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नई फिल्म 'हे जवानी तो इश्क होना है' के नए गानों पर आधारित एक वीडियो दर्शकों के लिए बनाया गया है। इस वीडियो को देखने वाले लोगों से इसे लाइक, शेयर और कमेंट करने का आग्रह किया गया है।
Sameer Khan
नई फिल्म 'हे जवानी तो इश्क होना है' के नए गानों पर आधारित एक वीडियो दर्शकों के लिए बनाया गया है। इस वीडियो को देखने वाले लोगों से इसे लाइक, शेयर और कमेंट करने का आग्रह किया गया है।
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- नई फिल्म 'हे जवानी तो इश्क होना है' के नए गानों पर आधारित एक वीडियो दर्शकों के लिए बनाया गया है। इस वीडियो को देखने वाले लोगों से इसे लाइक, शेयर और कमेंट करने का आग्रह किया गया है।1
- मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समस्त प्रदेशवासियों को "गंगा दशमी" के अवसर पर शुभकामनाएँ दी हैं।1
- राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले में आगामी त्योहारों को देखते हुए पुलिस विभाग ने अपनी जागरूकता बढ़ा दी है।1
- मंदसौर/ सीतामऊ तहसील के ग्राम बेटीखेड़ी में बिजली विभाग की लापरवाही के चलते किसानों को पिछले एक महीने से गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार करीब एक महीने पहले तेज आंधी के दौरान एक पीपल का पेड़ कुएं की डीपी (ट्रांसफॉर्मर) पर गिर गया था, जिससे दो बिजली खंभे टूट गए और डीपी जमीन पर गिर गई थी। मंदसौर/ सीतामऊ तहसील के ग्राम बेटीखेड़ी में बिजली विभाग की लापरवाही के चलते किसानों को पिछले एक महीने से गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार करीब एक महीने पहले तेज आंधी के दौरान एक पीपल का पेड़ कुएं की डीपी (ट्रांसफॉर्मर) पर गिर गया था, जिससे दो बिजली खंभे टूट गए और डीपी जमीन पर गिर गई थी। पूरी खबर 👇👇👍👇 एक महीने बाद भी नहीं लगी कुएं की डीपी, किसान परेशान; पशुओं के सामने चारा-पानी का संकट मंदसौर/ सीतामऊ तहसील के ग्राम बेटीखेड़ी में बिजली विभाग की लापरवाही के चलते किसानों को पिछले एक महीने से गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार करीब एक महीने पहले तेज आंधी के दौरान एक पीपल का पेड़ कुएं की डीपी (ट्रांसफॉर्मर) पर गिर गया था, जिससे दो बिजली खंभे टूट गए और डीपी जमीन पर गिर गई थी। ग्रामीणों का कहना है कि गांव रोपनी की ओर से आने वाली बिजली लाइन के तार भी टूट गए थे, जो आज तक खेतों में वैसे ही पड़े हुए हैं। घटना के बाद बिजली विभाग द्वारा खंभे तो लगा दिए गए, लेकिन अभी तक डीपी स्थापित नहीं की गई है। बताया जा रहा है कि इस डीपी से लगभग 50 किसानों के सिंचाई मोटर कनेक्शन जुड़े हुए हैं, जो पिछले एक महीने से बंद पड़े हैं। किसान किशोर जाट ने बताया कि कई बार संबंधित अधिकारियों को समस्या की जानकारी दी गई, लेकिन अब तक केवल “आज-कल” का आश्वासन ही मिल रहा है। किसानों का आरोप है कि सुपरवाइजर धनराज चौधरी द्वारा लगातार आश्वासन दिए जा रहे हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा। बिजली व्यवस्था बंद होने के कारण खेतों में पशुओं के लिए लगाए गए हरे चारे की सिंचाई प्रभावित हो रही है, जिससे बाजरा फसल सूखने की स्थिति में पहुंच रही है। वहीं पशुपालकों को भी पशुओं के लिए पानी की व्यवस्था करने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि उन्हें 800 रुपये प्रति टैंकर खर्च कर पानी मंगवाना पड़ रहा है, ताकि पशुओं को पानी पिलाया जा सके और चरी-बाजरे की फसल को बचाया जा सके। ग्रामीणों ने बिजली विभाग से मांग की है कि जल्द से जल्द डीपी लगाकर बिजली व्यवस्था बहाल की जाए, ताकि किसानों और पशुपालकों को राहत मिल सके।3
- इस बार सऊदी अरब के मक्का-मदीना में हज के लिए भारत सहित दुनिया भर के विभिन्न देशों से लगभग 1 करोड़ लोग पहुँचे।1
- प्रतापगढ़ जिले के अरनोद स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के विद्यार्थियों ने पर्यावरण और जल जागरूकता रैली निकालकर समाज में पानी बचाने का महत्वपूर्ण संदेश दिया। प्रधानाचार्य श्याम लाल गायरी ने बताया कि स्कूली बच्चे "बूँद-बूँद गंगा का नारा है, जल बचाना कर्तव्य हमारा है..." जैसे नारे लगाते हुए और हाथों में जल संरक्षण के संदेश लिखी तख्तियां थामे जब अरनोद की सड़कों पर निकले, तो सभी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। यह रैली भावी पीढ़ी द्वारा समाज को पानी की कीमत समझाने का एक अनूठा प्रयास थी। यह जन-जागरूकता रैली स्कूल परिसर से शुरू होकर कस्बे के प्रमुख मार्गों से गुजरी। तपती धूप की परवाह किए बिना, बच्चों ने जोश के साथ लोगों से बूंद-बूंद पानी सहेजने और वर्षा जल संचयन (रेन वाटर हार्वेस्टिंग) अपनाने की अपील की। रैली में शिक्षकों और स्कूल स्टाफ का भी उत्साह देखने लायक था, और नगरवासियों ने बच्चों के इस प्रयास की खुलकर तारीफ की। स्कूल प्रशासन ने जोर दिया कि पानी बचाना आज की सबसे बड़ी जरूरत है और बच्चों द्वारा दिए गए संदेश का समाज पर गहरा और सकारात्मक असर पड़ता है। जल संरक्षण के इस महत्वपूर्ण संदेश के साथ ही, विद्यालय में इन दिनों रचनात्मक गतिविधियों का भी आयोजन किया जा रहा है। स्कूल परिसर में चल रहे ग्रीष्मकालीन समर कैंप में अरनोद और आसपास के ग्रामीण इलाकों की बेटियां और महिलाएं आत्मनिर्भरता के गुर सीख रही हैं। शिविर में सिलाई, पेंटिंग, मेहंदी, डांस और ब्यूटी पार्लर जैसे शॉर्ट-टर्म कोर्सेज का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। विद्यालय प्रशासन का मानना है कि यह कैंप न केवल महिलाओं के कौशल को बढ़ा रहा है, बल्कि उनकी छिपी हुई प्रतिभा को भी एक नया मंच प्रदान कर रहा है। इस कार्यक्रम में विद्यालय परिवार से वरिष्ठ अध्यापक हेमलता मीना, भानु प्रिया वैष्णव, अक्षिता चौधरी, मानसिंह देवड़ा और राजेंद्र कुमावत उपस्थित रहे। इनके साथ ही प्रयोगशाला सहायक पूजा कुमावत तथा अध्यापक दयाशंकर मीना, प्रेमलता मीना और सुनीता मीना भी मौजूद थीं। विजय सिंह राठौड़ भी उपस्थित लोगों में शामिल थे।4
- नीमच में यातायात पुलिस ने सड़क सुरक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण पहल की है। इस पहल के तहत, पुलिस ने शहर के रेड स्पॉट, यानी दुर्घटना संभावित स्थानों पर ऐसे बोर्ड लगाए हैं जिन पर मौत के आंकड़े दर्शाए गए हैं। यह कदम 'सावधानी हटी दुर्घटना घंटी' के संदेश को प्रभावी ढंग से प्रसारित करने और लोगों को यातायात सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से उठाया गया है।1
- मध्य प्रदेश में नौतपा के कारण 44 जिलों में भीषण हीटवेव चलने का अनुमान है। इसके चलते निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना और सतना जिलों के लिए लू का रेड अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग की खास रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के प्रमुख शहर भोपाल और ग्वालियर में भी पारा चढ़ा रहेगा और अत्यधिक गर्मी महसूस की जाएगी।1