एसएससी-जीडी (SSC-GD) की 25 मई को होने वाली दूसरी और तीसरी शिफ्ट की परीक्षा रद्द होने से लाखों छात्रों को भीषण निराशा का सामना करना पड़ा है। 45-50 डिग्री सेल्सियस की तपती गर्मी में, छात्र सैकड़ों किलोमीटर दूर स्थित परीक्षा केंद्रों तक पहुँचने के लिए हजारों रुपये खर्च करके गए थे, लेकिन वहाँ पहुँचने पर उन्हें परीक्षा रद्द होने की खबर मिली। कई केंद्रों पर परीक्षा रद्द होने का कारण 'क्षमता नहीं होना' बताया गया, जबकि कुछ अन्य जगहों पर छात्रों को कोई स्पष्ट जवाब तक नहीं मिला। इस घटना ने 'भाजपा सरकार और एसएससी छात्रों को क्या समझते हैं?' जैसे गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, और छात्रों के भविष्य को बर्बाद करने वाली इस अव्यवस्था पर गहरा रोष व्यक्त किया गया है। यह लगातार सामने आ रही समस्याओं का हिस्सा है, क्योंकि हर भर्ती परीक्षा में पेपर लीक, परीक्षा रद्द होना और अव्यवस्था जैसे मुद्दे सामने आ रहे हैं।
एसएससी-जीडी (SSC-GD) की 25 मई को होने वाली दूसरी और तीसरी शिफ्ट की परीक्षा रद्द होने से लाखों छात्रों को भीषण निराशा का सामना करना पड़ा है। 45-50 डिग्री सेल्सियस की तपती गर्मी में, छात्र सैकड़ों किलोमीटर दूर स्थित परीक्षा केंद्रों तक पहुँचने के लिए हजारों रुपये खर्च करके गए थे, लेकिन वहाँ पहुँचने पर उन्हें परीक्षा रद्द होने की खबर मिली। कई केंद्रों पर परीक्षा रद्द होने का कारण 'क्षमता नहीं होना' बताया गया, जबकि कुछ अन्य जगहों पर छात्रों को कोई स्पष्ट जवाब तक नहीं मिला। इस घटना ने 'भाजपा सरकार और एसएससी छात्रों को क्या समझते हैं?' जैसे गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, और छात्रों के भविष्य को बर्बाद करने वाली इस अव्यवस्था पर गहरा रोष व्यक्त किया गया है। यह लगातार सामने आ रही समस्याओं का हिस्सा है, क्योंकि हर भर्ती परीक्षा में पेपर लीक, परीक्षा रद्द होना और अव्यवस्था जैसे मुद्दे सामने आ रहे हैं।
- एसएससी-जीडी (SSC-GD) की 25 मई को होने वाली दूसरी और तीसरी शिफ्ट की परीक्षा रद्द होने से लाखों छात्रों को भीषण निराशा का सामना करना पड़ा है। 45-50 डिग्री सेल्सियस की तपती गर्मी में, छात्र सैकड़ों किलोमीटर दूर स्थित परीक्षा केंद्रों तक पहुँचने के लिए हजारों रुपये खर्च करके गए थे, लेकिन वहाँ पहुँचने पर उन्हें परीक्षा रद्द होने की खबर मिली। कई केंद्रों पर परीक्षा रद्द होने का कारण 'क्षमता नहीं होना' बताया गया, जबकि कुछ अन्य जगहों पर छात्रों को कोई स्पष्ट जवाब तक नहीं मिला। इस घटना ने 'भाजपा सरकार और एसएससी छात्रों को क्या समझते हैं?' जैसे गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, और छात्रों के भविष्य को बर्बाद करने वाली इस अव्यवस्था पर गहरा रोष व्यक्त किया गया है। यह लगातार सामने आ रही समस्याओं का हिस्सा है, क्योंकि हर भर्ती परीक्षा में पेपर लीक, परीक्षा रद्द होना और अव्यवस्था जैसे मुद्दे सामने आ रहे हैं।1
- एक तरफ जहाँ पानी की भारी कमी है, वहीं दूसरी तरफ पानी का कोई मोल नहीं समझा जा रहा है, जो अपने आप में एक विरोधाभासी स्थिति को दर्शाता है।1
- मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में स्थित आलोट मंडी के ताजा भाव 26 मई 2026 को जारी किए गए हैं। आज सोयाबीन के बाजार में तेजी देखने को मिली, जबकि गेहूं के भाव में हल्की गिरावट दर्ज की गई है। यह अपडेट किसानों और व्यापारियों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करता है, जिसमें सोयाबीन के ताजा भाव, गेहूं की सभी क्वालिटी के रेट और मंडी का पूरा बाजार अपडेट शामिल है। मंडी के रोजाना भावों की जानकारी प्राप्त करने के लिए चैनल को सब्सक्राइब करने का आग्रह किया गया है।1
- एक ड्रोन कैमरा जल्द से जल्द बिक्री के लिए उपलब्ध है। जो भी व्यक्ति ड्रोन कैमरा खरीदने में रुचि रखते हैं, उनसे तुरंत संपर्क करने का आग्रह किया गया है। इच्छुक खरीददार दिए गए मोबाइल नंबर 9926305329 पर संपर्क कर सकते हैं।2
- मंदसौर में मंगलवार को राइट टू एजुकेशन (RTE) के तहत प्रवेश को लेकर मासूम बच्चों और उनके अभिभावकों ने कलेक्टर कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। यह मामला सेंट थॉमस स्कूल में नर्सरी कक्षा के प्रवेश से जुड़ा है, जहाँ ऑनलाइन लॉटरी में चयन होने के बावजूद बच्चों को प्रवेश न दिए जाने का आरोप है। प्रदर्शनकारी बच्चे लगभग 40 डिग्री की भीषण गर्मी में छाते लेकर धरने पर बैठे रहे। कलेक्टर कार्यालय के बाहर हुए इस प्रदर्शन के बाद बच्चों और अभिभावकों को अधिकारियों द्वारा अगले 10 दिनों के भीतर इस समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया गया है।1
- एक गांव में पानी की गंभीर समस्या सामने आई है, जिससे वहां के निवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि उनके गांव में पानी की किल्लत लगातार बढ़ रही है।1
- रामप्रसाद धनगर गुर्जर से जुड़ी एक खबर सामने आई है।1
- आज राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक समारोह के दौरान दो पद्म विभूषण, छह पद्म भूषण और 58 पद्मश्री अलंकरण प्रदान किए गए। इसके अतिरिक्त, राष्ट्रपति ने वर्ष 2026 के लिए कुल 131 पद्म पुरस्कारों की स्वीकृति भी दी है। इन स्वीकृत पुरस्कारों में पांच पद्म विभूषण, 13 पद्म भूषण और 113 पद्मश्री अलंकरण शामिल हैं।1