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राजस्थान के हिंडौन क्षेत्र में एक दुःखद घटना सामने आई है, जहाँ एक नंदी की 50 फीट गहरे कुएं में गिरने से मौत हो गई। यह बताया गया है कि नंदी ने अदम्य साहस का प्रदर्शन किया, लेकिन इसके बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका और अंततः उसकी जान चली गई।
Govind Ninama
राजस्थान के हिंडौन क्षेत्र में एक दुःखद घटना सामने आई है, जहाँ एक नंदी की 50 फीट गहरे कुएं में गिरने से मौत हो गई। यह बताया गया है कि नंदी ने अदम्य साहस का प्रदर्शन किया, लेकिन इसके बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका और अंततः उसकी जान चली गई।
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- राजस्थान के हिंडौन क्षेत्र में एक दुःखद घटना सामने आई है, जहाँ एक नंदी की 50 फीट गहरे कुएं में गिरने से मौत हो गई। यह बताया गया है कि नंदी ने अदम्य साहस का प्रदर्शन किया, लेकिन इसके बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका और अंततः उसकी जान चली गई।1
- सरकार की 'हर घर नल-जल' योजना के बड़े-बड़े दावों के विपरीत, बागीदौरा पंचायत समिति के हमीरपुरा गाँव से विकास की पोल खोलती एक चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है। यहाँ भीषण जल संकट के चलते महिलाओं को प्यास बुझाने के लिए एक हैरान करने वाला तरीका अपनाना पड़ा है। गाँव की मंजुला, भावना, पुष्पा और रीना जैसी सैकड़ों महिलाएँ रोज़ाना सुबह अपने घरों से एक किलोमीटर दूर निर्जन रास्तों पर निकलती हैं। सुनसान रास्तों पर सुरक्षा और भारी बर्तनों के बोझ से निपटने के लिए इन महिलाओं ने चारपाई को पानी ढोने का ज़रिया बना लिया है, जिस पर वे सामूहिक रूप से बर्तन रखकर मीलों का सफर तय करती हैं। जल जीवन मिशन के तहत कागज़ों पर भले ही योजनाएं मुकम्मल दिख रही हों, लेकिन हमीरपुरा गाँव की ज़मीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदारों ने पाइप लाइन बिछाने के नाम पर सिर्फ औपचारिकता पूरी की है। गाँव के सुभाष, राजू और विकेश ने बताया कि अधिकांश घरों में तो आज तक नल का कनेक्शन ही नहीं पहुँचा है। वहीं दूसरी ओर, शक्ति और बंशी जैसे ग्रामीणों का दर्द यह है कि जिन घरों में सालभर पहले नल लगा भी दिए गए, उनमें आज तक पानी की एक बूंद भी नहीं टपकी है। जलदाय विभाग की एक पुरानी और एक नई टंकी गाँव से कुछ दूरी पर स्थित ज़रूर है, लेकिन उनसे नियमित जलापूर्ति पूरी तरह ठप पड़ी है। यह गंभीर जल समस्या केवल इन चंद महिलाओं तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे गाँव के 200 से अधिक परिवारों की दैनंदिन चुनौती बन चुकी है। नॉन-कमांड क्षेत्र होने के कारण हमीरपुरा में पेयजल का कोई स्थाई स्रोत नहीं है। गाँव के पुरुष सुबह होते ही रोज़गार के लिए मजदूरी पर निकल जाते हैं, जिसके बाद पानी का इंतज़ाम करने की पूरी ज़िम्मेदारी महिलाओं के कंधों पर आ जाती है। चिलचिलाती गर्मी में गाँव के कुएँ सूख चुके हैं और साढ़े तीन सौ फीट तक बोरिंग करवाने के बाद भी पानी नहीं मिल रहा है। इस भीषण संकट के बीच ग्रामीण व्यवस्था से यह सवाल पूछ रहे हैं कि आख़िर उनके हिस्से का हक कब तक सिर्फ कागज़ों में ही बहता रहेगा।1
- एक गांव में पानी की गंभीर समस्या सामने आई है, जिससे वहां के निवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि उनके गांव में पानी की किल्लत लगातार बढ़ रही है।1
- आदिम जाति आदिवासी बिरसा गुरु दादा विलेश जी खराड़ी को जेल से रिहाई मिल गई है। इस अवसर पर भारत सरकार का भी उल्लेख किया गया है।1
- प्रतापगढ़ जिले के अरनोद स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के विद्यार्थियों ने पर्यावरण और जल जागरूकता रैली निकालकर समाज में पानी बचाने का महत्वपूर्ण संदेश दिया। प्रधानाचार्य श्याम लाल गायरी ने बताया कि स्कूली बच्चे "बूँद-बूँद गंगा का नारा है, जल बचाना कर्तव्य हमारा है..." जैसे नारे लगाते हुए और हाथों में जल संरक्षण के संदेश लिखी तख्तियां थामे जब अरनोद की सड़कों पर निकले, तो सभी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। यह रैली भावी पीढ़ी द्वारा समाज को पानी की कीमत समझाने का एक अनूठा प्रयास थी। यह जन-जागरूकता रैली स्कूल परिसर से शुरू होकर कस्बे के प्रमुख मार्गों से गुजरी। तपती धूप की परवाह किए बिना, बच्चों ने जोश के साथ लोगों से बूंद-बूंद पानी सहेजने और वर्षा जल संचयन (रेन वाटर हार्वेस्टिंग) अपनाने की अपील की। रैली में शिक्षकों और स्कूल स्टाफ का भी उत्साह देखने लायक था, और नगरवासियों ने बच्चों के इस प्रयास की खुलकर तारीफ की। स्कूल प्रशासन ने जोर दिया कि पानी बचाना आज की सबसे बड़ी जरूरत है और बच्चों द्वारा दिए गए संदेश का समाज पर गहरा और सकारात्मक असर पड़ता है। जल संरक्षण के इस महत्वपूर्ण संदेश के साथ ही, विद्यालय में इन दिनों रचनात्मक गतिविधियों का भी आयोजन किया जा रहा है। स्कूल परिसर में चल रहे ग्रीष्मकालीन समर कैंप में अरनोद और आसपास के ग्रामीण इलाकों की बेटियां और महिलाएं आत्मनिर्भरता के गुर सीख रही हैं। शिविर में सिलाई, पेंटिंग, मेहंदी, डांस और ब्यूटी पार्लर जैसे शॉर्ट-टर्म कोर्सेज का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। विद्यालय प्रशासन का मानना है कि यह कैंप न केवल महिलाओं के कौशल को बढ़ा रहा है, बल्कि उनकी छिपी हुई प्रतिभा को भी एक नया मंच प्रदान कर रहा है। इस कार्यक्रम में विद्यालय परिवार से वरिष्ठ अध्यापक हेमलता मीना, भानु प्रिया वैष्णव, अक्षिता चौधरी, मानसिंह देवड़ा और राजेंद्र कुमावत उपस्थित रहे। इनके साथ ही प्रयोगशाला सहायक पूजा कुमावत तथा अध्यापक दयाशंकर मीना, प्रेमलता मीना और सुनीता मीना भी मौजूद थीं। विजय सिंह राठौड़ भी उपस्थित लोगों में शामिल थे।4
- प्रतापगढ़, राजस्थान में 25 मई को सात दिवसीय आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर का भव्य समापन समारोह आयोजित किया गया। इस समारोह के मुख्य अतिथि समाजसेवी एवं पूर्व भाजपा जिला महामंत्री श्री गजेंद्र चंडालिया रहे, जबकि अध्यक्षता श्री अविश जी बोरदिया ने की। श्री नाहरसिंह जी सिसोदिया, श्री गिरजाशंकर जी शर्मा, श्री गोपाल जी मोदी, श्री विष्णु जी कुमावत, श्री दिलीप जी तिवारी, और श्री मिलन जी शर्मा विशिष्ट अतिथियों के रूप में उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने बजरंगबली के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर माल्यार्पण किया। कार्यक्रम में व्यायामशाला के गुरु आनंद स्वरूप आर्य, मुकेश भावसार, नीतेश सोनी, कमलेश कंकरेचा, राकेश पालीवाल, और रामलाल मीणा ने भगवा ओपरना ओढ़ाकर अतिथियों का स्वागत किया। इस सात दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में बाल पहलवानों ने जो आत्मरक्षा के गुर सीखे थे, उनके करतबों का प्रदर्शन देख उपस्थित जन समुदाय का मन प्रफुल्लित हो उठा। मुख्य अतिथि गजेंद्र चंडालिया ने बाल पहलवानों को संबोधित करते हुए कहा कि व्यायामशालाएं कुश्ती, कराटे, आत्मरक्षा प्रशिक्षण और व्यायाम सिखाने के साथ-साथ सनातन संस्कृति को मजबूत करने का भी केंद्र हैं। उन्होंने जोर दिया कि व्यायामशाला में आने से शरीर स्वस्थ और बलिष्ठ बनता है, मन का भय दूर होता है, और सामाजिक समरसता बढ़ती है, जिससे ये संस्थाएं समाज पर आने वाले संकट को टालने में सहायक रही हैं। चंडालिया ने बाल पहलवानों से प्रतापगढ़ जिले का नाम देश भर में रोशन करने का आग्रह भी किया। केसरी व्यायामशाला के गुरु आनंद स्वरूप जी आर्य ने इस सात दिवसीय आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर का आयोजन कर प्रतापगढ़ जिले में एक नया आयाम स्थापित किया है, जिसके लिए उन्होंने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन राजेश सुथार ने किया। समारोह में प्रशिक्षण देने वाले संजय परमार, मनीष कुमार, अभिजय आर्य, कमल यादव, और कालू लाल यादव को मेडल पहनाकर सम्मानित किया गया, जबकि प्रशिक्षण में भाग लेने वाले सभी बाल पहलवानों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।2
- मंदसौर में केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (CBN) ने पुराने आरटीओ रोड कॉलेज के पीछे स्थित एक बाड़े पर दबिश दी। इस कार्रवाई के दौरान, टीम ने मौके से भारी मात्रा में डोडाचूरा जब्त किया है।1
- मानसून के संबंध में एक बड़ा अपडेट सामने आया है, जिसके मद्देनजर यह सवाल उठाया जा रहा है कि लोगों को भीषण गर्मी से आखिर कब राहत मिल पाएगी। इस जानकारी के साथ, पाठकों को अपने क्षेत्र की सभी खबरें देखने और खबरें शेयर करके कमाई करने के लिए शुरू ऐप डाउनलोड करने का सुझाव भी दिया गया है।1