अवैध ईंट भट्टा संचालन जारी, कोरिया जिले के बैकुंठपुर विकासखंड में प्रशासन बेखबर अवैध ईंट भट्टा संचालन जारी, कोरिया जिले के बैकुंठपुर विकासखंड में प्रशासन बेखबर कोरिया जिले के बैकुंठपुर विकासखंड अंतर्गत विभिन्न ग्राम पंचायतों में इन दिनों अवैध ईंट भट्टों का संचालन धड़ल्ले से जारी है। बिना किसी वैध अनुमति और नियमों का पालन किए ये भट्टे खुलेआम संचालित हो रहे हैं, जिससे पर्यावरण और ग्रामीणों के स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है। क्या है मामला? ग्रामीणों के अनुसार, कई स्थानों पर बिना अनुमति के ईंट भट्टों का निर्माण किया गया है। खास बात यह है कि कुछ भट्टे राष्ट्रीय राजमार्ग-43 के किनारे भी संचालित हो रहे हैं, जो नियमों का सीधा उल्लंघन है। पर्यावरण और स्वास्थ्य पर असर इन अवैध भट्टों से निकलने वाला धुआं आसपास के गांवों में फैल रहा है, जिससे— वायु प्रदूषण बढ़ रहा है लोगों को सांस और आंखों की समस्या हो रही है खेतों की उर्वरता प्रभावित हो रही है विशेषज्ञों का मानना है कि बिना मानक के चलने वाले भट्टे पर्यावरण के लिए बेहद खतरनाक साबित होते हैं। नियमों की अनदेखी ईंट भट्टा संचालन के लिए पर्यावरण विभाग, राजस्व विभाग और स्थानीय प्रशासन से अनुमति आवश्यक होती है, लेकिन इन भट्टों में किसी प्रकार की अनुमति या मापदंडों का पालन नहीं किया जा रहा है। ग्रामीणों में आक्रोश स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार प्रशासन को शिकायत दी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। प्रशासन की चुप्पी पर सवाल इतने बड़े पैमाने पर अवैध संचालन के बावजूद संबंधित विभागों की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है। आखिर किसके संरक्षण में ये अवैध भट्टे संचालित हो रहे हैं? कार्रवाई की मांग ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि— अवैध ईंट भट्टों पर तत्काल रोक लगाई जाए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो पर्यावरण और स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित की जाए अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन कब जागेगा और इस अवैध कारोबार पर लगाम लगाने के लिए क्या कदम उठाएगा।
अवैध ईंट भट्टा संचालन जारी, कोरिया जिले के बैकुंठपुर विकासखंड में प्रशासन बेखबर अवैध ईंट भट्टा संचालन जारी, कोरिया जिले के बैकुंठपुर विकासखंड में प्रशासन बेखबर कोरिया जिले के बैकुंठपुर विकासखंड अंतर्गत विभिन्न ग्राम पंचायतों में इन दिनों अवैध ईंट भट्टों का संचालन धड़ल्ले से जारी है। बिना किसी वैध अनुमति और नियमों का पालन किए ये भट्टे खुलेआम संचालित हो रहे हैं, जिससे पर्यावरण और ग्रामीणों के स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है। क्या है मामला? ग्रामीणों के अनुसार, कई स्थानों पर बिना अनुमति के ईंट भट्टों का निर्माण किया गया है। खास बात यह है कि कुछ भट्टे राष्ट्रीय राजमार्ग-43 के किनारे भी संचालित हो रहे
हैं, जो नियमों का सीधा उल्लंघन है। पर्यावरण और स्वास्थ्य पर असर इन अवैध भट्टों से निकलने वाला धुआं आसपास के गांवों में फैल रहा है, जिससे— वायु प्रदूषण बढ़ रहा है लोगों को सांस और आंखों की समस्या हो रही है खेतों की उर्वरता प्रभावित हो रही है विशेषज्ञों का मानना है कि बिना मानक के चलने वाले भट्टे पर्यावरण के लिए बेहद खतरनाक साबित होते हैं। नियमों की अनदेखी ईंट भट्टा संचालन के लिए पर्यावरण विभाग, राजस्व विभाग और स्थानीय प्रशासन से अनुमति आवश्यक होती है, लेकिन इन भट्टों में किसी प्रकार की अनुमति या मापदंडों का पालन नहीं किया जा रहा है। ग्रामीणों में आक्रोश स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने
कई बार प्रशासन को शिकायत दी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। प्रशासन की चुप्पी पर सवाल इतने बड़े पैमाने पर अवैध संचालन के बावजूद संबंधित विभागों की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है। आखिर किसके संरक्षण में ये अवैध भट्टे संचालित हो रहे हैं? कार्रवाई की मांग ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि— अवैध ईंट भट्टों पर तत्काल रोक लगाई जाए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो पर्यावरण और स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित की जाए अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन कब जागेगा और इस अवैध कारोबार पर लगाम लगाने के लिए क्या कदम उठाएगा।
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- एकाएक हास्पिटल पहुंची मंत्री दुर्व्यवहार व लापरवाही पर जमकर भड़की,,,, मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े अस्पताल में मरीज से दुर्व्यवहार व लापरवाही बरतने पर जमकर भड़की दुर्व्यवहार और लापरवाह करने वाले को जमकर सुनाया नियम कानून का ज्ञान,,,,, दरअसल मातृत्व शिशु अस्पताल में गर्भवती महिला के गर्भ में शिशु की मृत्यु हो जाने पर भी इस गंभीर मामले में जिम्मेदारों द्वारा संज्ञान न लिए जाने पर और समय पर आपरेशन न किए जाने की शिकायत पर अचानक अस्पताल पहुंची मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने जमकर फटकार लगाई,,,, मंत्री ने कहा मेरा ब्लड ले लो,,,, गर्भवती महिला के गर्भ में शिशु की मृत्यु के बाद आपरेशन हेतु ब्लड कि व्यवस्था में लेट लतीफी और दुर्व्यवहार किया गया जिसकी शिकायत किसी ने मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े से कि और इसी दौरान मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े हास्पिटल पहुंची और दुर्व्यवहार व लापरवाही बरतने पर नाराज़गी जताई,,,,, जिला चिकित्सालय स्थित 100 बिस्तरिय मातृत्व शिशु अस्पताल का मामला,,,, *सरगुजा संभाग ब्यूरो चीफ शिव नाथ बघेल रिपोर्ट*1
- Post by Manish Panndey1
- कुसमी में बढ़ा तनाव: आरोपी की गिरफ्तारी न होने पर मुस्लिम समुदाय ने चक्का जाम की चेतावनी बलरामपुर जिले के कुसमी विकासखंड में एक विवादित मामले को लेकर तनाव की स्थिति बन गई है। आरोपी की अब तक गिरफ्तारी नहीं होने से नाराज मुस्लिम समुदाय के लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। स्थानीय स्तर पर बढ़ते असंतोष के बीच समुदाय के प्रतिनिधियों ने प्रशासन को साफ अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया, तो पूरे क्षेत्र में चक्का जाम और उग्र आंदोलन किया जाएगा। जानकारी के अनुसार, हाल ही में हुई एक घटना के बाद से आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर है। आरोप है कि वह खुलेआम घूम रहा है, जिससे लोगों में भय और असुरक्षा का माहौल बन गया है। इस स्थिति ने समुदाय के गुस्से को और अधिक बढ़ा दिया है। समुदाय के लोगों का कहना है कि उन्होंने कई बार पुलिस और प्रशासन को शिकायत दी है और आवश्यक साक्ष्य भी उपलब्ध कराए हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। इससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। आज समुदाय के प्रतिनिधियों ने एक बैठक आयोजित कर आगे की रणनीति तैयार की। बैठक के बाद उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वे अब और इंतजार करने के पक्ष में नहीं हैं। उनका कहना है कि यदि प्रशासन ने समय रहते कार्रवाई नहीं की, तो वे सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। प्रतिनिधियों ने कहा, “हमने हमेशा शांति और कानून का सम्मान किया है, लेकिन हमारी सहनशीलता को कमजोरी न समझा जाए। यदि आरोपी को जल्द गिरफ्तार नहीं किया गया, तो कल चक्का जाम किया जाएगा और इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।” इस चेतावनी के बाद क्षेत्र में स्थिति और अधिक संवेदनशील हो गई है। स्थानीय नागरिकों का भी मानना है कि यदि जल्द ही कोई समाधान नहीं निकाला गया, तो स्थिति और बिगड़ सकती है। पुलिस और प्रशासन के लिए यह एक चुनौतीपूर्ण स्थिति बन गई है, जहां उन्हें कानून व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ लोगों के विश्वास को भी कायम रखना होगा। फिलहाल कुसमी क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है और सभी की नजरें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए, तो यह मामला बड़े आंदोलन का रूप ले सकता है। कुल मिलाकर, यह घटना प्रशासन के लिए एक महत्वपूर्ण परीक्षा है, जिसमें त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई ही स्थिति को सामान्य बना सकती है और क्षेत्र में शांति स्थापित कर सकती है।1
- ब्रेकिंग न्यूज़ (रिपोर्ट ): ग्राम पंचायत केशवपुर, जनपद पंचायत अम्बिकापुर के आंगनबाड़ी केंद्र में मूलभूत सुविधाओं की भारी कमी सामने आई है। केंद्र की सहायिका ने बताया कि आंगनबाड़ी परिसर में बाउंड्रीवाल नहीं होने के कारण सुरक्षा की समस्या बनी हुई है। इसके अलावा, बिजली कनेक्शन होने के बावजूद केंद्र में बल्ब तक नहीं लगाए गए हैं, जिससे अंधेरा बना रहता है और बच्चों व कर्मचारियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने गले में खराश और खांसी के कारण बयान देने में असमर्थता जताई, जिसके बाद सहायिका ने ही केंद्र की समस्याओं को सामने रखा। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द इन समस्याओं के समाधान की मांग की है, ताकि बच्चों को सुरक्षित और बेहतर वातावरण मिल सके। रिपोर्ट: हिमांशु राज, एमडी न्यूज़, अम्बिकापुर 📞 7805838076.4
- pendra se korba new lain rellbe gaorela se bhadi estesan tak trail huaa 30/03/20261
- Post by Dhanesh yadav2
- जिला बलरामपुर रामानुजगंज लोकेशन............बलरामपुर स्लग....निलंबित एसडीएम डहरिया को रिमांड पर लेकर पहुंची पुलिस, आक्रोशित ग्रामीणों ने घेरा काफिला एंकर...बलरामपुर। कुसमी के तत्कालीन एसडीएम करुण डहरिया द्वारा ग्रामीण के साथ कथित मारपीट और उसके बाद हुई मौत का मामला अब और गरमा गया है। बुधवार को जब पुलिस आरोपी डहरिया को रिमांड पर लेकर पूछताछ के लिए कुसमी पहुंची, तो ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। जैसे ही ग्रामीणों को खबर मिली कि आरोपी पूर्व एसडीएम को क्षेत्र में लाया गया है, बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए। आक्रोशित भीड़ ने पुलिस के वाहनों को रोक लिया और "एसडीएम को फांसी दो" के नारे लगाते हुए जमकर विरोध प्रदर्शन किया। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। आरोप है कि करुण डहरिया ने एक ग्रामीण के साथ बेरहमी से मारपीट की थी, जिसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। इस घटना के बाद शासन ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था और पुलिस ने हत्या सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया था। मौके पर पहुंचे वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों को निष्पक्ष जांच और सख्त कानूनी कार्रवाई का आश्वासन देकर मामला शांत कराया। एहतियात के तौर पर पूरे कुसमी इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। मृतक के परिजनों ने स्पष्ट किया है कि जब तक पूर्ण न्याय नहीं मिलता, उनका संघर्ष जारी रहेगा। रिपोर्ट: अली खान, जिला ब्यूरो1