मंदसौर/ सीतामऊ तहसील के ग्राम बेटीखेड़ी में बिजली विभाग की लापरवाही के चलते किसानों को पिछले एक महीने से गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार करीब एक महीने पहले तेज आंधी के दौरान एक पीपल का पेड़ कुएं की डीपी (ट्रांसफॉर्मर) पर गिर गया था, जिससे दो बिजली खंभे टूट गए और डीपी जमीन पर गिर गई थी। मंदसौर/ सीतामऊ तहसील के ग्राम बेटीखेड़ी में बिजली विभाग की लापरवाही के चलते किसानों को पिछले एक महीने से गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार करीब एक महीने पहले तेज आंधी के दौरान एक पीपल का पेड़ कुएं की डीपी (ट्रांसफॉर्मर) पर गिर गया था, जिससे दो बिजली खंभे टूट गए और डीपी जमीन पर गिर गई थी। पूरी खबर 👇👇👍👇 एक महीने बाद भी नहीं लगी कुएं की डीपी, किसान परेशान; पशुओं के सामने चारा-पानी का संकट मंदसौर/ सीतामऊ तहसील के ग्राम बेटीखेड़ी में बिजली विभाग की लापरवाही के चलते किसानों को पिछले एक महीने से गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार करीब एक महीने पहले तेज आंधी के दौरान एक पीपल का पेड़ कुएं की डीपी (ट्रांसफॉर्मर) पर गिर गया था, जिससे दो बिजली खंभे टूट गए और डीपी जमीन पर गिर गई थी। ग्रामीणों का कहना है कि गांव रोपनी की ओर से आने वाली बिजली लाइन के तार भी टूट गए थे, जो आज तक खेतों में वैसे ही पड़े हुए हैं। घटना के बाद बिजली विभाग द्वारा खंभे तो लगा दिए गए, लेकिन अभी तक डीपी स्थापित नहीं की गई है। बताया जा रहा है कि इस डीपी से लगभग 50 किसानों के सिंचाई मोटर कनेक्शन जुड़े हुए हैं, जो पिछले एक महीने से बंद पड़े हैं। किसान किशोर जाट ने बताया कि कई बार संबंधित अधिकारियों को समस्या की जानकारी दी गई, लेकिन अब तक केवल “आज-कल” का आश्वासन ही मिल रहा है। किसानों का आरोप है कि सुपरवाइजर धनराज चौधरी द्वारा लगातार आश्वासन दिए जा रहे हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा। बिजली व्यवस्था बंद होने के कारण खेतों में पशुओं के लिए लगाए गए हरे चारे की सिंचाई प्रभावित हो रही है, जिससे बाजरा फसल सूखने की स्थिति में पहुंच रही है। वहीं पशुपालकों को भी पशुओं के लिए पानी की व्यवस्था करने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि उन्हें 800 रुपये प्रति टैंकर खर्च कर पानी मंगवाना पड़ रहा है, ताकि पशुओं को पानी पिलाया जा सके और चरी-बाजरे की फसल को बचाया जा सके। ग्रामीणों ने बिजली विभाग से मांग की है कि जल्द से जल्द डीपी लगाकर बिजली व्यवस्था बहाल की जाए, ताकि किसानों और पशुपालकों को राहत मिल सके।
मंदसौर/ सीतामऊ तहसील के ग्राम बेटीखेड़ी में बिजली विभाग की लापरवाही के चलते किसानों को पिछले एक महीने से गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार करीब एक महीने पहले तेज आंधी के दौरान एक पीपल का पेड़ कुएं की डीपी (ट्रांसफॉर्मर) पर गिर गया था, जिससे दो बिजली खंभे टूट गए और डीपी जमीन पर गिर गई थी। मंदसौर/ सीतामऊ तहसील के ग्राम बेटीखेड़ी में बिजली विभाग की लापरवाही के चलते किसानों को पिछले एक महीने से गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार करीब एक महीने पहले तेज आंधी के दौरान एक पीपल का पेड़ कुएं की डीपी (ट्रांसफॉर्मर) पर गिर गया था, जिससे दो बिजली खंभे टूट गए और डीपी जमीन पर गिर गई थी। पूरी खबर 👇👇👍👇 एक महीने बाद भी नहीं लगी कुएं की डीपी, किसान परेशान; पशुओं के सामने चारा-पानी का संकट मंदसौर/ सीतामऊ तहसील
के ग्राम बेटीखेड़ी में बिजली विभाग की लापरवाही के चलते किसानों को पिछले एक महीने से गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार करीब एक महीने पहले तेज आंधी के दौरान एक पीपल का पेड़ कुएं की डीपी (ट्रांसफॉर्मर) पर गिर गया था, जिससे दो बिजली खंभे टूट गए और डीपी जमीन पर गिर गई थी। ग्रामीणों का कहना है कि गांव रोपनी की ओर से आने वाली बिजली लाइन के तार भी टूट गए थे, जो आज तक खेतों में वैसे ही पड़े हुए हैं। घटना के बाद बिजली विभाग द्वारा खंभे तो लगा दिए गए, लेकिन अभी तक डीपी स्थापित नहीं की गई है। बताया जा रहा है कि इस डीपी से लगभग 50 किसानों के सिंचाई मोटर कनेक्शन जुड़े हुए हैं, जो पिछले एक महीने से बंद पड़े हैं। किसान किशोर जाट ने बताया कि कई बार संबंधित अधिकारियों को
समस्या की जानकारी दी गई, लेकिन अब तक केवल “आज-कल” का आश्वासन ही मिल रहा है। किसानों का आरोप है कि सुपरवाइजर धनराज चौधरी द्वारा लगातार आश्वासन दिए जा रहे हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा। बिजली व्यवस्था बंद होने के कारण खेतों में पशुओं के लिए लगाए गए हरे चारे की सिंचाई प्रभावित हो रही है, जिससे बाजरा फसल सूखने की स्थिति में पहुंच रही है। वहीं पशुपालकों को भी पशुओं के लिए पानी की व्यवस्था करने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि उन्हें 800 रुपये प्रति टैंकर खर्च कर पानी मंगवाना पड़ रहा है, ताकि पशुओं को पानी पिलाया जा सके और चरी-बाजरे की फसल को बचाया जा सके। ग्रामीणों ने बिजली विभाग से मांग की है कि जल्द से जल्द डीपी लगाकर बिजली व्यवस्था बहाल की जाए, ताकि किसानों और पशुपालकों को राहत मिल सके।
- मंदसौर/ सीतामऊ तहसील के ग्राम बेटीखेड़ी में बिजली विभाग की लापरवाही के चलते किसानों को पिछले एक महीने से गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार करीब एक महीने पहले तेज आंधी के दौरान एक पीपल का पेड़ कुएं की डीपी (ट्रांसफॉर्मर) पर गिर गया था, जिससे दो बिजली खंभे टूट गए और डीपी जमीन पर गिर गई थी। मंदसौर/ सीतामऊ तहसील के ग्राम बेटीखेड़ी में बिजली विभाग की लापरवाही के चलते किसानों को पिछले एक महीने से गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार करीब एक महीने पहले तेज आंधी के दौरान एक पीपल का पेड़ कुएं की डीपी (ट्रांसफॉर्मर) पर गिर गया था, जिससे दो बिजली खंभे टूट गए और डीपी जमीन पर गिर गई थी। पूरी खबर 👇👇👍👇 एक महीने बाद भी नहीं लगी कुएं की डीपी, किसान परेशान; पशुओं के सामने चारा-पानी का संकट मंदसौर/ सीतामऊ तहसील के ग्राम बेटीखेड़ी में बिजली विभाग की लापरवाही के चलते किसानों को पिछले एक महीने से गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार करीब एक महीने पहले तेज आंधी के दौरान एक पीपल का पेड़ कुएं की डीपी (ट्रांसफॉर्मर) पर गिर गया था, जिससे दो बिजली खंभे टूट गए और डीपी जमीन पर गिर गई थी। ग्रामीणों का कहना है कि गांव रोपनी की ओर से आने वाली बिजली लाइन के तार भी टूट गए थे, जो आज तक खेतों में वैसे ही पड़े हुए हैं। घटना के बाद बिजली विभाग द्वारा खंभे तो लगा दिए गए, लेकिन अभी तक डीपी स्थापित नहीं की गई है। बताया जा रहा है कि इस डीपी से लगभग 50 किसानों के सिंचाई मोटर कनेक्शन जुड़े हुए हैं, जो पिछले एक महीने से बंद पड़े हैं। किसान किशोर जाट ने बताया कि कई बार संबंधित अधिकारियों को समस्या की जानकारी दी गई, लेकिन अब तक केवल “आज-कल” का आश्वासन ही मिल रहा है। किसानों का आरोप है कि सुपरवाइजर धनराज चौधरी द्वारा लगातार आश्वासन दिए जा रहे हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा। बिजली व्यवस्था बंद होने के कारण खेतों में पशुओं के लिए लगाए गए हरे चारे की सिंचाई प्रभावित हो रही है, जिससे बाजरा फसल सूखने की स्थिति में पहुंच रही है। वहीं पशुपालकों को भी पशुओं के लिए पानी की व्यवस्था करने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि उन्हें 800 रुपये प्रति टैंकर खर्च कर पानी मंगवाना पड़ रहा है, ताकि पशुओं को पानी पिलाया जा सके और चरी-बाजरे की फसल को बचाया जा सके। ग्रामीणों ने बिजली विभाग से मांग की है कि जल्द से जल्द डीपी लगाकर बिजली व्यवस्था बहाल की जाए, ताकि किसानों और पशुपालकों को राहत मिल सके।3
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- मंदसौर में मंगलवार को राइट टू एजुकेशन (RTE) के तहत प्रवेश को लेकर मासूम बच्चों और उनके अभिभावकों ने कलेक्टर कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। यह मामला सेंट थॉमस स्कूल में नर्सरी कक्षा के प्रवेश से जुड़ा है, जहाँ ऑनलाइन लॉटरी में चयन होने के बावजूद बच्चों को प्रवेश न दिए जाने का आरोप है। प्रदर्शनकारी बच्चे लगभग 40 डिग्री की भीषण गर्मी में छाते लेकर धरने पर बैठे रहे। कलेक्टर कार्यालय के बाहर हुए इस प्रदर्शन के बाद बच्चों और अभिभावकों को अधिकारियों द्वारा अगले 10 दिनों के भीतर इस समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया गया है।1
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