अमरोहा जनपद के ग्राम पीतमपुर में संत आजाद गिरि महाराज भीषण जेठ की प्रचंड गर्मी और चिलचिलाती धूप के बावजूद 31 दिन की महा तपस्या कर रहे हैं। इस कठिन तपस्या को जग कल्याण, सुख-समृद्धि और मानव कल्याण की भावना से किया जा रहा है, जिसने पूरे क्षेत्र में एक धार्मिक वातावरण बना दिया है और लोगों के बीच आस्था व श्रद्धा का केंद्र बन गई है। यह विशेष तपस्या 1 मई 2026 को शुरू हुई थी और 31 मई 2026 तक चलेगी। महाराज प्रतिदिन सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजकर 15 मिनट तक, यानी करीब सवा तीन घंटे की गहन साधना में लीन रहते हैं। जेठ की गर्म हवाओं के बीच लगातार साधना करने का उनका संकल्प ग्रामीणों और श्रद्धालुओं के लिए आश्चर्य तथा श्रद्धा का विषय बना हुआ है। गांव और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु तपस्थली पर पहुँच रहे हैं, जहाँ वे महाराज के दर्शन कर आशीर्वाद लेते हैं और विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों में सक्रिय रूप से भाग लेते हैं। पूरे माह तपस्या स्थल पर भक्ति, भजन और कीर्तन का माहौल बना रहा। ग्रामीणों के अनुसार, आजाद गिरि महाराज वर्षों से समाज में धार्मिक जागरूकता और सेवा कार्यों से जुड़े रहे हैं। तपस्या के समापन के बाद, 1 जून 2026 को एक विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा, जिसमें दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय ग्रामीणों के शामिल होने की संभावना है। भंडारे की तैयारियाँ गांव में जोर-शोर से चल रही हैं, और आयोजन समिति के सदस्य व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। ग्रामीणों का मानना है कि ऐसी तपस्या समाज को सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक संदेश देती है, और जेठ की तपती दोपहर में की जा रही यह साधना क्षेत्र में आस्था, संयम और समर्पण का एक अनूठा उदाहरण बन गई है।
अमरोहा जनपद के ग्राम पीतमपुर में संत आजाद गिरि महाराज भीषण जेठ की प्रचंड गर्मी और चिलचिलाती धूप के बावजूद 31 दिन की महा तपस्या कर रहे हैं। इस कठिन तपस्या को जग कल्याण, सुख-समृद्धि और मानव कल्याण की भावना से किया जा रहा है, जिसने पूरे क्षेत्र में एक धार्मिक वातावरण बना दिया है और लोगों के बीच आस्था व श्रद्धा का केंद्र बन गई है। यह विशेष तपस्या 1 मई 2026 को शुरू हुई थी और 31 मई 2026 तक चलेगी। महाराज प्रतिदिन सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजकर 15 मिनट तक, यानी करीब सवा तीन घंटे की गहन साधना में लीन रहते हैं। जेठ की गर्म हवाओं के बीच लगातार साधना करने का उनका संकल्प ग्रामीणों और श्रद्धालुओं के लिए आश्चर्य तथा श्रद्धा का विषय बना हुआ है। गांव और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु तपस्थली पर पहुँच रहे हैं, जहाँ वे महाराज के दर्शन कर आशीर्वाद लेते हैं और विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों में सक्रिय रूप से भाग लेते हैं। पूरे माह तपस्या स्थल पर भक्ति, भजन और कीर्तन का माहौल बना रहा। ग्रामीणों के अनुसार, आजाद गिरि महाराज वर्षों से समाज में धार्मिक जागरूकता और सेवा कार्यों से जुड़े रहे हैं। तपस्या के समापन के बाद, 1 जून 2026 को एक विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा, जिसमें दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय ग्रामीणों के शामिल होने की संभावना है। भंडारे की तैयारियाँ गांव में जोर-शोर से चल रही हैं, और आयोजन समिति के सदस्य व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। ग्रामीणों का मानना है कि ऐसी तपस्या समाज को सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक संदेश देती है, और जेठ की तपती दोपहर में की जा रही यह साधना क्षेत्र में आस्था, संयम और समर्पण का एक अनूठा उदाहरण बन गई है।
- देहात थाना क्षेत्र के काठ रोड पर मंगलवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया, जब एक तेज रफ्तार और बेकाबू डंपर अचानक सड़क किनारे स्थित मंदिर में जा घुसा। इस भीषण दुर्घटना में पूजा-अर्चना कर रहे श्रद्धालुओं में से एक मासूम बच्चे समेत तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग बाल-बाल बच गए। घटना के बाद मंदिर परिसर में चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, डंपर काफी तेज गति में था और अचानक चालक ने वाहन से नियंत्रण खो दिया, जिसके चलते डंपर सीधे मंदिर की दीवार तोड़ते हुए अंदर जा घुसा। हादसे की आवाज सुनकर आसपास के लोग तुरंत मौके की ओर दौड़े, जहां मंदिर के अंदर मलबा और खून देखकर उनके रोंगटे खड़े हो गए। स्थानीय लोगों ने बिना देर किए राहत कार्य शुरू किया और घायलों को बाहर निकाला। सूचना मिलते ही देहात थाना पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। हादसे के बाद डंपर चालक मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश में पुलिस टीम जुट गई है। पुलिस ने डंपर को भी अपने कब्जे में ले लिया है और दुर्घटना के कारणों की गहन जांच शुरू कर दी है। इस हृदय विदारक घटना के बाद मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से काठ रोड पर भारी वाहनों की रफ्तार पर नियंत्रण लगाने और सुरक्षा इंतजामों को मजबूत करने की पुरजोर मांग की है, क्योंकि उनका कहना है कि तेज रफ्तार वाहनों के कारण यह सड़क लगातार हादसों का कारण बनती जा रही है।3
- जिला अमरोहा के ग्राम पुटसल, तहसील हसनपुर, थाना सैदनगली में कथित भू-माफिया किस्म के कुछ लोगों ने एक सरकारी चकमार्ग (गाटा संख्या 487, रकबा 0.049 हेक्टेयर) पर पुनः अवैध कब्जा कर लिया है। यह अतिक्रमण माननीय न्यायालय के आदेशों का उल्लंघन करते हुए किया गया है, जबकि राजस्व विभाग ने पहले ही इस भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त करा दिया था। कब्जा करने वाले भू-माफियाओं में श्रीमती कलावती पत्नी राजवीर, धर्मवीर सिंह पुत्र मनफूल सिंह, रामकेश सिंह पुत्र बन्नू सिंह, सतपाल सिंह पुत्र राजवीर सिंह, विजेन्द्र पुत्र धर्मवीर, रामपाल पुत्र बन्नू सिंह, श्रीमती विमला पत्नी रामपाल, श्रीमती बबीता पत्नी सतपाल और श्रीमती अम्रपाली पत्नी रामकेश शामिल हैं, जो सभी ग्राम पुटसल के निवासी हैं। इन्होंने दिनांक 24.05.2026 को न्यायालय के आदेशों का अनुपालन न करते हुए इस सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा करने के उद्देश्य से पक्के ठिये और तारबन्दी कर दी है। पूर्व में, प्रार्थी द्वारा चकमार्ग को अवैध कब्जे से मुक्त कराने हेतु शिकायत की गई थी, जिस पर राजस्व विभाग ने कार्यवाही कर उक्त गाटा संख्या 487 को विपक्षीगण के कब्जे से मुक्त करा लिया था। इसके बाद, भू-माफियाओं ने सिविल जज (जूनियर डिविजन), हसनपुर के न्यायालय में मूल वाद संख्या 146/2026 'कलावती आदि बनाम ओमवीर आदि' स्थायी निषेधाज्ञा हेतु दायर किया था, लेकिन माननीय न्यायालय द्वारा उनके पक्ष में कोई अंतरिम आदेश या स्थगन आदेश पारित नहीं किया गया। तथ्यों को छिपाते हुए, भू-माफियाओं ने दिनांक 23.05.2026 को सिविल जज (सीनियर डिविजन), जनपद अमरोहा के न्यायालय में मूलवाद संख्या 278/2026 'रामपाल बनाम ओमवीर आदि' नाम से दूसरी बार वाद दायर किया। इसमें माननीय न्यायालय ने वादी और प्रतिवादीगण को आदेशित किया था कि वादी की परिशिष्ट सम्पत्ति-अ पर अग्रिम आदेश तक मौके पर यथास्थिति बनाए रखी जाए। हालांकि, माननीय न्यायालय द्वारा विपक्षीगण के पक्ष में ऐसा कोई भी आदेश पारित नहीं किया गया था जो राजस्व विभाग की संपत्ति या भूमि पर लागू या प्रभावी हो। ऐसी स्थिति में, मांग की गई है कि उप जिलाधिकारी महोदय, हसनपुर को आदेशित किया जाए कि वे उपरोक्त विपक्षीगण के कब्जे से चकमार्ग को तुरंत मुक्त कराएं और उन पर राजस्व अधिनियम की धारा 67(ए), आईपीसी की धारा 447 और सार्वजनिक संपत्ति अधिनियम की धारा 3/4 के प्रावधानों के तहत अभियोग पंजीकृत कराकर अग्रिम वैधानिक कार्यवाही करें।1
- जिलाधिकारी अमरोहा डॉ. नितिन गौड़ ने ईद-उल-अजहा त्यौहार को सकुशल, शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से की गई तैयारियों के संबंध में जानकारी साझा की। इस दौरान जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखने तथा सुरक्षा का संदेश देने हेतु एक फ्लैग मार्च भी आयोजित किया गया।1
- अमरोहा जनपद के अमरोहा देहात थाना क्षेत्र में मंगलवार को एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया। कांठ मार्ग पर स्थित चक छाबी गांव में मंदिर परिसर में चल रहे रामायण पाठ के दौरान एक बेकाबू ट्रक अचानक मंदिर में घुस गया, जिसने वहाँ मौजूद श्रद्धालुओं को कुचल दिया। इस भयावह हादसे में एक बच्चे समेत तीन लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि चार श्रद्धालु घायल हो गए। घटना के तुरंत बाद मंदिर परिसर में चीख-पुकार मच गई और ग्रामीणों की भारी भीड़ मौके पर इकट्ठा हो गई। सूचना मिलते ही जिलाधिकारी नितिन गौड़, पुलिस अधीक्षक लखन सिंह यादव और भारी पुलिस बल तत्काल घटनास्थल पर पहुँचे। अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण कर राहत और बचाव कार्य शुरू कराया। अपर पुलिस अधीक्षक अखिलेश भदौरिया ने बताया कि हादसे में मृत हुए लोगों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और इस मामले में वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इस हृदय विदारक घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।4
- हापुड़ जिले में चार बच्चों की एक मां के फरार होने का मामला सामने आया है। बताया गया है कि 16 साल के वैवाहिक जीवन के बाद महिला एक 25 वर्षीय युवक के साथ चली गई है। फरार हुई महिला पर घर से 3 लाख रुपये नकद और जेवरात ले जाने का आरोप भी है। इस घटना से व्यथित पीड़ित पति ने पुलिस अधीक्षक (SP) से अपनी पत्नी को बरामद करने की गुहार लगाई है।2
- युवा अधिवक्ता फोरम ने बार एसोसिएशन के नवनिर्वाचित पदाधिकारीगण का भव्य स्वागत किया। यह कार्यक्रम राशिद मुस्तफा हाउस सद्दों में आयोजित किया गया, जिसमें भारी संख्या में अधिवक्तागण और शहर के लोग शामिल हुए। मोहल्ला सददो में इबादुर्रहमान एडवोकेट ने अपने साथी अधिवक्ताओं के साथ मिलकर इस बेहतर कार्यक्रम का आयोजन कराया।1
- उत्तर प्रदेश के अमरोहा में, महिला जैन मिलन संस्था ने जैन समाज की ओर से जिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा है। इस ज्ञापन के माध्यम से संस्था ने जैन साधु-संतों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और एक हादसे की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। उनकी प्रमुख मांगों में SIT या न्यायिक जांच कराना, CCTV फुटेज और अन्य डिजिटल साक्ष्य को सुरक्षित रखना, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उन पर कठोर धाराएं लगाना और विहार मार्गों पर 'संत सुरक्षा प्रोटोकॉल' लागू करना शामिल है।3
- अमरोहा जनपद के ग्राम पीतमपुर में संत आजाद गिरि महाराज भीषण जेठ की प्रचंड गर्मी और चिलचिलाती धूप के बावजूद 31 दिन की महा तपस्या कर रहे हैं। इस कठिन तपस्या को जग कल्याण, सुख-समृद्धि और मानव कल्याण की भावना से किया जा रहा है, जिसने पूरे क्षेत्र में एक धार्मिक वातावरण बना दिया है और लोगों के बीच आस्था व श्रद्धा का केंद्र बन गई है। यह विशेष तपस्या 1 मई 2026 को शुरू हुई थी और 31 मई 2026 तक चलेगी। महाराज प्रतिदिन सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजकर 15 मिनट तक, यानी करीब सवा तीन घंटे की गहन साधना में लीन रहते हैं। जेठ की गर्म हवाओं के बीच लगातार साधना करने का उनका संकल्प ग्रामीणों और श्रद्धालुओं के लिए आश्चर्य तथा श्रद्धा का विषय बना हुआ है। गांव और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु तपस्थली पर पहुँच रहे हैं, जहाँ वे महाराज के दर्शन कर आशीर्वाद लेते हैं और विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों में सक्रिय रूप से भाग लेते हैं। पूरे माह तपस्या स्थल पर भक्ति, भजन और कीर्तन का माहौल बना रहा। ग्रामीणों के अनुसार, आजाद गिरि महाराज वर्षों से समाज में धार्मिक जागरूकता और सेवा कार्यों से जुड़े रहे हैं। तपस्या के समापन के बाद, 1 जून 2026 को एक विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा, जिसमें दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय ग्रामीणों के शामिल होने की संभावना है। भंडारे की तैयारियाँ गांव में जोर-शोर से चल रही हैं, और आयोजन समिति के सदस्य व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। ग्रामीणों का मानना है कि ऐसी तपस्या समाज को सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक संदेश देती है, और जेठ की तपती दोपहर में की जा रही यह साधना क्षेत्र में आस्था, संयम और समर्पण का एक अनूठा उदाहरण बन गई है।1