राष्ट्रीय लोकदल ने नाले की सफाई और जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने को लेकर जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन नगर पालिका की जल निकासी व्यवस्था को लेकर किसानों की परेशानी अब जिला प्रशासन तक पहुंच गई है। राष्ट्रीय लोक दल, जनपद मऊ के जिलाध्यक्ष देवेंद्र सिंह ने जिलाधिकारी मऊ को ज्ञापन सौंपकर नाले की सफाई और जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग की है। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि नगर पालिका अदरी के जल निकासी की सही व्यवस्था नहीं होने के कारण करीब 500 एकड़ फसल हर वर्ष जलभराव से प्रभावित हो रही है। बताया गया है कि किसानों के खेतों का पानी छोटी नहर के जरिए तमसा नदी में गिरता है, लेकिन लंबे समय से सफाई नहीं होने के कारण नहर जाम और अवरुद्ध हो गई है। ज्ञापन के मुताबिक, पहले हर साल बारिश से पहले मई-जून में नाले की सफाई कराई जाती थी, लेकिन अब सफाई नहीं होने से पानी का बहाव रुक गया है। इसका सीधा असर किसानों की धान और गेहूं की फसल पर पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि जलभराव की समस्या के कारण खेती बर्बाद होने की स्थिति में पहुंच गई है। इसी को लेकर राष्ट्रीय लोक दल ने प्रशासन से नाले की तत्काल सफाई और जल निकासी का अवरुद्ध मार्ग खुलवाने की मांग की है, ताकि किसानों की फसल की समय पर कटाई और बुआई हो सके।
राष्ट्रीय लोकदल ने नाले की सफाई और जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने को लेकर जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन नगर पालिका की जल निकासी व्यवस्था को लेकर किसानों की परेशानी अब जिला प्रशासन तक पहुंच गई है। राष्ट्रीय लोक दल, जनपद मऊ के जिलाध्यक्ष देवेंद्र सिंह ने जिलाधिकारी मऊ को ज्ञापन सौंपकर नाले की सफाई और जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग की है। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि नगर पालिका अदरी के जल निकासी की सही व्यवस्था नहीं होने के कारण करीब 500 एकड़ फसल हर वर्ष जलभराव से प्रभावित हो रही है। बताया गया है कि किसानों के खेतों का पानी छोटी नहर के जरिए तमसा नदी में गिरता है,
लेकिन लंबे समय से सफाई नहीं होने के कारण नहर जाम और अवरुद्ध हो गई है। ज्ञापन के मुताबिक, पहले हर साल बारिश से पहले मई-जून में नाले की सफाई कराई जाती थी, लेकिन अब सफाई नहीं होने से पानी का बहाव रुक गया है। इसका सीधा असर किसानों की धान और गेहूं की फसल पर पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि जलभराव की समस्या के कारण खेती बर्बाद होने की स्थिति में पहुंच गई है। इसी को लेकर राष्ट्रीय लोक दल ने प्रशासन से नाले की तत्काल सफाई और जल निकासी का अवरुद्ध मार्ग खुलवाने की मांग की है, ताकि किसानों की फसल की समय पर कटाई और बुआई हो सके।
- राष्ट्रीय लोकदल ने नाले की सफाई और जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने को लेकर जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन नगर पालिका की जल निकासी व्यवस्था को लेकर किसानों की परेशानी अब जिला प्रशासन तक पहुंच गई है। राष्ट्रीय लोक दल, जनपद मऊ के जिलाध्यक्ष देवेंद्र सिंह ने जिलाधिकारी मऊ को ज्ञापन सौंपकर नाले की सफाई और जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग की है। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि नगर पालिका अदरी के जल निकासी की सही व्यवस्था नहीं होने के कारण करीब 500 एकड़ फसल हर वर्ष जलभराव से प्रभावित हो रही है। बताया गया है कि किसानों के खेतों का पानी छोटी नहर के जरिए तमसा नदी में गिरता है, लेकिन लंबे समय से सफाई नहीं होने के कारण नहर जाम और अवरुद्ध हो गई है। ज्ञापन के मुताबिक, पहले हर साल बारिश से पहले मई-जून में नाले की सफाई कराई जाती थी, लेकिन अब सफाई नहीं होने से पानी का बहाव रुक गया है। इसका सीधा असर किसानों की धान और गेहूं की फसल पर पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि जलभराव की समस्या के कारण खेती बर्बाद होने की स्थिति में पहुंच गई है। इसी को लेकर राष्ट्रीय लोक दल ने प्रशासन से नाले की तत्काल सफाई और जल निकासी का अवरुद्ध मार्ग खुलवाने की मांग की है, ताकि किसानों की फसल की समय पर कटाई और बुआई हो सके।2
- सेवा संकल्प अभियान के तहत मऊ में जागरूकता कार्यक्रम, नुक्कड़ नाटक और प्रतियोगिताओं का आयोजन सेवा संकल्प अभियान के तहत मऊ में जागरूकता कार्यक्रम, नुक्कड़ नाटक और प्रतियोगिताओं का आयोजन मऊ में सेवा संकल्प अभियान के तहत आमजन को जनकल्याणकारी योजनाओं और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी देने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की दो टीमें अलग-अलग स्थानों पर नुक्कड़ नाटक के जरिए लोगों को योजनाओं और अभियान के उद्देश्यों के प्रति जागरूक कर रही हैं। वहीं घोसी तहसील के जैश किसान इंटर कॉलेज, बनगांव में माध्यमिक विद्यालयों के विद्यार्थियों के लिए रंगोली और पोस्टर प्रतियोगिता आयोजित हुई। प्रतियोगिता में जूनियर और सीनियर वर्ग के विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। इसके अलावा जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में जनप्रतिनिधियों की ओर से पौधरोपण भी किया गया। लोगों से पौधों की नियमित देखभाल और संरक्षण की अपील की गई। अभियान के तहत विभागों और संस्थाओं की ओर से जनभागीदारी बढ़ाने और योजनाओं का लाभ आमजन तक पहुंचाने के लिए लगातार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।1
- जनपद के दोहरीघाट ब्लॉक के अंतर्गत आने वाली [ग्राम पंचायत चकउथ] 40 साल पुराना पंचायत भवन तेज बारिश के कारण जमींदोज हो गया है। इस घटना के बाद स्थानीय ग्राम प्रधान गोपी कुमार और प्रधान प्रतिनिधि विजय कुमार बागी ने जनप्रतिनिधियों और प्रशासन की उदासीनता के खिलाफ गहरा आक्रोश व्यक्त किया है ## 🚨 मऊ क्रांति ग्राउंड रिपोर्ट: तेज बारिश से ढहा चकउथ का 40 साल पुराना पंचायत भवन; प्रधान प्रतिनिधि विजय बागी बोले— 'दलित बस्ती होने के कारण नेताओं ने फेर ली नजर' मऊ (विशेष ब्यूरो): जनपद मऊ के दोहरीघाट विकास खंड अंतर्गत ग्राम पंचायत चकउथ से विकास के दावों की पोल खोलती हुई एक बेहद दर्दनाक और चिंताजनक तस्वीर सामने आई है। क्षेत्र में लगातार हो रही तेज बारिश के चलते ग्राम सभा का करीब 40 वर्ष पुराना जर्जर पंचायत भवन भरभरा कर जमींदोज हो गया। गनीमत रही कि हादसे के वक्त भवन के भीतर कोई मौजूद नहीं था, वरना एक बड़ा प्रशासनिक हादसा हो सकता था। इस घटना के बाद ग्राम प्रधान गोपी कुमार और प्रधान प्रतिनिधि विजय कुमार बागी ने व्यवस्था पर तीखा प्रहार करते हुए क्षेत्र के सांसदों, विधायकों और जिला पंचायत के पुराने नेतृत्व को कटघरे में खड़ा कर दिया है। ## 📌 नेताओं ने हमेशा की अनदेखी, चुनावी वादे निकले खोखले घटनास्थल का मुआयना करने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए जुझारू प्रधान प्रतिनिधि विजय कुमार बागी का दर्द छलक उठा। उन्होंने बेहद आक्रोशित लहजे में कहा, "क्षेत्र में चुनाव आते ही नेताओं का तांता लग जाता है। इस क्षेत्र में बहुत से ग्राम प्रधान बने, विधायक, सांसद और जिला पंचायत सदस्य आए और चले गए, लेकिन आज तक किसी भी बड़े जनप्रतिनिधि की नजर इस अत्यंत महत्वपूर्ण पंचायत भवन पर नहीं पड़ी। इस भवन की मरम्मत और सुदृढ़ीकरण के लिए कई बार गुहार लगाई गई, लेकिन सबने इसे नजरअंदाज कर दिया।" ## 🛑 'दलित बस्ती होने के कारण लोग आने से कतराते हैं' — बड़ा आरोप प्रधान प्रतिनिधि विजय कुमार बागी ने सीधे तौर पर समाज और राजनीति के ठेकेदारों की मानसिकता पर प्रहार करते हुए एक गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "सच्चाई यह है कि लोग हमारी ग्राम सभा में आना ही नहीं चाहते हैं। हमारे गांव को हमेशा उपेक्षा की नजर से देखा गया क्योंकि मेरा गांव एक दलित बस्ती है। नेताओं और अधिकारियों के लिए यह सिर्फ एक वोट बैंक का जरिया है, यही वजह है कि आज 40 साल पुरानी सरकारी इमारत बारिश के पानी में बह गई, लेकिन किसी को कोई फर्क नहीं पड़ता।" ## 💼 वरिष्ठ पत्रकार अब्दुल रहमान इदरीसी ने की तुरंत नए भवन की मांग इस पूरी घटना पर ग्राउंड ज़ीरो से रिपोर्टिंग कर रहे 'राष्ट्रीय पत्रकार संघ भारत' के उत्तर प्रदेश प्रचार मंत्री एवं 'मऊ क्रांति' के विशेष जिला संवाददाता पत्रकार अब्दुल रहमान इदरीसी ने जिला प्रशासन और शासन का ध्यान इस ओर आकर्षित किया है। अब्दुल रहमान इदरीसी ने अपनी विशेष रिपोर्ट में कहा कि डिजिटल मंच "बहुजन की आवाज अब्दुल रहमान के साथ" हमेशा शोषितों और वंचितों के हक की लड़ाई लड़ता रहेगा। उन्होंने मऊ के जिलाधिकारी (DM) से मांग की है कि चकउथ ग्राम सभा की इस दलित बस्ती की उपेक्षा को तुरंत बंद किया जाए और गिरे हुए भवन के स्थान पर तत्काल प्रभाव से एक आधुनिक और सर्वसुविधायुक्त 'नए पंचायत भवन' के निर्माण की स्वीकृति दी जाए ताकि ग्रामीणों को सरकारी कार्यों के लिए भटकना न पड़े। ------------------------------ मुख्य ग्राउंड रिपोर्टर: अब्दुल रहमान इदरीसी (प्रचार मंत्री - उत्तर प्रदेश, राष्ट्रीय पत्रकार संघ भारत एवं जिला संवाददाता - मऊ क्रांति) आधिकारिक डिजिटल आवाज: "बहुजन की आवाज अब्दुल रहमान के साथ" (फेसबुक पेज) ------------------------------ #Hashtags For #Social #Media: #MauNews #DohriGhat #Chakauth #PanchayatBhawan #GramPradhan #DalitBasti #UpravaNews #MauKranti #Samachar #BreakingNews #UttarPradeshGovernment #BahujanKiAwaaz #AdministrativeNegligence #RainDamage ------------------------------3
- 728 लोगों के नाम गायब! SIR के बाद सिर्फ 1 नाम बचा? वोटर लिस्ट पर बड़ा सवाल! यमुना किनारे बसी बेला एस्टेट को लेकर मतदाता सूची पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। बताया जा रहा है कि यहां करीब 728 लोग लंबे समय से रह रहे हैं, लेकिन SIR प्रक्रिया के बाद मतदाता सूची में केवल एक व्यक्ति का नाम दर्ज रहने की बात सामने आई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इनमें से कई लोग 2024 के लोकसभा और 2025 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में मतदान भी कर चुके हैं। स्थानीय निवासियों के मुताबिक, 2023 में उनके घरों पर कार्रवाई हुई थी, लेकिन इसके बावजूद वे क्षेत्र में रह रहे हैं। इसी बीच मतदाता सूची में इतने बड़े स्तर पर नाम हटने को लेकर सवाल खड़े हुए हैं। मामले को लेकर प्रशासन से यह सवाल पूछा जा रहा है कि किस आधार पर इतने लोगों के नाम हटाए गए और क्या सभी प्रभावित लोगों को अपनी बात रखने का पर्याप्त अवसर मिला? चुनाव प्रक्रिया में मतदाता का अधिकार केवल उसके मकान की स्थिति से तय नहीं होता। इसलिए पूरे मामले की पारदर्शी जांच और तथ्य सार्वजनिक किए जाने की मांग उठ रही है। यह मामला सिर्फ 728 नामों का नहीं, बल्कि उन लोगों के मताधिकार और लोकतांत्रिक भागीदारी से जुड़ा सवाल है। सवाल साफ है—अगर इतने लोगों के नाम हटे हैं, तो इसकी पूरी प्रक्रिया और कारण जनता के सामने कब आएंगे? #VoterList #SIR #Delhi #Yamuna #VoterRights #CJP #CockroachJantaParty #schoolthikkro #YouthMovement1
- रेवतीपुर में सात हिस्ट्रीशीटरों की परेड, अपराध से दूर रहने की दिलाई शपथ । रेवतीपुर में सात हिस्ट्रीशीटरों की परेड, अपराध से दूर रहने की दिलाई शपथ रेवतीपुर, गाजीपुर। गुरुवार को थाना रेवतीपुर परिसर में प्रभारी निरीक्षक धर्मदास सिद्धार्थ ने थाना क्षेत्र के सात हिस्ट्रीशीटरों की हाजिरी व परेड कराई। इस दौरान सभी को अपराध न करने के लिए शपथ दिलाई गई।प्रभारी निरीक्षक ने हिस्ट्रीशीटरों को सख्त हिदायत देते हुए कहा कि क्षेत्र में अमन-चैन और शांति व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करें। यदि हिस्ट्रीशीटर द्वारा स्वयं या उसके गुर्गों द्वारा कहीं भी किसी भी प्रकार का अपराध किया जाता है, तो उसके विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।उन्होंने कहा कि प्रत्येक हिस्ट्रीशीटर की गतिविधियों पर पुलिस की पैनी नजर है। सभी को थाने में नियमित रूप से हाजिरी लगानी होगी और अपने वर्तमान पते व क्रियाकलापों की जानकारी पुलिस को देनी होगी।थाना प्रभारी ने बताया कि हिस्ट्रीशीटरों को शपथ दिलाई गई कि वे स्वयं तथा उनके द्वारा कोई भी अपराध क्षेत्र में नहीं किया जाएगा। यदि जांच में उनके या उनके सहयोगियों के द्वारा किसी अपराध में संलिप्तता पाई जाती है, तो उनके विरुद्ध गैंगस्टर, जिला बदर व अन्य कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।इस मौके पर थाने के अन्य पुलिस अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे। पुलिस की इस कार्रवाई से अपराधियों में हड़कंप मचा हुआ है, वहीं स्थानीय लोगों ने पुलिस के इस कदम की सराहना की है।1
- 72 घंटे से बिजली गुल, ग्रामीणों का फूटा गुस्सा; भीमपुरा-बेलौली मार्ग पर लगाया जा बिल्थरारोड तहसील क्षेत्र अंतर्गत रजईपुर विद्युत उपकेंद्र से सम्बद्ध गांव में 72 घंटे बाद भी बिजली नहीं आई तो ग्रामीणों ने जाम किया मार्ग, बलिया। चक्रवाती तूफान के दौरान पेड़ गिरने से क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था चरमरा गई। उधरन-सेमरी क्षेत्र में 72 घंटे बाद भी बिजली आपूर्ति बहाल नहीं होने से नाराज ग्रामीणों का सोमवार को आक्रोश फूट पड़ा। ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान प्रतिनिधि शक्ति कुमार सिंह के नेतृत्व में सेमरी गांव के समीप भीमपुरा-बेलौली मार्ग पर आंशिक जाम लगा दिया और विद्युत विभाग के खिलाफ नाराजगी जताई। ग्रामीणों का आरोप था कि रजईपुर विद्युत उपकेंद्र के कर्मचारियों को बार-बार सूचना देने के बावजूद विद्युत आपूर्ति बहाल करने में लापरवाही बरती गई। ग्रामीणों ने कहा कि बिजली बिल वसूलने के लिए कर्मचारी समय से गांवों में पहुंच जाते हैं, लेकिन आपूर्ति बाधित होने पर शिकायत के बाद भी समस्या के समाधान में देरी होती है। इस दौरान ग्रामीणों ने क्षेत्र में जर्जर विद्युत तार और पुराने खंभों की समस्या भी उठाई। उनका कहना था कि जर्जर विद्युत व्यवस्था के कारण आए दिन आपूर्ति बाधित होती है, लेकिन शिकायतों के बावजूद विभाग की ओर से स्थायी समाधान के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। मार्ग जाम की सूचना मिलते ही विद्युत विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और आपूर्ति बहाल करने के कार्य में जुट गए। कर्मचारियों के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने जाम समाप्त कर दिया। देर रात बिजली आपूर्ति बहाल होने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। रजईपुर विद्युत उपकेंद्र के अवर अभियंता हुकुमचंद ने बताया कि चक्रवाती तूफान के कारण क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई थी। विभागीय कर्मचारी दिन-रात लगकर विद्युत व्यवस्था दुरुस्त करने में जुटे थे। उन्होंने बताया कि क्षेत्र के सभी गांवों में विद्युत आपूर्ति बहाल कर दी गई है। जाम के दौरान कल्पनाथ राव, कौशल गोस्वामी, पिंटू कुमार, शिवम समेत अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।4
- मऊ। थाना दक्षिण टोला क्षेत्र में सोमवार को टेंट लगाने के दौरान बिजली की चपेट में आने से तीन लोग गंभीर रूप से झुलसकर गिर पड़े। घटना की सूचना पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के संबंध में क्षेत्राधिकारी नगर ने बताया कि पुलिस द्वारा आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। घटना के कारणों की भी जांच की जा रही है। शवों को कब्जे में लेकर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।1
- शादी वाले घर में टेंट लगाते समय हाईटेंशन तार की चपेट में आने से तीन लोगों की मौत मऊ। दक्षिण टोला थाना क्षेत्र के डोमनपुरा इस्लामाबाद मोहल्ले में शादी वाले घर में टेंट लगाते समय हाईटेंशन तार की चपेट में आने से तीन लोगों की मौत हो गई। मृतकों में घर का एक सदस्य और टेंट लगाने वाले दो कर्मचारी शामिल हैं। मिली जानकारी के अनुसार, घर की एक मंजिला छत पर टेंट लगाया जा रहा था। इसी दौरान ऊपर से गुजर रहे हाईटेंशन तार की चपेट में आने से तीनों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान महमूद (घर का सदस्य) और इरफान व कामिल (टेंट कर्मचारी) के रूप में हुई है।घटना दक्षिण टोला थाना क्षेत्र के डोमनपुरा इस्लामाबाद मोहल्ले की है। बताया जा रहा है कि घर की छत पर टेंट लगाया जा रहा था, तभी ऊपर से गुजर रहे हाईटेंशन तार की चपेट में आने से तीनों की जान चली गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। सीओ सिटी नितेश कुमार सिंह और सिटी मजिस्ट्रेट भी मौके पर पहुंचे। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। आइए सुनते हैं, इस पूरे मामले पर सीओ सिटी नितेश कुमार सिंह ने क्या जानकारी दी।1