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आदिम जाति आदिवासी बिरसा गुरु दादा विलेश जी खराड़ी को जेल से रिहाई मिल गई है। इस अवसर पर भारत सरकार का भी उल्लेख किया गया है।
Mohan ji charel bhil Sarona
आदिम जाति आदिवासी बिरसा गुरु दादा विलेश जी खराड़ी को जेल से रिहाई मिल गई है। इस अवसर पर भारत सरकार का भी उल्लेख किया गया है।
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- मानसून के संबंध में एक बड़ा अपडेट सामने आया है, जिसके मद्देनजर यह सवाल उठाया जा रहा है कि लोगों को भीषण गर्मी से आखिर कब राहत मिल पाएगी। इस जानकारी के साथ, पाठकों को अपने क्षेत्र की सभी खबरें देखने और खबरें शेयर करके कमाई करने के लिए शुरू ऐप डाउनलोड करने का सुझाव भी दिया गया है।1
- Post by Bapulal Ahari1
- Post by Naresh Khant1
- जैन समाज ने रीवा में जिला प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा है, जिसमें आर्यिका माताजी दुर्घटना प्रकरण की निष्पक्ष जांच और विहाररत जैन साधु-संतों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई है। समाज ने इस मामले में गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए साफ कहा कि जैन संत की मौत एक दुर्घटना नहीं बल्कि हत्या है। ज्ञापन में प्रमुख मांगों के तौर पर SIT या न्यायिक जांच की बात कही गई है। इसके साथ ही, जैन समाज ने संत सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू करने, राष्ट्रीय संत सुरक्षा नीति बनाने, विहार मार्गों पर पुलिस और ट्रैफिक सहयोग प्रदान करने तथा एक “Sant Security Coordination Cell” के गठन की मांग भी रखी है। इस दौरान समाज ने यह स्पष्ट किया कि साधु-संत अहिंसा और संयम का संदेश देते हैं और ऐसे में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। ज्ञापन सौंपते समय नरेंद्र गलालिया, राजेंद्र जैन, राजेंद्र वेड़ा, चंद्रकुमार जैन, संतोष गलालिया सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।1
- मध्यप्रदेश के रीवा में 20 मई 2026 को हुई एक हृदयविदारक घटना में पूज्य आर्यिका 105 श्रुतमति माताजी एवं आर्यिका 105 उपशममति माताजी के निधन से संपूर्ण जैन समाज में गहरा शोक और आक्रोश व्याप्त है। इस घटना पर पीठ दिगंबर जैन समाज ने अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए संतों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। यह दुखद घटना रीवा कलेक्ट्रेट के समीप तब हुई जब राष्ट्रसंत आचार्य श्री विद्यासागरजी महाराज की सुशिष्याएँ श्रुतमति माताजी एवं उपशममति माताजी शांतिपूर्वक विहार कर रही थीं, और कथित रूप से एक कार द्वारा कुचले जाने से दोनों आर्यिकाओं का देहावसान हो गया। इस संबंध में समाजजनों ने प्रधानमंत्री, गृहमंत्री, मुख्यमंत्री, कलेक्टर एवं पुलिस उप अधीक्षक के नाम एक ज्ञापन प्रेषित किया है। ज्ञापन के माध्यम से घटना की उच्च स्तरीय जांच, विशेष जांच दल (एसआईटी) अथवा न्यायिक जांच के आदेश देने, सीसीटीवी फुटेज के आधार पर दोषियों की पहचान कर उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने की मांग की गई है। इसके साथ ही, देशभर में विहाररत संतों एवं साध्वियों की सुरक्षा के लिए प्रभावी सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू करने तथा राष्ट्रीय स्तर पर एक स्पष्ट 'संत सुरक्षा नीति' एवं गाइडलाइन निर्धारित करने की आवश्यकता पर बल दिया गया। वक्ताओं ने इस दौरान कहा कि संत समाज अहिंसा, संयम और आध्यात्मिक मूल्यों के संवाहक होते हैं और विहार के दौरान उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना शासन-प्रशासन की सीधी जिम्मेदारी है। समाज ने ऐसी दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस एवं प्रभावी कदम उठाने को समय की मांग बताया है। इस अवसर पर समाज अध्यक्ष राजकुमार डेचिया सहित अशोक भूता, गोवर्धन डेचिया, गजेंद्र कोठारी, प्रवीण शाह, भंवरलाल डेचिया, महेंद्र जैन, परेश भूता, डॉ. देवीलाल, राकेश कोठारी, बृजेश भूता, विशाल कोठारी, कुलदीप कोठारी, कपिल भूता, सुनील भूता एवं यतिन डेचिया सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे। समाज ने ज्ञापन के माध्यम से दिवंगत आर्यिकाओं को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई और संतों की सुरक्षा के लिए एक स्थायी व्यवस्था स्थापित करने की अपनी मांग को दोहराया है।1
- एक ड्रोन कैमरा जल्द से जल्द बिक्री के लिए उपलब्ध है। जो भी व्यक्ति ड्रोन कैमरा खरीदने में रुचि रखते हैं, उनसे तुरंत संपर्क करने का आग्रह किया गया है। इच्छुक खरीददार दिए गए मोबाइल नंबर 9926305329 पर संपर्क कर सकते हैं।2
- आनंदपुरी क्षेत्र में एक अनूठी और रोमांचक बारात ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। मालीपाड़ा गांव से दूल्हा अपने परिजनों और 50 से अधिक बारातियों के साथ नाव में सवार होकर नदी पार पाड़ोला गांव में दुल्हन से शादी करने पहुंचा। करीब एक किलोमीटर तक पानी पर चली इस बारात को देखने के लिए आसपास के ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। नदी के बीच पारंपरिक वेशभूषा में सजे बारातियों के लोकगीतों की गूंज ने पूरे माहौल को मंगलमय बना दिया। ग्रामीणों ने इस अनोखी बारात का बड़े उत्साह के साथ स्वागत किया। बताया गया है कि बैकवॉटर क्षेत्र में बसे कई परिवार आज भी अपने दैनिक जीवन के लिए नाव पर ही निर्भर हैं। स्कूल जाने, राशन लाने या सामाजिक कार्यक्रमों में शामिल होने, हर काम के लिए उन्हें नदी पार करनी पड़ती है। ऐसे में नाव से निकली यह बारात पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गई।2
- डूंगरपुर जिले की सागवाड़ा पंचायत समिति अंतर्गत पिपलागुंज ग्राम पंचायत में नरेगा मजदूरों का आक्रोश उस समय भड़क उठा, जब बड़ी संख्या में ग्रामीण और महिला श्रमिकों ने एकजुट होकर पंचायत भवन पर ताला लगा दिया। मजदूरों ने ग्राम पंचायत प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं कि वह स्थानीय जरूरतमंद श्रमिकों के साथ जानबूझकर भेदभाव कर रहा है, जिसके चलते आधे से ज्यादा मजदूरों को मस्टरोल से वंचित रखा जा रहा है। इस स्थिति ने उनके सामने रोजी-रोटी का गहरा संकट खड़ा कर दिया है। मजदूरों का कहना है कि सरकार भले ही रोजगार गारंटी योजना के तहत काम देने का दावा करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर अधिकारियों और बिचौलियों की मनमानी हावी है। प्रदर्शनकारी महिलाओं और ग्रामीणों ने मिनी सचिवालय के बाहर धरने पर बैठकर प्रशासन के खिलाफ तीव्र नाराजगी व्यक्त की। उनका आरोप है कि नियमों को दरकिनार कर चहेते लोगों को काम दिया जा रहा है, जबकि वास्तविक जरूरतमंद मजदूरों के नाम या तो सूची से गायब कर दिए जाते हैं, या फिर अधूरा मस्टरोल जारी करके ग्रामीणों के बीच विवाद पैदा किया जा रहा है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्या का समाधान जल्द नहीं हुआ तो वे अपने आंदोलन को और भी तेज करेंगे। पिपलागुंज का यह विरोध प्रदर्शन नरेगा योजनाओं में व्याप्त अव्यवस्थाओं और कथित भ्रष्टाचार की ओर एक बड़ा संकेत माना जा रहा है। अब सभी की निगाहें डूंगरपुर जिला प्रशासन और सागवाड़ा विकास अधिकारी पर टिकी हैं कि वे इस मामले में क्या कार्रवाई करते हैं और इन मजदूरों को उनका वाजिब हक कब तक दिलाते हैं।1
- पीठ दिगंबर जैन मंदिर में बुधवार को एक अश्रुपूरित श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया, जिसमें परम पूज्य राष्ट्रसंत आचार्य श्री विद्यासागरजी महाराज की सुशिष्याएँ, पूज्य आर्यिका 105 श्रुतमति माताजी एवं आर्यिका 105 उपशममति माताजी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। समाजजनों ने दोनों आर्यिकाओं के आकस्मिक निधन को जैन समाज के लिए एक अपूरणीय क्षति बताया और गहरा शोक व्यक्त किया। वक्ताओं ने बताया कि 20 मई 2026 को रीवा (मध्यप्रदेश) में कलेक्ट्रेट के समीप शांतिपूर्वक विहार करते समय वे एक कार की चपेट में आ गई थीं, जिससे उनका देहावसान हो गया। इस दुखद घटना के कारण देशभर के जैन समाज में शोक, पीड़ा और आक्रोश का वातावरण है। सभा में उपस्थित समाजजनों ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए सरकार से इसकी उच्चस्तरीय जांच कराने और देशभर में विहाररत संत-साध्वियों की सुरक्षा के लिए ठोस व्यवस्था करने की मांग की। वक्ताओं ने ज़ोर दिया कि संत समाज अहिंसा, संयम और आध्यात्मिक चेतना का संदेश देता है, ऐसे में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना शासन और समाज दोनों की जिम्मेदारी है। कार्यक्रम में समाज अध्यक्ष राजकुमार डेचिया, प्रवीण शाह, परेश भूता, डॉ. देवीलाल जैन एवं महेंद्र जैन सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने अपने विचार साझा किए, और युवाओं से संतों के विहार के दौरान सहयोग एवं सेवा कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। इस अवसर पर अशोक भूता, राकेश कोठारी, बृजेश भूता, विशाल कोठारी, मनोज कोठारी, कुलदीप कोठारी, दीपक डेचिया, गौरव कोठारी, सुनील भूता, कपिल भूता, हितेन्द्र डेचिया, डॉ. निखिल जैन सहित बड़ी संख्या में महिला एवं युवा उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन पीयूष डेचिया ने किया, और अंत में दिवंगत आर्यिकाओं को दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धासुमन अर्पित किए गए।1