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मैहर विधायक नाम के पानी के टैंकर का किया जा निजी उपयोग आखिर क्यो हम बात कर रहे है बेरमा टमाटर मंडी के पास की है जहा पर निजी को मकान बनाने के लिये के विधायक नाम के पानी टैंकर का उपयोग किया जाता देखा जा सकता है जो बड़ा निंदनीय है क्या यह पानी के टैकर किसी के निजी उपयोग के लिये है
AIMA MEDIYA (जन - जन की आवाज) सतना मध्यप्रदेश
मैहर विधायक नाम के पानी के टैंकर का किया जा निजी उपयोग आखिर क्यो हम बात कर रहे है बेरमा टमाटर मंडी के पास की है जहा पर निजी को मकान बनाने के लिये के विधायक नाम के पानी टैंकर का उपयोग किया जाता देखा जा सकता है जो बड़ा निंदनीय है क्या यह पानी के टैकर किसी के निजी उपयोग के लिये है
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- सागर। मध्यप्रदेश के सागर जिले से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। यहाँ सिविल लाइन थाना क्षेत्र के बम्होरी तिगड्डा पर शादी समारोह के दौरान हुए मामूली विवाद ने इतना हिंसक रूप ले लिया कि 5 लोगों ने मिलकर एक पिता-पुत्र पर जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में पिता की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि बेटा गंभीर रूप से घायल है। क्या है पूरा मामला? जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान प्रदीप पांडे (40 वर्ष), निवासी बाग खैजरा के रूप में हुई है। प्रदीप अपने बेटे के साथ एक शादी समारोह में शामिल होने गए थे। वहाँ किसी बात को लेकर उनका कुछ लोगों से विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ा कि आरोपियों ने पिता-पुत्र को घेर लिया और उन पर टूट पड़े। बेरहमी की हदें पार: साइकिल की चेन और पत्थरों से हमला प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस के अनुसार, हमलावरों ने क्रूरता की सारी हदें पार कर दीं। आरोपियों ने पहले बाप-बेटे की साइकिल की चेन से बेरहमी से पिटाई की। इसके बाद प्रदीप पांडे को जमीन पर पटककर उनके सिर और मुंह को भारी पत्थरों से कुचल दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। बेटे की हालत गंभीर इस हमले में प्रदीप का बेटा भी बुरी तरह घायल हुआ है। उसके सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आई हैं। उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उसकी हालत चिंताजनक बनी हुई है। पुलिस की कार्रवाई घटना की सूचना मिलते ही सिविल लाइन थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। इलाके में इस घटना के बाद से भारी तनाव और आक्रोश का माहौल है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों की पहचान की जा रही है और जल्द ही उन्हें सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। ब्यूरो रिपोर्ट: मध्य भारत न्यूज़, सागर1
- कोख में ही खत्म हुई दुनिया,घटना के बाद हडकम्प। मोहन्द्रा चौकी अंतर्गत पडवार की घटना पूरी जानकारी के लिए वीडिओ1
- *पंचायत भवन और स्वास्थ्य केंद्र के पास शराब दुकान का विरोध,ग्रामीणों ने दी 'चक्काजाम' की चेतावनी* *🚨पत्रकार उमेश चौधरी 🚨* *निर्भीकता से कोई समझौता नहीं* मध्य प्रदेश मैहर जिले की ग्राम पंचायत भदनपुर उत्तर पट्टी में शराब दुकान के स्थान परिवर्तन को लेकर स्थानीय प्रशासन और ग्रामीणों के बीच तनाव की स्थिति पैदा हो गई है। सरपंच राहुल गुप्ता के नेतृत्व में ग्रामीणों ने पंचायत भवन और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के समीप शराब दुकान खोले जाने का कड़ा विरोध करते हुए इसे नियमों के विरुद्ध बताया है। *विरोध का मुख्य कारण सार्वजनिक गरिमा और सुरक्षा* ग्रामीणों का स्पष्ट तर्क है कि जिस स्थान पर भाटिया शराब कंपनी द्वारा दुकान संचालित की जा रही है, वह सीधे तौर पर जनसुविधाओं को प्रभावित कर रही है: स्वास्थ्य सेवाओं में बाधा: स्वास्थ्य केंद्र में आने वाली महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को शराबियों के जमावड़े और असामाजिक तत्वों के अभद्र व्यवहार का सामना करना पड़ सकता है। शासकीय कार्य में व्यवधान: पंचायत भवन ग्रामीण विकास और शासन का केंद्र होता है। इसके निकट शराब की बिक्री से सरकारी कार्यालय की गरिमा और वहां आने वाले नागरिकों की सुरक्षा पर प्रश्नचिह्न लग रहा है *प्रशासन को अल्टीमेटम: 7 दिन का समय* मामले की गंभीरता को देखते हुए सरपंच राहुल गुप्ता और ग्रामवासियों ने मैहर कलेक्टर एवं एसडीएम (SDM) को एक लिखित ज्ञापन सौंपा है। ग्रामीणों ने प्रशासन को उचित कार्यवाही और दुकान हटाने के लिए 7 दिन की समय सीमा दी है। ज्ञापन में चेतावनी दी गई है कि यदि निर्धारित समय में समाधान नहीं हुआ, तो ग्रामीण उग्र आंदोलन, चक्काजाम और तालाबंदी के लिए मजबूर होंगे। *कानूनी पहलू और आबकारी नियम (Excise Rules)* इस मामले में ग्रामीणों का पक्ष कानूनी रूप से सुदृढ़ प्रतीत होता है। सामान्यतः राज्य आबकारी नियमों के अंतर्गत निम्नलिखित प्रावधान प्रभावी होते हैं (1)निश्चित दूरी का नियम: आबकारी नीति के अनुसार, शराब की दुकान धार्मिक स्थलों, शिक्षण संस्थानों और अस्पतालों (Health Centers) से एक निर्धारित न्यूनतम दूरी (सामान्यतः 50 से 100 मीटर) पर होनी चाहिए (2)सार्वजनिक आपत्ति यदि किसी दुकान के स्थान से जनशांति भंग होने या सार्वजनिक सुरक्षा को खतरा होने की प्रबल संभावना हो, तो कलेक्टर के पास उस स्थान को बदलने या लाइसेंस रद्द करने के विशेष अधिकार होते हैं ग्राम सभा का अधिकार कई राज्यों में ग्राम सभा के पास यह संवैधानिक शक्ति होती है कि वह अपने क्षेत्र में शराब दुकान के संचालन के विरुद्ध प्रस्ताव पारित कर सके "हम विकास चाहते हैं, विवाद नहीं लेकिन स्वास्थ्य केंद्र और पंचायत जैसी पवित्र जगहों के पास शराब का अड्डा किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है। प्रशासन को जनभावनाओं का सम्मान करना चाहिए।" — राहुल गुप्ता, सरपंच1
- मैहर (मध्य भारत न्यूज़)। मैहर जिले के रामनगर थाना क्षेत्र से मानवता को शर्मसार करने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ के ग्राम बाबूपुर में वर्षों पुराने जमीनी विवाद के चलते एक पूर्व सरपंच ने अपने साथियों के साथ मिलकर न केवल एक बुजुर्ग किसान की संपत्ति को आग के हवाले कर दिया, बल्कि महिला के साथ भी अभद्रता की। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। क्या है पूरा मामला? मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित रामलाल सोनी (59 वर्ष) का उनके पड़ोसी वशगोपाल पटेल के बीच दशकों से जमीन को लेकर विवाद चला आ रहा है। रविवार को यह विवाद उस समय उग्र हो गया जब पूर्व सरपंच और उसके साथियों ने रामलाल सोनी के घर के सामने रखी 'सेटिंग' की लकड़ियों (निर्माण कार्य में प्रयुक्त होने वाला सामान) में खुलेआम आग लगा दी। पीड़ित परिवार का आरोप पीड़ित रामलाल सोनी ने पुलिस को बताया कि आरोपी पक्ष लंबे समय से उन्हें प्रताड़ित कर रहा है। आगजनी की इस घटना के दौरान जब परिवार ने उन्हें रोकने की कोशिश की, तो आरोपियों ने किसान की पत्नी के साथ भी बदसलूकी और गाली-गलौज की। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि देखते ही देखते कीमती लकड़ियां राख के ढेर में तब्दील हो गईं। मुख्य बिंदु: स्थान: ग्राम बाबूपुर, थाना रामनगर, जिला मैहर। आरोपी: पूर्व सरपंच और उसके सहयोगी। वजह: दशकों पुराना जमीनी विवाद। कार्रवाई: पुलिस मामले की जांच कर रही है और वायरल वीडियो को साक्ष्य के तौर पर देखा जा रहा है। "गांव में सरेआम इस तरह की आगजनी और बुजुर्ग दंपत्ति के साथ दुर्व्यवहार ने कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है।" पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों के खिलाफ उचित कानूनी धाराएं लगाई जा रही हैं। ब्यूरो रिपोर्ट: मध्य भारत न्यूज़, मैहर1
- सड़क के गड्ढे बने काल: रॉन्ग साइड आए ट्रक ने बाइक सवारों को रौंदा, एक की मौत, दो गंभीर। पन्ना-कटनी रोड की जर्जर हालत और जानलेवा गड्ढों ने आज रविवार 15 मार्च को एक और हंसते-खेलते परिवार की खुशियां छीन लीं। शाहनगर थाना क्षेत्र के केन नदी के पास एक भीषण सड़क हादसा हो गया। गड्ढों से बचने की कोशिश में एक अनियंत्रित बाक्साइड से भरे ट्रक ने बाइक सवार तीन युवकों को जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में घायल एक युवक ने कटनी पहुंचते ही दम तोड़ दिया, जबकि दो अन्य की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। *हादसे का मंजर: गड्ढों ने बिछाया मौत का जाल* प्रत्यक्षदर्शी आशीष पाण्डेय ने बताया कि सड़क पर इतने बड़े और खतरनाक गड्ढे हैं कि वहां से वाहन निकालना किसी चुनौती से कम नहीं है। एक ट्रक चालक सड़क पर मौजूद गहरे गड्ढों से अपने वाहन को बचाने की कोशिश कर रहा था। इसी फेर में ट्रक अचानक रॉन्ग साइड (गलत दिशा) पर आ गया। उसी वक्त सामने से आ रही बाइक ट्रक की चपेट में आ गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि तीनों युवक सड़क पर दूर जा गिरे और लहूलुहान होकर बेहोश हो गए। एक युवक तो ट्रक के नीचे तक जा घुसा था। *पुलिस और राहगीरों ने संभाला मोर्चा* घटना के तुरंत बाद मौके पर मौजूद वन रक्षक आशीष पांडेय एवं राजकमल पांडेय और अन्य राहगीरों ने सक्रियता दिखाई। सूचना मिलते ही शाहनगर पुलिस मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) शाहनगर ले जाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें जिला अस्पताल कटनी रेफर कर दिया। हादसे का शिकार हुए तीनों युवक पड़ोसी जिले कटनी के निवासी हैं जिनमें भारत केवट (22 वर्ष) - निवासी ग्राम पिपरा, थाना विजयराघवगढ़, राजकुमार केवट (24 वर्ष) - निवासी ग्राम पिपरा, थाना विजयराघवगढ़ एवं अमित केवट (28 वर्ष) - निवासी ग्राम पिपरा, थाना विजयराघवगढ़। बताया जा रहा है कि तीनो अमानगंज सीमेंट प्लांट में कार्यरत थे जो रविवार होने की वजह से अपने घर बाइक पर सवार होकर जा रहे थे। मिली जानकारी के अनुसार, कटनी पहुंचते ही इलाज शुरू होने से पहले ही एक युवक ने दम तोड़ दिया है। अन्य दो घायलों का उपचार जारी है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि पन्ना-कटनी रोड की हालत लंबे समय से जर्जर है। सड़क पर बने ये गड्ढे आए दिन हादसों को दावत दे रहे हैं, लेकिन प्रशासन मौन है। आज की घटना ने एक बार फिर सड़क सुधार की कछुआ चाल और लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।1
- आज के इस डिजिटल युग में, सोशल मीडिया का दुरुपयोग किसी के भी जीवन को प्रभावित कर सकता है1