सर्प दंश से महिला की हुई मौत, परिजनों में मचा है कोहराम प्रयागराज के कौंधियारा थाना क्षेत्र के देवरी गांव में मंगलवार को रसोई की पोताई कर रही एक महिला को सांप ने डस लिया। परिजन उसे पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और फिर जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। मृतका अपने पीछे दो बेटे और एक बेटी को छोड़ गई है। जानकारी के अनुसार, देवरी गांव निवासी अनारकली उर्फ धनराजी (35), पत्नी स्वर्गीय मनोज गुप्ता, मंगलवार को घर की रसोई की पोताई कर रही थीं। इसी दौरान अचानक एक सांप ने उन्हें डस लिया। इसके बाद महिला ने शोर मचाया तो परिजन मौके पर पहुंचे और तत्काल उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) कौंधियारा ले गए। सीएचसी कौंधियारा में चिकित्सकों ने महिला का प्राथमिक उपचार शुरू किया, लेकिन हालत गंभीर होने पर उन्हें बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। परिजन तुरंत जिला अस्पताल पहुंचे, जहां उपचार के दौरान महिला ने दम तोड़ दिया। तीन बच्चों के सिर से उठा मां का साया मृतका के परिवार में दो बेटे राहुल और रोहित तथा एक बेटी कनक हैं। मां की मौत की खबर मिलते ही तीनों बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। परिवार के अन्य सदस्यों की चीख-पुकार से गांव का माहौल भी गमगीन हो गया। ग्रामीणों ने घटना पर शोक व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवार को हरसंभव सहायता दिलाने की मांग की है। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा घटना की सूचना मिलने पर कौंधियारा पुलिस जिला अस्पताल पहुंची और आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरा। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। पुलिस मामले में अग्रिम कार्रवाई कर रही है।
सर्प दंश से महिला की हुई मौत, परिजनों में मचा है कोहराम प्रयागराज के कौंधियारा थाना क्षेत्र के देवरी गांव में मंगलवार को रसोई की पोताई कर रही एक महिला को सांप ने डस लिया। परिजन उसे पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और फिर जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। मृतका अपने पीछे दो बेटे और एक बेटी को छोड़ गई है। जानकारी के अनुसार, देवरी गांव निवासी अनारकली उर्फ धनराजी (35), पत्नी स्वर्गीय मनोज गुप्ता, मंगलवार को घर की रसोई की पोताई कर रही थीं। इसी दौरान अचानक एक सांप ने उन्हें डस लिया। इसके बाद महिला ने शोर मचाया तो परिजन मौके पर पहुंचे और तत्काल उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) कौंधियारा ले गए। सीएचसी कौंधियारा में चिकित्सकों ने महिला का प्राथमिक उपचार शुरू किया, लेकिन हालत गंभीर
होने पर उन्हें बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। परिजन तुरंत जिला अस्पताल पहुंचे, जहां उपचार के दौरान महिला ने दम तोड़ दिया। तीन बच्चों के सिर से उठा मां का साया मृतका के परिवार में दो बेटे राहुल और रोहित तथा एक बेटी कनक हैं। मां की मौत की खबर मिलते ही तीनों बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। परिवार के अन्य सदस्यों की चीख-पुकार से गांव का माहौल भी गमगीन हो गया। ग्रामीणों ने घटना पर शोक व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवार को हरसंभव सहायता दिलाने की मांग की है। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा घटना की सूचना मिलने पर कौंधियारा पुलिस जिला अस्पताल पहुंची और आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरा। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। पुलिस मामले में अग्रिम कार्रवाई कर रही है।
- प्रयागराज में 'सरकारी' डकैती: लेखपालों की 'लोलुप्ता' से भू-माफिया बने धनकुबेर, टीएसएल की जमीन पर खूनी संघर्ष की आहट! यमुनापार। संगम नगरी प्रयागराज का यमुनानगर जोन इस समय भू-माफियाओं और भ्रष्ट सरकारी कारिंदों की कारगुजारियों का सबसे बड़ा अड्डा बन चुका है। जनता त्रस्त है और खाकी-खादी के संरक्षण में पल रहे राजस्व विभाग के 'दीमक' सरकारी जमीनों को चाट रहे हैं। तहसील के लेखपालों और भू-माफियाओं के बीच का नापाक गठजोड़ इस कदर हावी है कि यमुनापार में भूमि विवादों की एक ऐसी बारूद की ढेरी तैयार हो गई है, जो कभी भी फट सकती है। ताजा और सबसे सनसनीखेज मामला नैनी स्थित भारी उद्योग मंत्रालय की बंद पड़ी 'त्रिवेणी स्ट्रक्चरल लिमिटेड' (टीएसएल) कंपनी का है। टीएसएल की बाउंड्रीवाल से सटी बेशकीमती सरकारी जमीन को हड़पने के लिए क्षेत्रीय लेखपाल ने अपनी कलम को चंद टुकड़ों के लिए बेच दिया। लेखपाल की एक फर्जी और विवादित रिपोर्ट के बल पर भू-माफिया पूरी धड़ल्ले से इस सरकारी संपत्ति पर कब्जा करने की कोशिश में जुटे हैं। - नए साहब 'बेखबर', लेखपालों का 'खेला' जारी हैरानी की बात यह है कि करछना के नवागत उप जिलाधिकारी (एसडीएम) को शायद इस बात का भान तक नहीं है कि उनके नाक के नीचे क्या 'खेला' चल रहा है। इन भ्रष्ट लेखपालों ने धूल फांकती पुरानी फाइलों से सरकारी जमीनों को खोज निकाला। फिर क्या था? फर्जी वसीयत तैयार की गई, कागजी हेरफेर हुआ और देखते ही देखते सरकारी जमीनें भू-माफियाओं के नाम कर दी गईं। इस काले खेल से लेखपालों ने अपनी जेबें गर्म कीं और भू-माफिया कई-कई बीघे में अवैध प्लाटिंग कर रातों-रात 'धनकुबेर' बन बैठे। - जनता का फूटा गुस्सा, 'कागजी सबूत' देने की चुनौती टीएसएल की इस सरकारी जमीन को माफियाओं की गोद में बैठाने के बाद अब नैनी में उबाल है। स्थानीय जनता इस प्रशासनिक डकैती के खिलाफ सड़कों पर उतर आई है। विरोध प्रदर्शन उग्र रूप ले रहा है। आक्रोशित जनता ने सीधे तौर पर भ्रष्ट तंत्र को चुनौती देते हुए कहा है—"अगर इस जमीन पर कब्जा करने वाला असली मालिक है, तो लेखपाल अपने दस्तखत के साथ यह लिख कर दे कि यह जमीन आरोपी के नाम पर दर्ज है।"साफ है कि जनता अब आर-पार के मूड में है। अगर करछना प्रशासन ने इस 'लेखपाल-माफिया नेक्सस' पर तुरंत बुल्डोजर नहीं चलाया, तो नैनी की यह धरती आने वाले दिनों में किसी बड़े और हिंसक बवाल की गवाह बनेगी। प्रयागराज में 'सरकारी' डकैती: लेखपालों की 'लोलुप्ता' से भू-माफिया बने धनकुबेर, टीएसएल की जमीन पर खूनी संघर्ष की आहट! यमुनापार । संगम नगरी प्रयागराज का यमुनानगर जोन इस समय भू-माफियाओं और भ्रष्ट सरकारी कारिंदों की कारगुजारियों का सबसे बड़ा अड्डा बन चुका है। जनता त्रस्त है और खाकी-खादी के संरक्षण में पल रहे राजस्व विभाग के 'दीमक' सरकारी जमीनों को चाट रहे हैं। तहसील के लेखपालों और भू-माफियाओं के बीच का नापाक गठजोड़ इस कदर हावी है कि यमुनापार में भूमि विवादों की एक ऐसी बारूद की ढेरी तैयार हो गई है, जो कभी भी फट सकती है। ताजा और सबसे सनसनीखेज मामला नैनी स्थित भारी उद्योग मंत्रालय की बंद पड़ी 'त्रिवेणी स्ट्रक्चरल लिमिटेड' (टीएसएल) कंपनी का है। टीएसएल की बाउंड्रीवाल से सटी बेशकीमती सरकारी जमीन को हड़पने के लिए क्षेत्रीय लेखपाल ने अपनी कलम को चंद टुकड़ों के लिए बेच दिया। लेखपाल की एक फर्जी और विवादित रिपोर्ट के बल पर भू-माफिया पूरी धड़ल्ले से इस सरकारी संपत्ति पर कब्जा करने की कोशिश में जुटे हैं। - नए साहब 'बेखबर', लेखपालों का 'खेला' जारी हैरानी की बात यह है कि करछना के नवागत उप जिलाधिकारी (एसडीएम) को शायद इस बात का भान तक नहीं है कि उनके नाक के नीचे क्या 'खेला' चल रहा है। इन भ्रष्ट लेखपालों ने धूल फांकती पुरानी फाइलों से सरकारी जमीनों को खोज निकाला। फिर क्या था? फर्जी वसीयत तैयार की गई, कागजी हेरफेर हुआ और देखते ही देखते सरकारी जमीनें भू-माफियाओं के नाम कर दी गईं। इस काले खेल से लेखपालों ने अपनी जेबें गर्म कीं और भू-माफिया कई-कई बीघे में अवैध प्लाटिंग कर रातों-रात 'धनकुबेर' बन बैठे। - जनता का फूटा गुस्सा, 'कागजी सबूत' देने की चुनौती टीएसएल की इस सरकारी जमीन को माफियाओं की गोद में बैठाने के बाद अब नैनी में उबाल है। स्थानीय जनता इस प्रशासनिक डकैती के खिलाफ सड़कों पर उतर आई है। विरोध प्रदर्शन उग्र रूप ले रहा है। आक्रोशित जनता ने सीधे तौर पर भ्रष्ट तंत्र को चुनौती देते हुए कहा है—"अगर इस जमीन पर कब्जा करने वाला असली मालिक है, तो लेखपाल अपने दस्तखत के साथ यह लिख कर दे कि यह जमीन आरोपी के नाम पर दर्ज है।"साफ है कि जनता अब आर-पार के मूड में है। अगर करछना प्रशासन ने इस 'लेखपाल-माफिया नेक्सस' पर तुरंत बुल्डोजर नहीं चलाया, तो नैनी की यह धरती आने वाले दिनों में किसी बड़े और हिंसक बवाल की गवाह बनेगी।1
- लखनऊ में सपा के प्रदेश स्तरीय ब्राह्मण सम्मेलन में प्रयागराज से जुटेगा जनाधार, सपा नेता पंडित पवन द्विवेदी सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ लखनऊ रवाना लखनऊ में सपा के प्रदेश स्तरीय ब्राह्मण सम्मेलन में प्रयागराज से जुटेगा जनाधार, सपा नेता पंडित पवन द्विवेदी सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ लखनऊ रवाना प्रयागराज। समाजवादी पार्टी द्वारा 5 अगस्त को पार्टी के वैचारिक स्तंभ और 'छोटे लोहिया' के नाम से विख्यात स्व. जनेश्वर मिश्र की पावन जयंती के अवसर पर राजधानी लखनऊ स्थित प्रदेश मुख्यालय में एक भव्य प्रदेश स्तरीय प्रबुद्ध सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। इस राज्यस्तरीय आयोजन में संगम नगरी प्रयागराज की ओर से ऐतिहासिक और निर्णायक सहभागिता देखने को मिलेगी। सम्मेलन को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करेंगे, जहाँ वे प्रदेशभर के प्रबुद्ध जन से संवाद साधते हुए संगठन को धार देंगे। प्रयागराज के फूलपुर-झूंसी क्षेत्र में अपनी जनसेवा और मजबूत पकड़ के लिए जाने जाने वाले वरिष्ठ सपा नेता एवं प्रमुख समाजसेवी पंडित पवन द्विवेदी (नेता जी) के नेतृत्व में सैकड़ों समर्थकों, प्रांतीय पदाधिकारियों और प्रबुद्ध समाज के गणमान्य लोगों का विशाल काफिला लखनऊ के लिए रवाना हो गया है। पवन द्विवेदी की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उनके एक आह्वान पर संपूर्ण फूलपुर-झूंसी क्षेत्र से युवाओं, बुजुर्गों और प्रबुद्ध वर्ग का भारी हुजूम उनके साथ लखनऊ जाने के लिए तैयार हो गया। रवानगी की तैयारियों के बीच पंडित पवन द्विवेदी ने कहा - "छोटे लोहिया स्व. जनेश्वर मिश्र जी का संपूर्ण जीवन सामाजिक न्याय, समता और प्रबुद्ध समाज के सम्मान की रक्षा के लिए समर्पित रहा। उनके सिद्धांतों और अखिलेश यादव की जनहितकारी नीतियों को गाँव-गाँव और घर-घर तक पहुँचाना ही हमारा परम ध्येय है।" बता दें कि पंडित पवन द्विवेदी लंबे समय से क्षेत्र में एक निष्ठावान, जुझारू और सर्वसुलभ नेता के रूप में अपनी मजबूत पहचान बना चुके हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य और समाज कल्याण के क्षेत्र में उनका योगदान अतुलनीय रहा है। जरूरतमंद छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति एवं पाठ्य सामग्री उपलब्ध कराना, आर्थिक रूप से कमजोर बेटियों की शिक्षा व विवाह में मदद करना तथा क्षेत्र की जनता के सुख-दुख में सदैव सबसे आगे खड़े रहना उनकी कार्यशैली की सबसे बड़ी ताकत है। यही कारण है कि फूलपुर क्षेत्र के सभी वर्गों, जातियों और समुदायों में उनकी स्वीकार्यता बेहद मजबूत मानी जाती है। *फूलपुर सीट पर पवन द्विवेदी की दावेदारी सबसे मजबूत! राजनीतिक गलियारों में इस बात की जोरों से चर्चा है कि आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए समाजवादी पार्टी फूलपुर क्षेत्र में नए सामाजिक समीकरणों को साध रही है। चूँकि स्व. जनेश्वर मिश्र स्वयं फूलपुर क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं, इसलिए यह सीट सपा के लिए रणनीतिक रूप से बेहद खास है। क्षेत्र में पंडित पवन द्विवेदी की दिन-प्रतिदिन बढ़ती लोकप्रियता, मजबूत सांगठनिक क्षमता और बेदाग सामाजिक छवि को देखते हुए राजनीतिक विश्लेषक उन्हें फूलपुर विधानसभा से समाजवादी पार्टी के सबसे सशक्त और सर्वस्वीकार्य प्रत्याशी के रूप में देख रहे हैं..।1
- झारखंड के छात्रों के विरोध प्रदर्शन के मंच पर एक किन्नर पहुँचीं और छात्रों के खाने-पीने के लिए 50,000 रुपये दिए झारखंड के छात्रों के विरोध प्रदर्शन के मंच पर एक किन्नर पहुँचीं और छात्रों के खाने-पीने के लिए 50,000 रुपये दिए। यह सामाजिक समावेश (social inclusion) का एक बेहतरीन उदाहरण है, न कि वैसी बदतमीज़ी जो हमने पिछले महीने जंतर-मंतर पर CJP के विरोध प्रदर्शन के दौरान LGBT समुदाय की तरफ़ से देखी थी। साथ ही, अगर आप मंच को ध्यान से देखें तो वहाँ शिबू सोरेन (CM हेमंत सोरेन के पिता) की तस्वीर लगी है। यह सम्मान का एक बेहतरीन उदाहरण है, न कि नेताओं के माता-पिता के लिए वैसी अपशब्दों वाली भाषा जो हमने कुछ दिन पहले जंतर-मंतर पर देखी थी। राष्ट्रवादी लोग इसी तरह विरोध प्रदर्शन करते हैं; यह एक ऐसी संस्कृति है जिसे विपक्ष द्वारा प्रायोजित CJP कभी नहीं अपना सकता।1
- सम्पा नर्सिंग होम मामले में जांच तेज, पुलिस पहुंची अस्पताल; परिजनों ने सीज करने और गिरफ्तारी की उठाई मांग प्रयागराज। बहादुरपुर क्षेत्र के सहसों स्थित सम्पा नर्सिंग होम में प्रसूता और नवजात की मौत के मामले में पुलिस की जांच तेज हो गई है। शनिवार को सोरांव पुलिस विवेचना के तहत नर्सिंग होम पहुंची, जहां मृतका के परिजनों और ग्रामीणों ने अस्पताल के बाहर प्रदर्शन करते हुए अस्पताल को तत्काल सीज करने तथा संबंधित डॉक्टर की गिरफ्तारी की मांग उठाई। मृतका के पति आशीष मौर्य, निवासी मुकुंदपुर खास (थाना होलागढ़), का आरोप है कि उनकी 23 वर्षीय पत्नी खुशबू मौर्य को प्रसव पीड़ा होने पर पहले सोरांव के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बाद में ऑपरेशन के लिए उन्हें सहसों स्थित सम्पा नर्सिंग होम भेजा गया। परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान गंभीर चिकित्सकीय लापरवाही हुई, जिससे खुशबू की हालत बिगड़ गई। उनका कहना है कि ऑपरेशन के दौरान यूरिन की नस कट जाने के बाद उन्हें दूसरे अस्पताल रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान प्रसूता और उसकी नवजात बच्ची की मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों की तहरीर पर सोरांव पुलिस ने संबंधित डॉक्टरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान परिजनों ने सवाल उठाया कि गंभीर आरोपों के बावजूद अस्पताल को अब तक सीज क्यों नहीं किया गया। उनका आरोप है कि अस्पताल में अभी भी मरीजों का इलाज और भर्ती जारी है, जिससे अन्य लोगों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ सकती है। मृतका के पति आशीष मौर्य, भाई पवन मौर्य, ग्राम प्रधान बुंदेल सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण अस्पताल के बाहर मौजूद रहे। परिजनों ने चेतावनी दी कि यदि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई, अस्पताल को सीज करने और आरोपी डॉक्टर की गिरफ्तारी नहीं हुई तो वे धरना-प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे। मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने बताया कि विवेचना के दौरान नर्सिंग होम में कोई डॉक्टर मौजूद नहीं मिला। अस्पताल के स्टाफ को नोटिस तामील करा दिया गया है। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष एवं गहन जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य और साक्ष्य सामने आएंगे, उनके आधार पर विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।1
- यहां सिक्योरिटी गार्ड ने जो किया, वह एकदम गलत तरीका है, अखिलेश यादव के सुरक्षा कर्मी ने सपा कार्यकर्ताओं को धकियाया और बंदूक की नाल से मारा। यहां सिक्योरिटी गार्ड ने जो किया, वह एकदम गलत तरीका है, अखिलेश यादव के सुरक्षा कर्मी ने सपा कार्यकर्ताओं को धकियाया और बंदूक की नाल से मारा1
- नौढ़िया तरहार में आवारा पशु और बंदरों का आतंक,भूखे मरने को मजबूर किसान प्रयागराज तहसील बारा क्षेत्र के शंकरगढ़ ब्लॉक के अंतर्गत ग्राम सभा नौढ़िया तरहार में आवारा पशुओं और बंदरों के आतंक से किसान बेहद परेशान हैं। यह गांव प्रयागराज जिले का सबसे अंतिम छोर पर बसा है और विकास से कोसों दूर है गांव में एक भी पशु बाड़ा नहीं है। सुबह होते ही आवारा पशु खेतों की तरफ और बंदर गांव की तरफ हमला कर देते हैं बंदर खेत उजाड़ने के साथ-साथ घरों में घुसकर रोटी तक उठा ले जाते हैं और लोगों को चोटिल भी कर देते हैं।इनके आतंक की वजह से गांव में दलहन साग-सब्जी, अरहर, ज्वार-बाजरा और मक्का की खेती लगभग बंद हो गई है। गांव के 90% लोग किसानी पर निर्भर हैं, लेकिन अब उन्हें अपनी जीविका चलाना मुश्किल हो गया है। स्थानीय किसान का कहना है भूखे मरने की नौबत आ गई है। अपनी दुख किससे कहें,सरकार भी ध्यान नहीं दे रही ग्रामवासियों का आरोप है कि यह सबसे पिछड़ा गांव है। विधायक और सांसद सिर्फ चुनाव के समय आते हैं उसके बाद 5 साल तक कोई मुड़कर नहीं देखता गांव में रोजगार नाम की कोई चीज नहीं है।किसानों ने सरकार से आवारा पशुओं के लिए बाड़ा बनवाने और बंदरों के संरक्षण/नियंत्रण की तत्काल व्यवस्था करने की मांग की है।2
- प्रयागराज में सांप के काटने से हुई महिला की मौत, वही सांप को किया गया रेस्क्यू1