Shuru
Apke Nagar Ki App…
एक गांव में पानी की गंभीर समस्या सामने आई है, जिससे वहां के निवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि उनके गांव में पानी की किल्लत लगातार बढ़ रही है।
Suresh Maida
एक गांव में पानी की गंभीर समस्या सामने आई है, जिससे वहां के निवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि उनके गांव में पानी की किल्लत लगातार बढ़ रही है।
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- एक गांव में पानी की गंभीर समस्या सामने आई है, जिससे वहां के निवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि उनके गांव में पानी की किल्लत लगातार बढ़ रही है।1
- एक ड्रोन कैमरा जल्द से जल्द बिक्री के लिए उपलब्ध है। जो भी व्यक्ति ड्रोन कैमरा खरीदने में रुचि रखते हैं, उनसे तुरंत संपर्क करने का आग्रह किया गया है। इच्छुक खरीददार दिए गए मोबाइल नंबर 9926305329 पर संपर्क कर सकते हैं।2
- राजस्थान के हिंडौन क्षेत्र में एक दुःखद घटना सामने आई है, जहाँ एक नंदी की 50 फीट गहरे कुएं में गिरने से मौत हो गई। यह बताया गया है कि नंदी ने अदम्य साहस का प्रदर्शन किया, लेकिन इसके बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका और अंततः उसकी जान चली गई।1
- आज राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक समारोह के दौरान दो पद्म विभूषण, छह पद्म भूषण और 58 पद्मश्री अलंकरण प्रदान किए गए। इसके अतिरिक्त, राष्ट्रपति ने वर्ष 2026 के लिए कुल 131 पद्म पुरस्कारों की स्वीकृति भी दी है। इन स्वीकृत पुरस्कारों में पांच पद्म विभूषण, 13 पद्म भूषण और 113 पद्मश्री अलंकरण शामिल हैं।1
- एक तरफ जहाँ पानी की भारी कमी है, वहीं दूसरी तरफ पानी का कोई मोल नहीं समझा जा रहा है, जो अपने आप में एक विरोधाभासी स्थिति को दर्शाता है।1
- सरकार की 'हर घर नल-जल' योजना के बड़े-बड़े दावों के विपरीत, बागीदौरा पंचायत समिति के हमीरपुरा गाँव से विकास की पोल खोलती एक चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है। यहाँ भीषण जल संकट के चलते महिलाओं को प्यास बुझाने के लिए एक हैरान करने वाला तरीका अपनाना पड़ा है। गाँव की मंजुला, भावना, पुष्पा और रीना जैसी सैकड़ों महिलाएँ रोज़ाना सुबह अपने घरों से एक किलोमीटर दूर निर्जन रास्तों पर निकलती हैं। सुनसान रास्तों पर सुरक्षा और भारी बर्तनों के बोझ से निपटने के लिए इन महिलाओं ने चारपाई को पानी ढोने का ज़रिया बना लिया है, जिस पर वे सामूहिक रूप से बर्तन रखकर मीलों का सफर तय करती हैं। जल जीवन मिशन के तहत कागज़ों पर भले ही योजनाएं मुकम्मल दिख रही हों, लेकिन हमीरपुरा गाँव की ज़मीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदारों ने पाइप लाइन बिछाने के नाम पर सिर्फ औपचारिकता पूरी की है। गाँव के सुभाष, राजू और विकेश ने बताया कि अधिकांश घरों में तो आज तक नल का कनेक्शन ही नहीं पहुँचा है। वहीं दूसरी ओर, शक्ति और बंशी जैसे ग्रामीणों का दर्द यह है कि जिन घरों में सालभर पहले नल लगा भी दिए गए, उनमें आज तक पानी की एक बूंद भी नहीं टपकी है। जलदाय विभाग की एक पुरानी और एक नई टंकी गाँव से कुछ दूरी पर स्थित ज़रूर है, लेकिन उनसे नियमित जलापूर्ति पूरी तरह ठप पड़ी है। यह गंभीर जल समस्या केवल इन चंद महिलाओं तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे गाँव के 200 से अधिक परिवारों की दैनंदिन चुनौती बन चुकी है। नॉन-कमांड क्षेत्र होने के कारण हमीरपुरा में पेयजल का कोई स्थाई स्रोत नहीं है। गाँव के पुरुष सुबह होते ही रोज़गार के लिए मजदूरी पर निकल जाते हैं, जिसके बाद पानी का इंतज़ाम करने की पूरी ज़िम्मेदारी महिलाओं के कंधों पर आ जाती है। चिलचिलाती गर्मी में गाँव के कुएँ सूख चुके हैं और साढ़े तीन सौ फीट तक बोरिंग करवाने के बाद भी पानी नहीं मिल रहा है। इस भीषण संकट के बीच ग्रामीण व्यवस्था से यह सवाल पूछ रहे हैं कि आख़िर उनके हिस्से का हक कब तक सिर्फ कागज़ों में ही बहता रहेगा।1
- आदिम जाति आदिवासी बिरसा गुरु दादा विलेश जी खराड़ी को जेल से रिहाई मिल गई है। इस अवसर पर भारत सरकार का भी उल्लेख किया गया है।1
- ग्राम संडावदा में श्री पावन धाम गौशाला हिन्दू संगठन संत प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष श्री पुष्कर गिरी जी महाराज के मार्गदर्शन में एक भव्य कलश यात्रा और प्राण प्रतिष्ठा का आयोजन किया गया।1