logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

मध्य प्रदेश के बिछुआ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह से धड़ाम हो गई है, जहाँ एक बुजुर्ग महिला कई घंटों तक ऑक्सीजन के बिना साँसों के लिए तड़पती रही। अस्पताल में न तो रात के समय ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध था, न ही डॉक्टर और स्टाफ मौजूद थे, और एंबुलेंस का भी कोई अता-पता नहीं था। मजबूरन परिजनों को बाहर से निजी ऑक्सीजन सिलेंडर मंगाना पड़ा और निजी वाहन से मरीज को छिंदवाड़ा रेफर करना पड़ा, जिससे उनकी जान बच सकी। यह घटना बिछुआ अस्पताल की घोर लापरवाही को उजागर करती है, जहाँ मरीजों को इलाज की बजाय मौत का इंतजार करना पड़ता है। ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, बिछुआ अस्पताल में रात होते ही स्वास्थ्य व्यवस्था वेंटिलेटर पर चली जाती है। एक गंभीर मरीज 3 घंटे से अधिक समय तक बिस्तर पर तड़पता रहा, जबकि हाथ में कैनुला लगा था और ऑक्सीजन मास्क की सख्त जरूरत थी। आश्चर्यजनक रूप से, अस्पताल में एक भी ऑक्सीजन सिलेंडर नहीं था, और सरकारी ऑक्सीजन प्लांट महज एक शोपीस बनकर रह गया है, जिसके सिलेंडर खाली पड़े हैं। सबसे शर्मनाक बात यह है कि रात के समय अस्पताल में कोई जिम्मेदार स्टाफ — न डॉक्टर, न नर्स, न वार्ड बॉय — मौजूद नहीं था, जिससे परिजनों को मदद के लिए इधर-उधर भटकना पड़ा और चिल्लाना पड़ा। स्थानीय लोगों का सीधा आरोप है कि BMO (ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर) की गैर-जिम्मेदारी ही इस बदहाली की जड़ है। BMO कथित तौर पर रोज़ाना सुबह हाजिरी लगाकर शाम होते ही अपने घर चले जाते हैं, जिससे रात में अस्पताल भगवान भरोसे रहता है। शासन के नियमों के अनुसार BMO को 24x7 अस्पताल में मौजूद रहना चाहिए और आपात स्थिति में रात में भी ड्यूटी देनी चाहिए, लेकिन बिछुआ में ये नियम ताक पर रख दिए गए हैं। ग्रामीण इसे BMO की लापरवाही का नतीजा मान रहे हैं, जिसने बिछुआ अस्पताल को मरीजों के लिए 'मौत का फरमान' बना दिया है। इस गंभीर लापरवाही के बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। वे सवाल उठा रहे हैं कि 3 घंटे तक मरीज के तड़पने के दौरान अस्पताल का इंचार्ज कहाँ था, ऑक्सीजन सिलेंडर क्यों नहीं था, और सरकारी एंबुलेंस क्यों नदारद थी। स्वास्थ्य विभाग के बड़े अधिकारियों से तुरंत बिछुआ अस्पताल का रात में औचक निरीक्षण करने, दोषी BMO और लापरवाह स्टाफ पर कड़ी कार्रवाई करने, 24 घंटे डॉक्टर-स्टाफ की ड्यूटी सुनिश्चित करने और ऑक्सीजन प्लांट को तुरंत चालू करने की मांग की गई है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि इन मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो अगली खबर किसी मरीज की लाश की होगी, और उसके लिए सीधे तौर पर BMO की 'डेली अप-डाउन' वाली लापरवाही ही जिम्मेदार होगी।

16 hrs ago
user_Baljeet Chouhan
Baljeet Chouhan
Credit reporting agency बिछुआ, छिंदवाड़ा, मध्य प्रदेश•
16 hrs ago

मध्य प्रदेश के बिछुआ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह से धड़ाम हो गई है, जहाँ एक बुजुर्ग महिला कई घंटों तक ऑक्सीजन के बिना साँसों के लिए तड़पती रही। अस्पताल में न तो रात के समय ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध था, न ही डॉक्टर और स्टाफ मौजूद थे, और एंबुलेंस का भी कोई अता-पता नहीं था। मजबूरन परिजनों को बाहर से निजी ऑक्सीजन सिलेंडर मंगाना पड़ा और निजी वाहन से मरीज को छिंदवाड़ा रेफर करना पड़ा, जिससे उनकी जान बच सकी। यह घटना बिछुआ अस्पताल की घोर लापरवाही को उजागर करती है, जहाँ मरीजों को इलाज की बजाय मौत का इंतजार करना पड़ता है। ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, बिछुआ अस्पताल में रात होते ही स्वास्थ्य व्यवस्था वेंटिलेटर पर चली जाती है। एक गंभीर मरीज 3 घंटे से अधिक समय तक बिस्तर पर तड़पता रहा, जबकि हाथ में कैनुला लगा था और ऑक्सीजन मास्क की सख्त जरूरत थी। आश्चर्यजनक रूप से, अस्पताल में एक भी ऑक्सीजन सिलेंडर नहीं था, और सरकारी ऑक्सीजन प्लांट महज एक शोपीस बनकर रह गया है, जिसके सिलेंडर खाली पड़े हैं। सबसे शर्मनाक बात यह है कि रात के समय अस्पताल में कोई जिम्मेदार स्टाफ — न डॉक्टर, न नर्स, न वार्ड बॉय — मौजूद नहीं था, जिससे परिजनों को मदद के लिए इधर-उधर भटकना पड़ा और चिल्लाना पड़ा। स्थानीय लोगों का सीधा आरोप है कि BMO (ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर) की गैर-जिम्मेदारी ही इस बदहाली की जड़ है। BMO कथित तौर पर रोज़ाना सुबह हाजिरी लगाकर शाम होते ही अपने घर चले जाते हैं, जिससे रात में अस्पताल भगवान भरोसे रहता है। शासन के नियमों के अनुसार BMO को 24x7 अस्पताल में मौजूद रहना चाहिए और आपात स्थिति में रात में भी ड्यूटी देनी चाहिए, लेकिन बिछुआ में ये नियम ताक पर रख दिए गए हैं। ग्रामीण इसे BMO की लापरवाही का नतीजा मान रहे हैं, जिसने बिछुआ अस्पताल को मरीजों के लिए 'मौत का फरमान' बना दिया है। इस गंभीर लापरवाही के बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। वे सवाल उठा रहे हैं कि 3 घंटे तक मरीज के तड़पने के दौरान अस्पताल का इंचार्ज कहाँ था, ऑक्सीजन सिलेंडर क्यों नहीं था, और सरकारी एंबुलेंस क्यों नदारद थी। स्वास्थ्य विभाग के बड़े अधिकारियों से तुरंत बिछुआ अस्पताल का रात में औचक निरीक्षण करने, दोषी BMO और लापरवाह स्टाफ पर कड़ी कार्रवाई करने, 24 घंटे डॉक्टर-स्टाफ की ड्यूटी सुनिश्चित करने और ऑक्सीजन प्लांट को तुरंत चालू करने की मांग की गई है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि इन मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो अगली खबर किसी मरीज की लाश की होगी, और उसके लिए सीधे तौर पर BMO की 'डेली अप-डाउन' वाली लापरवाही ही जिम्मेदार होगी।

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • मध्य प्रदेश के बिछुआ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह से धड़ाम हो गई है, जहाँ एक बुजुर्ग महिला कई घंटों तक ऑक्सीजन के बिना साँसों के लिए तड़पती रही। अस्पताल में न तो रात के समय ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध था, न ही डॉक्टर और स्टाफ मौजूद थे, और एंबुलेंस का भी कोई अता-पता नहीं था। मजबूरन परिजनों को बाहर से निजी ऑक्सीजन सिलेंडर मंगाना पड़ा और निजी वाहन से मरीज को छिंदवाड़ा रेफर करना पड़ा, जिससे उनकी जान बच सकी। यह घटना बिछुआ अस्पताल की घोर लापरवाही को उजागर करती है, जहाँ मरीजों को इलाज की बजाय मौत का इंतजार करना पड़ता है। ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, बिछुआ अस्पताल में रात होते ही स्वास्थ्य व्यवस्था वेंटिलेटर पर चली जाती है। एक गंभीर मरीज 3 घंटे से अधिक समय तक बिस्तर पर तड़पता रहा, जबकि हाथ में कैनुला लगा था और ऑक्सीजन मास्क की सख्त जरूरत थी। आश्चर्यजनक रूप से, अस्पताल में एक भी ऑक्सीजन सिलेंडर नहीं था, और सरकारी ऑक्सीजन प्लांट महज एक शोपीस बनकर रह गया है, जिसके सिलेंडर खाली पड़े हैं। सबसे शर्मनाक बात यह है कि रात के समय अस्पताल में कोई जिम्मेदार स्टाफ — न डॉक्टर, न नर्स, न वार्ड बॉय — मौजूद नहीं था, जिससे परिजनों को मदद के लिए इधर-उधर भटकना पड़ा और चिल्लाना पड़ा। स्थानीय लोगों का सीधा आरोप है कि BMO (ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर) की गैर-जिम्मेदारी ही इस बदहाली की जड़ है। BMO कथित तौर पर रोज़ाना सुबह हाजिरी लगाकर शाम होते ही अपने घर चले जाते हैं, जिससे रात में अस्पताल भगवान भरोसे रहता है। शासन के नियमों के अनुसार BMO को 24x7 अस्पताल में मौजूद रहना चाहिए और आपात स्थिति में रात में भी ड्यूटी देनी चाहिए, लेकिन बिछुआ में ये नियम ताक पर रख दिए गए हैं। ग्रामीण इसे BMO की लापरवाही का नतीजा मान रहे हैं, जिसने बिछुआ अस्पताल को मरीजों के लिए 'मौत का फरमान' बना दिया है। इस गंभीर लापरवाही के बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। वे सवाल उठा रहे हैं कि 3 घंटे तक मरीज के तड़पने के दौरान अस्पताल का इंचार्ज कहाँ था, ऑक्सीजन सिलेंडर क्यों नहीं था, और सरकारी एंबुलेंस क्यों नदारद थी। स्वास्थ्य विभाग के बड़े अधिकारियों से तुरंत बिछुआ अस्पताल का रात में औचक निरीक्षण करने, दोषी BMO और लापरवाह स्टाफ पर कड़ी कार्रवाई करने, 24 घंटे डॉक्टर-स्टाफ की ड्यूटी सुनिश्चित करने और ऑक्सीजन प्लांट को तुरंत चालू करने की मांग की गई है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि इन मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो अगली खबर किसी मरीज की लाश की होगी, और उसके लिए सीधे तौर पर BMO की 'डेली अप-डाउन' वाली लापरवाही ही जिम्मेदार होगी।
    1
    मध्य प्रदेश के बिछुआ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह से धड़ाम हो गई है, जहाँ एक बुजुर्ग महिला कई घंटों तक ऑक्सीजन के बिना साँसों के लिए तड़पती रही। अस्पताल में न तो रात के समय ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध था, न ही डॉक्टर और स्टाफ मौजूद थे, और एंबुलेंस का भी कोई अता-पता नहीं था। मजबूरन परिजनों को बाहर से निजी ऑक्सीजन सिलेंडर मंगाना पड़ा और निजी वाहन से मरीज को छिंदवाड़ा रेफर करना पड़ा, जिससे उनकी जान बच सकी। यह घटना बिछुआ अस्पताल की घोर लापरवाही को उजागर करती है, जहाँ मरीजों को इलाज की बजाय मौत का इंतजार करना पड़ता है।

ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, बिछुआ अस्पताल में रात होते ही स्वास्थ्य व्यवस्था वेंटिलेटर पर चली जाती है। एक गंभीर मरीज 3 घंटे से अधिक समय तक बिस्तर पर तड़पता रहा, जबकि हाथ में कैनुला लगा था और ऑक्सीजन मास्क की सख्त जरूरत थी। आश्चर्यजनक रूप से, अस्पताल में एक भी ऑक्सीजन सिलेंडर नहीं था, और सरकारी ऑक्सीजन प्लांट महज एक शोपीस बनकर रह गया है, जिसके सिलेंडर खाली पड़े हैं। सबसे शर्मनाक बात यह है कि रात के समय अस्पताल में कोई जिम्मेदार स्टाफ — न डॉक्टर, न नर्स, न वार्ड बॉय — मौजूद नहीं था, जिससे परिजनों को मदद के लिए इधर-उधर भटकना पड़ा और चिल्लाना पड़ा।

स्थानीय लोगों का सीधा आरोप है कि BMO (ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर) की गैर-जिम्मेदारी ही इस बदहाली की जड़ है। BMO कथित तौर पर रोज़ाना सुबह हाजिरी लगाकर शाम होते ही अपने घर चले जाते हैं, जिससे रात में अस्पताल भगवान भरोसे रहता है। शासन के नियमों के अनुसार BMO को 24x7 अस्पताल में मौजूद रहना चाहिए और आपात स्थिति में रात में भी ड्यूटी देनी चाहिए, लेकिन बिछुआ में ये नियम ताक पर रख दिए गए हैं। ग्रामीण इसे BMO की लापरवाही का नतीजा मान रहे हैं, जिसने बिछुआ अस्पताल को मरीजों के लिए 'मौत का फरमान' बना दिया है।

इस गंभीर लापरवाही के बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। वे सवाल उठा रहे हैं कि 3 घंटे तक मरीज के तड़पने के दौरान अस्पताल का इंचार्ज कहाँ था, ऑक्सीजन सिलेंडर क्यों नहीं था, और सरकारी एंबुलेंस क्यों नदारद थी। स्वास्थ्य विभाग के बड़े अधिकारियों से तुरंत बिछुआ अस्पताल का रात में औचक निरीक्षण करने, दोषी BMO और लापरवाह स्टाफ पर कड़ी कार्रवाई करने, 24 घंटे डॉक्टर-स्टाफ की ड्यूटी सुनिश्चित करने और ऑक्सीजन प्लांट को तुरंत चालू करने की मांग की गई है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि इन मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो अगली खबर किसी मरीज की लाश की होगी, और उसके लिए सीधे तौर पर BMO की 'डेली अप-डाउन' वाली लापरवाही ही जिम्मेदार होगी।
    user_Baljeet Chouhan
    Baljeet Chouhan
    Credit reporting agency बिछुआ, छिंदवाड़ा, मध्य प्रदेश•
    16 hrs ago
  • मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के परासिया में एक कुकिंग कॉम्पिटिशन का आयोजन किया गया, जहाँ विभिन्न रसोइयों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इस प्रतियोगिता के संबंध में यह जानकारी परासिया संवाददाता शेख फरीद द्वारा दी गई है।
    1
    मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के परासिया में एक कुकिंग कॉम्पिटिशन का आयोजन किया गया, जहाँ विभिन्न रसोइयों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इस प्रतियोगिता के संबंध में यह जानकारी परासिया संवाददाता शेख फरीद द्वारा दी गई है।
    user_भारत खबर लाइव सच्ची खबर का शहर
    भारत खबर लाइव सच्ची खबर का शहर
    छिंदवाड़ा नगर, छिंदवाड़ा, मध्य प्रदेश•
    29 min ago
  • छिंदवाड़ा जिले के परासिया में आज दोपहर 12 बजे नगर कांग्रेस कमेटी परासिया के तत्वावधान में मध्य प्रदेश और केंद्र सरकार की कथित "खराब नीतियों और विफलताओं" के विरोध में एक पुतला दहन किया गया। यह विरोध प्रदर्शन परासिया विधायक सोहनलाल वाल्मीकि और कांग्रेस अध्यक्ष वीर बहादुर सिंह के नेतृत्व में, तथा मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और नकुल नाथ के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ। नगर कांग्रेस अध्यक्ष वीर बहादुर सिंह ने इस विरोध प्रदर्शन के पीछे के प्रमुख कारणों का विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि देश में बढ़ती महंगाई, नियमों की आड़ में किसानों पर हो रहे अत्याचार, और अमेरिका द्वारा तीन नागरिकों की हत्या पर केंद्र सरकार की चुप्पी जैसे राष्ट्रीय मुद्दे क्षेत्रवासियों के लिए चिंता का विषय बने हुए हैं। स्थानीय स्तर पर, परासिया शहर में पिछले 15 दिनों से भीषण पानी की समस्या बनी हुई है, जहां गंदा, मटमैला और बदबूदार पानी की आपूर्ति हो रही है। इसके अतिरिक्त, शहर में साफ-सफाई का अभाव है, महीनों से वार्डों में टीप्पर नहीं जा रहे, बरसात से पहले नालियों और नालों की सफाई नहीं की गई है, इंडियन गैस की बुकिंग और वितरण में समस्याएँ हैं, और बिजली के बिलों में बेतहाशा वृद्धि हुई है। इन सभी मुद्दों के कारण क्षेत्रवासियों को अत्यधिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। विरोध प्रदर्शन की शुरुआत कांग्रेस कार्यालय से एक रैली के रूप में हुई, जिसमें कांग्रेस पदाधिकारी नारे लगाते हुए तहसील कार्यालय के सामने पहुंचे। यहां पुलिस के साथ पुतला दहन को लेकर काफी मशक्कत हुई। इस अवसर पर परासिया विधायक सोहनलाल वाल्मीकि, नगर कांग्रेस अध्यक्ष वीर बहादुर सिंह, समन्वयक बसंत मालवीय, वरिष्ठ यमुना दुबे, गोविंद चौबे, नगर महिला अध्यक्ष सावित्री वर्मा, पार्षद पूनम कैथवास, पार्षद प्रतिभा सोनी, पार्षद रुक्मा बसोड, मंजू सोनी, जगदीश चौरसिया, सुरेश डेहरिया, इशाक खान, उत्कर्ष वाल्मीकि, मुकुल दुबे, स्वप्निल करानिया, शंकर लाल साहू, मनीष बैन, बल्ला प्रसाद मदरे, दर्शन अरोरा, अकलाखक ख़ान, अशोक शर्मा, टीकाराम साहू, सुरेन्द्र झाड़े, मोंटी खान, अशोक शर्मा, राजा श्रीवास्तव, बिरजू सैन, श्रीमती भावना साहू, श्रीमती उर्मिला रजक, उमेश हिवसे, पूनाराम डेहरिया, इंदू खान, पप्पू मालवीय, सुधीर यादव, रियाज खान, रामसेवक उइके, शफीक सिद्दकी, सोनू गुप्ता, नफीस खान, गौरा बाजी, धीरज श्रीवास्तव, संजय सोनी, शब्बीर खान, सुरेश भाऊ, रीना बाबरिया, शफीक सिद्दकी, पूनाराम डेहरिया, मोहसिन खान, फैमुनिशा सहित कई अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे।
    1
    छिंदवाड़ा जिले के परासिया में आज दोपहर 12 बजे नगर कांग्रेस कमेटी परासिया के तत्वावधान में मध्य प्रदेश और केंद्र सरकार की कथित "खराब नीतियों और विफलताओं" के विरोध में एक पुतला दहन किया गया। यह विरोध प्रदर्शन परासिया विधायक सोहनलाल वाल्मीकि और कांग्रेस अध्यक्ष वीर बहादुर सिंह के नेतृत्व में, तथा मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और नकुल नाथ के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ।

नगर कांग्रेस अध्यक्ष वीर बहादुर सिंह ने इस विरोध प्रदर्शन के पीछे के प्रमुख कारणों का विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि देश में बढ़ती महंगाई, नियमों की आड़ में किसानों पर हो रहे अत्याचार, और अमेरिका द्वारा तीन नागरिकों की हत्या पर केंद्र सरकार की चुप्पी जैसे राष्ट्रीय मुद्दे क्षेत्रवासियों के लिए चिंता का विषय बने हुए हैं। स्थानीय स्तर पर, परासिया शहर में पिछले 15 दिनों से भीषण पानी की समस्या बनी हुई है, जहां गंदा, मटमैला और बदबूदार पानी की आपूर्ति हो रही है। इसके अतिरिक्त, शहर में साफ-सफाई का अभाव है, महीनों से वार्डों में टीप्पर नहीं जा रहे, बरसात से पहले नालियों और नालों की सफाई नहीं की गई है, इंडियन गैस की बुकिंग और वितरण में समस्याएँ हैं, और बिजली के बिलों में बेतहाशा वृद्धि हुई है। इन सभी मुद्दों के कारण क्षेत्रवासियों को अत्यधिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

विरोध प्रदर्शन की शुरुआत कांग्रेस कार्यालय से एक रैली के रूप में हुई, जिसमें कांग्रेस पदाधिकारी नारे लगाते हुए तहसील कार्यालय के सामने पहुंचे। यहां पुलिस के साथ पुतला दहन को लेकर काफी मशक्कत हुई। इस अवसर पर परासिया विधायक सोहनलाल वाल्मीकि, नगर कांग्रेस अध्यक्ष वीर बहादुर सिंह, समन्वयक बसंत मालवीय, वरिष्ठ यमुना दुबे, गोविंद चौबे, नगर महिला अध्यक्ष सावित्री वर्मा, पार्षद पूनम कैथवास, पार्षद प्रतिभा सोनी, पार्षद रुक्मा बसोड, मंजू सोनी, जगदीश चौरसिया, सुरेश डेहरिया, इशाक खान, उत्कर्ष वाल्मीकि, मुकुल दुबे, स्वप्निल करानिया, शंकर लाल साहू, मनीष बैन, बल्ला प्रसाद मदरे, दर्शन अरोरा, अकलाखक ख़ान, अशोक शर्मा, टीकाराम साहू, सुरेन्द्र झाड़े, मोंटी खान, अशोक शर्मा, राजा श्रीवास्तव, बिरजू सैन, श्रीमती भावना साहू, श्रीमती उर्मिला रजक, उमेश हिवसे, पूनाराम डेहरिया, इंदू खान, पप्पू मालवीय, सुधीर यादव, रियाज खान, रामसेवक उइके, शफीक सिद्दकी, सोनू गुप्ता, नफीस खान, गौरा बाजी, धीरज श्रीवास्तव, संजय सोनी, शब्बीर खान, सुरेश भाऊ, रीना बाबरिया, शफीक सिद्दकी, पूनाराम डेहरिया, मोहसिन खान, फैमुनिशा सहित कई अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे।
    user_यश भारत
    यश भारत
    Local News Reporter छिंदवाड़ा नगर, छिंदवाड़ा, मध्य प्रदेश•
    19 hrs ago
  • सिवनी जिले में बाढ़ प्रबंधन और आपदा से निपटने की तैयारियों के तहत शुक्रवार को एक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। यह अभ्यास कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना के निर्देशानुसार और डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट होमगार्ड के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। मॉक ड्रिल के दौरान, संभावित बाढ़ की स्थिति में त्वरित और प्रभावी बचाव कार्यों का प्रदर्शन किया गया, जिसमें प्रभावित व्यक्तियों को सुरक्षित निकालने और राहत कार्यों के संचालन की प्रक्रिया का डेमोंस्ट्रेशन शामिल था। इस अभ्यास में लाइफ बॉय, लाइफ जैकेट, बोट, आउटबोर्ड मोटर (ओबीएम) और डीप डाइविंग सेट जैसे आवश्यक बाढ़ बचाव उपकरणों का उपयोग दिखाया गया। प्लाटून कमांडर श्री धनेंद्र अंगारे और एएसआई श्री आनंद कौशल सहित होमगार्ड के कर्मचारी और क्यूआरटी/एसडीईआरएफ के जवान इस आयोजन में उपस्थित रहे। जिला प्रशासन ने जानकारी दी है कि मानसून को देखते हुए सभी संबंधित विभागों को सतर्क रहने और आपदा प्रबंधन के लिए आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इस तरह की मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य आपदा की स्थिति में विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना और त्वरित राहत एवं बचाव कार्यों की क्षमता को मजबूत करना है।
    1
    सिवनी जिले में बाढ़ प्रबंधन और आपदा से निपटने की तैयारियों के तहत शुक्रवार को एक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। यह अभ्यास कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना के निर्देशानुसार और डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट होमगार्ड के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।

मॉक ड्रिल के दौरान, संभावित बाढ़ की स्थिति में त्वरित और प्रभावी बचाव कार्यों का प्रदर्शन किया गया, जिसमें प्रभावित व्यक्तियों को सुरक्षित निकालने और राहत कार्यों के संचालन की प्रक्रिया का डेमोंस्ट्रेशन शामिल था। इस अभ्यास में लाइफ बॉय, लाइफ जैकेट, बोट, आउटबोर्ड मोटर (ओबीएम) और डीप डाइविंग सेट जैसे आवश्यक बाढ़ बचाव उपकरणों का उपयोग दिखाया गया। प्लाटून कमांडर श्री धनेंद्र अंगारे और एएसआई श्री आनंद कौशल सहित होमगार्ड के कर्मचारी और क्यूआरटी/एसडीईआरएफ के जवान इस आयोजन में उपस्थित रहे।

जिला प्रशासन ने जानकारी दी है कि मानसून को देखते हुए सभी संबंधित विभागों को सतर्क रहने और आपदा प्रबंधन के लिए आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इस तरह की मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य आपदा की स्थिति में विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना और त्वरित राहत एवं बचाव कार्यों की क्षमता को मजबूत करना है।
    user_Ramkumar Prajapati
    Ramkumar Prajapati
    Classified ads newspaper publisher कुरई, सिवनी, मध्य प्रदेश•
    8 hrs ago
  • सिवनी की कलेक्टर नेहा मीना ने शुक्रवार, 19 जून को विकासखंड सिवनी के आंगनबाड़ी केंद्र कोहका एवं केकड़वानी का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बच्चों के बीच पहुंचकर उनसे आत्मीय संवाद किया और उनकी शैक्षणिक गतिविधियों का अवलोकन भी किया, साथ ही बच्चों को दिए जा रहे भोजन की गुणवत्ता की भी पड़ताल की। निरीक्षण के दौरान, कलेक्टर ने बच्चों के लिए तैयार किए गए भोजन एवं नाश्ते की गुणवत्ता का स्वयं परीक्षण किया। उन्होंने भोजन चखकर उसके स्वाद, स्वच्छता और गुणवत्ता की जाँच की तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए कि वे निर्धारित मेन्यू के अनुसार पौष्टिक एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराएँ। श्रीमती मीना ने बच्चों से कविताएँ सुनीं और उन्हें एबीसीडी तथा अंक लिखने के लिए प्रोत्साहित किया; बच्चों द्वारा उत्साहपूर्वक कविताएँ सुनाने और अंक एवं अक्षर पहचानकर लिखने पर उन्होंने उनकी सराहना करते हुए शाबाशी दी और उनका उत्साह बढ़ाया। कलेक्टर नेहा मीना ने इस अवसर पर कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों के पोषण, प्रारंभिक शिक्षा और सर्वांगीण विकास की एक मजबूत आधारशिला हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण पोषण, बेहतर शिक्षा और स्नेहपूर्ण वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। निरीक्षण के समापन पर, उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को बच्चों के समग्र विकास के लिए नियमित रूप से नवाचार आधारित गतिविधियाँ आयोजित करने तथा प्रत्येक बच्चे की सीखने की क्षमता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश भी दिए।
    1
    सिवनी की कलेक्टर नेहा मीना ने शुक्रवार, 19 जून को विकासखंड सिवनी के आंगनबाड़ी केंद्र कोहका एवं केकड़वानी का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बच्चों के बीच पहुंचकर उनसे आत्मीय संवाद किया और उनकी शैक्षणिक गतिविधियों का अवलोकन भी किया, साथ ही बच्चों को दिए जा रहे भोजन की गुणवत्ता की भी पड़ताल की।

निरीक्षण के दौरान, कलेक्टर ने बच्चों के लिए तैयार किए गए भोजन एवं नाश्ते की गुणवत्ता का स्वयं परीक्षण किया। उन्होंने भोजन चखकर उसके स्वाद, स्वच्छता और गुणवत्ता की जाँच की तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए कि वे निर्धारित मेन्यू के अनुसार पौष्टिक एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराएँ। श्रीमती मीना ने बच्चों से कविताएँ सुनीं और उन्हें एबीसीडी तथा अंक लिखने के लिए प्रोत्साहित किया; बच्चों द्वारा उत्साहपूर्वक कविताएँ सुनाने और अंक एवं अक्षर पहचानकर लिखने पर उन्होंने उनकी सराहना करते हुए शाबाशी दी और उनका उत्साह बढ़ाया।

कलेक्टर नेहा मीना ने इस अवसर पर कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों के पोषण, प्रारंभिक शिक्षा और सर्वांगीण विकास की एक मजबूत आधारशिला हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण पोषण, बेहतर शिक्षा और स्नेहपूर्ण वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। निरीक्षण के समापन पर, उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को बच्चों के समग्र विकास के लिए नियमित रूप से नवाचार आधारित गतिविधियाँ आयोजित करने तथा प्रत्येक बच्चे की सीखने की क्षमता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश भी दिए।
    user_सरवन वर्मा पत्रकार
    सरवन वर्मा पत्रकार
    Journalist कुरई, सिवनी, मध्य प्रदेश•
    8 hrs ago
  • पांढुर्णा जिले में पर्यावरण और जल संरक्षण के कार्यों से जुड़े नीरज वानखड़े ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर जिले का नाम रोशन किया है। उन्होंने 108 सीताफल के बीजों को एक ही सीड्स बॉल में रखकर देश का सबसे बड़ा सीड्स बॉल तैयार किया है, जिसे इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में शामिल किया गया है। नीरज वानखड़े कई वर्षों से पर्यावरण को हरा-भरा बनाने के लिए सक्रिय रूप से अभियान चला रहे हैं। वह बंजर भूमि, पहाड़ियों और जंगलों में सीड्स बॉल फेंकते हैं, ताकि वहां प्रकृति के अनुकूल नए वृक्ष पनप सकें। इस वर्ष उन्होंने 50 हजार सीताफल और 5 हजार बिहाड़ा व रीठा के बीजों का उपयोग कर कुल 55 हजार सीड्स बॉल बनाने का लक्ष्य सफलतापूर्वक पूरा किया है। उनकी इस पहल का मुख्य उद्देश्य केवल वृक्षारोपण ही नहीं, बल्कि जंगलों के माध्यम से स्थानीय ग्रामीणों के लिए आजीविका के साधन भी जुटाना है। सीताफल के पेड़ों से भविष्य में ग्रामीणों को अतिरिक्त आय प्राप्त होगी, साथ ही वन्य जीवों को प्राकृतिक भोजन भी मिल सकेगा। जल संरक्षण के क्षेत्र में भी नीरज वानखड़े की सक्रियता सराहनीय रही है। वे ग्रामीण क्षेत्रों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग, बोर रिचार्ज और वेस्ट वाटर हार्वेस्टिंग जैसी तकनीकों को बढ़ावा देते हैं। इन महत्वपूर्ण प्रयासों के लिए भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय ने उन्हें 'वाटर हीरो' के खिताब से सम्मानित किया है। इसके अतिरिक्त, कोविड-19 महामारी के दौरान उन्होंने 65 हजार मास्क वितरित कर समाज सेवा का एक अनूठा उदाहरण प्रस्तुत किया था। उस समय भी देश का सबसे लंबा फेस मास्क बनाकर उन्होंने इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराया था। नीरज वानखड़े के ये कार्य आज समाज के हर वर्ग के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गए हैं।
    1
    पांढुर्णा जिले में पर्यावरण और जल संरक्षण के कार्यों से जुड़े नीरज वानखड़े ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर जिले का नाम रोशन किया है। उन्होंने 108 सीताफल के बीजों को एक ही सीड्स बॉल में रखकर देश का सबसे बड़ा सीड्स बॉल तैयार किया है, जिसे इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में शामिल किया गया है।

नीरज वानखड़े कई वर्षों से पर्यावरण को हरा-भरा बनाने के लिए सक्रिय रूप से अभियान चला रहे हैं। वह बंजर भूमि, पहाड़ियों और जंगलों में सीड्स बॉल फेंकते हैं, ताकि वहां प्रकृति के अनुकूल नए वृक्ष पनप सकें। इस वर्ष उन्होंने 50 हजार सीताफल और 5 हजार बिहाड़ा व रीठा के बीजों का उपयोग कर कुल 55 हजार सीड्स बॉल बनाने का लक्ष्य सफलतापूर्वक पूरा किया है।

उनकी इस पहल का मुख्य उद्देश्य केवल वृक्षारोपण ही नहीं, बल्कि जंगलों के माध्यम से स्थानीय ग्रामीणों के लिए आजीविका के साधन भी जुटाना है। सीताफल के पेड़ों से भविष्य में ग्रामीणों को अतिरिक्त आय प्राप्त होगी, साथ ही वन्य जीवों को प्राकृतिक भोजन भी मिल सकेगा।

जल संरक्षण के क्षेत्र में भी नीरज वानखड़े की सक्रियता सराहनीय रही है। वे ग्रामीण क्षेत्रों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग, बोर रिचार्ज और वेस्ट वाटर हार्वेस्टिंग जैसी तकनीकों को बढ़ावा देते हैं। इन महत्वपूर्ण प्रयासों के लिए भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय ने उन्हें 'वाटर हीरो' के खिताब से सम्मानित किया है।

इसके अतिरिक्त, कोविड-19 महामारी के दौरान उन्होंने 65 हजार मास्क वितरित कर समाज सेवा का एक अनूठा उदाहरण प्रस्तुत किया था। उस समय भी देश का सबसे लंबा फेस मास्क बनाकर उन्होंने इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराया था। नीरज वानखड़े के ये कार्य आज समाज के हर वर्ग के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गए हैं।
    user_NILESH KALASKAR
    NILESH KALASKAR
    Farmer Pandhurna, Chhindwara•
    21 hrs ago
  • छिंदवाड़ा जिले में नगर कांग्रेस द्वारा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी जी के जन्मदिन के उपलक्ष्य में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर विधायक सोहनलाल बाल्मीकि और कांग्रेस अध्यक्ष वीर बहादुर सिंह ने मिलकर केक काटा, जिसके बाद एक-दूसरे और उपस्थित कार्यकर्ताओं को मुंह मीठा कराया गया। सभी ने राहुल गांधी जी की दीर्घायु की कामना की। कार्यक्रम में विधायक सोहनलाल बाल्मीकि, नगर कांग्रेस अध्यक्ष वीर बहादुर सिंह, समन्वयक बसंत मालवीय, वरिष्ठ यमुना दुबे, गोविंद चौबे, नगर महिला अध्यक्ष सावित्री वर्मा, और पार्षद पूनम कैथवास, पार्षद प्रतिभा सोनी, पार्षद रुक्मा बसोड जैसे प्रमुख सदस्य मौजूद थे। इनके अलावा, मंजू सोनी, जगदीश चौरसिया, सुरेश डेहरिया, इशाक खान, उत्कर्ष वाल्मीकि, मुकुल दुबे, स्वप्निल करानिया, शंकर लाल साहू, मनीष बैन, बल्ला प्रसाद मदरे, दर्शन अरोरा, अकलाखक ख़ान, अशोक शर्मा, टीकाराम साहू, सुरेन्द्र झाड़े, मोंटी खान, अशोक शर्मा, राजा श्रीवास्तव, बिरजू सैन, श्रीमती भावना साहू, श्रीमती उर्मिला रजक, उमेश हिवसे, पूनाराम डेहरिया, इंदू खान, पप्पू मालवीय, सुधीर यादव, रियाज खान, रामसेवक उइके, शफीक सिद्दकी, सोनू गुप्ता, नफीस खान, धीरज श्रीवास्तव, संजय सोनी, शब्बीर खान, सुरेश भाऊ, शफीक सिद्दकी, पूनाराम डेहरिया और मोहसिन खान फैमुनिशा सहित अन्य कई कार्यकर्ता भी उपस्थित थे। राहुल गांधी जी का जन्मदिन इस दौरान बेहद धूमधाम से मनाया गया।
    1
    छिंदवाड़ा जिले में नगर कांग्रेस द्वारा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी जी के जन्मदिन के उपलक्ष्य में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर विधायक सोहनलाल बाल्मीकि और कांग्रेस अध्यक्ष वीर बहादुर सिंह ने मिलकर केक काटा, जिसके बाद एक-दूसरे और उपस्थित कार्यकर्ताओं को मुंह मीठा कराया गया। सभी ने राहुल गांधी जी की दीर्घायु की कामना की।

कार्यक्रम में विधायक सोहनलाल बाल्मीकि, नगर कांग्रेस अध्यक्ष वीर बहादुर सिंह, समन्वयक बसंत मालवीय, वरिष्ठ यमुना दुबे, गोविंद चौबे, नगर महिला अध्यक्ष सावित्री वर्मा, और पार्षद पूनम कैथवास, पार्षद प्रतिभा सोनी, पार्षद रुक्मा बसोड जैसे प्रमुख सदस्य मौजूद थे। इनके अलावा, मंजू सोनी, जगदीश चौरसिया, सुरेश डेहरिया, इशाक खान, उत्कर्ष वाल्मीकि, मुकुल दुबे, स्वप्निल करानिया, शंकर लाल साहू, मनीष बैन, बल्ला प्रसाद मदरे, दर्शन अरोरा, अकलाखक ख़ान, अशोक शर्मा, टीकाराम साहू, सुरेन्द्र झाड़े, मोंटी खान, अशोक शर्मा, राजा श्रीवास्तव, बिरजू सैन, श्रीमती भावना साहू, श्रीमती उर्मिला रजक, उमेश हिवसे, पूनाराम डेहरिया, इंदू खान, पप्पू मालवीय, सुधीर यादव, रियाज खान, रामसेवक उइके, शफीक सिद्दकी, सोनू गुप्ता, नफीस खान, धीरज श्रीवास्तव, संजय सोनी, शब्बीर खान, सुरेश भाऊ, शफीक सिद्दकी, पूनाराम डेहरिया और मोहसिन खान फैमुनिशा सहित अन्य कई कार्यकर्ता भी उपस्थित थे। राहुल गांधी जी का जन्मदिन इस दौरान बेहद धूमधाम से मनाया गया।
    user_यश भारत
    यश भारत
    Local News Reporter छिंदवाड़ा नगर, छिंदवाड़ा, मध्य प्रदेश•
    19 hrs ago
  • छिंदवाड़ा के लालबाग चौक के पास से एक दिल दहला देने वाली और दुखद खबर सामने आई है, जहाँ आदिवासी समाज की एक होनहार बेटी की बेरहमी से हत्या कर दी गई है। लालबाग चौक के पास स्थित अनिल जायसवाल की बिल्डिंग में हुई इस निर्मम हत्या की शिकार 20 वर्षीय छात्रा निशा हुई के थी। ग्राम खुटिया झांझरिया, चांद थाना क्षेत्र की निवासी निशा गर्ल्स कॉलेज में एमए की पढ़ाई कर रही थी।
    1
    छिंदवाड़ा के लालबाग चौक के पास से एक दिल दहला देने वाली और दुखद खबर सामने आई है, जहाँ आदिवासी समाज की एक होनहार बेटी की बेरहमी से हत्या कर दी गई है। लालबाग चौक के पास स्थित अनिल जायसवाल की बिल्डिंग में हुई इस निर्मम हत्या की शिकार 20 वर्षीय छात्रा निशा हुई के थी। ग्राम खुटिया झांझरिया, चांद थाना क्षेत्र की निवासी निशा गर्ल्स कॉलेज में एमए की पढ़ाई कर रही थी।
    user_Vinod uikey
    Vinod uikey
    Agricultural Seed Store Parasia, Chhindwara•
    7 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.