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निलंबित एसडीएम डहरिया को रिमांड पर लेकर पहुंची पुलिस, आक्रोशित ग्रामीणों ने घेरा काफिला जिला बलरामपुर रामानुजगंज लोकेशन............बलरामपुर स्लग....निलंबित एसडीएम डहरिया को रिमांड पर लेकर पहुंची पुलिस, आक्रोशित ग्रामीणों ने घेरा काफिला ​एंकर...बलरामपुर। कुसमी के तत्कालीन एसडीएम करुण डहरिया द्वारा ग्रामीण के साथ कथित मारपीट और उसके बाद हुई मौत का मामला अब और गरमा गया है। बुधवार को जब पुलिस आरोपी डहरिया को रिमांड पर लेकर पूछताछ के लिए कुसमी पहुंची, तो ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। जैसे ही ग्रामीणों को खबर मिली कि आरोपी पूर्व एसडीएम को क्षेत्र में लाया गया है, बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए। आक्रोशित भीड़ ने पुलिस के वाहनों को रोक लिया और "एसडीएम को फांसी दो" के नारे लगाते हुए जमकर विरोध प्रदर्शन किया। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। आरोप है कि करुण डहरिया ने एक ग्रामीण के साथ बेरहमी से मारपीट की थी, जिसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। इस घटना के बाद शासन ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था और पुलिस ने हत्या सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया था। मौके पर पहुंचे वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों को निष्पक्ष जांच और सख्त कानूनी कार्रवाई का आश्वासन देकर मामला शांत कराया। एहतियात के तौर पर पूरे कुसमी इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। मृतक के परिजनों ने स्पष्ट किया है कि जब तक पूर्ण न्याय नहीं मिलता, उनका संघर्ष जारी रहेगा। ​रिपोर्ट: अली खान, जिला ब्यूरो

2 hrs ago
user_Ali Khan
Ali Khan
बलरामपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
2 hrs ago

निलंबित एसडीएम डहरिया को रिमांड पर लेकर पहुंची पुलिस, आक्रोशित ग्रामीणों ने घेरा काफिला जिला बलरामपुर रामानुजगंज लोकेशन............बलरामपुर स्लग....निलंबित एसडीएम डहरिया को रिमांड पर लेकर पहुंची पुलिस, आक्रोशित ग्रामीणों ने घेरा काफिला ​एंकर...बलरामपुर। कुसमी के तत्कालीन एसडीएम करुण डहरिया द्वारा ग्रामीण के साथ कथित मारपीट और उसके बाद हुई मौत का मामला अब और गरमा गया है। बुधवार को जब पुलिस आरोपी डहरिया को रिमांड पर लेकर पूछताछ के लिए कुसमी पहुंची, तो ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। जैसे ही ग्रामीणों को खबर मिली कि आरोपी पूर्व एसडीएम को क्षेत्र में लाया गया है, बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए। आक्रोशित भीड़ ने पुलिस के वाहनों को रोक लिया और "एसडीएम को फांसी दो" के नारे लगाते हुए जमकर विरोध प्रदर्शन किया। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। आरोप है कि करुण डहरिया ने एक ग्रामीण के साथ बेरहमी से मारपीट की थी, जिसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। इस घटना के बाद शासन ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था और पुलिस ने हत्या सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया था। मौके पर पहुंचे वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों को निष्पक्ष जांच और सख्त कानूनी कार्रवाई का आश्वासन देकर मामला शांत कराया। एहतियात के तौर पर पूरे कुसमी इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। मृतक के परिजनों ने स्पष्ट किया है कि जब तक पूर्ण न्याय नहीं मिलता, उनका संघर्ष जारी रहेगा। ​रिपोर्ट: अली खान, जिला ब्यूरो

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  • ..बलरामपुर: 'रक्षक ही बने भक्षक?' बेलकोना के हणहा जंगल में हजारों पेड़ों की बलि, वन भूमि पर भू-माफियाओं का कब्जा एंकर...​शंकरगढ़, बलरामपुर। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में इन दिनों 'जल, जंगल और जमीन' को बचाने के दावों की हवा निकलती दिखाई दे रही है। ताजा मामला शंकरगढ़ वन परिक्षेत्र के बेलकोना गांव का है, जहां कभी बेशकीमती पेड़ों से लदा हणहा जंगल आज भू-माफियाओं और अवैध कब्जेधारियों की भेंट चढ़ चुका है। आरोप है कि यहाँ हजारों पेड़ों की बेरहमी से कटाई कर सैकड़ों एकड़ वन भूमि पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया गया है बीओ01..​हैरानी की बात यह है कि जिस जंगल को बचाने के लिए शासन हर साल करोड़ों रुपए खर्च करता है, उसे चंद रसूखदारों ने अधिकारियों की नाक के नीचे उजाड़ दिया। ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि इस पूरे खेल में वन विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध है। जंगल की जमीन की खुलेआम 'सौदेबाजी' की गई और उसे खेती या अन्य कार्यों के लिए बेच दिया गया, जबकि विभाग मूकदर्शक बना रहा। ​ बीओ 02..​स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यह जंगल उनके जीवन का अभिन्न हिस्सा है। ग्रामीणों के अनुसार: ​जंगल कटने से क्षेत्र का जलस्तर गिर रहा है।​मवेशियों के लिए चारा और लकड़ी का संकट खड़ा हो गया है।​पर्यावरण को अपूरणीय क्षति हो रही है। बीओ3...​सर्व आदिवासी समाज के जिला अध्यक्ष बसंत कुजूर ने भी इस मामले में तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उनका कहना है कि आदिवासियों और जंगल का अटूट रिश्ता है, लेकिन यहाँ प्रशासन की मिलीभगत से वन संपदा को लूटा जा रहा है। बीओ04.....​बेलकोना का यह मामला केवल पेड़ों की कटाई तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक बड़े सिंडिकेट की ओर इशारा कर रहा है जो सरकारी जमीनों और जंगलों को अपना निशाना बना रहा है। अब सवाल यह उठता है कि: ​क्या शासन इन अवैध कब्जों को हटाकर फिर से वहां वृक्षारोपण कराएगा? ​दोषी अधिकारियों और भू-माफियाओं पर कड़ी कार्रवाई होगी या फाइल ठंडे बस्ते में डाल दी जाएगी? ​फिलहाल, ग्रामीणों की नजरें अब जिला प्रशासन और उच्च अधिकारियों की कार्रवाई पर टिकी हैं। अगर समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो वह दिन दूर नहीं जब बेलकोना का नक्शा पूरी तरह बदल जाएगा और जंगल सिर्फ कागजों तक सीमित रह जाएगा। ​रिपोर्ट: अली खान, जिला ब्यूरो
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    ..बलरामपुर: 'रक्षक ही बने भक्षक?' बेलकोना के हणहा जंगल में हजारों पेड़ों की बलि, वन भूमि पर भू-माफियाओं का कब्जा
एंकर...​शंकरगढ़, बलरामपुर। छत्तीसगढ़ के
बलरामपुर जिले में इन दिनों 'जल, जंगल और जमीन' को बचाने के दावों की हवा निकलती दिखाई दे रही है। ताजा मामला शंकरगढ़ वन परिक्षेत्र के बेलकोना गांव का है, जहां कभी बेशकीमती पेड़ों से लदा हणहा जंगल आज भू-माफियाओं और अवैध कब्जेधारियों की भेंट चढ़ चुका है। आरोप है कि यहाँ हजारों पेड़ों की बेरहमी से कटाई कर सैकड़ों एकड़ वन भूमि पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया गया है
बीओ01..​हैरानी की बात यह है कि जिस जंगल को बचाने के लिए शासन हर साल करोड़ों रुपए खर्च करता है, उसे चंद रसूखदारों ने अधिकारियों की नाक के नीचे उजाड़ दिया। ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि इस पूरे खेल में वन विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध है। जंगल की जमीन की खुलेआम 'सौदेबाजी' की गई और उसे खेती या अन्य कार्यों के लिए बेच दिया गया, जबकि विभाग मूकदर्शक बना रहा।
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बीओ 02..​स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यह जंगल उनके जीवन का अभिन्न हिस्सा है। ग्रामीणों के अनुसार:
​जंगल कटने से क्षेत्र का जलस्तर गिर रहा है।​मवेशियों के लिए चारा और लकड़ी का संकट खड़ा हो गया है।​पर्यावरण को अपूरणीय क्षति हो रही है।
बीओ3...​सर्व आदिवासी समाज के जिला अध्यक्ष बसंत कुजूर ने भी इस मामले में तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उनका कहना है कि आदिवासियों और जंगल का अटूट रिश्ता है, लेकिन यहाँ प्रशासन की मिलीभगत से वन संपदा को लूटा जा रहा है।
बीओ04.....​बेलकोना का यह मामला केवल पेड़ों की कटाई तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक बड़े सिंडिकेट की ओर इशारा कर रहा है जो सरकारी जमीनों और जंगलों को अपना निशाना बना रहा है। अब सवाल यह उठता है कि:
​क्या शासन इन अवैध कब्जों को हटाकर फिर से वहां वृक्षारोपण कराएगा?
​दोषी अधिकारियों और भू-माफियाओं पर कड़ी कार्रवाई होगी या फाइल ठंडे बस्ते में डाल दी जाएगी?
​फिलहाल, ग्रामीणों की नजरें अब जिला प्रशासन और उच्च अधिकारियों की कार्रवाई पर टिकी हैं। अगर समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो वह दिन दूर नहीं जब बेलकोना का नक्शा पूरी तरह बदल जाएगा और जंगल सिर्फ कागजों तक सीमित रह जाएगा।
​रिपोर्ट: अली खान, जिला ब्यूरो
    user_Ali Khan
    Ali Khan
    बलरामपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    50 min ago
  • Post by Ratan Choudhry
    1
    Post by Ratan Choudhry
    user_Ratan Choudhry
    Ratan Choudhry
    बलरामपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    5 hrs ago
  • बहुचर्चित हंसपुर घटनाक्रम पर नया अपडेट...
    1
    बहुचर्चित हंसपुर घटनाक्रम पर नया अपडेट...
    user_Ghanshyam soni
    Ghanshyam soni
    बलरामपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    5 hrs ago
  • बलरामपुर जिले से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जहां जंगलों की सुरक्षा पर ही सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि शंकरगढ़ वन परिक्षेत्र के बेलकोना गांव में हजारों पेड़ों की कटाई कर वन भूमि पर अवैध कब्जा किया जा रहा है। इतना ही नहीं, इस पूरे मामले में जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध बताई जा रही है। बलरामपुर जिले में इन दिनों अवैध कब्जा और जमीन हथियाने का खेल तेजी से बढ़ता जा रहा है। कहीं फर्जी पट्टे जारी हो रहे हैं, तो कहीं जंगलों को काटकर वन भूमि पर कब्जा किया जा रहा है। इसी कड़ी में एक मामला शंकरगढ़ वन परिक्षेत्र के बेलकोना गांव से सामने आया है, जहां कभी हजारों बेशकीमती पेड़ों से भरा हणहा जंगल आज उजड़ने की कगार पर पहुंच चुका है। आरोप है कि जंगल की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालने वाले ही इस पूरे खेल में शामिल हो गए। सैकड़ों से हजारों एकड़ वन भूमि की सौदेबाजी कर उसे बेच दिया गया और धीरे-धीरे उस पर कब्जा कर लिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि यह अवैध कटाई और कब्जा लंबे समय से चल रहा था, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने कभी गंभीरता नहीं दिखाई। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो पूरा जंगल खत्म हो जाएगा। ग्रामीणों के मुताबिक यह जंगल ही उनके जीवन का आधार है, जहां से उन्हें पानी, लकड़ी और रोज़गार मिलता है। लेकिन अब हालात ऐसे बन गए हैं कि जंगल खुद मदद की गुहार लगा रहा है। इस पूरे मामले ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर जब जंगल काटा जा रहा था तब जिम्मेदार अधिकारी कहां थे? क्या यह सब उनकी जानकारी में हो रहा था, या फिर जानबूझकर अनदेखी की गई? अब देखना यह होगा कि इस पूरे मामले में प्रशासन और वन विभाग क्या कार्रवाई करता है, और क्या उजड़ते जंगल को बचाने के लिए कोई ठोस कदम उठाए जाएंगे।
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    बलरामपुर जिले से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जहां जंगलों की सुरक्षा पर ही सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि शंकरगढ़ वन परिक्षेत्र के बेलकोना गांव में हजारों पेड़ों की कटाई कर वन भूमि पर अवैध कब्जा किया जा रहा है। इतना ही नहीं, इस पूरे मामले में जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध बताई जा रही है।
बलरामपुर जिले में इन दिनों अवैध कब्जा और जमीन हथियाने का खेल तेजी से बढ़ता जा रहा है। कहीं फर्जी पट्टे जारी हो रहे हैं, तो कहीं जंगलों को काटकर वन भूमि पर कब्जा किया जा रहा है।
इसी कड़ी में एक मामला शंकरगढ़ वन परिक्षेत्र के बेलकोना गांव से सामने आया है, जहां कभी हजारों बेशकीमती पेड़ों से भरा हणहा जंगल आज उजड़ने की कगार पर पहुंच चुका है।
आरोप है कि जंगल की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालने वाले ही इस पूरे खेल में शामिल हो गए। सैकड़ों से हजारों एकड़ वन भूमि की सौदेबाजी कर उसे बेच दिया गया और धीरे-धीरे उस पर कब्जा कर लिया गया।
ग्रामीणों का कहना है कि यह अवैध कटाई और कब्जा लंबे समय से चल रहा था, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने कभी गंभीरता नहीं दिखाई।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो पूरा जंगल खत्म हो जाएगा।
ग्रामीणों के मुताबिक यह जंगल ही उनके जीवन का आधार है, जहां से उन्हें पानी, लकड़ी और रोज़गार मिलता है।
लेकिन अब हालात ऐसे बन गए हैं कि जंगल खुद मदद की गुहार लगा रहा है।
इस पूरे मामले ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर जब जंगल काटा जा रहा था तब जिम्मेदार अधिकारी कहां थे? क्या यह सब उनकी जानकारी में हो रहा था, या फिर जानबूझकर अनदेखी की गई?
अब देखना यह होगा कि इस पूरे मामले में प्रशासन और वन विभाग क्या कार्रवाई करता है, और क्या उजड़ते जंगल को बचाने के लिए कोई ठोस कदम उठाए जाएंगे।
    user_Shoaib Siddiqui
    Shoaib Siddiqui
    Local News Reporter बलरामपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    6 hrs ago
  • एंकर..बलरामपुर जिले से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जहां जंगलों की सुरक्षा पर ही सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि शंकरगढ़ वन परिक्षेत्र के बेलकोना गांव में हजारों पेड़ों की कटाई कर वन भूमि पर अवैध कब्जा किया जा रहा है। इतना ही नहीं, इस पूरे मामले में जिम्मेदारों की भूमिका भी संदिग्ध बताई जा रही है। विओ. 01 बलरामपुर जिले में इन दिनों अवैध कब्जा और जमीन हथियाने का खेल तेजी से बढ़ता जा रहा है। कहीं फर्जी पट्टे जारी हो रहे हैं, तो कहीं जंगलों को काटकर वन भूमि पर कब्जा किया जा रहा है। इसी कडी मे एक मामला शंकरगढ़ वन परिक्षेत्र के बेलकोना गांव का है… जहां कभी हजारों बेशकीमती पेड़ों से भरा हणहा जंगल आज उजड़ने की कगार पर पहुंच चुका है। आरोप है कि जंगल की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालने वाले ही इस पूरे खेल में शामिल हो गए। सैकड़ों-हजारों एकड़ वन भूमि को सौदेबाजी कर बेच दिया गया… और धीरे-धीरे इस पर कब्जा कर लिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि यह अवैध कटाई और कब्जा लंबे समय से चल रहा था… लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने कभी गंभीरता नहीं दिखाई। विओ..02हमारा जंगल खत्म हो रहा है… पेड़ काट दिए गए हैं… अगर अभी कार्रवाई नहीं हुई तो सब बर्बाद हो जाएगा।स्थानीय लोगों में इस मामले को लेकर भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि जंगल ही उनका जीवन है यहीं से उन्हें पानी, लकड़ी और रोज़गार मिलता है। लेकिन अब हालात ऐसे हैं कि जंगल खुद मदद की गुहार लगा रहा है… इस पूरे मामले ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर जब जंगल काटा जा रहा था… तब जिम्मेदार कहां थे? क्या यह सब उनकी जानकारी में हो रहा था… या फिर जानबूझकर अनदेखी की ग
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    एंकर..बलरामपुर जिले से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जहां जंगलों की सुरक्षा पर ही सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि शंकरगढ़ वन परिक्षेत्र के बेलकोना गांव में हजारों पेड़ों की कटाई कर वन भूमि पर अवैध कब्जा किया जा रहा है। इतना ही नहीं, इस पूरे मामले में जिम्मेदारों की भूमिका भी संदिग्ध बताई जा रही है।
विओ. 01 बलरामपुर जिले में इन दिनों अवैध कब्जा और जमीन हथियाने का खेल तेजी से बढ़ता जा रहा है। कहीं फर्जी पट्टे जारी हो रहे हैं, तो कहीं जंगलों को काटकर वन भूमि पर कब्जा किया जा रहा है।
इसी कडी मे एक मामला शंकरगढ़ वन परिक्षेत्र के बेलकोना गांव का है… जहां कभी हजारों बेशकीमती पेड़ों से भरा हणहा जंगल आज उजड़ने की कगार पर पहुंच चुका है।
आरोप है कि जंगल की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालने वाले ही इस पूरे खेल में शामिल हो गए। सैकड़ों-हजारों एकड़ वन भूमि को सौदेबाजी कर बेच दिया गया… और धीरे-धीरे इस पर कब्जा कर लिया गया।
ग्रामीणों का कहना है कि यह अवैध कटाई और कब्जा लंबे समय से चल रहा था… लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने कभी गंभीरता नहीं दिखाई।
विओ..02हमारा जंगल खत्म हो रहा है… पेड़ काट दिए गए हैं… अगर अभी कार्रवाई नहीं हुई तो सब बर्बाद हो जाएगा।स्थानीय लोगों में इस मामले को लेकर भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि जंगल ही उनका जीवन है यहीं से उन्हें पानी, लकड़ी और रोज़गार मिलता है।
लेकिन अब हालात ऐसे हैं कि जंगल खुद मदद की गुहार लगा रहा है…
इस पूरे मामले ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर जब जंगल काटा जा रहा था… तब जिम्मेदार कहां थे? क्या यह सब उनकी जानकारी में हो रहा था… या फिर जानबूझकर अनदेखी की ग
    user_Vijay Singh
    Vijay Singh
    बलरामपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    22 hrs ago
  • Post by Mr Dayashankar Yadav
    2
    Post by Mr Dayashankar Yadav
    user_Mr Dayashankar Yadav
    Mr Dayashankar Yadav
    Local News Reporter शंकरगढ़, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    1 day ago
  • #समुदायों के बीच पीने की पानी को लेकर बहुत बड़ी संकट खड़ी हो चुकी है। साथ ही कुछ दबंगों के द्वारा भी जनजाति को दबाया जा रहा है। जो बिल्कुल गलत है। आजाद भारत में रहने चलने और हक सबको है।
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    #समुदायों के बीच पीने की पानी को लेकर बहुत बड़ी संकट खड़ी हो चुकी है। साथ ही कुछ दबंगों के द्वारा भी जनजाति को दबाया जा रहा है। जो बिल्कुल गलत है। आजाद भारत में रहने चलने और हक सबको है।
    user_Varta_by_anup
    Varta_by_anup
    Youth organisation चिनिया, गढ़वा, झारखंड•
    1 hr ago
  • जिला बलरामपुर रामानुजगंज लोकेशन............बलरामपुर स्लग....निलंबित एसडीएम डहरिया को रिमांड पर लेकर पहुंची पुलिस, आक्रोशित ग्रामीणों ने घेरा काफिला ​एंकर...बलरामपुर। कुसमी के तत्कालीन एसडीएम करुण डहरिया द्वारा ग्रामीण के साथ कथित मारपीट और उसके बाद हुई मौत का मामला अब और गरमा गया है। बुधवार को जब पुलिस आरोपी डहरिया को रिमांड पर लेकर पूछताछ के लिए कुसमी पहुंची, तो ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। जैसे ही ग्रामीणों को खबर मिली कि आरोपी पूर्व एसडीएम को क्षेत्र में लाया गया है, बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए। आक्रोशित भीड़ ने पुलिस के वाहनों को रोक लिया और "एसडीएम को फांसी दो" के नारे लगाते हुए जमकर विरोध प्रदर्शन किया। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। आरोप है कि करुण डहरिया ने एक ग्रामीण के साथ बेरहमी से मारपीट की थी, जिसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। इस घटना के बाद शासन ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था और पुलिस ने हत्या सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया था। मौके पर पहुंचे वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों को निष्पक्ष जांच और सख्त कानूनी कार्रवाई का आश्वासन देकर मामला शांत कराया। एहतियात के तौर पर पूरे कुसमी इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। मृतक के परिजनों ने स्पष्ट किया है कि जब तक पूर्ण न्याय नहीं मिलता, उनका संघर्ष जारी रहेगा। ​रिपोर्ट: अली खान, जिला ब्यूरो
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    जिला बलरामपुर रामानुजगंज 
लोकेशन............बलरामपुर
स्लग....निलंबित एसडीएम डहरिया को रिमांड पर लेकर पहुंची पुलिस, आक्रोशित ग्रामीणों ने घेरा काफिला
​एंकर...बलरामपुर। कुसमी के तत्कालीन एसडीएम करुण डहरिया द्वारा ग्रामीण के साथ कथित मारपीट और उसके बाद हुई मौत का मामला अब और गरमा गया है। बुधवार को जब पुलिस आरोपी डहरिया को रिमांड पर लेकर पूछताछ के लिए कुसमी पहुंची, तो ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा।
जैसे ही ग्रामीणों को खबर मिली कि आरोपी पूर्व एसडीएम को क्षेत्र में लाया गया है, बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए। आक्रोशित भीड़ ने पुलिस के वाहनों को रोक लिया और "एसडीएम को फांसी दो" के नारे लगाते हुए जमकर विरोध प्रदर्शन किया। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी।
आरोप है कि करुण डहरिया ने एक ग्रामीण के साथ बेरहमी से मारपीट की थी, जिसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। इस घटना के बाद शासन ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था और पुलिस ने हत्या सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया था।
मौके पर पहुंचे वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों को निष्पक्ष जांच और सख्त कानूनी कार्रवाई का आश्वासन देकर मामला शांत कराया। एहतियात के तौर पर पूरे कुसमी इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। मृतक के परिजनों ने स्पष्ट किया है कि जब तक पूर्ण न्याय नहीं मिलता, उनका संघर्ष जारी रहेगा।
​रिपोर्ट: अली खान, जिला ब्यूरो
    user_Ali Khan
    Ali Khan
    बलरामपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    2 hrs ago
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