हमीरपुर जिले की सरीला तहसील के भेड़ी डांडा गांव में एक जन चौपाल का आयोजन किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य क्षेत्र की समस्याओं का समाधान करना और विकास योजनाओं की समीक्षा करना था। इस कार्यक्रम में अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। चौपाल में विधायक मनीषा अनुरागी, ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि जीतू राजपूत, एसडीएम राजकुमार गुप्त, तहसीलदार रविंद्र कुमार पाल, डॉ. प्रियंक मिश्रा सहित विभिन्न विभागों के आला अधिकारी उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने बिजली, पेयजल, सड़क, स्वास्थ्य और राजस्व से जुड़ी अपनी समस्याओं को अधिकारियों के समक्ष रखा। अधिकारियों ने ग्रामीणों की शिकायतों को गंभीरता से सुना और संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए, साथ ही समस्याओं के शीघ्र निस्तारण का आश्वासन भी दिया। इस दौरान ग्रामीणों को सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी प्रदान की गई और पात्र लोगों को इन योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया गया। विधायक मनीषा अनुरागी ने कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान प्रशासन की प्राथमिकता है और गांवों के समग्र विकास के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। यह कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं सफलतापूर्वक संपन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने उपस्थित होकर अपनी बात अधिकारियों तक पहुँचाई।
हमीरपुर जिले की सरीला तहसील के भेड़ी डांडा गांव में एक जन चौपाल का आयोजन किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य क्षेत्र की समस्याओं का समाधान करना और विकास योजनाओं की समीक्षा करना था। इस कार्यक्रम में अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। चौपाल में विधायक मनीषा अनुरागी, ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि जीतू राजपूत, एसडीएम राजकुमार गुप्त, तहसीलदार रविंद्र कुमार पाल, डॉ. प्रियंक मिश्रा
सहित विभिन्न विभागों के आला अधिकारी उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने बिजली, पेयजल, सड़क, स्वास्थ्य और राजस्व से जुड़ी अपनी समस्याओं को अधिकारियों के समक्ष रखा। अधिकारियों ने ग्रामीणों की शिकायतों को गंभीरता से सुना और संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए, साथ ही समस्याओं के शीघ्र निस्तारण का आश्वासन भी दिया। इस दौरान ग्रामीणों को सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी प्रदान
की गई और पात्र लोगों को इन योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया गया। विधायक मनीषा अनुरागी ने कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान प्रशासन की प्राथमिकता है और गांवों के समग्र विकास के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। यह कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं सफलतापूर्वक संपन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने उपस्थित होकर अपनी बात अधिकारियों तक पहुँचाई।
- हमीरपुर जिले की सरीला तहसील के लोधीपुरा गांव में लाखों रुपये की लागत से बनी पानी की टंकी तेज आंधी और तूफान के चलते क्षतिग्रस्त हो गई। इस घटना में टंकी की दीवारें टूट गईं और उस पर लगी सोलर प्लेटें भी गिरकर टूट गईं, जिससे ग्रामीणों में गहरा रोष व्याप्त है। ग्रामीणों ने सीधे तौर पर निर्माण कार्य में भारी अनियमितताओं और घटिया निर्माण सामग्री के उपयोग का आरोप लगाया है। उनका स्पष्ट कहना है कि यदि निर्माण कार्य मानकों के अनुरूप हुआ होता, तो इतनी सामान्य आंधी-तूफान से टंकी को इतना गंभीर नुकसान नहीं पहुँचता। ग्रामीणों ने इसे भ्रष्टाचार का एक स्पष्ट उदाहरण करार देते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। गांव वालों का यह भी कहना है कि यह टंकी पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था के लिए बनाई गई थी, लेकिन अब इसके क्षतिग्रस्त होने से पूरी योजना की व्यावहारिकता पर ही प्रश्नचिह्न लग गया है। ग्रामीण संबंधित विभाग और प्रशासन से निर्माण गुणवत्ता की गहन जांच कर दोषी अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, ताकि सरकारी धन से बनी परियोजनाओं में गुणवत्ता सुनिश्चित हो और जनता को उनका पूरा लाभ मिल सके। इस मामले में लगातार प्रशासनिक जांच की मांग उठ रही है।1
- जनपद कानपुर देहात में 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस-2026 के अवसर पर इको पार्क, माती में एक भव्य एवं गरिमामय जिला स्तरीय योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य विषय "Yoga for Healthy Ageing" था। राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अजीत सिंह पाल ने मुख्य अतिथि के रूप में अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि, नोडल अधिकारी, जिलाधिकारी और अन्य अधिकारियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। इसके बाद, प्रशिक्षित योगाचार्यों के निर्देशन में सामूहिक योगाभ्यास कराया गया, जिसमें उपस्थित सभी लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। योगाभ्यास सत्र के दौरान विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान की क्रियाओं का अभ्यास कराया गया, साथ ही योग के स्वास्थ्य संबंधी लाभों के बारे में भी जानकारी प्रदान की गई।1
- चंदौली तहसील सभागार में शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में उस समय बड़ा हंगामा खड़ा हो गया, जब न्याय न मिलने से आक्रोशित एक फरियादी ने अधिकारियों पर तीखा हमला बोला। फरियादी ने जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) के सामने ही तंज कसते हुए कहा कि "अंधेर नगरी चौपट राजा हो गया है" और अधिकारी "द्रौपदी की तरह न्याय का चीरहरण कर रहे हैं।" दरअसल, सदर तहसील क्षेत्र के एक गांव के निवासी इस फरियादी का आरोप है कि उसकी पैतृक जमीन पर गांव के ही कुछ दबंगों ने अवैध कब्जा कर लिया है। पीड़ित पिछले छह महीनों में संपूर्ण समाधान दिवस, तहसील दिवस और ऑनलाइन आईजीआरएस पोर्टल पर कुल आठ बार शिकायत दर्ज करा चुका है। हर बार उसे केवल जांच का आश्वासन दिया गया, लेकिन आज तक न तो कब्जा हटाया गया और न ही कोई प्रभावी कार्रवाई हुई। शिकायतकर्ता ने माइक पकड़कर अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि दबंग उसकी जमीन पर मकान बना रहे हैं और अधिकारी सिर्फ "तारीख पर तारीख" दे रहे हैं। फरियादी के इन तेवरों को देखकर अधिकारियों में हड़कंप मच गया। फरियादी की नाराजगी और तीखे शब्दों को गंभीरता से लेते हुए, डीएम ने तत्काल एसडीएम सदर और तहसीलदार को तीन दिनों के भीतर मौके पर जाकर जांच करने और विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। डीएम ने चेतावनी दी कि अगर जांच में किसी भी तरह की लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित लेखपाल और कानूनगो के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने फरियादी को हर हाल में न्याय दिलाने का आश्वासन भी दिया। इस संपूर्ण समाधान दिवस में कुल 147 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से 12 का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया, जबकि शेष मामलों में संबंधित विभागों को समयबद्ध निस्तारण के निर्देश जारी किए गए।1
- जिलाधिकारी कपिल सिंह ने शनिवार को सिकंदरा तहसील का गहन निरीक्षण किया, जहाँ उन्होंने तहसील परिसर की व्यवस्थाओं, अभिलेखों के रख-रखाव और राजस्व व जनसेवा संबंधी कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान जिलाधिकारी ने विभिन्न शाखाओं और न्यायालयों का भ्रमण कर पत्रावलियों की स्थिति, लंबित प्रकरणों और कार्यालयीय कार्यप्रणाली का परीक्षण करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान, जिलाधिकारी ने अभिलेखों के सुव्यवस्थित एवं सुरक्षित संधारण पर विशेष जोर दिया, यह सुनिश्चित करने के लिए कि सभी पत्रावलियाँ श्रेणीबद्ध और व्यवस्थित ढंग से संरक्षित की जाएँ ताकि आवश्यकता पड़ने पर वे तत्काल उपलब्ध हों। उन्होंने नजारत शाखा में राजकीय अभिलेखों व सामग्रियों के रख-रखाव की भी समीक्षा की और लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने तहसीलदार न्यायालय, नायब तहसीलदार न्यायालय, राजस्व निरीक्षक कार्यालय और खतौनी वितरण कार्यालय का भी जायजा लिया, जहाँ उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को कार्यों में पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्धता बनाए रखने के लिए निर्देशित किया। इसके अतिरिक्त, जिलाधिकारी ने तहसील दिवस के अंतर्गत प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की आख्या की जाँच की और निर्देश दिए कि जनपद स्तरीय अधिकारियों द्वारा सत्यापन के बाद असंतुष्टि फीडबैक वाली शिकायतों पर गंभीरता से कार्रवाई कर उनका प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए। परिसर की स्वच्छता व्यवस्था का निरीक्षण करते हुए, उन्होंने इसे साफ-सुथरा और व्यवस्थित बनाए रखने के निर्देश दिए, यह दोहराते हुए कि आमजन को बेहतर, पारदर्शी और समयबद्ध सेवाएँ उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी और तहसीलदार को प्रतिदिन सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक अनिवार्य जनसुनवाई आयोजित करने और प्राप्त शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण व समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को समयपालन, जवाबदेही और आमजन के प्रति संवेदनशील व्यवहार बनाए रखने के लिए भी निर्देशित किया। इस अवसर पर उपजिलाधिकारी सिकंदरा, तहसीलदार और अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।3
- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर 21 जून को उत्तर मध्य रेलवे के झांसी मंडल में एक विशेष योग कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) के साथ-साथ रेलवे के कई अधिकारियों और कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक योगाभ्यास किया, जिसके माध्यम से स्वस्थ जीवन का एक महत्वपूर्ण संदेश प्रसारित किया गया। झांसी के डीआरएम ने इस अवसर पर अपने संदेश में संस्कृत सूक्ति "योग: कर्मसु कौशलम्" का उद्धरण करते हुए स्पष्ट किया कि योग केवल शारीरिक स्वास्थ्य का ही माध्यम नहीं है, बल्कि यह मानसिक शांति, आत्मिक संतुलन और एक सकारात्मक जीवनशैली का भी सुदृढ़ आधार प्रदान करता है। उन्होंने आगे कहा कि योग स्वस्थ शरीर, शांत मन और संतुलित जीवन की ओर ले जाने वाला मार्ग है, और यदि इसे दैनिक जीवन का अनिवार्य हिस्सा बना लिया जाए तो व्यक्ति अपने समग्र स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार कर सकता है। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के इस खास मौके पर उत्तर मध्य रेलवे ने समस्त देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं भी प्रेषित कीं। कार्यक्रम में उपस्थित रेलवे अधिकारियों, कर्मचारियों और उनके परिवारजनों ने सक्रिय रूप से भागीदारी की और नियमित रूप से योग को अपने जीवन में अपनाने का दृढ़ संकल्प लिया।1
- जालौन के जोल्हूपुर पुल का एक वायरल वीडियो प्रशासनिक दावों की पोल खोल रहा है, जिसमें मौरंग से लदे डंपरों की लंबी कतारें दिखाई दे रही हैं। पुल पर ऐसा नजारा है, मानो सड़क नहीं बल्कि डंपरों का पार्किंग स्थल बन गया हो। यह वीडियो ऐसे समय में सामने आया है जब प्रशासन द्वारा ओवरलोड वाहनों पर रोजाना कार्रवाई के दावे किए जाते हैं, जिससे यह बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि आखिर ये दर्जनों डंपर किसकी नजरों से बचकर सड़कों पर फर्राटा भर रहे हैं। इससे मौरंग माफियाओं के हौसले इतने बुलंद होते दिख रहे हैं कि उनके लिए नियम-कानून सिर्फ कागजों तक ही सीमित रह गए हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि इन डंपरों के कारण जाम, धूल और हादसों की समस्या आम हो गई है, लेकिन जिम्मेदार विभागों की चुप्पी उन्हें और भी हैरान कर रही है। वायरल वीडियो ने अब प्रशासन से जवाब माँगा है कि क्या इन ओवरलोड डंपरों पर लगाम लगेगी, या फिर यह मामला भी कुछ दिनों की सुर्खियों के बाद ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा? फिलहाल, जोल्हूपुर पुल से सामने आई ये तस्वीरें प्रशासन से तत्काल जवाब और कार्रवाई की मांग कर रही हैं, जिसकी जनता बेसब्री से प्रतीक्षा कर रही है।3
- कानपुर देहात जनपद की एक महिला ने जालौन के पुलिस अधीक्षक को शिकायत पत्र देकर प्लॉट विवाद से जुड़े मामले में गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला का आरोप है कि भूमि विवाद के चलते उसके खिलाफ एक सुनियोजित साजिश रची गई, जिसके तहत झूठे मुकदमे दर्ज कराए गए और समझौते के बहाने बुलाकर उसके साथ मारपीट व अभद्र व्यवहार किया गया। रसूलपुर निवासी रागिनी देवी ने अपने शिकायती पत्र में बताया कि उन्होंने उरई क्षेत्र के जगदेवपुर और बनफरा में प्लॉट खरीदे थे, जिनके आवश्यक दस्तावेज उनके पास मौजूद हैं। महिला के अनुसार, प्लॉट खरीदने की प्रक्रिया में सहयोग करने वाले एक व्यक्ति के यहां वह कुछ समय तक रहीं, लेकिन बाद में परिस्थितियाँ बदलने पर उन्होंने वहाँ से रहना छोड़ दिया। इसके बाद उस व्यक्ति ने कथित तौर पर रंजिशवश उनके और उनके पति के खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज करा दिए, जिससे उनका परिवार मानसिक, सामाजिक और आर्थिक परेशानियों का सामना कर रहा है। शिकायत में आगे यह भी आरोप लगाया गया है कि समझौते के नाम पर उन्हें उरई बुलाया गया, जहाँ उनके साथ कथित तौर पर मारपीट की गई, अभद्रता की गई और विरोध करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी गई। महिला ने इस पूरे घटनाक्रम को पूर्व नियोजित बताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच कराए जाने, दोषियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई करने और स्वयं व अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित किए जाने की मांग पुलिस अधीक्षक से की है। इस मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का दौर जारी है और अब सभी की निगाहें पुलिस जांच पर टिकी हुई हैं। यह समाचार शिकायतकर्ता द्वारा पुलिस को दिए गए शिकायती पत्र एवं लगाए गए आरोपों के आधार पर प्रकाशित किया गया है, जिसकी वास्तविक सत्यता एवं परिस्थितियां पुलिस/प्रशासनिक जांच तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही स्पष्ट हो सकेंगी।1
- जनपद में सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने और सुरक्षित यातायात सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों, मोडिफाई साइलेंसर, प्रेशर हॉर्न हूटर और फाल्टी नंबर प्लेट का उपयोग करने वालों, तथा विशेष रूप से शराब पीकर वाहन चलाने वाले चालकों के खिलाफ कार्रवाई की गई। इसके लिए यातायात पुलिस और थाना पुलिस की एक संयुक्त टीम का गठन किया गया था। इसी क्रम में यातायात पुलिस, थाना पुलिस बल और परिवहन विभाग ने अपने-अपने थाना क्षेत्रों में सघन चेकिंग अभियान संचालित किया। चेकिंग के दौरान पुलिस टीम ने संदिग्ध वाहनों को रोककर ब्रीथ एनालाइजर के माध्यम से चालकों की गहन जांच की। इस विशेष अभियान के परिणामस्वरूप, कुल 164 वाहनों का चालान किया गया और उनसे तेरह लाख पचानवें हजार रुपए का सम्मन शुल्क वसूला गया। अभियान के दौरान नशे की हालत में वाहन चलाते हुए पाए गए चालकों के विरुद्ध मोटर वाहन अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत वैधानिक कार्यवाही की गई। यह सख्त कार्यवाही यातायात और थाना पुलिस द्वारा संयुक्त टीम बनाकर शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ चलाए गए विशेष अभियान का हिस्सा थी।1