्ञानिक आकलनों को नीति-निर्माण का आधार बनाना, जलवायु वित्त एवं तकनीकी हस्तांतरण को सुगम बनाना, राष्ट्रमंडल देशों की संसदों के बीच एक साझा ‘क्लाइमेट पार्लियामेंट्री कोऑपरेशन नेटवर्क’ स्थापित करना तथा स्थानीय समुदायों और महिलाओं को जलवायु कार्रवाई में सक्रिय भागीदार बनाना शामिल है। डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि एक सुरक्षित, स्वस्थ और संवहनीय भविष्य केवल सशक्त सरकारों के प्रयासों से नहीं, बल्कि सशक्त लोकतांत्रिक संस्थाओं के सहयोगात्मक प्रयासों से ही सुनिश्चित किया जा सकता है। उन्होंने ‘क्लाइमेट एक्शन’, ‘क्लाइमेट जस्टिस’, ‘क्लाइमेट फाइनेंस’ और ‘क्लाइमेट कोऑपरेशन’ के समन्वित क्रियान्वयन को वर्तमान समय की आवश्यकता बताया। इस सत्र में जमैका, केन्या, युगांडा, पाकिस्तान आदि देश के प्रतिनिधि शामिल हुए। इस दौरान जमैका के संसद की अध्यक्ष श्रीमती जूलियट होलनेस द्वारा माननीय अध्यक्ष का स्वागत किया गया। माननीय अध्यक्ष ने भी जमैका संसद की अध्यक्ष श्रीमती जूलियट होलनेस को अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया।

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    Mohan Kumar
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    user_Republic Vaishali
    Republic Vaishali
    लालगंज, वैशाली, बिहार•
    17 hrs ago
  • जयप्रकाश विश्वविद्यालय के मुख्य गेट पर ABVP और AISA का प्रदर्शन, छात्रों ने की तालाबंदी जयप्रकाश विश्वविद्यालय के मुख्य गेट पर ABVP और AISA का प्रदर्शन, छात्रों ने की तालाबंदी परीक्षा पत्र में गलतियों और छात्र हित के मुद्दों को लेकर कुलपति के खिलाफ जताया आक्रोश, मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी छपरा। जयप्रकाश विश्वविद्यालय में परीक्षा पत्र में लगातार सामने आ रही कथित त्रुटियों और छात्र हित से जुड़े मुद्दों को लेकर बुधवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) एवं ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) के कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय के मुख्य गेट पर तालाबंदी कर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान छात्र संगठनों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को लेकर आक्रोश जताया। प्रदर्शन के दौरान AISA छात्र संगठन के कुणाल ने आरोप लगाया कि 2 सितंबर से ही परीक्षा पत्र में गलतियों और छात्र हित से जुड़े मामलों को लेकर वे लगातार कुलपति से मिलने का प्रयास कर रहे हैं। उनका कहना है कि कुलपति की ओर से बार-बार आश्वासन दिए जाने के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा है। कुणाल ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय प्रशासन की उदासीनता के कारण छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है। उन्होंने कहा कि परीक्षा पत्र में हुई गलतियों को सुधारने और छात्रों की समस्याओं का समाधान करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। वहीं, ABVP कार्यकर्ताओं ने भी कुलपति पर छात्र हित में आवश्यक कदम नहीं उठाने का आरोप लगाया। कार्यकर्ताओं का कहना है कि परीक्षा पत्र की त्रुटियों और अन्य छात्र समस्याओं को लेकर पत्रों के माध्यम से विश्वविद्यालय प्रशासन से संवाद करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनकी मांगों पर अपेक्षित संज्ञान नहीं लिया गया। छात्र संगठनों ने स्पष्ट किया कि जब तक छात्र हित में ठोस कार्रवाई नहीं होती और परीक्षा पत्र की गलतियों का समाधान नहीं किया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। कार्यकर्ताओं ने मांगें पूरी नहीं होने की स्थिति में अनशन करने की चेतावनी भी दी। प्रदर्शन के कारण विश्वविद्यालय के मुख्य गेट पर गतिविधियां प्रभावित हुईं। छात्र संगठनों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से छात्र हित में तत्काल पहल करते हुए उनकी समस्याओं का समाधान करने की मांग की। #ᴛʀᴀɴᴅɪɴɢ #reelschallenge #follower #unfollowers #bbnmedialive
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    जयप्रकाश विश्वविद्यालय के मुख्य गेट पर ABVP और AISA का प्रदर्शन, छात्रों ने की तालाबंदी
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परीक्षा पत्र में गलतियों और छात्र हित के मुद्दों को लेकर कुलपति के खिलाफ जताया आक्रोश, मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी
छपरा। जयप्रकाश विश्वविद्यालय में परीक्षा पत्र में लगातार सामने आ रही कथित त्रुटियों और छात्र हित से जुड़े मुद्दों को लेकर बुधवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) एवं ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) के कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय के मुख्य गेट पर तालाबंदी कर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान छात्र संगठनों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को लेकर आक्रोश जताया।
प्रदर्शन के दौरान AISA छात्र संगठन के कुणाल ने आरोप लगाया कि 2 सितंबर से ही परीक्षा पत्र में गलतियों और छात्र हित से जुड़े मामलों को लेकर वे लगातार कुलपति से मिलने का प्रयास कर रहे हैं। उनका कहना है कि कुलपति की ओर से बार-बार आश्वासन दिए जाने के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा है।
कुणाल ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय प्रशासन की उदासीनता के कारण छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है। उन्होंने कहा कि परीक्षा पत्र में हुई गलतियों को सुधारने और छात्रों की समस्याओं का समाधान करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
वहीं, ABVP कार्यकर्ताओं ने भी कुलपति पर छात्र हित में आवश्यक कदम नहीं उठाने का आरोप लगाया। कार्यकर्ताओं का कहना है कि परीक्षा पत्र की त्रुटियों और अन्य छात्र समस्याओं को लेकर पत्रों के माध्यम से विश्वविद्यालय प्रशासन से संवाद करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनकी मांगों पर अपेक्षित संज्ञान नहीं लिया गया।
छात्र संगठनों ने स्पष्ट किया कि जब तक छात्र हित में ठोस कार्रवाई नहीं होती और परीक्षा पत्र की गलतियों का समाधान नहीं किया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। कार्यकर्ताओं ने मांगें पूरी नहीं होने की स्थिति में अनशन करने की चेतावनी भी दी।
प्रदर्शन के कारण विश्वविद्यालय के मुख्य गेट पर गतिविधियां प्रभावित हुईं। छात्र संगठनों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से छात्र हित में तत्काल पहल करते हुए उनकी समस्याओं का समाधान करने की मांग की।
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    BBN MEDIA LIVE NEWS Network
    News Anchor छपरा, सारण, बिहार•
    38 min ago
  • जहानाबाद : शादीशुदा महिला को टेंपो चालक से हुआ प्यार, होटल में पकड़े गए तो गांव वालों ने करा दी शादी। जहानाबाद - जिले के कड़ौना थाना क्षेत्र से प्रेम प्रसंग का एक अनोखा मामला सामने आया है। एक विवाहित महिला और एक विवाहित टेंपो चालक के बीच करीब एक वर्ष से चल रहा प्रेम संबंध उस समय सार्वजनिक हो गया, जब दोनों को पटना जिले के मसौढ़ी स्थित एक होटल से लोगों ने पकड़ लिया। इसके बाद ग्रामीणों की मौजूदगी में दोनों की शादी करा दी गई। जानकारी के अनुसार कड़ौना थाना क्षेत्र के चिडैयाटांड गांव निवासी विजेंद्र कुमार की पत्नी काजल कुमारी और पटना जिले के भगवानगंज थाना क्षेत्र के रौनिया बारा गांव निवासी रणधीर चौधरी के बीच लंबे समय से प्रेम संबंध था। रणधीर टेंपो चालक है और चार बच्चों का पिता बताया जाता है, जबकि काजल भी एक बच्चे की मां है।बताया जाता है कि करीब एक वर्ष पहले काजल टेंपो से यात्रा कर रही थी। इसी दौरान दोनों की पहचान हुई और मोबाइल नंबरों का आदान-प्रदान हुआ। धीरे-धीरे बातचीत बढ़ी और दोनों के बीच प्रेम संबंध स्थापित हो गया। परिवार और समाज की नजरों से बचते हुए दोनों लगातार संपर्क में रहे। मंगलवार को दोनों मसौढ़ी के एक होटल में पहुंचे थे। इसकी जानकारी मिलने पर स्थानीय लोगों ने उन्हें पकड़ लिया। बाद में परिजन और ग्रामीण दोनों को गांव ले आए, जहां सामाजिक स्तर पर दोनों की शादी करा दी गई। इसके बाद दोनों को कड़ौना थाना लाया गया, जहां उनके परिजन भी मौजूद रहे।कड़ौना थानाध्यक्ष जगन्नाथ पासवान ने बताया कि मामले में आवश्यक कानूनी प्रक्रिया की जा रही है। पूछताछ के दौरान दोनों ने एक-दूसरे के साथ रहने की इच्छा जताई है। घटना पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है।
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    जहानाबाद : शादीशुदा महिला को टेंपो चालक से हुआ प्यार, होटल में पकड़े गए तो गांव वालों ने करा दी शादी।
जहानाबाद - जिले के कड़ौना थाना क्षेत्र से प्रेम प्रसंग का एक अनोखा मामला सामने आया है। एक विवाहित महिला और एक विवाहित टेंपो चालक के बीच करीब एक वर्ष से चल रहा प्रेम संबंध उस समय सार्वजनिक हो गया, जब दोनों को पटना जिले के मसौढ़ी स्थित एक होटल से लोगों ने पकड़ लिया। इसके बाद ग्रामीणों की मौजूदगी में दोनों की शादी करा दी गई। जानकारी के अनुसार कड़ौना थाना क्षेत्र के चिडैयाटांड गांव निवासी विजेंद्र कुमार की पत्नी काजल कुमारी और पटना जिले के भगवानगंज थाना क्षेत्र के रौनिया बारा गांव निवासी रणधीर चौधरी के बीच लंबे समय से प्रेम संबंध था। रणधीर टेंपो चालक है और चार बच्चों का पिता बताया जाता है, जबकि काजल भी एक बच्चे की मां है।बताया जाता है कि करीब एक वर्ष पहले काजल टेंपो से यात्रा कर रही थी। इसी दौरान दोनों की पहचान हुई और मोबाइल नंबरों का आदान-प्रदान हुआ। धीरे-धीरे बातचीत बढ़ी और दोनों के बीच प्रेम संबंध स्थापित हो गया। परिवार और समाज की नजरों से बचते हुए दोनों लगातार संपर्क में रहे। मंगलवार को दोनों मसौढ़ी के एक होटल में पहुंचे थे। इसकी जानकारी मिलने पर स्थानीय लोगों ने उन्हें पकड़ लिया। बाद में परिजन और ग्रामीण दोनों को गांव ले आए, जहां सामाजिक स्तर पर दोनों की शादी करा दी गई। इसके बाद दोनों को कड़ौना थाना लाया गया, जहां उनके परिजन भी मौजूद रहे।कड़ौना थानाध्यक्ष जगन्नाथ पासवान ने बताया कि मामले में आवश्यक कानूनी प्रक्रिया की जा रही है। पूछताछ के दौरान दोनों ने एक-दूसरे के साथ रहने की इच्छा जताई है। घटना पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है।
    user_Pawan Kumar
    Pawan Kumar
    जहानाबाद, जहानाबाद, बिहार•
    48 min ago
  • विश्वकर्मा पूजा पर आयशर ट्रैक्टर्स ने किसानों को दिया उपहार, 21 ट्रैक्टरों की हुई डिलीवरी विश्वकर्मा पूजा पर आयशर ट्रैक्टर्स ने किसानों को दिया उपहार, 21 ट्रैक्टरों की हुई डिलीवरी पटना। विश्वकर्मा पूजा के अवसर पर आयशर ट्रैक्टर्स की ओर से किसानों के लिए विशेष उपहार योजना ‘आयशर संग त्योहार मनाओ, विश्वकर्मा पूजा पे निश्चित उपहार घर ले जाओ’ के तहत फतुहा मौजीपुर कृपाल टोला स्थित अधिकृत डीलरशिप गौरव इंटरप्राइजेज में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान 18 से 60 हॉर्सपावर तक के करीब 21 ट्रैक्टरों की डिलीवरी किसानों को की गई। कार्यक्रम में कंपनी के बिहार-झारखंड प्रमुख महेश कुमार गिरी एवं नेशनल हेड अश्विनी गुप्ता मौजूद रहे। लकी ड्रॉ के माध्यम से किसानों को निश्चित उपहार प्रदान किए गए। मौके पर शोरूम प्रोपराइटर मिथलेश कुमार एवं गौरव कुमार ने अतिथियों का स्वागत किया। महेश कुमार गिरी ने कहा कि गौरव इंटरप्राइजेज में ट्रैक्टर बिक्री के साथ-साथ वर्कशॉप और सर्विस की बेहतर सुविधाएं भी उपलब्ध हैं, जिससे किसानों को ट्रैक्टर के रखरखाव और सर्विस के लिए परेशानी नहीं हो। उन्होंने विश्वकर्मा पूजा के साथ आगामी नवरात्रि, धनतेरस, दीपावली एवं छठ महापर्व की किसानों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि आने वाले त्योहारों के दौरान भी किसानों के हित में नए और आकर्षक ऑफर जारी किए जाएंगे। इस अवसर पर बीरमनी कुमार, सर्विस हेड बिहार-झारखंड एवं रवि रंजन कुमार, टीएम समेत कंपनी और डीलरशिप से जुड़े अन्य लोग मौजूद रहे।
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    विश्वकर्मा पूजा पर आयशर ट्रैक्टर्स ने किसानों को दिया उपहार, 21 ट्रैक्टरों की हुई डिलीवरी
विश्वकर्मा पूजा पर आयशर ट्रैक्टर्स ने किसानों को दिया उपहार, 21 ट्रैक्टरों की हुई डिलीवरी
पटना। विश्वकर्मा पूजा के अवसर पर आयशर ट्रैक्टर्स की ओर से किसानों के लिए विशेष उपहार योजना ‘आयशर संग त्योहार मनाओ, विश्वकर्मा पूजा पे निश्चित उपहार घर ले जाओ’ के तहत फतुहा मौजीपुर कृपाल टोला स्थित अधिकृत डीलरशिप गौरव इंटरप्राइजेज में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान 18 से 60 हॉर्सपावर तक के करीब 21 ट्रैक्टरों की डिलीवरी किसानों को की गई।
कार्यक्रम में कंपनी के बिहार-झारखंड प्रमुख महेश कुमार गिरी एवं नेशनल हेड अश्विनी गुप्ता मौजूद रहे। लकी ड्रॉ के माध्यम से किसानों को निश्चित उपहार प्रदान किए गए। मौके पर शोरूम प्रोपराइटर मिथलेश कुमार एवं गौरव कुमार ने अतिथियों का स्वागत किया।
महेश कुमार गिरी ने कहा कि गौरव इंटरप्राइजेज में ट्रैक्टर बिक्री के साथ-साथ वर्कशॉप और सर्विस की बेहतर सुविधाएं भी उपलब्ध हैं, जिससे किसानों को ट्रैक्टर के रखरखाव और सर्विस के लिए परेशानी नहीं हो। उन्होंने विश्वकर्मा पूजा के साथ आगामी नवरात्रि, धनतेरस, दीपावली एवं छठ महापर्व की किसानों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि आने वाले त्योहारों के दौरान भी किसानों के हित में नए और आकर्षक ऑफर जारी किए जाएंगे।
इस अवसर पर बीरमनी कुमार, सर्विस हेड बिहार-झारखंड एवं रवि रंजन कुमार, टीएम समेत कंपनी और डीलरशिप से जुड़े अन्य लोग मौजूद रहे।
    user_Shashi Kumar
    Shashi Kumar
    Communications central फतुहा, पटना, बिहार•
    11 hrs ago
  • अक्षरा सिंह पहुँची भरत तिवारी के गांव जवनिया, राशन वितरण! #AksharaSingh #BharatTiwari #JawanIya #BiharNews #ViralNews #BiharDarpan24 #BreakingNews #FacebookViral #InstagramViral अक्षरा सिंह पहुँची भरत तिवारी के गांव जवनिया, राशन वितरण! #AksharaSingh #BharatTiwari #JawanIya #BiharNews #ViralNews #BiharDarpan24 #BreakingNews #FacebookViral #InstagramViral
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    अक्षरा सिंह पहुँची भरत तिवारी के गांव जवनिया, राशन वितरण!
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अक्षरा सिंह पहुँची भरत तिवारी के गांव जवनिया, राशन वितरण!
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    user_Bihar darpan 24
    Bihar darpan 24
    News राघोपुर, वैशाली, बिहार•
    15 hrs ago
  • बीए की परीक्षा दिलाने जा रहे मामा की सड़क हादसे में मौत, परिवार में मचा कोहराम बीए की परीक्षा दिलाने जा रहे मामा की सड़क हादसे में मौत, परिवार में मचा कोहराम
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    बीए की परीक्षा दिलाने जा रहे मामा की सड़क हादसे में मौत, परिवार में मचा कोहराम
बीए की परीक्षा दिलाने जा रहे मामा की सड़क हादसे में मौत, परिवार में मचा कोहराम
    user_Mohan Kumar
    Mohan Kumar
    महनार, वैशाली, बिहार•
    15 hrs ago
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