Shuru
Apke Nagar Ki App…
हाल ही में पद्म पुरस्कार प्राप्त करने वाले विजेताओं ने राष्ट्रपति भवन का गाइडेड टूर किया।
ठा शंभू सिंह तंवर पत्रकार
हाल ही में पद्म पुरस्कार प्राप्त करने वाले विजेताओं ने राष्ट्रपति भवन का गाइडेड टूर किया।
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- हाल ही में पद्म पुरस्कार प्राप्त करने वाले विजेताओं ने राष्ट्रपति भवन का गाइडेड टूर किया।1
- एक तरफ जहाँ पानी की भारी कमी है, वहीं दूसरी तरफ पानी का कोई मोल नहीं समझा जा रहा है, जो अपने आप में एक विरोधाभासी स्थिति को दर्शाता है।1
- मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में स्थित आलोट मंडी के ताजा भाव 26 मई 2026 को जारी किए गए हैं। आज सोयाबीन के बाजार में तेजी देखने को मिली, जबकि गेहूं के भाव में हल्की गिरावट दर्ज की गई है। यह अपडेट किसानों और व्यापारियों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करता है, जिसमें सोयाबीन के ताजा भाव, गेहूं की सभी क्वालिटी के रेट और मंडी का पूरा बाजार अपडेट शामिल है। मंडी के रोजाना भावों की जानकारी प्राप्त करने के लिए चैनल को सब्सक्राइब करने का आग्रह किया गया है।1
- खाचरोद नगर में बिगड़ी साफ-सफाई व्यवस्था को लेकर वार्ड 21 के पार्षद प्रतिनिधि लखन गोहर के नेतृत्व में आज मंगलवार को जनसुनवाई में धरना प्रदर्शन किया गया। इस दौरान अनुविभागीय अधिकारी को एक आवेदन भी सौंपा गया, जिसमें नगर की बदहाल स्वच्छता स्थिति को सुधारने की मांग की गई। पार्षद प्रतिनिधि लखन गोहर ने बताया कि नगर पालिका परिषद के अधिकारियों को कई बार लिखित और मौखिक शिकायतें देने के बावजूद साफ-सफाई व्यवस्था में कोई सुधार नहीं किया गया है। उनके अनुसार, संबंधित अधिकारी शिकायतों पर यह कहकर टाल देते हैं कि “आप तो शिकायत करो, जैसा चल रहा है हम तो वैसा ही चलवाएंगे।” गोहर ने आरोप लगाया कि निचले स्तर के कर्मचारियों पर कोई दबाव नहीं है और सफाई कर्मचारी व दरोगा की मिलीभगत के चलते कर्मचारी अक्सर काम से गायब रहते हैं। कई कर्मचारी एक समय काम करके भी पूरे समय का पैसा लेकर घर पर आराम करते हैं, जिससे नगर की साफ-सफाई व्यवस्था धूमिल हो रही है और जनप्रतिनिधियों की छवि भी जनता के बीच खराब हो रही है। उन्होंने यह भी कहा कि मेहनती कर्मचारियों पर दरोगा द्वारा दबाव बनाकर काम करवाया जाता है, जबकि जिन कर्मचारियों से दरोगा की सांठगांठ है, उन्हें काम ही नहीं बताया जाता। लखन गोहर ने वर्तमान स्वास्थ्य अधिकारी पर भी सवाल उठाए, जिनके पास स्वच्छता के अतिरिक्त नामांतरण प्रभारी जैसे कई महत्वपूर्ण प्रभार हैं, जिसके कारण वे साफ-सफाई पर पूरा ध्यान नहीं दे पा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस संबंध में उन्होंने पूर्व में 12 मई 2026 को भी जनसुनवाई में आवेदन दिया था, लेकिन उस पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है, जिस पर उन्होंने अपनी गहरी नाराजगी व्यक्त की। पार्षद प्रतिनिधि लखन गोहर ने मांग की है कि नगर की साफ-सफाई व्यवस्था में तत्काल सुधार किया जाए और स्वास्थ्य अधिकारी व दरोगा को उनके पदों से तुरंत हटाया जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं होती हैं, तो आगामी मंगलवार को नागदा रोड पर सड़क पर चक्का जाम किया जाएगा, जिसकी समस्त जवाबदारी स्थानीय प्रशासन की होगी।1
- मंदसौर/ सीतामऊ तहसील के ग्राम बेटीखेड़ी में बिजली विभाग की लापरवाही के चलते किसानों को पिछले एक महीने से गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार करीब एक महीने पहले तेज आंधी के दौरान एक पीपल का पेड़ कुएं की डीपी (ट्रांसफॉर्मर) पर गिर गया था, जिससे दो बिजली खंभे टूट गए और डीपी जमीन पर गिर गई थी। मंदसौर/ सीतामऊ तहसील के ग्राम बेटीखेड़ी में बिजली विभाग की लापरवाही के चलते किसानों को पिछले एक महीने से गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार करीब एक महीने पहले तेज आंधी के दौरान एक पीपल का पेड़ कुएं की डीपी (ट्रांसफॉर्मर) पर गिर गया था, जिससे दो बिजली खंभे टूट गए और डीपी जमीन पर गिर गई थी। पूरी खबर 👇👇👍👇 एक महीने बाद भी नहीं लगी कुएं की डीपी, किसान परेशान; पशुओं के सामने चारा-पानी का संकट मंदसौर/ सीतामऊ तहसील के ग्राम बेटीखेड़ी में बिजली विभाग की लापरवाही के चलते किसानों को पिछले एक महीने से गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार करीब एक महीने पहले तेज आंधी के दौरान एक पीपल का पेड़ कुएं की डीपी (ट्रांसफॉर्मर) पर गिर गया था, जिससे दो बिजली खंभे टूट गए और डीपी जमीन पर गिर गई थी। ग्रामीणों का कहना है कि गांव रोपनी की ओर से आने वाली बिजली लाइन के तार भी टूट गए थे, जो आज तक खेतों में वैसे ही पड़े हुए हैं। घटना के बाद बिजली विभाग द्वारा खंभे तो लगा दिए गए, लेकिन अभी तक डीपी स्थापित नहीं की गई है। बताया जा रहा है कि इस डीपी से लगभग 50 किसानों के सिंचाई मोटर कनेक्शन जुड़े हुए हैं, जो पिछले एक महीने से बंद पड़े हैं। किसान किशोर जाट ने बताया कि कई बार संबंधित अधिकारियों को समस्या की जानकारी दी गई, लेकिन अब तक केवल “आज-कल” का आश्वासन ही मिल रहा है। किसानों का आरोप है कि सुपरवाइजर धनराज चौधरी द्वारा लगातार आश्वासन दिए जा रहे हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा। बिजली व्यवस्था बंद होने के कारण खेतों में पशुओं के लिए लगाए गए हरे चारे की सिंचाई प्रभावित हो रही है, जिससे बाजरा फसल सूखने की स्थिति में पहुंच रही है। वहीं पशुपालकों को भी पशुओं के लिए पानी की व्यवस्था करने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि उन्हें 800 रुपये प्रति टैंकर खर्च कर पानी मंगवाना पड़ रहा है, ताकि पशुओं को पानी पिलाया जा सके और चरी-बाजरे की फसल को बचाया जा सके। ग्रामीणों ने बिजली विभाग से मांग की है कि जल्द से जल्द डीपी लगाकर बिजली व्यवस्था बहाल की जाए, ताकि किसानों और पशुपालकों को राहत मिल सके।3
- एक ड्रोन कैमरा जल्द से जल्द बिक्री के लिए उपलब्ध है। जो भी व्यक्ति ड्रोन कैमरा खरीदने में रुचि रखते हैं, उनसे तुरंत संपर्क करने का आग्रह किया गया है। इच्छुक खरीददार दिए गए मोबाइल नंबर 9926305329 पर संपर्क कर सकते हैं।2
- आगर जिले के बड़ौद में जर्नलिस्ट यूनियन ऑफ़ मध्य प्रदेश (जम्प) की स्थानीय इकाई ने प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अरुण सक्सेना और संभागीय अध्यक्ष अमजद खान का जन्मदिन बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया। इस अवसर पर संगठन के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने केक काटकर और आतिशबाजी करके दोनों पदाधिकारियों को जन्मदिवस की शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में उपस्थित पत्रकार साथियों ने संगठन की एकता बनाए रखने और पत्रकार हितों के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया। सभी सदस्यों ने डॉ. अरुण सक्सेना और अमजद खान के नेतृत्व की सराहना करते हुए उनके स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना की। इस आयोजन में नगर के पत्रकार महेन्द्र जैन, मेघराज मोदी, पिंटू बैरागी, साबिर शेख, फखरुद्दीन मुलतानी, शुभम भावसार, नटवर सिंह, विनोद माली, सुनील चौहान, आरिफ मुल्तानी, दिलीप जैन, अंसार भाई, राव भूपेंद्र सिंह, नईम भाई सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। समारोह के बाद सभी के लिए सहभोज का भी आयोजन किया गया।2
- एसएससी-जीडी (SSC-GD) की 25 मई को होने वाली दूसरी और तीसरी शिफ्ट की परीक्षा रद्द होने से लाखों छात्रों को भीषण निराशा का सामना करना पड़ा है। 45-50 डिग्री सेल्सियस की तपती गर्मी में, छात्र सैकड़ों किलोमीटर दूर स्थित परीक्षा केंद्रों तक पहुँचने के लिए हजारों रुपये खर्च करके गए थे, लेकिन वहाँ पहुँचने पर उन्हें परीक्षा रद्द होने की खबर मिली। कई केंद्रों पर परीक्षा रद्द होने का कारण 'क्षमता नहीं होना' बताया गया, जबकि कुछ अन्य जगहों पर छात्रों को कोई स्पष्ट जवाब तक नहीं मिला। इस घटना ने 'भाजपा सरकार और एसएससी छात्रों को क्या समझते हैं?' जैसे गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, और छात्रों के भविष्य को बर्बाद करने वाली इस अव्यवस्था पर गहरा रोष व्यक्त किया गया है। यह लगातार सामने आ रही समस्याओं का हिस्सा है, क्योंकि हर भर्ती परीक्षा में पेपर लीक, परीक्षा रद्द होना और अव्यवस्था जैसे मुद्दे सामने आ रहे हैं।1