गढ़वा जिले के चिनिया थाना क्षेत्र के कई गांवों में जंगली हाथियों की संभावित मौजूदगी को लेकर वन विभाग ने शनिवार रात रेड अलर्ट जारी कर दिया है। यह चेतावनी शनिवार शाम चिनिया, चिरका, हेताड़कलां, तहले और रानीचेरी सहित आस-पास के क्षेत्रों में हाथियों को देखे जाने की सूचना मिलने के बाद, रात 8 बजे एहतियात के तौर पर घोषित की गई। प्रभारी वनपाल अनिमेष कुमार ने इस जानकारी की पुष्टि की है। वन विभाग ने ग्रामीणों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है, जिसमें अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलना और रात के समय खेत, बगीचे या जंगल की ओर जाने से बचना शामिल है। विभाग ने बच्चों और बुजुर्गों का खास ध्यान रखने तथा हाथियों के नजदीक जाने या उन्हें छेड़ने की कोशिश न करने की कड़ी हिदायत दी है। साथ ही, ग्रामीणों से किसी भी गांव या क्षेत्र में हाथी दिखाई देने पर तत्काल वन विभाग को सूचना देने का आग्रह किया गया है, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके। विभाग ने चेतावनी दी है कि "हाथी कभी भी गांवों की ओर रुख कर सकते हैं। इसलिए सभी ग्रामीण पूरी सतर्कता बरतें और सुरक्षित स्थानों पर रहें।" वन विभाग की टीम पूरी रात स्थिति पर पैनी नज़र बनाए हुए है और ग्रामीणों से लगातार सतर्क रहने की अपील कर रही है।
गढ़वा जिले के चिनिया थाना क्षेत्र के कई गांवों में जंगली हाथियों की संभावित मौजूदगी को लेकर वन विभाग ने शनिवार रात रेड अलर्ट जारी कर दिया है। यह चेतावनी शनिवार शाम चिनिया, चिरका, हेताड़कलां, तहले और रानीचेरी सहित आस-पास के क्षेत्रों में हाथियों को देखे जाने की सूचना मिलने के बाद, रात 8 बजे एहतियात के तौर पर घोषित की गई। प्रभारी वनपाल अनिमेष कुमार ने इस जानकारी की पुष्टि की है। वन विभाग ने ग्रामीणों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है, जिसमें अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलना और रात के समय खेत, बगीचे या जंगल की ओर जाने से बचना शामिल है। विभाग ने बच्चों और बुजुर्गों का खास ध्यान रखने तथा हाथियों के नजदीक जाने या उन्हें छेड़ने की कोशिश न करने की कड़ी हिदायत दी है। साथ ही, ग्रामीणों से किसी भी गांव या क्षेत्र में हाथी दिखाई देने पर तत्काल वन विभाग को सूचना देने का आग्रह किया गया है, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके। विभाग ने चेतावनी दी है कि "हाथी कभी भी गांवों की ओर रुख कर सकते हैं। इसलिए सभी ग्रामीण पूरी सतर्कता बरतें और सुरक्षित स्थानों पर रहें।" वन विभाग की टीम पूरी रात स्थिति पर पैनी नज़र बनाए हुए है और ग्रामीणों से लगातार सतर्क रहने की अपील कर रही है।
- गढ़वा जिले के चिनिया थाना क्षेत्र के कई गांवों में जंगली हाथियों की संभावित मौजूदगी को लेकर वन विभाग ने शनिवार रात रेड अलर्ट जारी कर दिया है। यह चेतावनी शनिवार शाम चिनिया, चिरका, हेताड़कलां, तहले और रानीचेरी सहित आस-पास के क्षेत्रों में हाथियों को देखे जाने की सूचना मिलने के बाद, रात 8 बजे एहतियात के तौर पर घोषित की गई। प्रभारी वनपाल अनिमेष कुमार ने इस जानकारी की पुष्टि की है। वन विभाग ने ग्रामीणों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है, जिसमें अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलना और रात के समय खेत, बगीचे या जंगल की ओर जाने से बचना शामिल है। विभाग ने बच्चों और बुजुर्गों का खास ध्यान रखने तथा हाथियों के नजदीक जाने या उन्हें छेड़ने की कोशिश न करने की कड़ी हिदायत दी है। साथ ही, ग्रामीणों से किसी भी गांव या क्षेत्र में हाथी दिखाई देने पर तत्काल वन विभाग को सूचना देने का आग्रह किया गया है, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके। विभाग ने चेतावनी दी है कि "हाथी कभी भी गांवों की ओर रुख कर सकते हैं। इसलिए सभी ग्रामीण पूरी सतर्कता बरतें और सुरक्षित स्थानों पर रहें।" वन विभाग की टीम पूरी रात स्थिति पर पैनी नज़र बनाए हुए है और ग्रामीणों से लगातार सतर्क रहने की अपील कर रही है।1
- झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय सदस्य और मीडिया पैनलिस्ट धीरज दुबे ने गढ़वा जिले में बढ़ते भूमि विवादों और भू-माफियाओं की सक्रियता पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने जिला प्रशासन से इन मामलों का त्वरित और निष्पक्ष निपटारा करने की मांग करते हुए कहा कि भूमि विवाद अब केवल राजस्व संबंधी समस्या नहीं रहे, बल्कि ये कानून-व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द के लिए भी चुनौती बन रहे हैं। धीरज दुबे के अनुसार, गढ़वा जिले में भू-माफियाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है, जो संगठित होकर और महिलाओं को आगे कर जमीन पर जबरन दावा करने या उसे विवादित बनाने का प्रयास करते हैं। इनका मुख्य उद्देश्य वास्तविक भूमि मालिकों पर मानसिक और सामाजिक दबाव डालकर उनकी जमीन को कम कीमत पर खरीदना है, जिससे गरीब और कमजोर वर्ग के लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि रघुवर दास सरकार के कार्यकाल में तत्कालीन मुख्य सचिव राजबाला वर्मा के नेतृत्व में भूमि रिकॉर्ड को ऑनलाइन करने की प्रक्रिया शुरू की गई थी, जिसका उद्देश्य पारदर्शिता लाना था। हालांकि, इस ऑनलाइनकरण के दौरान हुई तकनीकी और प्रशासनिक त्रुटियों के कारण कई भूमि विवाद उत्पन्न हो गए, जहां एक व्यक्ति की जमीन दूसरे के नाम दर्ज हो गई, जिससे वर्षों पुराने स्वामित्व विवाद खड़े हुए और कई जगहों पर तनाव व हिंसक घटनाएं भी सामने आईं। धीरज दुबे ने आरोप लगाया कि जिले में भूमि कारोबार अब एक संगठित व्यवसाय का रूप ले चुका है, जिसमें भूमि की बढ़ती कीमतों के कारण कई लोग अवैध तरीके से जमीन के सौदों में शामिल हो रहे हैं। उनके अनुसार, कुछ भू-माफियाओं को राजनीतिक संरक्षण भी प्राप्त है, क्योंकि पिछले चुनावों में कई भूमि कारोबारियों ने प्रत्याशियों को आर्थिक सहयोग दिया था और अब बदले में उन्हें संरक्षण मिलने की चर्चा आम है। ऐसे माहौल में आम नागरिकों के लिए न्याय प्राप्त करना कठिन हो गया है। उन्होंने विशेष रूप से गढ़वा नगर परिषद से सटे पंचायत क्षेत्रों में सबसे अधिक भूमि विवादों का जिक्र किया, जहां शहरीकरण और जमीन के बढ़ते बाजार मूल्य के कारण अवैध कब्जा, फर्जी दस्तावेज और स्वामित्व विवाद के मामले बढ़े हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इन मामलों का समय पर समाधान नहीं किया गया तो यह भविष्य में बड़े अपराधों और सामाजिक संघर्ष का कारण बन सकता है। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि भूमि विवादों के निपटारे के लिए एक विशेष अभियान चलाया जाए। इसके तहत विवादित जमीनों की जांच के लिए जरूरत के अनुसार विशेष शिविर लगाए जाएं और राजस्व, निबंधन तथा पुलिस विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए। धीरज दुबे ने कहा कि समयबद्ध कार्रवाई और पारदर्शी जांच से आम लोगों का प्रशासन पर विश्वास मजबूत होगा तथा भूमि विवादों को अपराध का रूप लेने से रोका जा सकेगा। उन्होंने प्रशासन से इस दिशा में गंभीर और प्रभावी पहल करने की अपील की।1
- धुरकी प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत टाटीदीरी स्थित नेशनल पब्लिक स्कूल में बकरीद पर्व के अवसर पर एक मिलन समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आपसी भाईचारे, प्रेम, सौहार्द और सामाजिक एकता को बढ़ावा देना था। विद्यालय के निर्देशक डॉ. यासिन अंसारी ने उपस्थित शिक्षकों, विद्यार्थियों और अभिभावकों को संबोधित करते हुए बकरीद को त्याग, समर्पण, इंसानियत और कुर्बानी का पर्व बताया। उन्होंने कहा कि यह त्योहार दूसरों की खुशियों में शामिल होने, जरूरतमंदों की सहायता करने और समाज में प्रेम व सद्भाव बनाए रखने की प्रेरणा देता है। डॉ. अंसारी ने यह भी रेखांकित किया कि सभी धर्म मानवता और भाईचारे का संदेश देते हैं, इसलिए हमें एक-दूसरे की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए। विद्यालय के प्रधानाध्यापक संजय कुमार साह ने अपने संबोधन में कहा कि बकरीद का पर्व समाज में एकता और सद्भाव को मजबूत करने का अवसर प्रदान करता है। उन्होंने जोर दिया कि विद्यालय केवल शिक्षा का नहीं, बल्कि संस्कार और सामाजिक मूल्यों का भी केंद्र होता है, और ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में पारस्परिक सम्मान, सहयोग तथा सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करते हैं। प्रधानाध्यापक ने सभी को बकरीद की शुभकामनाएं देते हुए आपसी प्रेम और भाईचारे के साथ पर्व मनाने की अपील की। विद्यालय परिवार के सभी शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने भी शुभकामनाएं देते हुए कहा कि त्योहार लोगों को जोड़ने का कार्य करते हैं, और सभी को मिल-जुलकर रहने, एक-दूसरे की सहायता करने तथा समाज में शांति और सद्भाव बनाए रखने का संकल्प लेना चाहिए। इस सौहार्दपूर्ण कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने एक-दूसरे को बकरीद की मुबारकबाद दी और मिलन समारोह संपन्न हुआ। इस मौके पर मुखिया सगुनी राम, शिक्षक दिनेश कुमार, मनी भारती, रोहित कुमार, रुपांजली कुमारी, अर्पना कुमारी, कुर्बान अंसारी, राजेन्द्र प्रसाद यादव, लक्ष्मण साव, लेयकत अंसारी, शमशेर अंसारी, विजय साव, राधेश्याम पासवान, पंकज गुप्ता, जानकी सिंह, श्रवन राम, प्रदीप राम, उमेश राम समेत काफी संख्या में लोग मौजूद थे।1
- गढ़वा जिले के कुशमाहा गांव में लाखों रुपये की लागत से बनी एक पानी टंकी पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पानी टंकी का निर्माण होने के बावजूद उन्हें इसका कोई लाभ नहीं मिल रहा है। इस स्थिति पर लोगों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता और योजना के क्रियान्वयन पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं, यह पूछते हुए कि आखिर यह विकास कार्य है या भ्रष्टाचार का मामला। ग्रामीणों ने मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उनकी गहरी नाराजगी इस बात से भी स्पष्ट होती है कि वे कहते हैं, 'यहां के अधिकारियों ने हमें लूट कर बर्बाद कर दिया, अब कैसे पियेंगे पानी यहां के ग्रामीणों ने'।1
- दुद्धी प्रेस क्लब में आयोजित हिंदी पत्रकारिता दिवस समारोह के दौरान अभय कुमार शर्मा जी ने वर्तमान प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की आवाज की नकल कर सुनाई।1
- पलामू उपायुक्त के निर्देशानुसार, एक प्रशिक्षु झारखंड प्रशासनिक अधिकारी ने विश्रामपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान, उन्होंने स्वास्थ्य केंद्र की विधि व्यवस्था की जांच की।1
- हिंदी पत्रकारिता दिवस के 200वें वर्ष के अवसर पर, देश के पहले हिंदी समाचार पत्र 'उदंत मार्तंड' के संस्थापक जुगल किशोर शुक्ल को याद किया गया।1
- रंका प्रखंड के वीरबांध गांव में अपनी दुकान की सफाई कर रहे एक युवक को करैत सांप ने डस लिया। गांव निवासी आजाद मियां के पुत्र जुमन मियां के पैर की उंगली में दुकान में छिपे करैत सांप के एक छोटे बच्चे ने काट लिया। इस घटना की जानकारी शनिवार सुबह आठ बजे गांव के ग्रामीण सोमन ने दी। सांप के काटने से घायल हुए जुमन मियां को रंका अस्पताल से बेहतर इलाज के लिए गढ़वा रेफर किया गया है।1