logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

आदिम जनजातियों के गांव में पेयजल की संकट #समुदायों के बीच पीने की पानी को लेकर बहुत बड़ी संकट खड़ी हो चुकी है। साथ ही कुछ दबंगों के द्वारा भी जनजाति को दबाया जा रहा है। जो बिल्कुल गलत है। आजाद भारत में रहने चलने और हक सबको है।

2 hrs ago
user_Varta_by_anup
Varta_by_anup
Youth organisation चिनिया, गढ़वा, झारखंड•
2 hrs ago

आदिम जनजातियों के गांव में पेयजल की संकट #समुदायों के बीच पीने की पानी को लेकर बहुत बड़ी संकट खड़ी हो चुकी है। साथ ही कुछ दबंगों के द्वारा भी जनजाति को दबाया जा रहा है। जो बिल्कुल गलत है। आजाद भारत में रहने चलने और हक सबको है।

More news from झारखंड and nearby areas
  • #समुदायों के बीच पीने की पानी को लेकर बहुत बड़ी संकट खड़ी हो चुकी है। साथ ही कुछ दबंगों के द्वारा भी जनजाति को दबाया जा रहा है। जो बिल्कुल गलत है। आजाद भारत में रहने चलने और हक सबको है।
    1
    #समुदायों के बीच पीने की पानी को लेकर बहुत बड़ी संकट खड़ी हो चुकी है। साथ ही कुछ दबंगों के द्वारा भी जनजाति को दबाया जा रहा है। जो बिल्कुल गलत है। आजाद भारत में रहने चलने और हक सबको है।
    user_Varta_by_anup
    Varta_by_anup
    Youth organisation चिनिया, गढ़वा, झारखंड•
    2 hrs ago
  • हेमंत कुमार की रिपोर्ट चिनियां प्रखंड मुख्यालय में सोमवार देर रात आए बेमौसम आंधी-तूफान और झमाझम बारिश ने जमकर तबाही मचाई। इस अचानक बदले मौसम ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। खेतों में काटकर रखी गई गेहूं की फसल भीगकर खराब हो गई, वहीं पैक कर तैयार रखे गए अनाज को भी भारी नुकसान झेलना पड़ा। फसल में दोबारा नमी आ जाने से किसानों की चिंता और बढ़ गई है। तेज हवा के साथ आए तूफान ने इलाके में कई जगह पेड़ों की डालियां तोड़ दीं। इसी दौरान एक पेड़ की बड़ी डाली 4400 वोल्ट की बिजली तार पर गिर गई, जिससे पूरे प्रखंड में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। अंधेरे में डूबे इलाके में नेटवर्क सेवा भी घंटों ठप रही, जिससे लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। हालांकि, बिजली विभाग की टीम ने पूरी रात मेहनत कर मंगलवार सुबह करीब 6 बजे बिजली आपूर्ति बहाल कर दी। इसके बाद लोगों ने राहत की सांस ली, लेकिन किसानों के चेहरे पर अभी भी नुकसान की चिंता साफ झलक रही है।
    1
    हेमंत कुमार की रिपोर्ट
चिनियां प्रखंड मुख्यालय में सोमवार देर रात आए बेमौसम आंधी-तूफान और झमाझम बारिश ने जमकर तबाही मचाई। इस अचानक बदले मौसम ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। खेतों में काटकर रखी गई गेहूं की फसल भीगकर खराब हो गई, वहीं पैक कर तैयार रखे गए अनाज को भी भारी नुकसान झेलना पड़ा। फसल में दोबारा नमी आ जाने से किसानों की चिंता और बढ़ गई है।
तेज हवा के साथ आए तूफान ने इलाके में कई जगह पेड़ों की डालियां तोड़ दीं। इसी दौरान एक पेड़ की बड़ी डाली 4400 वोल्ट की बिजली तार पर गिर गई, जिससे पूरे प्रखंड में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। अंधेरे में डूबे इलाके में नेटवर्क सेवा भी घंटों ठप रही, जिससे लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
हालांकि, बिजली विभाग की टीम ने पूरी रात मेहनत कर मंगलवार सुबह करीब 6 बजे बिजली आपूर्ति बहाल कर दी। इसके बाद लोगों ने राहत की सांस ली, लेकिन किसानों के चेहरे पर अभी भी नुकसान की चिंता साफ झलक रही है।
    user_Hemant Kumar
    Hemant Kumar
    चिनिया, गढ़वा, झारखंड•
    20 hrs ago
  • भारत देश में आम जनता को बोलता है ,कि कानून के दयरे में रह कर काम करे। लेकिन कानून के रखवाले को क्या इस बात का ज्ञान नहीं दिया जाता है l की वर्दी की यही खासियत है , जो लोग पहन लेगा वह इसी प्रकार का बात करेगा l
    1
    भारत देश में आम जनता को बोलता है ,कि कानून के दयरे  में रह कर काम करे। लेकिन कानून के रखवाले को क्या इस बात का ज्ञान नहीं दिया जाता है l की वर्दी की यही खासियत है , जो लोग पहन लेगा वह इसी प्रकार का बात करेगा l
    user_Ramashankar sharma
    Ramashankar sharma
    Voice of people गढ़वा, गढ़वा, झारखंड•
    1 hr ago
  • नालंदा के नूरसराय में बीच सड़क पर एक महिला के साथ हुई दरिंदगी ने पूरे बिहार को शर्मसार कर दिया है। यह सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि कानून-व्यवस्था की पूरी तरह विफलता का प्रमाण है। आज हालात इतने भयावह हैं कि बिहार में महिलाओं की सुरक्षा सबसे बड़ा सवाल बन चुकी है। हैरानी की बात यह है कि जब नीतीश कुमार के अपने गृह जिले में ही ऐसी घटनाएं हो रही हैं, तो बाकी प्रदेश का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। बिहार ने ऐसी बदहाली शायद पहले कभी नहीं देखी। अपराधियों के हौसले इसलिए बुलंद हैं क्योंकि उन्हें सत्ता का संरक्षण मिला हुआ है और प्रशासन पूरी तरह मूकदर्शक बना हुआ है। अब वक्त आ गया है कि सरकार जवाब दे आखिर कब तक बिहार की माँ-बहनों की अस्मिता यूँ सड़कों पर तार-तार होती रहेगी? कब जागेगा प्रशासन ?
    1
    नालंदा के नूरसराय में बीच सड़क पर एक महिला के साथ हुई दरिंदगी ने पूरे बिहार को शर्मसार कर दिया है। यह सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि कानून-व्यवस्था की पूरी तरह विफलता का प्रमाण है। आज हालात इतने भयावह हैं कि बिहार में महिलाओं की सुरक्षा सबसे बड़ा सवाल बन चुकी है। हैरानी की बात यह है कि जब नीतीश कुमार के अपने गृह जिले में ही ऐसी घटनाएं हो रही हैं, तो बाकी प्रदेश का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। बिहार ने ऐसी बदहाली शायद पहले कभी नहीं देखी। अपराधियों के हौसले इसलिए बुलंद हैं क्योंकि उन्हें सत्ता का संरक्षण मिला हुआ है और प्रशासन पूरी तरह मूकदर्शक बना हुआ है। अब वक्त आ गया है कि सरकार जवाब दे आखिर कब तक बिहार की माँ-बहनों की अस्मिता यूँ सड़कों पर तार-तार होती रहेगी? कब जागेगा प्रशासन ?
    user_Active line News
    Active line News
    Court reporter गढ़वा, गढ़वा, झारखंड•
    2 hrs ago
  • धुरकी नाइट क्रिक्रेट टूर्नामेंट में धुरकी थाना प्रभारी जनार्दन राऊत ने मैच के उद्धघाटन किए
    1
    धुरकी नाइट क्रिक्रेट टूर्नामेंट में धुरकी थाना प्रभारी जनार्दन राऊत ने मैच के उद्धघाटन किए
    user_Men of jharkhand
    Men of jharkhand
    Court reporter धुरकी, गढ़वा, झारखंड•
    7 hrs ago
  • मैन रोड़ गढ़वा GP प्लाजा के पास गुप्ता आईटी सॉल्यूशन सेकंड हैंड लैपटॉप मात्रा 10 हाजरा में मिल रहा है जिसका फायदा आप जरूर उठाए
    1
    मैन रोड़ गढ़वा GP प्लाजा के पास गुप्ता आईटी सॉल्यूशन सेकंड हैंड लैपटॉप मात्रा 10 हाजरा में मिल रहा है जिसका फायदा आप जरूर उठाए
    user_Green Line News, Md Mostaque
    Green Line News, Md Mostaque
    पत्रकार गढ़वा, गढ़वा, झारखंड•
    22 hrs ago
  • ..बलरामपुर: 'रक्षक ही बने भक्षक?' बेलकोना के हणहा जंगल में हजारों पेड़ों की बलि, वन भूमि पर भू-माफियाओं का कब्जा एंकर...​शंकरगढ़, बलरामपुर। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में इन दिनों 'जल, जंगल और जमीन' को बचाने के दावों की हवा निकलती दिखाई दे रही है। ताजा मामला शंकरगढ़ वन परिक्षेत्र के बेलकोना गांव का है, जहां कभी बेशकीमती पेड़ों से लदा हणहा जंगल आज भू-माफियाओं और अवैध कब्जेधारियों की भेंट चढ़ चुका है। आरोप है कि यहाँ हजारों पेड़ों की बेरहमी से कटाई कर सैकड़ों एकड़ वन भूमि पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया गया है बीओ01..​हैरानी की बात यह है कि जिस जंगल को बचाने के लिए शासन हर साल करोड़ों रुपए खर्च करता है, उसे चंद रसूखदारों ने अधिकारियों की नाक के नीचे उजाड़ दिया। ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि इस पूरे खेल में वन विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध है। जंगल की जमीन की खुलेआम 'सौदेबाजी' की गई और उसे खेती या अन्य कार्यों के लिए बेच दिया गया, जबकि विभाग मूकदर्शक बना रहा। ​ बीओ 02..​स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यह जंगल उनके जीवन का अभिन्न हिस्सा है। ग्रामीणों के अनुसार: ​जंगल कटने से क्षेत्र का जलस्तर गिर रहा है।​मवेशियों के लिए चारा और लकड़ी का संकट खड़ा हो गया है।​पर्यावरण को अपूरणीय क्षति हो रही है। बीओ3...​सर्व आदिवासी समाज के जिला अध्यक्ष बसंत कुजूर ने भी इस मामले में तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उनका कहना है कि आदिवासियों और जंगल का अटूट रिश्ता है, लेकिन यहाँ प्रशासन की मिलीभगत से वन संपदा को लूटा जा रहा है। बीओ04.....​बेलकोना का यह मामला केवल पेड़ों की कटाई तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक बड़े सिंडिकेट की ओर इशारा कर रहा है जो सरकारी जमीनों और जंगलों को अपना निशाना बना रहा है। अब सवाल यह उठता है कि: ​क्या शासन इन अवैध कब्जों को हटाकर फिर से वहां वृक्षारोपण कराएगा? ​दोषी अधिकारियों और भू-माफियाओं पर कड़ी कार्रवाई होगी या फाइल ठंडे बस्ते में डाल दी जाएगी? ​फिलहाल, ग्रामीणों की नजरें अब जिला प्रशासन और उच्च अधिकारियों की कार्रवाई पर टिकी हैं। अगर समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो वह दिन दूर नहीं जब बेलकोना का नक्शा पूरी तरह बदल जाएगा और जंगल सिर्फ कागजों तक सीमित रह जाएगा। ​रिपोर्ट: अली खान, जिला ब्यूरो
    1
    ..बलरामपुर: 'रक्षक ही बने भक्षक?' बेलकोना के हणहा जंगल में हजारों पेड़ों की बलि, वन भूमि पर भू-माफियाओं का कब्जा
एंकर...​शंकरगढ़, बलरामपुर। छत्तीसगढ़ के
बलरामपुर जिले में इन दिनों 'जल, जंगल और जमीन' को बचाने के दावों की हवा निकलती दिखाई दे रही है। ताजा मामला शंकरगढ़ वन परिक्षेत्र के बेलकोना गांव का है, जहां कभी बेशकीमती पेड़ों से लदा हणहा जंगल आज भू-माफियाओं और अवैध कब्जेधारियों की भेंट चढ़ चुका है। आरोप है कि यहाँ हजारों पेड़ों की बेरहमी से कटाई कर सैकड़ों एकड़ वन भूमि पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया गया है
बीओ01..​हैरानी की बात यह है कि जिस जंगल को बचाने के लिए शासन हर साल करोड़ों रुपए खर्च करता है, उसे चंद रसूखदारों ने अधिकारियों की नाक के नीचे उजाड़ दिया। ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि इस पूरे खेल में वन विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध है। जंगल की जमीन की खुलेआम 'सौदेबाजी' की गई और उसे खेती या अन्य कार्यों के लिए बेच दिया गया, जबकि विभाग मूकदर्शक बना रहा।
​
बीओ 02..​स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यह जंगल उनके जीवन का अभिन्न हिस्सा है। ग्रामीणों के अनुसार:
​जंगल कटने से क्षेत्र का जलस्तर गिर रहा है।​मवेशियों के लिए चारा और लकड़ी का संकट खड़ा हो गया है।​पर्यावरण को अपूरणीय क्षति हो रही है।
बीओ3...​सर्व आदिवासी समाज के जिला अध्यक्ष बसंत कुजूर ने भी इस मामले में तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उनका कहना है कि आदिवासियों और जंगल का अटूट रिश्ता है, लेकिन यहाँ प्रशासन की मिलीभगत से वन संपदा को लूटा जा रहा है।
बीओ04.....​बेलकोना का यह मामला केवल पेड़ों की कटाई तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक बड़े सिंडिकेट की ओर इशारा कर रहा है जो सरकारी जमीनों और जंगलों को अपना निशाना बना रहा है। अब सवाल यह उठता है कि:
​क्या शासन इन अवैध कब्जों को हटाकर फिर से वहां वृक्षारोपण कराएगा?
​दोषी अधिकारियों और भू-माफियाओं पर कड़ी कार्रवाई होगी या फाइल ठंडे बस्ते में डाल दी जाएगी?
​फिलहाल, ग्रामीणों की नजरें अब जिला प्रशासन और उच्च अधिकारियों की कार्रवाई पर टिकी हैं। अगर समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो वह दिन दूर नहीं जब बेलकोना का नक्शा पूरी तरह बदल जाएगा और जंगल सिर्फ कागजों तक सीमित रह जाएगा।
​रिपोर्ट: अली खान, जिला ब्यूरो
    user_Ali Khan
    Ali Khan
    बलरामपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    1 hr ago
  • आंध्र प्रदेश की चितूर जिला के नारी पति गौशाला से 02 गाय की नई नसल लाया गया जो, चर्चा का बिसाय बना हुआ है l
    1
    आंध्र प्रदेश की चितूर जिला के नारी पति गौशाला से  02 गाय की नई नसल लाया गया जो, चर्चा का बिसाय बना हुआ है l
    user_Ramashankar sharma
    Ramashankar sharma
    Voice of people गढ़वा, गढ़वा, झारखंड•
    1 hr ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.