मंदसौर जिले की सीतामऊ तहसील के ग्राम बेटीखेड़ी में बिजली विभाग की घोर लापरवाही के कारण किसान पिछले एक महीने से गंभीर समस्याओं का सामना कर रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, लगभग एक महीने पहले आई तेज आंधी के दौरान एक पीपल का पेड़ कुएं की डीपी (ट्रांसफॉर्मर) पर गिर गया था, जिससे दो बिजली के खंभे टूट गए और डीपी जमीन पर आ गिरी। इस घटना में गांव रोपनी की ओर से आने वाली बिजली लाइन के तार भी टूटकर खेतों में ही पड़े हुए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि घटना के बाद बिजली विभाग ने केवल टूटे हुए खंभे ही बदले हैं, लेकिन गिरी हुई डीपी को अब तक स्थापित नहीं किया गया है। इस डीपी से लगभग 50 किसानों के सिंचाई मोटर कनेक्शन जुड़े हुए हैं, जो एक महीने से पूरी तरह बंद पड़े हैं। किसान किशोर जाट ने बताया कि इस समस्या को लेकर संबंधित अधिकारियों को कई बार जानकारी दी जा चुकी है, लेकिन हर बार सिर्फ "आज-कल" का आश्वासन देकर टाला जा रहा है। किसानों ने सुपरवाइजर धनराज चौधरी पर भी लगातार आश्वासन देने के बावजूद समस्या का समाधान न करने का आरोप लगाया है। बिजली व्यवस्था ठप होने से खेतों में पशुओं के लिए बोया गया हरा चारा सूख रहा है, जिससे बाजरा फसल पर संकट मंडरा रहा है। वहीं, पशुपालकों को भी अपने पशुओं के लिए पानी की व्यवस्था करने में भारी परेशानी हो रही है और उन्हें 800 रुपये प्रति टैंकर खर्च कर पानी मंगवाना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बिजली विभाग से तुरंत डीपी स्थापित कर बिजली आपूर्ति बहाल करने की मांग की है, ताकि किसानों और पशुपालकों को इस गंभीर संकट से जल्द से जल्द राहत मिल सके।
मंदसौर जिले की सीतामऊ तहसील के ग्राम बेटीखेड़ी में बिजली विभाग की घोर लापरवाही के कारण किसान पिछले एक महीने से गंभीर समस्याओं का सामना कर रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, लगभग एक महीने पहले आई तेज आंधी के दौरान एक पीपल का पेड़ कुएं की डीपी (ट्रांसफॉर्मर) पर गिर गया था, जिससे दो बिजली के खंभे टूट गए और डीपी जमीन पर आ गिरी। इस घटना में गांव रोपनी की ओर से आने वाली बिजली लाइन के तार भी टूटकर खेतों में ही पड़े हुए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि घटना के बाद बिजली विभाग ने केवल टूटे हुए खंभे ही बदले हैं, लेकिन गिरी हुई डीपी को अब तक स्थापित नहीं किया गया है। इस डीपी से लगभग 50 किसानों के सिंचाई मोटर कनेक्शन जुड़े हुए हैं, जो एक महीने से पूरी तरह बंद पड़े हैं। किसान किशोर जाट ने बताया कि इस समस्या को लेकर संबंधित अधिकारियों को कई बार जानकारी दी जा चुकी है, लेकिन हर बार सिर्फ "आज-कल" का आश्वासन देकर टाला जा रहा है। किसानों ने सुपरवाइजर धनराज चौधरी पर भी लगातार आश्वासन देने के बावजूद समस्या का समाधान न करने का आरोप लगाया है। बिजली व्यवस्था ठप होने से खेतों में पशुओं के लिए बोया गया हरा चारा सूख रहा है, जिससे बाजरा फसल पर संकट मंडरा रहा है। वहीं, पशुपालकों को भी अपने पशुओं के लिए पानी की व्यवस्था करने में भारी परेशानी हो रही है और उन्हें 800 रुपये प्रति टैंकर खर्च कर पानी मंगवाना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बिजली विभाग से तुरंत डीपी स्थापित कर बिजली आपूर्ति बहाल करने की मांग की है, ताकि किसानों और पशुपालकों को इस गंभीर संकट से जल्द से जल्द राहत मिल सके।
- मध्य प्रदेश के शामगढ़ में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बिजली कटौती के मुद्दे को लेकर धरना प्रदर्शन किया। यह जानकारी मध्य प्रदेश हेड ब्यूरो मंगल देव राठौर की खास रिपोर्ट में सामने आई है।1
- रामप्रसाद धनगर गुर्जर ने तोलाखेड़ी से एक खास रिपोर्ट प्रस्तुत की है। यह रामप्रसाद धनगर गुर्जर द्वारा तैयार की गई एक विशेष रिपोर्ट है।1
- मंदसौर में नौतपा की भीषण गर्मी के दौरान मासूम बच्चों ने कलेक्टर कार्यालय पर प्रदर्शन किया। इस घटना से जुड़ी विस्तृत खबर की प्रतीक्षा है।1
- हाल ही में पद्म पुरस्कार प्राप्त करने वाले विजेताओं ने राष्ट्रपति भवन का गाइडेड टूर किया।1
- Post by Sanjay Kumar yati1
- उदयपुर से इंदौर के बीच संचालित होने वाली राजस्थान रोडवेज की नाइट बस सेवा लंबे समय से बंद पड़ी है, जिसके चलते धरियावद सहित आसपास के क्षेत्र के यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसी वजह से क्षेत्रवासियों ने इस बस सेवा को शीघ्र पुनः शुरू करने की मांग उठाई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उदयपुर-इंदौर मार्ग पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज, व्यापारी, विद्यार्थी और नौकरीपेशा लोग आवागमन करते हैं, जिन्हें नाइट बस सेवा बंद होने से काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यात्रियों को मजबूरी में निजी वाहनों या महंगे साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है। आमजन की सुविधा को देखते हुए, क्षेत्रवासियों ने राजस्थान रोडवेज प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों से उदयपुर-इंदौर नाइट रोडवेज बस सेवा को जल्द पुनः शुरू करने का आग्रह किया है ताकि यात्रियों को राहत मिल सके। इस मांग को लेकर समाजसेवी और क्षेत्रीय लोगों ने संबंधित विभाग और प्रशासन को ज्ञापन सौंपने की बात कही है। मांग करने वालों में महेश पालीवाल, श्रीनाथ रेस्टोरेंट, प्रताप मेहता मेडिकल, कोमल भनावत, वन प्रेमी समाजसेवी महेंद्र रजावत काका, रमेश चंद्र कोठारी, वरिष्ठ भाजपा नेता, पेंशनर समाज अध्यक्ष नारायण सिंह भाटी और पत्रकार अबतक सहित कई लोग शामिल हैं।4
- सीतामऊ मंडी के व्यापारी मंडी में आए दिन हो रही चोरी की घटनाओं से अत्यधिक आक्रोशित हैं, जिससे उन्हें लगातार नुकसान झेलना पड़ रहा है। व्यापारियों ने कई बार मंडी प्रशासन सीतामऊ को इस संबंध में सूचित किया है, लेकिन इसके बावजूद कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं होती। एक वीडियो में एक व्यक्ति को चोरी करते हुए और थैली भरते हुए स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है, जो इस समस्या की गंभीरता को दर्शाता है। व्यापारियों का आरोप है कि मंडी कमेटी की उदासीनता के कारण उन्हें प्रतिदिन चोरी से आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसके अतिरिक्त, गोशाला की गाय माताएं भी रोजाना मंडी में विचरण करती हैं, जिनकी देखरेख के लिए कोई जिम्मेदार कर्मचारी नियुक्त नहीं है। व्यापारियों ने इन चोरी की घटनाओं का एक प्रमुख कारण सब्जी मंडी को भी बताया है, जहाँ रात भर किसान अपनी उपज लेकर आते-जाते रहते हैं। इसी दौरान कुछ चोर और उचक्के मंडी में घुस जाते हैं और रात में खुले में पड़े व्यापारियों के माल (जिन्स) पर आसानी से हाथ साफ कर जाते हैं। इन लगातार हो रही चोरी की घटनाओं को देखते हुए, मंडी व्यापारियों द्वारा मंडी कमेटी से गोदाम के लिए भूखंड (प्लॉट) देने की भी मांग की जा रही है, लेकिन उनकी बात सुनने को कोई तैयार नहीं है। सीतामऊ प्रशासन को इस समस्या की जानकारी मिलने के बाद, व्यापारियों को पाँच दिन के भीतर समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया गया है। यह खास रिपोर्ट मध्य प्रदेश हेड ब्यूरो मंगल देव राठौर द्वारा प्रस्तुत की गई है।1
- एसएससी-जीडी (SSC-GD) की 25 मई को होने वाली दूसरी और तीसरी शिफ्ट की परीक्षा रद्द होने से लाखों छात्रों को भीषण निराशा का सामना करना पड़ा है। 45-50 डिग्री सेल्सियस की तपती गर्मी में, छात्र सैकड़ों किलोमीटर दूर स्थित परीक्षा केंद्रों तक पहुँचने के लिए हजारों रुपये खर्च करके गए थे, लेकिन वहाँ पहुँचने पर उन्हें परीक्षा रद्द होने की खबर मिली। कई केंद्रों पर परीक्षा रद्द होने का कारण 'क्षमता नहीं होना' बताया गया, जबकि कुछ अन्य जगहों पर छात्रों को कोई स्पष्ट जवाब तक नहीं मिला। इस घटना ने 'भाजपा सरकार और एसएससी छात्रों को क्या समझते हैं?' जैसे गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, और छात्रों के भविष्य को बर्बाद करने वाली इस अव्यवस्था पर गहरा रोष व्यक्त किया गया है। यह लगातार सामने आ रही समस्याओं का हिस्सा है, क्योंकि हर भर्ती परीक्षा में पेपर लीक, परीक्षा रद्द होना और अव्यवस्था जैसे मुद्दे सामने आ रहे हैं।1
- रामप्रसाद धनगर गुर्जर से जुड़ी एक खबर सामने आई है।1