बकरा ईद के मद्देनजर अमरोहा में पुलिस और प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है। जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखने और त्योहार को सकुशल संपन्न कराने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक लखन सिंह यादव और जिलाधिकारी डॉ. नितिन गौड़ ने भारी पुलिस बल के साथ शहर में फ्लैग मार्च निकाला। फ्लैग मार्च के दौरान, अधिकारियों ने संवेदनशील क्षेत्रों का भ्रमण किया और लोगों से शासन की गाइडलाइन का पालन करते हुए शांतिपूर्ण माहौल में त्योहार मनाने की अपील की। उन्होंने अराजक तत्वों को सख्त चेतावनी दी कि माहौल खराब करने की कोशिश करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस अधीक्षक लखन सिंह यादव ने स्पष्ट किया कि ईद की नमाज किसी भी दशा में सड़क पर नहीं पढ़ी जाएगी, जिसके लिए सभी थाना क्षेत्रों में पुलिस बल को अलर्ट किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि खुले में कुर्बानी करने की अनुमति नहीं होगी और प्रतिबंधित पशु की कुर्बानी करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने साफ किया है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस लगातार निगरानी कर रही है और सोशल मीडिया पर भी विशेष नजर रखी जा रही है, ताकि किसी भी प्रकार की अफवाह या भड़काऊ संदेश फैलने न पाए। अधिकारियों ने सभी लोगों से आपसी भाईचारे और सौहार्द के साथ त्योहार मनाने का आग्रह किया है।
बकरा ईद के मद्देनजर अमरोहा में पुलिस और प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है। जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखने और त्योहार को सकुशल संपन्न कराने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक लखन सिंह यादव और जिलाधिकारी डॉ. नितिन गौड़ ने भारी पुलिस बल के साथ शहर में फ्लैग मार्च निकाला। फ्लैग मार्च के दौरान, अधिकारियों ने संवेदनशील क्षेत्रों का भ्रमण किया और लोगों से शासन की गाइडलाइन का पालन करते हुए शांतिपूर्ण माहौल में त्योहार मनाने की अपील की। उन्होंने अराजक तत्वों को सख्त चेतावनी दी कि माहौल खराब करने की कोशिश करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस अधीक्षक लखन सिंह यादव ने स्पष्ट किया कि ईद की नमाज किसी भी दशा में सड़क पर नहीं पढ़ी जाएगी, जिसके लिए सभी थाना क्षेत्रों में पुलिस बल को अलर्ट किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि खुले में कुर्बानी करने की अनुमति नहीं होगी और प्रतिबंधित पशु की कुर्बानी करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने साफ किया है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस लगातार निगरानी कर रही है और सोशल मीडिया पर भी विशेष नजर रखी जा रही है, ताकि किसी भी प्रकार की अफवाह या भड़काऊ संदेश फैलने न पाए। अधिकारियों ने सभी लोगों से आपसी भाईचारे और सौहार्द के साथ त्योहार मनाने का आग्रह किया है।
- MUHAMMAD ISRAILहसनपुर, अमरोहा, उत्तर प्रदेश🤝2 hrs ago
- एक फ्लैगमार्च के आयोजन के दौरान, रामपुर के पुलिस अधीक्षक द्वारा जानकारी प्रदान की गई।1
- अमरोहा जनपद के ग्राम पीतमपुर में संत आजाद गिरि महाराज भीषण जेठ की प्रचंड गर्मी और चिलचिलाती धूप के बावजूद 31 दिन की महा तपस्या कर रहे हैं। इस कठिन तपस्या को जग कल्याण, सुख-समृद्धि और मानव कल्याण की भावना से किया जा रहा है, जिसने पूरे क्षेत्र में एक धार्मिक वातावरण बना दिया है और लोगों के बीच आस्था व श्रद्धा का केंद्र बन गई है। यह विशेष तपस्या 1 मई 2026 को शुरू हुई थी और 31 मई 2026 तक चलेगी। महाराज प्रतिदिन सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजकर 15 मिनट तक, यानी करीब सवा तीन घंटे की गहन साधना में लीन रहते हैं। जेठ की गर्म हवाओं के बीच लगातार साधना करने का उनका संकल्प ग्रामीणों और श्रद्धालुओं के लिए आश्चर्य तथा श्रद्धा का विषय बना हुआ है। गांव और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु तपस्थली पर पहुँच रहे हैं, जहाँ वे महाराज के दर्शन कर आशीर्वाद लेते हैं और विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों में सक्रिय रूप से भाग लेते हैं। पूरे माह तपस्या स्थल पर भक्ति, भजन और कीर्तन का माहौल बना रहा। ग्रामीणों के अनुसार, आजाद गिरि महाराज वर्षों से समाज में धार्मिक जागरूकता और सेवा कार्यों से जुड़े रहे हैं। तपस्या के समापन के बाद, 1 जून 2026 को एक विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा, जिसमें दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय ग्रामीणों के शामिल होने की संभावना है। भंडारे की तैयारियाँ गांव में जोर-शोर से चल रही हैं, और आयोजन समिति के सदस्य व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। ग्रामीणों का मानना है कि ऐसी तपस्या समाज को सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक संदेश देती है, और जेठ की तपती दोपहर में की जा रही यह साधना क्षेत्र में आस्था, संयम और समर्पण का एक अनूठा उदाहरण बन गई है।1
- जिले में गंदे पानी के जमाव के कारण लोगों को आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जिससे वे अत्यधिक distressed हैं। इस जलभराव की वजह से न केवल आवागमन बाधित हो गया है, बल्कि इसके कारण नई-नई बीमारियाँ भी फैल रही हैं। स्थानीय लोगों की मुख्य चिंता यह है कि इस गंदे पानी की निकासी के लिए कोई उपाय या समाधान उपलब्ध नहीं है, जिससे उनकी मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं।4
- मुरादाबाद के भगतपुर थाना क्षेत्र के गांव खबरिया घाट में, वर्ष 2023 में तैनात रहे हल्का लेखपाल हरिराज सिंह पर ग्राम प्रधान सहित ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि लेखपाल ने काम कराने के नाम पर प्रधान से ₹38,000 रुपये लिए थे, लेकिन इसके बावजूद कोई कार्य नहीं किया। आरोप यह भी है कि बाद में लेखपाल ने कार्य के लिए ₹1 लाख रुपये की अतिरिक्त राशि की मांग की। प्रधान ने इतनी बड़ी रकम देने से इंकार कर दिया और अपना काम वकील के माध्यम से कराया। वहीं, जब लेखपाल हरिराज सिंह से दिए गए पैसे वापस मांगे गए, तो वह धमकी देने लगा। ग्रामीणों के अनुसार, लेखपाल ने कहा कि उसकी पहुंच बड़े-बड़े अधिकारियों तक है और उसका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। इसी मामले को लेकर ग्राम प्रधान और ग्रामीणों ने एकत्र होकर लेखपाल के खिलाफ प्रदर्शन किया और कार्रवाई की मांग उठाई।1
- सम्भल में समाजवादी पार्टी (सपा) कार्यकर्ताओं और नेताओं ने बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और नीट परीक्षा पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दों को लेकर भारी आक्रोश व्यक्त किया। सैकड़ों की संख्या में सपा कार्यकर्ता, जिनमें सांसद, विधायक और जिलाध्यक्ष भी शामिल थे, सरकार के खिलाफ रोष व्यक्त करते हुए पैदल मार्च निकालते हुए सम्भल कलेक्ट्रेट पहुंचे। कार्यकर्ताओं ने देश और प्रदेश में एक माह के भीतर पेट्रोल-डीजल के दामों में हुई बढ़ोतरी, गैस सिलेंडर की किल्लत और बढ़ती बेरोजगारी जैसी मूलभूत समस्याओं को लेकर सरकार को घेरा। इस दौरान, कलेक्ट्रेट परिसर में डीएम अंकित खंडेलवाल को ज्ञापन सौंपने की जिद को लेकर सपा कार्यकर्ताओं और पुलिस प्रशासन के बीच नोंक-झोंक भी हुई। सम्भल से समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर्रहमान वर्क ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पिछले 15 दिनों में डीजल और पेट्रोल की कीमतों में भारी इजाफा हुआ है, जिससे जनता त्राहिमाम कर रही है। सांसद ने नीट परीक्षा पेपर लीक के मुद्दे को भी उठाते हुए आरोप लगाया कि सरकार पूरी तरह विफल नजर आ रही है और लोगों में खासा गुस्सा है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि बढ़ती महंगाई के कारण देश की अर्थव्यवस्था पूरी तरह से डैमेज होती दिख रही है।2
- भगतपुर में ग्राम प्रधानों का कार्यकाल छह महीने के लिए बढ़ा दिया गया है, जिससे स्थानीय प्रधानों में खुशी का माहौल है। इस घोषणा के बाद भगतपुर के प्रधानों ने एक-दूसरे को लड्डू खिलाकर अपनी खुशी जाहिर की। कार्यकाल बढ़ने के साथ ही यह स्पष्ट किया गया है कि ग्राम प्रधान ही अब प्रशासक के तौर पर अपनी जिम्मेदारियां निभाते रहेंगे।1
- बंगाल के मुसलमानों ने सौ साल में पहली बार कुर्बानी के लिए गाय खरीदने से मना कर दिया है। इसके साथ ही, उन्होंने गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित कराने का अभियान भी शुरू किया है। हालांकि, इस पहल को लेकर भाजपा पर सवाल उठाए जा रहे हैं, क्योंकि कथित तौर पर गाय की राजनीति करने वाली भाजपा ने इस मुहिम का समर्थन नहीं किया, बल्कि उसके सुर बदल गए। रिपोर्ट के अनुसार, भाजपा नेता सुधांशु चतुर्वेदी ने गाय को 'मिथुन' बताया, वहीं असम के मुख्यमंत्री हेमंत बिस्वा सरमा ने बीफ खुले में न खाकर घर के अंदर खाने की बात कही। इसके अलावा, बंगाल की एक मंत्री ने यह भी कहा कि 14 साल के बाद मवेशियों को बेचा जा सकता है, या यदि वे सुस्त, अपाहिज या बूढ़ी हैं तो भी कोई समस्या नहीं, बस सर्टिफिकेट दिखाना होगा। इस स्थिति के पीछे यह आरोप लगाया जा रहा है कि भाजपा यह जानती है कि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने से ब्राह्मणों और जैनियों के कत्लखाने बंद हो जाएंगे, जिनसे कथित तौर पर पार्टी को हजारों करोड़ रुपये का चंदा मिलता है। पोस्ट में यह भी कहा गया है कि भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा बीफ निर्यातक है।1
- महाराष्ट्र के चर्चित पुणे पोर्शे हिट-एंड-रन मामले में एक नया वीडियो सामने आने के बाद लोगों का गुस्सा फिर भड़क उठा है। 27 मई 2026 को सामने आए इस सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में, मामले के आरोपी को जमानत मिलने के बाद कथित तौर पर जश्न मनाते और दोस्तों के साथ खुशी मनाते देखा जा रहा है। इस हादसे में दो निर्दोष युवाओं की दर्दनाक मौत हुई थी, जिसके चलते आम लोगों में भारी नाराज़गी है और यह वीडियो लोगों के बीच यह सवाल और मजबूत कर रहा है कि क्या अमीर और प्रभावशाली लोगों के लिए कानून अलग तरीके से काम करता है। यह मामला पहले से ही पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ था। गौरतलब है कि पुणे में हुए इस हादसे में एक तेज रफ्तार लग्जरी पोर्शे कार ने बाइक सवार दो युवा इंजीनियरों को टक्कर मार दी थी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी। आरोप था कि हादसे के समय आरोपी नाबालिग था और उसने शराब पी रखी थी। मामले में शुरुआती कार्रवाई और कथित नरमी को लेकर पुलिस और प्रशासन भी सवालों के घेरे में आ गए थे, जिसने महाराष्ट्र में तथाकथित “VIP कल्चर” और पैसे वालों के प्रभाव को लेकर बड़ी बहस छेड़ दी है। माना जा रहा है कि यह वीडियो जमानत मिलने के तुरंत बाद का है, और सोशल मीडिया पर लोग इसे “संवेदनहीनता” और “शून्य पछतावा” बता रहे हैं। कई यूज़र्स का कहना है कि जब दो परिवार अपने बच्चों को खोने के दुख से उबर नहीं पाए हैं, तब आरोपी का इस तरह जश्न मनाना समाज और न्याय व्यवस्था दोनों के लिए शर्मनाक है। लोग पूछ रहे हैं कि अगर यही हादसा किसी आम नागरिक ने किया होता, तो क्या उसे भी इतनी जल्दी राहत मिलती? सोशल मीडिया पर कई लोग मामले की निष्पक्ष सुनवाई और पीड़ित परिवारों को न्याय मिलने की मांग कर रहे हैं, जबकि कुछ कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के वायरल वीडियो अदालत और जांच एजेंसियों पर भी दबाव बढ़ा सकते हैं। पुणे पोर्शे केस अब केवल एक सड़क हादसे का मामला नहीं रह गया है, बल्कि यह देश में कानून की समानता, जवाबदेही और न्याय व्यवस्था पर जनता के भरोसे की परीक्षा बन चुका है।1
- उत्तर प्रदेश के संभल जिले के जुनावई थाना क्षेत्र स्थित असदपुर गांव में घरेलू हिंसा का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। गांव निवासी सुनीता देवी ने अपने पति रोहतास पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसमें कहा गया है कि उसके पति ने उसे चारपाई से बांधकर बेरहमी से मारपीट की और जान से मारने की कोशिश भी की। घायल महिला ने पुलिस को तहरीर देकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। सुनीता देवी के अनुसार, उसका पति रोहतास आए दिन शराब के नशे में उसके साथ गाली-गलौज और मारपीट करता है, क्योंकि वह नशे का आदी है और घर में लगातार विवाद पैदा करता रहता है। पीड़िता ने अपनी तहरीर में बताया कि 26 मई 2026 की रात करीब डेढ़ बजे जब वह घर में सो रही थी, तभी उसका पति रोहतास शराब के नशे में घर लौटा और उसे चारपाई से बांध दिया। इसके बाद, आरोपी ने ईंट और डंडे से उस पर हमला कर दिया, जिससे महिला के सिर और चेहरे पर गंभीर चोटें आईं और वह लहूलुहान हो गई। आरोप है कि घटना के बाद आरोपी खून साफ करने के लिए गोबर लेने बाहर चला गया। इसी बीच, घायल सुनीता देवी किसी तरह जमीन पर खिसकते हुए पड़ोसी के घर पहुंची और परिजनों को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलने पर परिजन मौके पर पहुंचे और एंबुलेंस की मदद से सुनीता देवी को सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसका उपचार चल रहा है। पीड़िता ने बताया कि उसके तीन छोटे बच्चे हैं और आरोपी पति पहले भी कई बार जान से मारने की नीयत से उस पर हमला कर चुका है, लेकिन परिवार और बच्चों की वजह से वह अब तक सब कुछ सहती रही। महिला का यह भी आरोप है कि घटना के बाद आरोपी गांव में बांका लेकर घूम रहा है, जिससे पूरा परिवार दहशत में है। फिलहाल, जुनावई थाना पुलिस ने तहरीर के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपी पति की तलाश में दबिश दी जा रही है।3