नोनाजी में बुनियाद संजीवनी सेवा वैन से गांवों में चला जागरूकता अभियान टेटिया बंबर। मुंगेर जिले के टेटिया बंबर प्रखंड अंतर्गत नोनाजी पंचायत के झिटकिया टांड़ सहित दर्जनों गांवों में समाज कल्याण विभाग की ओर से बुनियाद संजीवनी सेवा के तहत जागरूकता अभियान चलाया गया। इस दौरान मोबाइल थैरेपी वैन के माध्यम से ग्रामीणों को सरकार द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी दी गई। जागरूकता अभियान चला रहे सतबन कुमार ने बताया कि बुनियाद संजीवनी सेवा की गाड़ी से गांव-गांव पहुंचकर वृद्धजनों, विधवाओं और दिव्यांगजनों को उपलब्ध सुविधाओं के बारे में जानकारी दी जा रही है। उन्होंने बताया कि बुनियाद केन्द्रों पर फिजियोथैरेपी, आंख और कान की जांच, स्पीच थैरेपी, परामर्श सेवा तथा सामाजिक सुरक्षा पेंशन से संबंधित मार्गदर्शन दिया जाता है। इसके अलावा दिव्यांग प्रमाण पत्र, यूडीआईडी कार्ड, सहायक उपकरण जैसे ट्राईसाइकिल, व्हीलचेयर और बैसाखी के लिए भी सहयोग किया जाता है। ग्रामीणों से अपील की गई कि वे नजदीकी बुनियाद केन्द्र पहुंचकर इन सेवाओं का लाभ उठाएं।
नोनाजी में बुनियाद संजीवनी सेवा वैन से गांवों में चला जागरूकता अभियान टेटिया बंबर। मुंगेर जिले के टेटिया बंबर प्रखंड अंतर्गत नोनाजी पंचायत के झिटकिया टांड़ सहित दर्जनों गांवों में समाज कल्याण विभाग की ओर से बुनियाद संजीवनी सेवा के तहत जागरूकता अभियान चलाया गया। इस दौरान मोबाइल थैरेपी वैन के माध्यम से ग्रामीणों को सरकार द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी दी गई। जागरूकता अभियान चला रहे सतबन कुमार ने बताया कि बुनियाद संजीवनी सेवा की गाड़ी से गांव-गांव पहुंचकर वृद्धजनों, विधवाओं और दिव्यांगजनों को उपलब्ध सुविधाओं के बारे में जानकारी दी जा रही है। उन्होंने बताया कि बुनियाद केन्द्रों पर फिजियोथैरेपी, आंख और कान की जांच, स्पीच थैरेपी, परामर्श सेवा तथा सामाजिक सुरक्षा पेंशन से संबंधित मार्गदर्शन दिया जाता है। इसके अलावा दिव्यांग प्रमाण पत्र, यूडीआईडी कार्ड, सहायक उपकरण जैसे ट्राईसाइकिल, व्हीलचेयर और बैसाखी के लिए भी सहयोग किया जाता है। ग्रामीणों से अपील की गई कि वे नजदीकी बुनियाद केन्द्र पहुंचकर इन सेवाओं का लाभ उठाएं।
- अमेरिकी संस्था ने शिवकुंड गांव को लिया गोद, बनेगा इको मॉडल विलेज मुंगेर: धरहरा प्रखंड के गंगा किनारे बसे शिवकुंड गांव को पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में आदर्श बनाने की दिशा में पहल तेज हो गई है। सोमवार को आयोजित एक कार्यक्रम में अमेरिका की संस्था Rejuvenate ने शिवकुंड गांव को गोद लेकर इसे इको मॉडल विलेज के रूप में विकसित करने की घोषणा की। कार्यक्रम की शुरुआत शांति पाठ और दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इस अवसर पर इंडोनेशिया से आए छह सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने भी कार्यक्रम में भाग लिया और गांव में चल रहे पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों की सराहना की। टीम में जूलियाना ओजोंग, नूरलिआना, एंडरीज केंटजाना और सुजेंग सहित अन्य सदस्य शामिल थे। कार्यक्रम में प्रीति राव, ऋतुराज बसंत, आनंद कुमार, नीतीश कुमार, अनिल कुमार, अंजनी कुमार और रणधीर कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर उद्घाटन किया। Rejuvenate Ganga Foundation के आरव सिंह ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि शिवकुंड में पहले से पर्यावरण संरक्षण के कई सकारात्मक प्रयास हो रहे हैं, जिन्हें अब और व्यापक बनाया जाएगा। कार्यक्रम में Bioenzyme Entrepreneurs Academy of India, Switch for Change Foundation, गंगाजली, देव वृक्ष महायज्ञ और भोजपुर महिला कला केंद्र के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। ग्रामीणों को प्लास्टिक के बजाय कपड़े के थैले के उपयोग और फूलों से बने बायोएंजाइम के लाभों की जानकारी दी गई। शिवकुंड को ‘गौरैया विलेज’ के रूप में विकसित करने और भविष्य में गौरैया अध्ययन केंद्र स्थापित करने की भी योजना है।1
- घटना के बाद परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल1
- एक्सपायर्ड दवा वितरण के बाद स्वास्थ्य विभाग में मचा हडकंप मुंगेर से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जहां स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही उजागर हुई है। प्राथमिक उप स्वास्थ्य केंद्र के कर्मियों द्वारा ग्रामीणों को एक्सपायर्ड दवाएं बांट दी गईं। जब ग्रामीणों ने दवा की बोतल और पैकेट पर छपी एक्सपायरी डेट देखी, तो हड़कंप मच गया। मामले की जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया है। प्रभारी सिविल सर्जन ने जांच के लिए कमिटी गठित कर दी है और संबंधित कर्मियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। Vo - दरअसल मामला मुंगेर के जमालपुर प्रखंड के हालिमपुर गौरीपुर में संचालित हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर यानी प्राथमिक उप स्वास्थ्य केंद्र का है, जहां स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा घर-घर जाकर ग्रामीणों के बीच दवाओं का वितरण किया जा रहा था। लेकिन जब कुछ ग्रामीणों ने दवाओं के पैकेट और बोतल पर छपी तारीख देखी, तो पता चला कि कई दवाओं की एक्सपायरी 6 से 12 महीने पहले ही खत्म हो चुकी है।ग्रामीणों का आरोप है कि स्वास्थ्य केंद्र की टीम बुखार, दर्द और संक्रमण की दवाएं बांट रही थी, लेकिन यह नहीं बताया गया कि दवाएं एक्सपायर्ड हैं। हालिमपुर के गौरीपुर निवासी मीणा कुमारी ने बताया कि दवा देते समय किसी भी तरह की जानकारी नहीं दी गई। वहीं प्रीति कुमारी ने कहा कि उन्हें लगा सरकारी अस्पताल से दवा मिल रही है, इसलिए वह सुरक्षित होगी, लेकिन एक्सपायर्ड दवा बांट दी गई। ग्रामीण श्वेता देवी का कहना है कि यह पहली बार नहीं है। करीब दो साल पहले भी उप स्वास्थ्य केंद्र से एक्सपायर्ड दवा दी गई थी, जिसे खाने के बाद उनके बच्चे के शरीर पर दाने निकल आए थे और काफी परेशानी हुई थी। मामले के सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। मुंगेर के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. रमण ने बताया कि मीडिया के माध्यम से जानकारी मिलने के बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के लिए टीम गठित कर दी गई है और संबंधित कर्मियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।1
- Post by Shwetambar kumar jha2
- Post by Adv Pranav Kumar1
- समाजसेवी संजय यादव के नाना कैलाश यादव के निधन पर श्री यादव विकास मंच के पदाधिकारी ने दी श्रद्धांजलि1
- न्यू पुलिस लाइन में पहलवानों की नई तैयार कर रहे कांस्टेबल अशोक कुमार, युवाओं को दे रहे हैं प्रशिक्षण1
- मुंगेर जिला परिसर स्थित शहीद स्मारक के समीप ड्राइवर संगठन ने दिया धरना।1
- जमीन निबंधन नहीं करने पर मारपीट और लुटपात खगड़िया जिले के महेशखूंट थाना क्षेत्र के पकरैल बिंदटोली गांव में मारपीट और लूटपाट का मामला सामने आया है। इस संबंध में पीड़ित ने महेशखूंट थाना में आवेदन देकर प्राथमिकी दर्ज कराई है। आवेदन के अनुसार पकरैल बिंदटोली निवासी 65 वर्षीय अवध किशोर दास ने बताया कि सुबह करीब छह बजे प्रवीण कुमार उर्फ प्रणव कुमार अपने कुछ सहयोगियों के साथ उनके घर पर पहुंच गया। आरोप है कि सभी लोगों ने गाली-गलौज करते हुए उनसे जमीन अपने नाम लिख देने की मांग की। विरोध करने पर आरोपितों ने उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। वहीं लाठी से हमला करने पर उनकी आंख के पास चोट लग गई। उनकी पतोहू के कान का सोने का बाली भी छीन लेने का आरोप लगाया गया है। घटना के बाद शोर मचाने पर आसपास के लोग जुटने लगे, तब सभी आरोपित वहां से भाग निकले। जाते-जाते आरोपितों ने पीड़ित और उनके परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी। पीड़ित ने यह भी बताया कि इससे पहले भी उक्त लोगों के खिलाफ उन्होंने गोगरी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के यहां 2 मार्च 2026 को सनहा दर्ज कराया था। मारपीट में घायल होने के बाद उन्होंने अपना इलाज गोगरी अनुमंडलीय अस्पताल में कराया पीड़ित ने मंगलवार की दोपहर दो बजे बताया कि अब तक मामले में पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। उन्होंने कहा कि इसी कारण उनके द्वारा एसपी और गोगरी एसडीपीओ को आवेदन दिया हैं।1